स्तनपान के दौरान मैस्टाइटिस से बचने के लिए क्या उपाय करें

स्तनपान के दौरान मैस्टाइटिस से बचने के लिए क्या उपाय करें

To do list to prevent mastitis while breastfeeding in hindi

Breast ke dauran mastitis se bachne ke liye kya upay karen in hindi

एक नज़र


  • स्तन की स्वच्छता का खास ख्याल रखें।

  • स्तन में साबुन, पाउडर, परफ्यूम या क्रीम का इस्तेमाल ना करें।

  • समय-समय पर स्तनपान कराएं और नर्सिंग ब्रा पहनें।

स्तनपान कराने वाली महिलाओं में स्तन संक्रमण यानी की मैस्टाइटिस होने का जोखिम ज्यादा रहता है। क्योंकि बच्चे के मुँह से बैक्टीरिया (bacteria) स्तन में प्रवेश करता है और स्तन को संक्रमित करता है।

इसे लैक्टेशन मैस्टाइटिस (Lactation mastitis) के नाम से भी जाना जाता है। इसलिए जब आप स्तनपान करा रही हैं तो उस वक़्त आपको अपने स्तन का भी ख्याल रखना चाहिए।

जिससे आपको किसी प्रकार की बीमारी का सामना ना करना पड़े।

 

1.स्तनपान कराने के दौरान अपने स्तन का ख्याल कैसे रखें

How to care for your breast while you are breastfeeding in hindi

breast feeding ke dauran apne breast ka khayal kaise rakhe in hindi

निम्नलिखित तरीकों को अपने रोज़मर्रा के जीवन में अपना-कर आप अपने स्तन का ख्याल रख सकती हैं:

  1. सफाई का ध्यान रखें (Practice good hygiene) 

    अपनी स्वच्छता का ख़ास ख्याल रखें। स्तन को छूने से पहले हाथ साफ़ कर लें। रोज़ नहाते हुए अपने स्तन को गुनगुने पानी से साफ़ करें।

    साबुन और बॉडी वाश का प्रयोग ना करें। क्योंकि इसमें केमिकल्स होते हैं जो आपके स्तन को रुखा और रफ़ बना सकते हैं।

    स्तन को साफ़ रखने से संक्रमण का खतरा खुद-बखुद कम हो जाता है।

  2. नर्सिंग ब्रा पहनें (Wear a nursing bra) 

    स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए खास नर्सिंग ब्रा आती है। नर्सिंग ब्रा आपके स्तन को इस दौरान बेहतर सपोर्ट देती है। और इससे दूध पिलाना भी आसान होता है।

    जब आप नार्मल ब्रा पहनकर स्तनपान कराने की कोशिश करती हैं, तो आपको ब्रा स्तन के ऊपर की तरफ हटाना पड़ता है जिससे निप्पल में घर्षण होता है।इस घर्षण से भी निप्पल चोटिल हो सकता है और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

  3. सही तरीके से स्तनपान कराएं (Right technique for breastfeeding) 

    इस बात को सुनिश्चित करें की आपका बच्चा सही प्रकार से निप्पल को मुँह में ले। गलत तरीके से निप्पल चूसने (latch) से भी मैस्टाइटिस का खतरा बढ़ जाता है।

    हर 2 घंटे में स्तनपान कराएं। अगर स्तनपान कराने की अवधि में अंतर ज्यादा होगा तो मैस्टाइटिस का खतरा भी बढ़ जाएगा। क्योंकि स्तन में दूध की आपूर्ति ज्यादा होने के कारण स्तन में दूध की गाँठ पड़ सकती है।

  4. समय-समय पर अपना स्तन पैड बदलें (Change your breast pads regularly) 

    अगर आप अपने ब्रा के अंदर स्तन पैड (breast pad) या कॉटन स्क्वायर (cotton square) का उपयोग करती हैं , तो समय-समय पर इन्हे बदलते रहना चाहिए।

    स्तन पैड स्तन से लीक हो रहे दूध को सोखने ले लिए होता है। तो जैसे ही आपको इसमें गीलापन महसूस हो आप पैड को बदल लें।

    इससे संक्रमण का खतरा टल जाता है।

  5. स्तन के दूध को निप्पल में लगाएं (Rub breast milk on nipple) 

    स्तनपान कराने के बाद अपने स्तन के दूध को ही निप्पल और एरोला में लगाएं।

    इससे अगर निप्पल में क्रैक होगा तो वो ठीक हो जाएगा। और साथ ही निप्पल मॉस्चराइज भी रहेगा।

  6. स्तन का मासिक आत्मपरीक्षण करें (Perform monthly breast self examination)

    अपने स्तन का आत्मपरीक्षण करती रहें। ये परीक्षण महीने में कम से कम एक बार करें।

    अगर दूध से भरा गाँठ आपको स्तन में दिखता है तो मालिश करना, गर्म पानी से सेंकने या स्तनपान कराने से चला जाता है।

    अगर ये गाँठ इन सब से नहीं जा रहा तो अपने डॉक्टर से जांच कराएं।

 

2.निष्कर्ष

Conclusion in hindi

इन सब बातों का ख़याल अगर स्तनपान कराने वाली महिला रखें तो स्तन संक्रमण से बचा जा सकता है।

साथ ही ध्यान रखें कि बहुत ज्यादा तंग कपडे ना पहने। और अंडरवायर ब्रा तो बिल्कुल ना पहनें।

किसी भी प्रकार के परफ्यूम, क्रीम और पाउडर का इस्तेमाल अपने स्तन में ना करें। अपनी स्वच्छता का खास ख्याल रखें।

बच्चे को दूध पिलाने के बाद सही तरीके से स्तन से हटाएँ। ताकि आपका निप्पल चोटिल ना हो।