पीएमएस के लक्षणों और गर्भावस्था के लक्षणों में क्या फ़र्क है

What are the differences between PMS and pregnancy symptoms in hindi

PMS aur garbhavastha ke lakshanon mein kya fark hai


एक नज़र

  • पीएमएस और गर्भावस्था के दौरान होने वाले लक्षण एक जैसे लगते हैं।
  • पीएमएस और गर्भावस्था के लक्षण को पहचानने का सबसे बेहतर तरीका है लक्षण की अवधि और प्रेग्नेंसी टेस्ट।
  • माँ और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए पीएमएस और गर्भावस्था के लक्षणों में जल्द से जल्द फ़र्क समझना बेहद जरूरी है।
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Introduction

PMS_aur_garbhavastha_ke_lakshanon_mein_kya_fark_hai

पीएमएस और गर्भावस्था के लक्षणों में फ़र्क समझने से पहले पीएमएस और गर्भावस्था के लक्षण को समझने की जरूरत है।

पीएमएस यानि प्री मेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (Pre Menstrual Syndrome) इसका मतलब हुआ कि पीरियड्स आने से पहले महिलाओं में आने वाले शारीरिक ,मानसिक और भावनात्मक बदलाव।

वहीं गर्भावस्था के लक्षण मतलब गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में आने वाले शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक बदलाव।

सवाल यह उठता है कि दोनों ही बदलाव जब शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक हैं तो दोनों में फ़र्क कैसे किया जाए?

कई बार महिलाएं पीएमएस को गर्भावस्था के लक्षण समझने लगती हैं और कई बार गर्भावस्था के लक्षण को पीएमएस! यह सुनने में सामान्य लगता है मगर सही वक़्त पर दोनों के फ़र्क को नज़रअंदाज़ करना नुकसानदायक हो सकता है।

खासतौर प्रेग्नेंसी के लक्षणों को पीएमएस समझ लेना गर्भ में पल रहे बच्चे को सही वक़्त पर उचित देखभाल से दूर कर देगा। यह माँ और बच्चे दोनों के लिए नुकसानदायक है।

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इस लेख़ में

  1. 1.पीएमएस और गर्भवस्था के बीच लक्षण के रूप में क्रैंप्स की तुलना
  2. 2.पीएमएस और गर्भवस्था के रूप में स्तनों में बदलाव और दर्द के लक्षण की तुलना
  3. 3.पीएमएस और गर्भवस्था के लक्षण के रूप में ब्लीडिंग की तुलना
  4. 4.पीएमएस और गर्भावस्था के लक्षण के रूप में मूड स्विंग की तुलना
  5. 5.पीएमएस और गर्भावस्था के रूप में थकान की तुलना
  6. 6.पीएमएस और गर्भावस्था के लक्षण के रूप में जी मिचलाने और उल्टी की तुलना
  7. 7.पीएमएस और गर्भावस्था के लक्षण के रूप में फूड क्रेविंग की तुलना
  8. 8.निष्कर्ष
 

पीएमएस और गर्भवस्था के बीच लक्षण के रूप में क्रैंप्स की तुलना

Comparison between PMS and pregnancy symptoms on the basis of cramps in hindi

PMS aur garbhavastha ke beech lakshan ke roop mein tulna

पीएमएस और गर्भवस्था के बीच लक्षण के रूप में क्रैंप्स की तुलना इस प्रकार है : -

  • पीएमएस के लक्षण के रूप में क्रैंप्स (Cramps as a symptom of PMS)
    अगर आप पीएमएस में हैं तो आपको क्रैंप्स 24 से 48 घंटों तक होंगे। यह क्रैंप्स पीरियड्स शुरू होने से पहले होते हैं।
    हालांकि यही क्रैंप्स कुछ हद तक बढ़कर पीरियड्स के पहले और दूसरे दिन भी रहते हैं।
    लेकिन पीरियड्स ख़त्म होने के साथ यह क्रैंप्स भी ख़त्म हो जाते हैं।
    24 से 48 घंटों तक रहने वाले क्रैंप्स को डिस्मेनोरियाह (Dysmenorrhea) कहा जाता है।
    यह दर्द पहली प्रेगनेंसी के बाद कम होने लगेगा। मेनोपॉज़ से पहले महिलाओं में पीएमएस क्रैंप्स बढ़ने की शिकायत देखी जाती है।
  • गर्भावस्था के लक्षण के रूप में क्रैंप्स (Cramps as a symptom of pregnancy)
    गर्भावस्था के दौरान भी आपको हल्के क्रैंप्स हो सकते हैं। ये क्रैंप्स कुछ हद तक मेंस्ट्रुअल क्रैंप्स के जैसे ही होते हैं।
    पीठ और पेट के निचले हिस्सों में यह क्रैंप्स होते हैं।
    लेकिन अगर यह क्रैंप्स ज्यादा दिन तक रहते हैं और आप किसी भी तरह की ब्लीडिंग या डिस्चार्ज महसूस करती हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
    यह बच्चे के लिए ख़तरे की घंटी हो सकती है।
    उन महिलाओं को ख़ासतौर पर एहतियात बरतनी चाहिए जिनके परिवार में मिसकैरेज का इतिहास रहा हो।
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पीएमएस और गर्भवस्था के रूप में स्तनों में बदलाव और दर्द के लक्षण की तुलना

Comparison between PMS and pregnancy symptoms on the basis of breast change and pain in hindi

PMS aur garbhavastha ke roop mein stanon mein badlav aur dard ke lakshan ki tulna

पीएमएस और गर्भवस्था के रूप में स्तनों में बदलाव और दर्द के लक्षण की तुलना इस प्रकार है : -

  • पीएमएस के लक्षण के रूप में स्तनों में बदलाव और दर्द (Breast change and pain as a symptom of PMS)
    पीएमएस के दौरान मेंस्ट्रौल साइकिल के दूसरे हाफ में स्तनों में स्वैलिंग (swelling) और खिंचाव महसूस होता है।
    यह सामान्य ही होता है मगर पीरियड्स के ठीक पहले यह काफ़ी बढ़ भी सकता है।
    किशोरावस्था में यह ज्यादा दर्द भरा होता है। शरीर में प्रोजेस्टेरोन (Progesterone) के स्तर के बढ़ने के कारण स्तनों में दर्द होता है।
  • गर्भावस्था के लक्षण के रूप में स्तनों में बदलाव और दर्द (Breast change and pain as a symptom of pregnancy)
    प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में प्रोजेस्टेरेन लेवल बढ़ जाता है इसीलिए इस वक़्त ब्रेस्ट पेन (breast pain) प्रेगनेंसी के सभी महीनों में रह सकता है।
    गर्भधारण करने के एक दो हफ्तों के बाद आप स्तनों में सूजन और खिंचाव महसूस कर सकते हैं। इस वक़्त ब्रेस्ट बहुत सेंसिटिव हो जाते हैं।
और पढ़ें:30 की उम्र के बाद गर्भावस्था के जोखिम क्या हैं ?
 

पीएमएस और गर्भवस्था के लक्षण के रूप में ब्लीडिंग की तुलना

Comparison of PMS and pregnancy symptoms on the basis of bleeding in hindi

PMS aur garbhavastha ke lakshan ke roop mein bleeding ki tulna

पीएमएस और गर्भवस्था के लक्षण के रूप में ब्लीडिंग की तुलना इस प्रकार है : -

  • पीएमएस के लक्षण के रूप में ब्लीडिंग (Bleeding as a symptom of PMS)
    पीएमएस के दौरान आमतौर पर ब्लीडिंग या स्पॉटिंग की समस्या नहीं होती है।
    क्योंकि पीरियड्स में आपको ब्लीडिंग होती ही है और जिसका फ्लो आप बेहतर नोटिस कर सकती हैं।
    पीरियड्स ख़त्म होने के साथ ब्लीडिंग बंद हो जाती है।
  • गर्भावस्था के लक्षण के रूप में ब्लीडिंग (Bleeding as a symptom of pregnancy)
    गर्भावस्था के दौरान स्पॉटिंग की समस्या होती है।
    स्पॉटिंग में खून की एक दो बूंद का रिसाव होता है।
    यह खून पीरियड्स के दौरान शरीर से निकलने वाले खून से अलग होता है।
    पीरियड्स के खून का रंग गहरा लाल होता है।
    मगर स्पॉटिंग में यह हल्के भूरे और कभी गाढ़े रंग का होता है।
    प्रेग्नेंसी के 10 से 14 दिनों के बाद ही स्पॉटिंग होती है।
    इसमें आपको पैड्स इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं होती है।
    यह एक से दो दिन में ख़त्म हो जाता है।
    इसकी अवधि पीरियड्स से कम होती है।
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पीएमएस और गर्भावस्था के लक्षण के रूप में मूड स्विंग की तुलना

Comparison of PMS and pregnancy symptoms on the basis of mood swings in hindi

PMS aur garbhavastha ke lakshan ke roop mein mood swing ki tulna

पीएमएस और गर्भावस्था के लक्षण के रूप में मूड स्विंग की तुलना इस प्रकार हैं : -

  • पीएमएस के लक्षण के रूप में मूड स्विंग (Mood swing as a symptom of PMS)
    पीएमएस के दौरान आप चिड़चिड़ापन महसूस कर सकती हैं।
    आमतौर पर डिप्रेस फील करने का स्वभाव सभी महिलाओं में होता है मगर यह आपके व्यवहार पर भी निर्भर करता है कि आप कैसा रिएक्ट करती हैं।
    अगर आप मूड स्विंग से ज्यादा परेशानी महसूस करती हैं तो चॉकलेट और केले खाने से आपको पहले से बेहतर महसूस होगा।
    इस वक़्त सामान्य दिनों से ज्यादा नींद आती है। लेकिन यह तनाव और उदासी अगर ज्यादा दिनों तक रहे तो समझ लीजिए कि आप बीमार हैं।
    दो हफ्तों से ज्यादा अगर आप ऐसा महसूस कर रहीं तो शायद यह डिप्रेशन हो सकता है। इस अवस्था में डॉक्टर से मिलना सही रहेगा।
  • गर्भावस्था के लक्षण के रूप में मूड स्विंग (Mood swing as a symptom of pregnancy)
    प्रेगनेंसी के दौरान मूड स्विंगस तब तक होते रहते हैं जब तक कि आपकी प्रेगनेंसी ख़त्म नहीं हो जाती।
    आप कभी इमोशनल, कभी उदास महसूस कर सकती हैं तो कभी एक्साइटेड भी महसूस कर सकती हैं।
    इसके बावजूद ज़रूरी नहीं है कि आप 24 घंटे मूड स्विंग से ही झुझती रहें।
    गर्भवस्था के दौरान यह हफ्तों तक आते-जाते रहते हैं तो कुछ दिनों के लिए बिलकुल गायब भी हो सकते है।
और पढ़ें:अल्फा-फेटोप्रोटीन टेस्ट क्या है और क्यों पड़ती है इसकी ज़रूरत
 

पीएमएस और गर्भावस्था के रूप में थकान की तुलना

Comparison of PMS and pregnancy symptoms on the basis of tiredness in hindi

PMS aur garbhavastha ke roop mein thakan ki tulna

पीएमएस और गर्भावस्था के रूप में थकान की तुलना इस प्रकार है : -

  • पीएमएस के लक्षण के रूप में थकान (Tiredness as a symptom of PMS)
    पीरियड्स शुरू होने से ठीक पहले बॉडी में दर्द रहता है। इस वक़्त महिलाओं में नींद ज्यादा आने की शिकायत होती है।
    कमज़ोरी महसूस करने पर शरीर नींद ज्यादा लेकर बॉडी को सामान्य रखने में मदद करता है।
    थोड़ी सी एक्सरसाइज और पौष्टिक खाने से आप पीएमएस के दौरान होने वाली कमज़ोरी से बच सकती हैं।
  • गर्भावस्था के लक्षण के रूप में थकान (Tiredness as a symptom of pregnancy)
    गर्भावस्था के दौरान शरीर में प्रोजेस्टेरोन का लेवल बढ़ने से शरीर में कमज़ोरी और थकान बनी रहती है।
    प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में ये लक्षण ज्यादा देखे जाते हैं। इस दौरान डॉक्टर भी शुरुआती महीनों में आराम करने की सलाह देते हैं।
    भरपूर नींद और पौष्टिक आहार से आप बेहतर महसूस कर सकती हैं।
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पीएमएस और गर्भावस्था के लक्षण के रूप में जी मिचलाने और उल्टी की तुलना

Comparison of PMS and pregnancy symptoms on the basis of nausea and vomiting in hindi

PMS aur garbhavastha ke lakshan ke roop mein ji michlane aur ulti ki tulna

पीएमएस और गर्भावस्था के लक्षण के रूप में जी मिचलाने और उल्टी की तुलना इस प्रकार है : -

  • पीएमएस के लक्षण के रूप में जी मिचलाना और उल्टी (Nausea and vomiting as a symptom of PMS)
    जी मिचलाने और उल्टी जैसे सिम्पटम्स आमतौर पर पीएमएस में नहीं देखे जाते हैं।
    हालांकि पीएमएस के दर्द के ज्यादा होने के कारण कुछ महिलाओं में उल्टी के लक्षण देखे जाते हैं मगर यह ज्यादा से ज्यादा एक बार हो सकता है।
  • गर्भावस्था के लक्षण के रूप में जी मिचलाना और उल्टी (Nausea and Vomiting as a symptom of pregnancy)
    गर्भावस्था के एक महीने के बाद आप जी मिचलाने जैसे लक्षण महसूस कर सकती हैं।
    लगभग इस वक़्त पर अत्यधिक महिलाओं में उल्टी के लक्षण भी शुरू होते हैं।
    कुछ महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान काफ़ी उल्टी होती है।
    लेकिन उल्टी और जी मिचलाने जैसे लक्षण एक साथ नहीं होते।
    गर्भावस्था के दौरान वक़्त-वक़्त पर इन लक्षणों में बदलाव देखे जा सकते हैं।
और पढ़ें:कैसे करें गर्भावस्था किट का प्रयोग ?
 

पीएमएस और गर्भावस्था के लक्षण के रूप में फूड क्रेविंग की तुलना

Comparison of PMS and pregnancy symptoms on the basis of food craving in hindi

PMS aur garbhavastha ke lakshan ke roop mein food craving ki tulna

पीएमएस और गर्भावस्था के लक्षण के रूप में फूड क्रेविंग की तुलना इस प्रकार है : -

  • पीएमएस के लक्षण के रूप में फूड क्रेविंग (Food craving as a symptom of PMS)
    पीएमएस के दौरान स्वाद में काफी बदलाव आता है।
    इस वक़्त चॉकलेट , मीठा और कभी-कभी नमकीन खाने का बेहद मन होता है।
  • गर्भावस्था के लक्षण के रूप में फूड क्रेविंग (Food craving as a symptom of pregnancy)

    गर्भावस्था के दौरान महिलाएं किसी ख़ास प्रकार के खाने को बेहद पसंद करने लगती हैं, वहीं कुछ खास चीजों को खाने से उनका मन उठ जाता है।
    यह गर्भावस्था के ख़त्म होने तक रहता है। पीएमएस या प्रेगनेंसी के लक्षण लगभग एक जैसे ही लगते हैं।
    कभी-कभी फ़र्क करना मुश्किल हो जाता है। दोनों के लक्षणों में फ़र्क करने का सबसे बेहतर तरीका है लक्षणों की अवधि देखना।
    पीएमएस के लक्षण पीरियड्स के ख़त्म होने तक ख़त्म हो जाते हैं।मगर गर्भावस्था के लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं।
    कभी-कभी प्रेग्नेंसी नहीं होने पर भी उनके कुछ लक्षण किसी और बीमारी के तरफ इशारा कर रहे होते हैं।
    कुछ भी असामान्य लगने पर डॉक्टर से परामर्श ले सकती हैं।
और पढ़ें:कैसे सर्विकल म्यूकस को ट्रैक कर आप जल्दी गर्भवती हो सकती हैं?
 

निष्कर्ष

Conclusionin hindi

Nishkarsh

पीएमएस और गर्भावस्था के लक्षणों में फ़र्क करना जरूरी है।

क्योंकि अगर आप प्रेगनेंट हैं तो उचित समय पर उचित देखभाल की आपको जरूरत होगी।

पीएमएस और प्रेगनेंसी सिम्पटम्स में फ़र्क करने का सबसे अच्छा तरीका है प्रेगनेंसी टेस्ट।

यह टेस्ट आसानी से आपको जानकारी दे देगा कि आप प्रेग्नेंट हैं या नहीं!

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आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: : 17 Jun 2020

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