Natural ways to improve poor sperm motility | Zealthy

स्पर्म (शुक्राणु) की गतिशीलता को बढ़ाने के 5 सर्वश्रेष्ठ प्राकृतिक उपाय

Top 5 natural effective ways to improve sperm motility in hindi

Sperm ki motility increase karne ke 5 natural tarike in hindi

एक नज़र

  • पुरुष के शरीर में स्पर्म की गतिशीलता गर्भधारण में महत्व रखती है।
  • खराब जीवनशैली से स्पर्म की सेहत को नुकसान हो सकता है।
  • तनाव प्रबंधन से शुक्राणु की गति को सरलता से बढ़ाया जा सकता है।

कुछ समय पहले तक गर्भधारण के लिए महिलाओं की ही प्रजनन क्षमता को मुख्य रूप से केंद्र बिंदु के रूप में माना जाता था। लेकिन आधुनिक चिकित्सा पद्धति ने पुरुष प्रजनन क्षमता को भी समान रूप से महत्वपूर्ण मान लिया है। इस अर्थ में एक स्त्री के गर्भ न धारण करने के पीछे एक पुरुष की प्रजनन क्षमता भी समान रूप से उत्तरदायी हो सकती है। सामान्य रूप से गर्भधारण के लिए महिला के अंडाणु व पुरुष के शुक्राणु का मिलन होना जरूरी होता है।इसके लिए पुरुष के शुक्राणु की पर्याप्त संख्या व उनमें सही गतिशीलता (motility) का होना जरूरी है।

इनमें से एक भी तत्व की अनुपस्थिति से पुरुष बांझपन के शिकार हो जाते हैं। अंडकोष को नुकसान, जो शुक्राणुओं को बनाते और संग्रहीत करते हैं, आमतौर पर शुक्राणुओं की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं। लेकिन अन्य शारीरिक, साथ ही पर्यावरणीय कारण भी हैं जो शुक्राणुओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं और शुक्राणु की गुणवत्ता गतिशीलता खराब कर सकते हैं। यदि पुरुष के शुक्राणु परीक्षण में शुक्राणु की गतिशीलता 32 प्रतिशत से कम पायी जाती है, तो दंपति को स्वाभाविक रूप से गर्भ धारण करने में गंभीर मुद्दों का सामना करना पड़ सकता है। [1] लेकिन इस लेख में स्पर्म की खराब गतिशीलता को बढ़ाने के सर्वश्रेष्ठ प्राकृतिक उपाय के माध्यम से आपको एक बड़ी समस्या का हल दिया गया है।

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इस लेख़ में/\

  1. स्पर्म (शुक्राणु) की उत्तम मोटेलिटी (गतिशीलता) क्या होती है?
  2. स्पर्म (शुक्राणु) की गतिशीलता प्राकृतिक रूप से कैसे बढ़ाएँ?
  3. निष्कर्ष
 

1.स्पर्म (शुक्राणु) की उत्तम मोटेलिटी (गतिशीलता) क्या होती है?

What is an ideal sperm motility in men? in hindi

purushon mein sperm ki motility kya hoti hai in hindi</strong>

सरल शब्दों में स्पर्म मोटिलिटी स्पर्म या शुक्राणु की वह गति है जिसके आधार पर वे वीर्य (semen) में तैरते हैं और सेक्स के समय प्रवाहित होते हुए महिला की योनि के माध्यम से उसके शरीर में प्रवेश करते हैं। एक हेल्दी पुरुष के वीर्य में लगभग 120-350 लाख प्रति घंटे सेंटीमीटर की दर से शुक्राणु या स्पर्म पाये जाते हैं। यही स्पर्म स्खलन के समय या सेक्स के समय जब शरीर से बाहर निकलते हैं तब इनमें से लगभग 40% स्पर्म जीवित अवस्था में होते हैं। इनमें से 32% स्पर्म गतिशील होते हुए आगे बढ़ते हैं। इस प्रकार कहा जा सकता है कि सामान्य स्पर्म संख्या का 32% भाग गतिशील होता है जो एक सामान्य व उत्तम स्पर्म मोटेलिटी माना जा सकता है।

लेकिन अगर सीमन विश्लेषण में यह प्रतिशत कम आता है तब उस स्थिति में पुरुष के स्पर्म की मोटेलिटी को खराब माना जा सकता है। चिकित्सीय भाषा में इस स्थिति को एस्थेनोज़ूस्पर्मिया (asthenozoosparmia) कहा जाता है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार यह स्थिति पुरुष बांझपन का एक अन्य मुख्य कारण माना जाती है। कुछ उपायों के साथ शुक्राणु की गतिशीलता आसानी से बधाई जा सकती हैं, आइये इसी लेख में शुक्राणु की गतिशीलता कैसे बढ़ाये के बारे में विस्तार से चर्चा करते है।

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2.स्पर्म (शुक्राणु) की गतिशीलता प्राकृतिक रूप से कैसे बढ़ाएँ?

Ways to increase the sperm motility naturally? in hindi

Sperm ki motility ko naturally kaise badhaa sakte hain in hindi

स्पर्म की गतिशीलता को प्रभावित करने वाले तत्व मुख्य रूप से खराब जीवनशैली और पर्यावरण संबंधी ही होते हैं। इसके अतिरिक्त कभी-कभी अंडकोश में लगी चोट या सर्जरी, इन्फेक्शन आदि भी स्पर्म की गतिशीलता पर विपरीत प्रभाव डालते हैं। इसलिए जब जांच में स्पर्म की गतिशीलता के कम होने का पता लग जाता है जब यह प्रश्न मुख्य हो जाता है कि शुक्राणु की गतिशीलता कैसे बढ़ाएँ ? इसके उत्तर के रूप में जो सुझाव दिये जा सकते हैं वो इस प्रकार हैं :

1. स्वस्थ व पौष्टिक भोजन (Healthy and nutritious food)

सामान्य रूप से स्वच्छ व पौष्टिक भोजन हर व्यक्ति के जीवन के लिए अनिवार्य होता है। लेकिन मेल इनफर्टिलिटी ट्रीटमेंट के रूप में जो भोजन करना चाहिए जिससे स्पर्म की सेहत और गतिशीलता पर अच्छा प्रभाव पड़े। इस प्रकार स्पर्म मोटेलिटी को बढ़ाने के उपाय के रूप में सभी फल और सब्जी के साथ वह भोजन लें जिसमें प्रोटीन, विटामिन, खनिज लवण, पोषक तत्व और एंटीओक्सीडेंट्स का समुचित मिश्रण मिला हो। साथ ही बाज़ार में बना प्रोसेस्ड फूड जैसे पास्ता, बर्गर और कोलड्रिंक आदि का सेवन न्यूनतम रखना चाहिए। अपने दैनिक भोजन में साबुत अनाज को अधिकतम मात्रा में शामिल करें। इससे स्पर्म की सेहत पर अच्छा प्रभाव होगा।

इसके साथ शुक्राणु की गतिशीलता बढ़ाने में कुछ खाद्यपदार्थ शामिल है जिन्हे स्पर्म सुपरफूड भी कहा जाता है -

  • अंडे,
  • पालक
  • केला
  • हींग
  • डार्क चॉकलेट
  • ब्रोकली
  • अनार
  • अखरोट
  • लहसुन
  • बीन्स
  • कद्दू
  • गाजर
  • पपीते के बीज
  • जिनसिंग
  • माका

ऊपर दी गए खाद्यपदार्थ स्पर्म की गतिशीलता (Motility) के लिए अच्छे माने जाते हैं। ज़िंक आधारित खाद्य पदार्थ जैसे ऑयस्टर(oysters) भी शुक्राणु(sperm) की गतिशीलता (Motility) बढ़ाने के लिए फ़ायदेमंद हैं। किसके साथ समुद्री भोजन (जैसे मछली, क्रैब) पोल्ट्री फ़ूड (जैसे चिकन, टर्की), नट्स, साबुत अनाज, फल और सब्जियां स्पर्म क्वालिटी बढ़ाने में मदतगार साबित हुई है। [2] इसके साथ ही आयुर्वेदिक हर्ब शतावरी का सेवन शुक्राणु की गतिशीलता बढ़ाने में अच्छा रहता है।

2. रसायनों व प्लास्टिक का न्यूनतम प्रयोग (Do not use chemicals)

अपने जीवन में आप उन सभी वस्तुओं का प्रयोग न्यूनतम कर दें जिनमें हानिकारक रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है। अनेक रसायन जैसे फिथालेट्स (Phthalates) का पुरुष प्रजनन क्षमता पर विपरीत प्रभाव होता है। इसका प्रयोग अधिकतर बालों को रंगने, खुशबू , परफ्यूम, नेल पोलिश आदि के काम के लिए किया जाता है। इसके अतिरिक्त सॉफ्ट प्लास्टिक जो अधिकतर वालपेपर, सेंडल, फ्लोर कार्पेट आदि में किया जाता है, का भी प्रयोग न्यूनतम करे। इसके अलावा शुक्राणु की गतिशीलता बढ़ाने में प्लास्टिक के बर्तन का भी इस्तेमाल कम करना अच्छा रहता है। साथ ही ब्लीच किया हुआ कागज़ जैसे टॉइलेट पेपर(Toilet Paper), नैपकिन (Napkin), क्लोरीन वाले नल का पानी, कीटाणुनाशक इस्तेमाल किए हुए खाने, सिंथेटिक कोसमेटिक (Synthetic cosmetics) और बाथरूम में इस्तेमाल होने वाली सभी चीजों का भी प्रयोग न्यूनतम करना चाहिए।

साथ ही पशु मांस जिसमें सिंथेटिक हॉरमोन हो जैसे चिकन, बीफ, पोर्क या पारंपरिक डेयरी प्रोडक्ट जैसे गाय के दूध आदि चीजों का भी प्रयोग न्यूनतम करना चाहिए। शराब, तंबाकू और सिगरेट के साथ सोडा भी स्पर्म की गतिशीलता को नुकसान पहुंचाने वाले तत्व माने जाते हैं। इसलिए अगर आपको स्पर्म से सम्बंधित कोई भी परेशानी हो रही हो तो शुक्राणु (sperm) की गतिशीलता (Motility) बढ़ाने में ऊपर दी गए निर्देशकों का पालन करना उपयुक्त होगा।

3. स्वस्थ व प्रसन्न गतिशील जीवनशैली (Healthy and active lifestyle)

तनावपूर्ण स्थिति किसी भी व्यक्ति के जीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है। यही नियम स्पर्म की संख्या व गतिशीलता पर भी लागू होता है। जब व्यक्ति तनाव में होता है तब उसके शरीर में होने वाले हार्मोनल परिवर्तन असंतुलित हो जाते हैं। लंबे समय तक चलने वाली यह स्थिति जीवन को दर्द के समुद्र में ले जाती है। इसलिए कुछ उपायों को अपना कर दैनिक तनाव को कम किया जा सकता है जिससे सम्पूर्ण स्वास्थ्य के साथ ही स्पर्म की मोटेलिटी पर भी अच्छा प्रभाव पड़े। जिससे शुक्राणु (sperm) की गतिशीलता (motility) बढ़ाने में मदद होती है।

इसके लिए निम्न सरल उपाय अपनाए जा सकते हैं :-

  • नियमित व्यायाम के माध्यम से अन्य लाभों के साथ शरीर में हार्मोन भी संतुलित रहते है। नियमित व्यायाम स्पर्म की गुणवत्ता (quality) बढ़ाने में मदत करता है। [3] ध्यान व योग से तनाव कम होता है जिससे स्पर्म की संख्या व मोटेलिटी पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। और शुक्राणु (sperm) की गतिशीलता (Motility) बढ़ाने में मदद होती है। द जर्नल ऑफ़ द सोसाइटी फॉर रिप्रोडक्शन एंड फर्टिलिटी (The Journal of the Society for Reproduction and Fertility) में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार - सप्ताह में 3 बार आधा घंटा व्यायाम करने से आपके शुक्राणुओं की संख्या में बढ़त आ सकती है, लेकिन यह अति न करें- बहुत अधिक व्यायाम भी वास्तव में शुक्राणु उत्पादन को नुकसान पहुंचा सकता है।
  • शराब व धूम्रपान और मादक दवाएं बिलकुल नहीं लेनी चाहिए, क्योंकि इससे स्पर्म की गतिशीलता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। शराब का सेवन नहीं करने से पुरुषों में शुक्राणु की गतिशीलता को बढ़ाया जा सकता है और उनके लिवर को स्वस्थ रखने में मदद भी होती है। धूम्रपान स्पर्म के DNA में बदलाव कर सकता है जिससे आने वाली पीढ़ी में जन्म जात दोष निर्माण हो सकते है। [4]
  • शारीरिक वजन का नियंत्रण रखें नहीं तो हार्मोन असंतुलन होने से पुरुष प्रजनन क्षमता पर बुरा असर होता है। यदि आप अधिक वजन वाले हैं और स्पर्म का स्वास्थ ठीक नहीं, तो अपने डॉक्टर से परामर्श करें। आप अपने बीएमआई (BMI-Body Mass Index) की गणना भी कर सकते हैं। यदि आपका बीएमआई 27 से अधिक है, तो आपमें स्वास्थ्य समस्याओं की जोखिम उच्च हो सकती हैं। इसलिए, 19 -24 के बीच अपने बीएमआई को मेन्टेन (Maintain) करना बेहतर होता है। जो शुक्राणु की गतिशीलता बढ़ने में मदत भी करता है। [5]
  • लेपटोप या किसी भी गरम चीज़ को जांघ पर न रखें क्योंकि ऐसा करने से स्पर्म पर सीधा बुरा असर होता है। अगर आप शुक्राणु की गतिशीलता बढ़ाना चाहते है तो आपकी सेल या मोबाइल को अपने जेब में रखने की सलाह दी गयी है।

4. कुछ दवाओं से परहेज करे जो प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं (Avoide medicines that may affect fertility)

कुछ लोगों स्पर्म की सेहत बढ़ाने के लिए दवाइयों का सेवन अपनी मर्ज़ी से करना ठीक समझते है। लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह के दवाई लेना आपके स्पर्म की गुणवक्ता पर बुरा असर डाल सकती हैं। कई दवाइयां जैसे कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स (calcium channels blockers), ट्राईसाइकल एंटीडिप्रेसेंट्स (tricycle antidepressants) याने दवाइयाँ जो अवसाद (Depression) को दूर करने हेतु उपयोग में आती है , एंटी-एण्ड्रोजन(anti-androgens), एनाबॉलिक स्टेरॉयड (anabolic steroids), कीमोथेरेपी दवाओं और रेडिएशन का उपचार प्रत्यक्ष रूप से स्पर्म की सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। कीमोथेरेपी दवाओं और रेडिएशन का उपचार से पुरुषो में एज़ूस्पर्मिआ (azoospermia) और बांझपन की समस्या पैदा कर सकती हैं। [6] अगर आप परिवार बढ़ने के बारे में सोच रहे हैं और आप नियमित रूप से ऊपर दी हुई दवाइयों का सेवन भी कर रहे है तो हमारी सलाह होगी की आप एक बार आपने डॉक्टर से मिल कर सलाह ले।

5. सुरक्षित सेक्स और कंडोम का प्रयोग (Safe sex and use condoms)

असुरक्षित सेक्स संबंध के कारण होने वाले यौन जनित रोग स्पर्म की गतिशीलता और प्रजनन क्षमता को बुरी तरह से प्रभावित करते हैं। इसलिए यही अच्छा होता है कि जब भी सेक्स संबंध स्थापित किए जाएँ उसके लिए पूर्ण सुरक्षा के उपाय को अपनाते हुए कंडोम व अन्य गर्भनिरोधकों का समुचित उपयोग किया जाये।



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3.निष्कर्ष

Conclusionin hindi

Nishkarsh</strong>

पुरुष प्रजनन क्षमता में शुक्राणु के स्वास्थ्य का बहुत महत्व होता है। इसमें शुक्राणु की संख्या और गतिशीलता, दोनों का ही पूरा महत्व होता है। स्वस्थ व पौष्टिक भोजन विशेषकर जिंक आधारित, प्रोटीन और लहसुन जैसी वस्तुओं का भोजन स्पर्म की मोटेलिटी के लिए लाभदायक हो सकता है। इसके साथ ही शारीरिक वजन को नियंत्रित रखते हुए प्रसन्न व गतिशील जीवनशैली के द्वारा स्पर्म की मोटेलिटी को बढ़ाया जा सकता है।

आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: 25 Jun 2020

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संदर्भ/\

  1. Guzick DS, Overstreet JW, Factor-Litvak P, et al. “Sperm morphology, motility, and concentration in fertile and infertile men”. N Engl J Med.2001;345(19):1388-1393.PMID: 11794171

  2. Del-Pozo-Lérida S, Salvador C, Martínez-Soler F, et al. “Preservation of fertility in patients with cancer (Review)”. Oncol Rep. 2019;41(5):2607-2614. PMID: 30896846

  3. Macdonald AA, Stewart AW, Farquhar CM. “Body mass index in relation to semen quality and reproductive hormones in New Zealand men: a cross-sectional study in fertility clinics”. Hum Reprod. 2013;28(12):3178-3187. PMID: 24129611

  4. Jenkins TG, James ER, Alonso DF, et al. “Cigarette smoking significantly alters sperm DNA methylation patterns”. Andrology. 2017;5(6):1089-1099. PMID: 28950428

  5. Rosety MÁ, Díaz AJ, Rosety JM, et al. “Exercise improved semen quality and reproductive hormone levels in sedentary obese adults”. Nutr Hosp. 2017 Jun 5;34(3):603-607.PMID: 28627195

  6. Nassan FL, Chavarro JE, Tanrikut C. “Diet and men's fertility: does diet affect sperm quality?”. Fertil Steril. 2018;110(4):570-577. PMID: 30196939

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