Ofloxacin ke dose, upyog, fayde aur side-effects in hindi

ओफ्लोक्सासिन की जानकारी , उपयोग, खुराक, फायदे, नुकसान और साइड इफेक्ट

Ofloxacin in hindi

Ofloxacin ke dose, upyog, fayde aur side-effects in hindi

ओफ्लोक्सासिन(Ofloxacin in hindi) एक फ्लोरोक्विनोलोन (fluoroquinolone) एंटीबायोटिक दवाई है जो शरीर में मौजूद खराब बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करता है। इसका उपयोग बैक्टीरिया संक्रमण के इलाज के लिए किया जाता है।

Ofloxacin (ओफ्लोक्सासिन) बैक्टीरिया के डीएनए (DNA) के प्रजनन को रोककर इन्फेक्शन फैलने से रोकता है। यह बैक्टीरिया की वृद्धि को रोककर शरीर में इन्फेक्शन का इलाज करता है।

ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) का उपयोग त्वचा, फेफडों, प्रोस्टेट या मूत्राशय और गुर्दे के बैक्टीरियल इन्फेक्शन (bacterial infection) के इलाज के लिए किया जाता है। ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin)का उपयोग पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज़ (pelvic inflammatory disease) और क्लैमाइडिया (chlamydia) और गोनोरिया (gonorrhea) के इलाज के लिए भी किया जा सकता है।

यह एंटीबायोटिक दवाओं के फ़्लोरोक्विनोलोन (Fluoroquinolone) वर्ग से संबंधित होती है जिसमें लेवोफ़्लॉक्सासिन-लेवाक्विन(levofloxacin-Levaquin),सिप्रोफ्लोक्सासिन-सिप्रो(ciprofloxacin-Cipro),गैटिफ़्लोक्सासिन-टेक्विन(gatifloxacin-Tequin),नॉरफ़्लॉक्सासिन-नोरोक्सिन(norfloxacin-Noroxin),मोक्सीफ़्लॉक्सासिन-एवोक्सल(moxifloxacin-Avelox) , ट्रॉवाफ़्लोक्सासिन-ट्रोवन (trovafloxacin-Trovan) शामिल हैं।

ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) का उपयोग केवल उन संक्रमणों के लिए किया जाना चाहिए जिनका इलाज किसी एंटीबायोटिक के संभव नहीं है।

फ्लोरोक्विनोलोन एंटीबायोटिक्स (fluoroquinolone antibiotics) के कुछ गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते है जो ठीक नहीं किए जा सकते हैं।

ओफ्लोक्सासिन के कुछ दुष्प्रभाव भी होते हैं जैसे - तंत्रिका क्षति (nerve damage), गंभीर मनोदशा या व्यवहार में परिवर्तन, या लो ब्लड शुगर आदि।

इसके कुछ अन्य लक्षण जैसे सिरदर्द, भूख कम या ज्यादा लगना, चिड़चिड़ापन, शरीर में सूजन आना, जलन के साथ दर्द होना और मेमोरी का कम होना आदि भी होते हैं।

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इस लेख़ में/\

  1. ओफ्लोक्सासिन की खुराक क्या होनी चाहिए?
  2. ओफ्लोक्सासिन टैबलेट की सलाह कब दी जा सकती है ?
  3. ओफ्लोक्सासिन के दुष्प्रभाव से कैसे बचें?
  4. ओफ्लोक्सासिन के साइड-इफेक्ट्स क्या हैं ?
  5. निष्कर्ष
 

1.ओफ्लोक्सासिन की खुराक क्या होनी चाहिए?

What should be the dose of Ofloxacin in hindi

Ofloxacin ki khurak kya honi chahiye in hindi, ofloxacin dose in hindi

फार्मेसी में ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) की गोली 200 मिग्रा, 300 मिग्रा और 400 मिलीग्राम में उपलब्ध होती है।

ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) ड्रॉप्स के रूप में भी उपलब्ध होता है।

ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) ड्रॉप्स का उपयोग ज्यादा तर आँखो के और कान के इन्फेक्शन में उपयोग में आते है। जैसे की कंजंक्टिवाइटिसConjunctivitis, कॉर्नियल अल्सरCorneal ulcers, ओटिटिस मीडिया(Otitis media), छिद्रित टाइम्पेनिक झिल्लियों के साथ पुरानी सूजन(chronic suppurative with perforated Tympanic membranes) आदि में उपयोग किया जाता है।

  • ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) लेना शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट से जरूर सलाह कर लें।
  • यदि आपके दवा से संबंधित कोई भी सवाल हो तो अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट से पूछें।
  • इस दवाई को निर्देशित समय पर भोजन के साथ सीधा मुंह में पानी के साथ लें।
  • इस दवाई को आमतौर पर एक दिन में दो बार यानि प्रत्येक 12 घंटे में एक बार लेने की सलाह दी जाती है।
  • इस दवा की खुराक और समय डॉक्टर द्वारा स्थिति के आधार पर निर्धारित की जाती है।
  • इस दवा को लेते के समय अधिक से अधिक लिक्विड्स जैसे जूस, पानी, सूप आदि लेने की कोशिश करें।
  • इस दवा को लेने से पहले या इसको लेने के कम से कम 2 घंटे पहले या बाद तक कोई अन्य दवाई नहीं लेनी चाहिए अन्यथा इसका प्रभाव कम हो जाता है।
  • इस दवाई के अच्छे प्रभाव के लिए इस एंटीबायोटिक को हर दिन एक ही समय पर लें।
  • इस दवा को तब तक लेना चाहिए जब तक कि इसकी निर्धारित खुराक पूरी न हो जाए।
  • हो सकता है दवाई लेने के कुछ समय बाद इन्फेक्शन के लक्षण कम हो जाए या ख़त्म हो जाएं लेकिन फिर भी आप इस दवाई का पूरा कोर्स करें।
  • इसकी खुराक एक बार में 400 मिलीग्राम हर 12 घंटे में 10 दिनों के लिए लेनी चाहिए।
  • डॉक्टर स्थिति देखकर इसकी खुराक बदल भी सकते हैं।

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2.ओफ्लोक्सासिन टैबलेट की सलाह कब दी जा सकती है ?

When is Ofloxacin prescribed in hindi

Ofloxacin ka sevan kab kiya ja sakta hai in hindi

ओफ्लोक्सासिन के उपयोग में शामिल हैं:

  • ब्रोंकाइटिस (Bronchitis) की समस्या का समाधान
  • कब्ज (Constipation) की समस्या से निजात
  • मधुमेह (diabetes) में लाभकारी
  • दस्त (Diarrhea) की समस्या को सही करना
  • खट्टी डकार (Indigestion)का इलाज
  • इर्रिटेबल बोवेल सिंड्रोम (IBS)

ओफ्लोक्सासिन का उपयोग आमतौर पर बैक्टीरिया के संक्रमण के इलाज के लिए किया जा सकता है और कुछ अन्य बीमारियों जैसे -

  • ब्रोंकाइटिस (bronchitis)
  • निमोनिया (pneumonia)
  • क्लैमाइडिया (chlamydia)
  • त्वचा में सूजन
  • यूरिन इंफेक्शन -यूटीआई (Urine infection-UTI)
  • प्रोस्टेट संक्रमण आदि।

इसका उपयोग निम्न बीमारियों को ठीक करने में भी किया जाता है : -

  • ब्रोंकाइटिस (Bronchitis)

ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) का उपयोग ब्रोंकाइटिस के उपचार के लिए किया जाता है।

इसका उपयोग स्ट्रैपटोकोकस निमोनिया (streptococcus pneumoniae), हेमोफिलस इन्फ्लूएंजा (haemophilus influenza) और कुछ मायकोप्लाज्म न्यूमोनिया (mycoplasm pneumonia) के उपचार के लिए किया जाता है जिसकी वजह से फेफड़ों में सूजन आती है।

  • निमोनिया (Pneumonia)

स्ट्रैपटोकोकस निमोनिया (streptococcus pneumoniae), हेमोफिलस इन्फ्लूएंजा (haemophilus influenza) की वजह से फेफड़ों में संक्रमण का खतरा रहता है, इसके उपचार के लिए ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) का उपयोग होता है।

  • पाइलोनेफ्रिटिस (Pyelonephritis)

ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) पाइलोनफ्राइटिस की वजह से गुर्दा संक्रमण होता है।

पाइलोनेफ्रिटिस के उपचार में फ्लोक्सासिन (ofloxacin) का उपयोग होता है।

  • सिस्टाइटिस (Cystitis)

सिस्टाइटिस (cystitis) मूत्राशय के संक्रमण का कारण होता है।

ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) का उपयोग सिस्टिटिस के उपचार में प्रयोग किया जा सकता है।

  • जोड़ों का इंफेक्शन (Joint Infection)

ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) का उपयोग ज्वॉइंट इंफेक्शन (joint infections) और हड्डी के उपचार में किया जा सकता है।

  • प्रोस्टेऔटाइटिस (Prostatitis)

जब वीर्य के संक्रमित होने के कारण प्रोस्टेट ग्रंथि में सूजन होती है तो ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) का उपयोग कर प्रोस्टेऔटाइटिस (prostatitis) का उपचार किया जाता है।

  • गोनोकोकल संक्रमण (Gonococcal Infection)

गोनोकोकल संक्रमण एक यौन संचारित बीमारी होती है।

ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) गोनोकोकल संक्रमण के उपचार में उपयोग की जाती है।

  • सिस्टिक फाइब्रोसिस के साथ निमोनिया (Pneumonia With Cystic Fibrosis)

ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) का उपयोग सिस्टिक फाइब्रोसिस के साथ न्यूमोनिया होने की स्थिति में उपचार के तौर किया जाता है।

 

3.ओफ्लोक्सासिन के दुष्प्रभाव से कैसे बचें?

How to avoid the side-effects of Ofloxacin? in hindi

Ofloxacin Ke dushprabhav se kaise bache in hindi

ओफ्लोक्सासिन लेने से पहले निम्न बातों का रखें ध्यान :

  • यदि आपको ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) या अन्य फ़्लोरोक्विनोलोन (fluoroquinolones), सिप्रोफ़्लोक्सासिन (ciprofloxacin), जेमाइफ़्लोक्सासिन (gemifloxacin), लेवोफ़्लॉक्सासिन (levofloxacin), मोक्सीफ़्लोक्सासिन (moxifloxacin), नॉरफ़्लॉक्सासिन (norfloxacin) से एलर्जी हो तो आपको ओफ्लोक्सासिन का सेवन करने से बचना चाहिए।
  • ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) से सूजन की समस्या होने पर डॉक्टर से परामर्श करें।

कुछ लोगों को जो स्टेरॉयड (steroids) दवा का उपयोग करते हैं या थे या उन्होंने कभी बॉडी पार्ट ट्रांसप्लांट करवा रखा हो, उन्हें टेंडन (tedon) की समस्या हो सकती है।

  • ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) को पानी के साथ मुंह में बिना चबाएं लें।

साथ ही अधिक से अधिक तरल पदार्थ लेते रहें ताकि आपके गुर्दे ठीक से काम करें

  • ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) को आप खाने के बाद या खाने के पहले कभी भी ले सकते हैं।
  • ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) की खुराक डॉक्टर द्वारा निर्धारित समय तक लें, बीच में खुराक छोड़ने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
  • ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) से किसी भी प्रकार के वायरल संक्रमण जैसे - फ्लू या कोल्ड का इलाज संभव नहीं होता है।
  • ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) दवा यूरिन टेस्ट का परीक्षण गलत परिणाम दे सकती है।

ये टेस्ट करवाने से पहले डॉक्टर को बता दें कि आप ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) का उपयोग करते हैं।

  • गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान ओफ्लोक्सासिन को डॉक्टर के परामर्श के बिना नहीं लेना चाहिए।
  • रोगी को ये सुनिश्चित करना चाहिए कि ओफ्लोक्सासिन से उसे कोई एलर्जी ना हो।
  • ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) लेने वाले मरीज़ में सूरज की रोशनी से त्वचा में संवेदनशीलता विकसित कर सकते हैं इसलिए ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) के सेवन के समय पे सूर्य के प्रकाश के संपर्क में बचना चाहिए या धूप से बचाव के लिए सनस्क्रीन (sunscreen) का उपयोग करना चाहिए।
  • दवा के सेवन के बाद रोगी को अपने शरीर में होने वाले प्रतिकूल परिवर्तनों की सूचना डॉक्टर को तुरंत देनी चाहिए जैसे कि चेहरे पर सूजन, त्वचा पर खुजली, लाल चकत्ते, अस्थमा का दौरा, पेट में रक्तस्राव, या नाक में जलन।
  • गर्भधारण की कोशिश में हैं तो ओफ्लोक्सासिन का इस्तेमाल ना करे।
  • ओफ्लोक्सासिन के सेवन के दौरान शराब का सेवन ना करें।
  • पहले से किसी दवा का सेवन कर रहे हैं तो ओफ्लोक्सासिन लेने से पहले डॉक्टर को बताएं।
  • ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) कम या उच्च रक्त शर्करा के स्तर पर प्रभाव डाल सकता है इसलिए मधुमेह (diabetes) वाले लोगों में जो इंसुलिन या मौखिक हाइपोग्लाइसेमिक ड्रग्स ( Insulin or oral hypoglycemic drugs)ले रहे हैं।

इसीलिएओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) का इस्तेमाल करने से पाहिले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

  • 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और किशोरों में ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) के इस्तेमाल से बचाना चाहिए, क्योंकि इन रोगियों में ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) का उपयोग कितना सुरक्षित है यह अभी तक स्थापित नहीं किया गया है।
  • म्यास्थेनिआ ग्राविस (Myasthenia gravis) के रोगियों में Ofloxacin का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि यह मांसपेशियों की कमजोरी को बढ़ा सकता है।

म्यास्थेनिआ ग्राविस एक न्यूरोमस्कुलर रोग(Neuromuscular disease) है जिसमे मरीज को मांसपेशिओं में कमजोरी और थकावट महसूस होती है।

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4.ओफ्लोक्सासिन के साइड-इफेक्ट्स क्या हैं ?

What are the side-effects of Ofloxacin? in hindi

Ofloxacin side-effects kya hai in hindi

जैसे हर दवा के फायदे और नुकसान होते हैं। वैसे ही ओफ्लोक्सासिन के भी कुछ सामान्य दुष्प्रभाव हैं।

ओफ्लोक्सासिन के सबसे आम दुष्प्रभावों में शामिल हैं:

  • जी मिचलाना
  • उल्टी
  • दस्त
  • अनिद्रा
  • सरदर्द
  • चक्कर आना
  • खुजली
  • चेहरे, होंठ, पलकें, जीभ, हाथ और पैरों में सूजन
  • महिलाओं में योनिशोथ।पेट के निचले हिस्से में दर्द (Abdominal Pain)
  • मुंह में या जीभ पर सफेद धब्बे
  • जोड़ो में दर्द (Joint Pain)
  • काला मल का आना (Black Stools)
  • ठंंड लगकर बुखार आना (Fever With Chills)
  • हाथों का सुन्न होना
  • नाक बहना (Running Nose)
  • छीक आना (Sneezing)

कुछ अन्य महत्वपूर्ण दुष्प्रभावों के लक्षण निम्न हो सकते हैं : -

  • तंत्रिका तंत्र (nervous system) का अधिक उत्तेजित होना
  • अत्यधिक चिंता होना
  • अत्यधिक उत्साहित होना
  • बुरे सपने आना
  • जिन लोगों को डायबिटीज़ की समस्या होती है उनमें इस दवा के सेवन से ब्लड शुगर कम या ज्यादा होने का डर रहता है, विशेष रूप उन लोगों में जो इंसुलिन या हाइपोग्लाइसेमिक ड्रग्स (hypoglycemic drug) ले रहे हो।
  • ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) लेने वाले लोगों को सूरज की रोशनी से त्वचा के प्रति संवेदनशीलता हो सकती है, इसलिए उन्हें सूरज की रोशनी के संपर्क में आने से बचना चाहिए।
  • ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) के साथ कुछ एंटीबायोटिक दवाएं जो फ्लोरोक्विनोलोन वर्ग से सम्बन्ध रखती हैं, उनका एक साथ सेवन टेंडिनिटिस (tendinitis) की समस्या का कारण बनता हैं।

ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) का उपयोग सेंट्रल नर्वस सिस्टम (central nervous system) के रोगियों को डॉक्टर से सलाह लेकर करनी चाहिए, क्योंकि इसके सेवन से नर्वस सिस्टम में कमज़ोरी आती है।

  • कभी-कभी इस दवा को लेने वाले रोगियों को दौरे पड़ते हैं।
  • 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और किशोरों में ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) का उपयोग मना है।
  • ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) से साथ कुछ अन्य एंटीबायोटिक्स (antibiotics) के सेवन से कोलन (Colon) में सूजन की समस्या हो सकती है जैसे - क्लोस्ट्रीडियम डिफिसाइल (clostridium difficile), स्यूडोमेम्ब्रांसस कोलाइटिस (pseudomembranous colitis)।
  • स्यूडोमेम्ब्रांसस कोलाइटिस (pseudomembranous colitis) में बुख़ार, पेट में दर्द, दस्त आदि हो सकते हैं।
  • म्यास्थेनिआ ग्राविस (myasthenia gravis) के रोगियों के लिए ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि यह मांसपेशियों की कमज़ोरी को बढ़ा सकता है।
 

5.निष्कर्ष

Conclusion </strong>in hindi

ओफ्लोक्सासिन (ofloxacin) निमोनिया (Pneumonia), ब्रोंकाइटिस (bronchitis), स्टैफ़ संक्रमण(staph infections), एसटीडी (STD) (गोनोरिया, क्लैमाइडिया), मूत्र पथ के संक्रमण, और प्रोस्टेट संक्रमण के उपचार के लिए निर्धारित दवा है।

इस दवा को लेने से पहले उसके दुष्प्रभाव, गर्भावस्था में उपयोग की जानकारी की समीक्षा की जानी चाहिए और अपने डॉक्टर के ही सलाह से दवाई लेनी चाहिए।

आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि:: 04 Jun 2020

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