ईसबगोल के फायदे और नुकसान

What are the Benefits and Side-effects of Isabgolin hindi

इसबगोल भूसी के नुकसान, isabgol ki bhusi ke fayde or nuksan


एक नज़र

  • ईसबगोल से पेट के कब्ज़ और दस्त में राहत मिलती है।
  • शारीरिक वजन को कम करने में भी ईसबगोल सहायक होता है।
  • ईसबगोल के नियमित सेवन से कभी-कभी नुकसान भी हो सकता है।
  • कुछ सावधानी के साथ प्रयोग करने से ईसबगोल के नुकसान से बचा जा सकता है।
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Introduction

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व्यक्ति का पेट खराब होना अलग-अलग तरह की बीमारियों की शुरुआत माना जाता है। इसीलिए प्रत्येक व्यक्ति अपने पेट और पाचन तंत्र को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए हर संभव उपाय करता है। लेकिन, बिगड़ती जीवनशैली के कारण या फिर सुबह के जागने से लेकर रात के सोने तक के समय में भारी अनियमितता होने के कारण पेट की कब्ज़ जैसी परेशानी से छुटकारा पाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में इस परेशानी के उपचार के रूप में वैकल्पिक तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है।

इन तरीकों में एक उपचार जिसका काफी समय से लोग प्रयोग करते आ रहे हैं, ईसबगोल का सेवन है जो कब्ज का रामबाण इलाज माना जाता है। कब्ज़ के अलावा भी ईसबगोल के अनेक फायदे होते हैं। इस लेख की मदद से आपको विस्तार से बताते हैं कि ईसबगोल के फायदे और नुकसान क्या हैं और साथ ही कैसे इसबगोल साइड इफ़ेक्ट से आप अपना बचाव कर सकते हैं।

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इस लेख़ में

 

ईसबगोल क्या होता है?

What is Psyllium Huskin hindi

इसबगोल भूसी के नुकसान,isabgol ke nuksan

ईसबगोल दरअसल एक विदेशी पौधा है, जिसका जन्म मिस्र और ईरान में माना जाता है। इसी कारण भारतीय चिकित्सा के आदि ग्रंथ आयुर्वेद में इस पौधे का कहीं भी उल्लेख नहीं होता है।

लेकिन अब यह पौधा भारत के अनेक राज्यों में उगाया जाता है। दरअसल ईसबगोल प्लांटागो ओवाटा (Plantago ovata) नाम के पौधे का मूल बीज होता है, जो देखने में गेहूं जैसा ही होता है।

इसबगोल की भूसी के सेवन से न सिर्फ पाचन क्रिया दुरुस्त होती है बल्कि कई स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी कारगर साबित हो सकता है।

आइये ऐसे में इसबगोल भूसी के फायदे और नुकसान से अवगत कराने से पहले आपको इसके पोषक तत्व से जुड़ी जानकरी देते हैं।

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ईसबगोल के पोषक तत्व

Nutritional value of isabgol in hindi

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ऊपर आपने जाना कि किस तरह से शरीर के इसबगोल फायदेमंद होता है। हालांकि, इन फ़ायदों के पीछे इसबगोल में निहित पोषक तत्व हैं। ऐसे में आपको इसबगोल के पोषक तत्व से अवगत कराते हैं। एक चम्मच इसबगोल के जरिये शरीर में पहुँचने वाले पोषक तत्व और उनकी मात्रा इस प्रकार है :

पोषक तत्व

मात्रा

कैलोरी

35

फैट

0.7 gm

पोटेशियम

189 mg

सोडियम

3 mg

डाइट्रि फाइबर

6.9 gm

कार्बोहाइड्रेट

10 gm

शुगर

0 .1 gm

प्रोटीन

2.5 gm

कैल्शियम

1.6 gm

इस प्रकार एक चम्मच ईसबगोल में मिलने वाले पोषक तत्व न केवल डाइजेस्टीव सिस्टम को बल्कि पूरे शरीर को लाभ पहुँचाते हैं। ऐसे में अब आपको विस्तार से इसबगोल के फ़ायदों के बारे में बताते हैं ताकि आप भी इसका लाभ ले सके।

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ईसबगोल के फायदे

Benefits of isabgolin hindi

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अधिकतर लोग ईसबगोल का उपयोग पेट संबंधी बीमारियों के लिए करते हैं। लेकिन, ईसबगोल की भूसी के औषधीय गुण की जानकारी बहुत लोगों को नहीं होती है। ऐसे में हम अब आपको ईसबगोल भूसी के फायदे से अवगत कराते हैं।

ईसबगोल के फ़ायदे इस प्रकार हैं :-

  • इसबगोल का उपयोग करें - कब्ज के उपचार के लिए (Isabgol for constipation)

आधुनिक जीवनशैली में किसी भी व्यक्ति को कब्ज़ की शिकायत, किसी भी उम्र में हो सकती है। इस स्थिति में ईसबगोल की भूसी एक अचूक दवा के रूप में काम करती है। दरअसल ईसबगोल में मिली हुई फाइबर की मात्रा, शरीर में लेक्सेटिव का काम करती है। इसलिए जब एक चम्मच ईसबगोल की भूसी या पाउडर को एक गिलास पानी के साथ खाया जाता है तब यह पेट में जाकर तुरंत असर दिखाती है।

यह पेट में आंतों में जाकर वहाँ रुके हुए भोजन को पचने में मदद करके और रुके हुए मल को तुरंत बाहर निकलने में मदद करती है। इस प्रकार जिन लोगों को कब्ज़ की शिकायत अधिक रहती है उनके लिए ईसबगोल एक रामबाण दवा है।

  • इसबगोल की भूसी - एसिडिटी में दें लाभ (Benefits of Isabgol in acidity)

कभी-कभी जब पेट में अधिक एसिड बनने लगती है तब खट्टी डकारें और पेट में जलन की परेशानी होने लगती है। ऐसे में एक या दो गिलास पानी के साथ ईसबगोल का एक चम्मच लेने से यह परेशानी तुरंत दूर हो सकती है।

  • इसबगोल है प्रभावी - दस्त के इलाज के लिए (Isabgol for loose motion)

पेट संबंधी एक अन्य बीमारी जैसे दस्त लगना भी ईसबगोल के सेवन से ठीक किया जा सकता है। इसके लिए ईसबगोल को पानी के स्थान पर दही के साथ लेने की सलाह दी जाती है। दही के प्रोबायोटिक गुण मल को सख़्त करके कुछ समय बाद रोक देते हैं। इससे दस्त या डायरिया में आराम मिलता है।

  • इसबगोल भूसी के फायदे - बवासीर के उपचार के लिए (Piles treatment with Isabgol)

जब किसी व्यक्ति को कब्ज़ की शिकायत लंबे समय तक रहती है तब उन्हें बवासीर (piles) की शिकायत हो सकती है।

दरअसल, कब्ज़ होने की स्थिति में मलत्याग करने पर गुदा भाग पर बहुत अधिक ज़ोर पड़ता है, जिससे वहाँ की नसें सूज जाती हैं।

ऐसे में बवासीर का इलाज घर पर ही करने में ईसबगोल को लेना लाभकारी रहता है। अधिक पानी के साथ ईसबगोल लेने पर मल थोड़ा नरम हो जाता है और उसे त्याग करने में भी आसानी होती है।

इस प्रकार बवासीर के कारण होने वाले दर्द में भी आराम हो जाता है।

  • इसबगोल है लाभकारी - वज़न कम करने के लिए (Isabgol for weight loss)

ईसबगोल के सेवन से शारीरिक वजन को भी सरलता से कम किया जा सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ईसबगोल के साथ बहुत अधिक मात्रा में पानी पिया जाता है। अधिक पानी पीने के कारण पेट बहुत भरा-भरा लगता है, जिससे खाना कम खाने की जरूरत कम हो जाती है। कम खाने से वजन घटने लगता है।

  • इसबगोल के फायदे - डायबिटीज़ के लिए (Isabgol controls diabetes)

ईसबगोल में जिलेटिन की मात्रा काफी अधिक होती है। इस कारण जब यह शरीर में जाता है तब शरीर में बनने वाले ग्लूकोज को एब्जॉर्ब करने की प्रक्रिया को धीमा कर देती है। इससे व्यक्ति को मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। इसके अतिरिक्त इसमें मिला फाइबर भी शुगर लेवल को कम करता है, जिससे डायबिटीज़ को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

  • इसबगोल के लाभ - हृदय रोग के लिए (Isabgol benefits for heart diseases)

ईसबगोल में फाइबर की अधिक मात्रा होती है जबकि इसमें फैट बिलकुल नहीं होता है इस कारण इसके सेवन से शरीर में कोलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ता। इससे जहां एक ओर ब्लड प्रेशर का लेवल कम रहता है वहीं लिपिड लेवल को अधिक स्तर होने के कारण हृदय की मांसपेशियों को भी मज़बूती मिलती है। इससे हृदय संबंधी रोग होने की भी संभावना कम होने लगती है।

हालांकि इसबगोल का फायदा आपको तभी मिल सकता है जब आप सही तरीके से इसका सेवन करें। ऐसे में ये समझना आवश्यक है कि इसबगोल खाने का सही तरीका क्या है या फिर किस तरह से इसका सेवन करना चाहिए।

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इसबगोल के सेवन का सही तरीका

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ईसबगोल के फ़ायदों को हमें लाभ तभी मिल सकता है, जब इसका सेवन हम सही मात्रा में करें। इसलिए अब ये समझना ज़रूरी है कि इसबगोल खाने का सही नियम या तरीका क्या है।

आइये जानते हैं इसबगोल खाने के सही तरीके के बारे में :

  • पाचन तंत्र ठीक रखने के लिए वयस्क व्यक्ति एक चम्मच ईसबगोल को एक गिलास गर्म पानी में मिला कर पी सकते हैं।
  • दस्त में आराम लेने के लिए एक कटोरी दही में एक या दो चम्मच ईसबगोल को घोल कर पी लें।
    इसमें स्वाद बढ़ाने के लिए इच्छानुसार चीनी भी मिलाई जा सकती है।
    लेकिन इसके बाद भी एक गिलास पानी लेना ठीक रहता है।
  • कब्ज़ होने पर एक चम्मच त्रिफला पाउडर और दो चम्मच ईसबगोल को एक गिलास गर्म पानी के साथ लेना लाभकारी होता है।

इसबगोल कब खाना चाहिए - सुबह और रात में खाने के बाद इसबगोल का सेवन करना चाहिए।

इसबगोल का सेवन कितना करें - आप प्रतिदिन 5-10 ग्राम इसबगोल का सेवन कर सकते हैं।

अब तक हमने जाना इसबगोल क्या है और इसके कितने फायदे हैं लेकिन फ़ायदों के साथ-साथ इसबगोल भूसी के नुकसान भी होते हैं। इसलिए हम आपको इसके नुकसान के बारे में बताने के साथ-साथ आगे आपको ये भी बातएंगे कि कैसे आप नुकसान से अपना बचाव भी कर सकते हैं।

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इसबगोल के नुकसान

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यह सही है कि इसबगोल व्यक्ति को अनेक प्रकार से स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाने वाले गुण रखता है।लेकिन इसके साथ यह भी सही है कि हर औषधि की भांति इसबगोल साइड-इफ़ेक्ट या नुकसान होते हैं।

इसबगोल भूसी के नुकसान इस प्रकार हैं :

  • इसबगोल भूसी के नुकसान के तौर पर पेट में मरोड़ हो सकती है

कुछ व्यक्तियों को इसके अधिक सेवन से पेट में मरोड़ या ऐंठन जैसे परेशानी हो सकती है। ऐसा होने पर इसका सेवन तुरंत बंद करके डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

  • इसबगोल भूसी के नुकसान के तौर पर दवाइयों के असर पर पड़ सकता है प्रभाव

गंभीर बीमारी के इलाज के दौरान अगर नियमित दवाइयों का सेवन करना पड़ रहा हो, तब इसबगोल लेने के लिए डॉक्टर की सलाह ज़रूर लेनी चाहिए।

इसका कारण है कि इसबगोल शरीर में दवाइयों के ब्लड में घुलने की प्रक्रिया को धीमा कर देती है। इस स्थिति में दवा का असर या तो होगा नहीं या फिर देर से होगा।

  • इसबगोल भूसी के नुकसान के तौर पर पोषक तत्वों की हो सकती है कमी

इसबगोल के नियमित सेवन से शरीर में पोषण तत्वों की कमी होने की भी संभावना हो सकती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इसबगोल के अधिक खाने से शरीर में ज़िंक (zinc) और कॉपर (copper) जैसे कुछ प्रमुख पोषक तत्वों की कमी हो जाती है।

कुछ लोगों को ईसबगोल के खाने की आदत के कारण उन्हें भूख लगनी बंद हो सकती है।

  • इसबगोल भूसी के नुकसान के तौर कमजोरी हो सकती है

इसबगोल के कारण पेट हर समय भरा-भरा महसूस होता है, इसलिए खाना खाने की न तो ज़रूरत महसूस होती है और न ही भूख लगती है। दोनों ही स्थितियों में व्यक्ति को कमज़ोरी हो जाती है

  • इसबगोल भूसी के नुकसान के तौर कुछ जोखिम बढ़ सकते हैं

इसबगोल में कैल्शियम की मौजूदगी होने के कारण इसके अधिक सेवन से हृदय रोग और प्रोस्टेट कैंसर का रिस्क बढ़ सकता है।

हालांकि इसबगोल भूसी के नुकसान से बचने के लिए इसके सेवन से जुड़ी सावधानियों की ओर ध्यान देने की आवश्यकता है। आइये अब आपको बताते हैं कि इसबगोल के सेवन से जुड़ी सावधानियां कैसे बरतें।

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इसबगोल के सेवन से जुड़ी सावधानियाँ

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इसबगोल के प्रयोग से होने वाले जोखिमों से बचाव के लिए जरूरी है कि इसका प्रयोग सावधानी से किया जाये।

इसके लिए निम्न प्रकार से सावधानी रखी जा सकती है :

  • ईसबगोल की भूसी को कभी भी सीधे नहीं लेना चाहिए। इसे हमेशा पानी या दही (जैसी भी जरूरत हो) के साथ ही लेना चाहिए। ऐसा न करने पर यह भूसी मुंह में या गले में अटक भी सकती है।
  • दरअसल ईसबगोल मुंह में जाते ही फूल जाती है। इसलिए इसे पानी के साथ ही लेना ठीक रहता है।
  • प्रेग्नेंसी में कब्ज़ होना या दस्त लगना एक आम परेशानी होती है। लेकिन इस स्थिति में बिना डॉक्टर से सलाह के ईसबगोल का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • पेट संबंधी किसी भी परेशानी जैसे एपेंडिसाइटिस (appendicitis) आदि से परेशान रह चुके लोगों को ईसबगोल के सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह ज़रुर लेनी चाहिए।
  • ईसबगोल का सेवन वैसे तो किसी भी व्यक्ति के लिए सुरक्षित रहता है। लेकिन छोटे बच्चों विशेषकर तीन वर्ष से कम आयु के बच्चों को ईसबगोल बिलकुल नहीं देना चाहिए।
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निष्कर्ष

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अधिकतर घरों में कब्ज़ और दस्त व पेट की गैस के उपचार के रूप में ईसबगोल का प्रयोग करते हैं।

ईसबगोल के प्रयोग से इसके अलावा डायबिटीज़, रक्तचाप और वजन कम करने के लाभ भी मिल सकते हैं। यदि ईसबगोल के प्रयोग में सावधानी रखी जाए तो इसके प्रयोग से होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है।

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आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: : 10 Sep 2020

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