सीबीसी टेस्ट क्या है और गर्भावस्था के दौरान क्यों पड़ती है इसकी आवश्यकता

What is a CBC test and why is it needed during pregnancy in hindi

CBC test kya hai or garbhavastha ke dauran kyon padti hai iski avashyakta in hindi


एक नज़र

  • प्रेगनेंसी के शुरुआत में किया जाता है कम्पलीट ब्लड टेस्ट।
  • गर्भवती महिलाओं में आयरन की कमी को दर्शाता है कम्पलीट ब्लड टेस्ट।
  • हीमोग्लोबिन के स्तर के लिए भी ज़रूरी है कम्प्लीट बल्ड टेस्ट।
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Introduction

CBC_test_kya_hai_or_garbhavastha_ke_dauran_kyon_padti_hai_iski_avashyakta_in_hindi

आपकी प्रसव पूर्व देखभाल के दौरान आपको कई रक्त परीक्षण कराने की सलाह दी जाएगी। हालांकि, कुछ टेस्ट कराने की सलाह सभी महिलाओं को दी जाती है तो कुछ टेस्ट कराने की सलाह तभी दी जाती है, जब आपको किसी विशेष संक्रमण या जेनेटिक कंडीशन का ख़तरा हो।

ये सभी परीक्षण इसलिए किये जाते हैं ताकि गर्भावस्था के दौरान या फिर बच्चे के जन्म के बाद किसी भी तरह की समस्या पैदा न हो। एक कम्पलीट ब्लड काउंट (complete blood count) शुरुआती रक्त परीक्षणों में से एक होता है, जो आमतौर पर पहली डॉक्टर विज़िट के दौरान और फिर उसके बाद होता है।

गर्भावस्था के दौरान, भ्रूण के स्वास्थ्य का मूल्यांकन करने के लिए कई परीक्षणों का उपयोग किया जाता है। इस लेख में, हम आपको पूर्ण रक्त गणना (CBC) परीक्षण और इसके महत्व के बारे में बताएँगे।

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इस लेख़ में

  1. 1.कम्पलीट ब्लड काउंट टेस्ट क्या है?
  2. 2.गर्भावस्था के दौरान कम्पलीट ब्लड काउंट टेस्ट क्यों ज़रूरी है?
  3. 3.कम्प्लीट रक्त परीक्षण से क्या पता चल सकता है?
  4. 4.प्रेगनेंसी में सीबीसी टेस्ट की तैयारी कैसे करें?
  5. 5.प्रेगनेंसी में सीबीसी टेस्ट कैसे किया जाता है?
  6. 6.प्रेगनेंसी के दौरान सीबीसी टेस्ट परिणाम के क्या मायने होते हैं?
  7. 7.निष्कर्ष
 

कम्पलीट ब्लड काउंट टेस्ट क्या है?

What is Complete blood count test? in hindi

Complete blood count test kya hai

कम्पलीट ब्लड काउंट (CBC) टेस्ट गर्भावस्था के शुरुआती चरण में किया जाता है ताकि गर्भवती महिला में स्वास्थ्य संबंधी समस्या की संभावना का पता लगाया जा सके।

ये टेस्ट आपके हीमोग्लोबिन (hemoglobin) और हेमटोक्रिट (hemtokrit) के लेवल को मॉनिटर करता है, जिससे आपके आयरन के लेवल का पता चलता है।

इस आधार पर ये पता लगाने में मदद मिलती है कि आप एनीमिया से प्रभावित हैं या नहीं। अगर आपके रक्त में आयरन का स्तर कम है, तो आपको आयरन सप्लीमेंट दी जा सकती है।

सीबीसी लाल रक्त कोशिकाओं (red blood cells), सफेद रक्त कोशिकाओं (white blood cells) और प्लेटलेट्स (platelets) की काउंट भी निर्धारित करता है।

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गर्भावस्था के दौरान कम्पलीट ब्लड काउंट टेस्ट क्यों ज़रूरी है?

Why complete blood count test necessary during pregnancy? in hindi

Kyon garbhavastha ke dauran complete blood test zaruri hai

गर्भावस्था के दौरान सीबीसी टेस्ट सबसे पहला टेस्ट होता है। आमतौर पर सीबीसी (CBC) टेस्ट से आपके डॉक्टर को आपकी बीमारी का पता चल सकता है।

इसके साथ ही यह टेस्ट थकान, कमज़ोरी, संक्रमण और एनीमिया जैसी अन्य कमी का निदान करने में भी मदद कर सकता है।

और पढ़ें:30 की उम्र के बाद गर्भावस्था के जोखिम क्या हैं ?
 

कम्प्लीट रक्त परीक्षण से क्या पता चल सकता है?

What can you know with complete blood test in hindi

complete rakt parikshan kya mapta hai in hindi

गर्भावस्था के दौरान सीबीसी परीक्षण से निम्न जानकारी मिल सकती है :

1. रेड ब्लड सेल्स (Red Blood Cells)

लाल रक्त कोशिकाओं और हीमोग्लोबिन (haemoglobin) का स्तर प्रेग्नेंट महिला के भ्रूण को रक्त के माध्यम से ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता को इंगित कर सकता है।

वहीं शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर कम होना गर्भवती महिलाओं के लिए थकान और बीमारी का संकेत देता है।

इस कंडीशन को ठीक करने के लिए आयरन सप्लीमेंट लेने की सलाह दी जाती है।

2. वाइट ब्लड सेल्स (White Blood Cells)

गर्भावस्था के दौरान वाइट ब्लड सेल्स शरीर में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

WBCs के पांच प्रकार हैं - बेसोफिल (basophils), न्यूट्रोफिल (neutrophils), ईोसिनोफिल (eosinophils), लिम्फोसाइट्स (lymphocytes) और मोनोसाइट्स (monocytes)।

ये सभी प्रतिरक्षा प्रणाली (immune system) के महत्वपूर्ण अंग होते हैं, जो माँ के साथ-साथ बच्चे को किसी भी तरह के इन्फेक्शन से बचाव करने में मदद करते हैं।

इससे माँ के रक्त से संबंधित बीमारी जैसे सिकल सेल एनीमिया (sickle cell anaemia) या ल्यूकेमिया (leukaemia) का भी पता चलता है।

3. प्लेटलेट्स (Platelets)

प्लेटलेट्स छोटी रक्त कोशिकाएं होती हैं, हालाँकि उनका महत्व बहुत बड़ा है।

ब्लड क्लॉट (blood clot) के लिए प्लेटलेट्स ज़िम्मेदार होते हैं।

अगर प्लेटलेट्स की संख्या में कमी होती है, तो इससे ब्लड क्लॉट बहुत जल्दी नहीं होगा।

हालांकि, अगर प्लेटलेट्स की संख्या अधिक होती है तो मां को अचानक इंटर्नल ब्लड क्लॉट (internal blood clot) और ब्लीडिंग (haemorrhages) होने की संभावना होती है।

4. हीमोग्लोबिन (Haemoglobin)

हीमोग्लोबिन आपके रक्त में प्रोटीन होता है, जो ऑक्सीजन को बनाए रखता है।

5. हेमेटोक्रिट (Hematocrit)

यह आपके ब्लड में रेड ब्लड सेल्स के प्रतिशत की गणना करता है।

6. मीन कॉर्पोस्कुलर वॉल्यूम (Mean Corpuscular Volume)

ये आपके लाल रक्त कोशिकाओं (red blood cells) के औसत आकार को मापता है।

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प्रेगनेंसी में सीबीसी टेस्ट की तैयारी कैसे करें?

How to Prepare for the CBC test during pregnancy? in hindi

CBC test ki taiyari kaise karein

अगर आपका ब्लड टेस्ट सिर्फ कम्पलीट ब्लड काउंट के लिए किया जाता है तो आप टेस्ट के पहले खा-पी भी सकती हैं।

हालांकि, अगर इसका उपयोग और किसी टेस्ट के लिए भी किया जायेगा तो आपके डॉक्टर आपको कुछ घंटे तक कुछ ना खाने-पीने की सलाह दे सकते हैं।

और पढ़ें:अल्फा-फेटोप्रोटीन टेस्ट क्या है और क्यों पड़ती है इसकी ज़रूरत
 

प्रेगनेंसी में सीबीसी टेस्ट कैसे किया जाता है?

How is the CBC test done during pregnancy? in hindi

CBC test kaise kiya jata hai in hindi

सीबीसी परीक्षण करवाने के लिए बस कुछ ही मिनटों की आवश्यकता होती है। एक नर्स इंजेक्शन से आपके रक्त का नमूना लेगी। इस सैंपल को जांच के लिए पैथोलॉजी लैब (pathology lab) भेजा जाएगा।

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प्रेगनेंसी के दौरान सीबीसी टेस्ट परिणाम के क्या मायने होते हैं?

What do the CBC test results really mean during pregnancy? in hindi

Garbhavastha ke dauran CBC test ke kya mayne hote hain

प्रेगनेंसी के दौरान सीबीसी टेस्ट परिणाम के निम्न मायने होते हैं :

  • परीक्षण के परिणाम एक गर्भवती महिला में बीमारियों की शुरुआत का पता लगाने में मदद करते हैं।
  • अगर वाइट ब्लड सेल्स WBC काउंट कम है, तो आपको संक्रमण होने की संभावना अधिक होती है।
    सामान्य रेंज 4,500 से 10,000 कोशिकाएं प्रति माइक्रोमीटर हैं।
  • अगर आपकी आरबीसी (Red Blood Cells) की संख्या कम है, तो आपको एनीमिया हो सकता है। पुरुषों के लिए रेड ब्लड सेल्स की सामान्य सीमा 4.5 से 5.9 मिलियन सेल्स / एमसीएल है जबकि महिलाओं के लिए 4.1 से 5.1 मिलियन सेल / एमसीएल है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) के वर्गीकरण के अनुसार, पहले और तीसरे तिमाही में हीमोग्लोबिन स्तर 11.0 ग्राम / डीएल से कम और दूसरी तिमाही में 10.5 ग्राम / डीएल से कम होने पर गर्भवती महिलाओं को एनीमिक (टेबल I) माना जाता है।
  • गर्भवती महिला में एचसीटी के स्तर में कमी होना आयरन की कमी का संकेत हो सकता है। हालांकि, अगर एक उच्च स्तर आपके डिहाइड्रेटेड होने की ओर इंगित कर सकता है। महिलाओं में एचसीटी की सामान्य सीमा 36.9% और 44.6% के बीच है।
  • अगर आपका RBC सामान्य से अधिक है, तो आपका MCV ऊपर जाता है। ऐसा हो सकता है जब प्रेग्नेंट महिला के शरीर में फोलेट या विटामिन बी-12 के स्तर में कमी हो। अगर आपकी लाल रक्त कोशिकाएँ में कमी है, तो आपको एनीमिया (anaemia) का एक टाइप हो सकता है। एक नार्मल वर्ग का MCV स्कोर 80 से 96 है।
  • प्लेटलेट्स (platelets) की सामान्य सीमा 150,000 से 450,000 प्लेटलेट्स / एमसीएल (mcl) है। अगर गर्भावस्था के दौरान आपका प्लेटलेट काउंट सामान्य स्तर से नीचे चला जाता है, तो आपको गर्भकालीन थ्रोम्बोसाइटोपेनिया (gestational thrombocytopenia) नामक एक सामान्य गर्भावस्था की स्थिति होने की अधिक संभावना हो सकती है।
और पढ़ें:कैसे करें गर्भावस्था किट का प्रयोग ?
 

निष्कर्ष

Conclusionin hindi

Nishkarsh

जैसा कि हमने ऊपर उल्लेख किया है, मां के समग्र स्वास्थ्य का पता लगाने और शरीर में वायरस की उपस्थिति का पता लगाने के लिए सीबीसी परीक्षण बेहद महत्वपूर्ण है। इस प्रकार, माँ और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य की रक्षा करना संभव हो जाता है।

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आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: : 02 Jun 2020

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