थायराइड रोग के कारण अचानक बाल झड़ सकते हैं

Sudden hair loss can occur due to thyroid disease in hindi

थायराइड में बाल क्यों झड़ते हैं जानें


एक नज़र

  • बालों के झड़ने का सबसे सामान्य कारण टेलोजेन एफ्लुवियम होता है।
  • हाइपोपैरथायरायडिज्म और हाइपोथायरायडिज्म की वज़ह से बाल झड़ते हैं।
  • 80 प्रतिशत थायराइड ऑटोइम्यून बीमारी के कारण होते हैं।
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Introduction

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विशेषज्ञों के अनुसार रोज़ाना 50 से 100 बालों का गिरना एक नेचुरल प्रोसेस है, लेकिन चिंता की बात तब होती है, जब बालों का झड़ना सामान्य से अधिक होता है। बालों के झड़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे पोषक तत्वों की कमी, जेनेटिकल (genetical), अधिक केमिकल्स (chemicals) का उपयोग, थर्मल ट्रीटमेंट (thermal treatments) ,वातावरण के कारक जैसे ओवर एक्सपोसर ऑफ़ सनलाइट (over exposure of sunlight), गर्मी, धूल, प्रदूषण, ऑटोइम्म्युन डिज़ीज़, थायराइड आदि।

बालों के झड़ने का एक मुख्य कारण थायराइड रोग भी है। थायराइड हार्मोन के असामान्य और असंतुलित स्तर के कारण बालों का अचानक झड़ना शुरू हो जाता है। आइए, विस्तार से समझते हैं कि थायराइड में बाल क्यों झड़ते हैं और थायराइड में बाल झड़ने के उपाय (thyroid hair loss treatment in hindi) क्या हैं।

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इस लेख़ में

 

थायराइड और बालों के चक्र के बीच सम्बन्ध

Link between thyroid and hair cycle in hindi

thyroid me baal jhadne ke upay jane

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हमारे स्कैल्प पर हेयर फॉलिकल्स (Follicles) एक प्राकृतिक चक्र फॉलो करते हैं। इस चक्र के अनुसार 90 % हेयर फॉलिकल्स बढ़ते हैं और 10 % हेयर फॉलिकल्स बिना ग्रो किए आराम वाले चक्र में होते हैं। इसी दौरान 50 से 100 बालों का गिरना सामान्य माना जाता है, लेकिन जब यह चक्र असंतुलित हो जाता है तो अधिक बाल झड़ने शुरू हो जाते हैं। यह समझने के लिए कि थायराइड रोग की स्थिति के कारण बालों का झड़ना कैसे होता हैं , बालों के बढ़ने के नेचुरल चक्र को समझाना बहुत ज़रूरी होता हैं। आइये हेयर फॉलिकल्स के नेचुरल चक्र को समझते हैं।

बालों के प्रकृतिक चक्र के तीन चरण (Three phases of hair cycle) :-

  • एनाजेन चरण (Anagen phase) :
    इसे ग्रोथ फेज भी कहा जाता हैं। इसमें बाल सक्रिय रूप से बढ़ते हैं। बालों की ग्रोथ और उसकी अवधि की दर हमारे स्वास्थ्य पर निर्भर करती हैं। सामान्य स्थिति में लगभग 90 प्रतिशत बाल एनाजेन चरण में होते हैं।
  • कैटजेन चरण (Catagen phase) :
    इस चरण में बाल ट्रांजीशन फेज़ में होते है, जिसके दौरान बाल सक्रिय रूप से बढ़ना बंद कर देते हैं। यह फेज़ लगभग तीन सप्ताह तक रहता है और इस फेज़ में 1 प्रतिशत बाल शामिल होते हैं।
  • टेलोजेन चरण (Telogen phase) :
    यह बालों के नेचुरल चक्र का अंतिम फेज़ होता है, जिसमें बाल गिरने शुरू होते हैं। इस फेज़ में खराब बाल, फॉलिकल्स से बाहर निकलकर झड़ जाते हैं। आमतौर पर रोज़ाना 50 से 150 तक टेलोजेन बाल (telogen hair) गिरते हैं। इसके बाद बालों के विकास का चक्र फिर से शुरू हो जाता है।

थायराइड रोग में, थायराइड हार्मोन के स्तर में असंतुलन के कारण बालों का झड़ना प्रारम्भ होता है। गर्दन के नीचे स्थित थायरॉयड ग्रंथि (Thyroid gland) होती है जिससे थायरोक्सिन - टी 4 (Thyroxine - T4) और ट्री आयोडोथ्योरीन - टी3 (tri-iodothyronine T3) निकलता है। टी 4 और ट्री 3 शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा में वृद्धि करके प्रोटीन के उत्पादन से सेल्स को सुचारू रूप से चलाते हैं। इससे हमारे शरीर में मेटाबॉलिज्म दर (metabolism rate) भी निर्धारित होती है।

हार्मोन T3 और T4 शरीर में कई प्रक्रियाओं को प्रभावित करते हैं। ऐसे में बालों का विकास चक्र भी प्रभावित होता है। थायराइड हार्मोन के असामान्य स्तर यानी जब शरीर में थायराइड हार्मोन का स्तर अधिक या कम हो जाता है तो शरीर में टीएसएच का उत्पादन रुक जाता है जो बदले में शरीर में टी 4 और टी 3 बनने से रोकता है। इसके परिणामस्वरूप बाल अचानक झड़ने लगते हैं।

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थायराइड रोग और बालों का झड़ना

Thyroid disease and hair loss in hindi

थायराइड में बाल क्यों झड़ते हैं जाने

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थायराइड का मतलब है कि आपके गले में एक अंडरएक्टिव (Under active) या ओवरएक्टिव (Overactive) थायराइड ग्रंथि है, जिसकी वजह से थायराइड ग्लैंड का मुख्य कार्य रुक जाता है। ये ग्लैंड थायराइड हार्मोन का उत्पादन करके शरीर के सभी अंगों में ब्लड पंप करती है। थायराइड ग्रंथि का मुख्य कार्य रुक जाने की वजह से शरीर में मेटाबॉलिज्म दर धीमी हो जाती है और बालों के विकास चक्र को प्रभावित करती है। इसकी शुरुआत के साथ ही बाल झड़ने और पतले होने शुरू हो जाते हैं।

थायरॉइड और बालों का झड़ना :-

  • बालों का झड़ना और थायरॉइड की बीमारी (Hair loss and thyroid disease) :
    अगर हाइपोथायरायडिज्म और हाइपोथायरायडिज्म की स्थिति लम्बे समय तक रहती है, तो ये बालों के झड़ने का कारण बन सकती है। हाइपो पैरा थायरायडिज्म की स्थिति में गले में पैराथाइरॉइड ग्रंथि (parathyroid gland) पैराथाइरॉइड हार्मोन (parathyroid hormone) का बहुत कम उत्पादन करती है। जिसकी वजह से ब्लड कैल्शियम (blood calcium) का लेवल कम हो जाता है और बाल पतले हो जाते हैं। हाइपोथायरायडिज्म, एक ऐसी स्थिति होती है, जिसमें आपकी थायराइड ग्रंथियां (parathyroid gland) पर्याप्त थायराइड हार्मोन (parathyroid hormone) का उत्पादन नहीं करती है। इस कारण से बाल झड़ने लगते हैं।
  • बालों का झड़ना और एंटी-थायराइड ट्रीटमेंट (Hair loss and anti-thyroid treatment) :
    हाइपरथायरायडिज्म के ट्रीटमेंट के लिए उपयोग हुई एंटी थायराइड ड्रग्स जैसे कार्बिमाज़ोल और प्रोपीलियो ट्रायल (carbimazole and propylthiouracil) बालों के झड़ने का कारण बन सकती हैं। हालांकि, यह बताना बहुत मुश्किल होता है कि बालों का झड़ना थायराइड की ओवरएक्टिविटी है या एंटी-थायराइड ड्रग्स का प्रभाव।
  • ऑटोइम्यून थायराइड रोग और बालों का झड़ना (autoimmune thyroid disease and hair loss) :
    यदि किसी व्यक्ति को एक ऑटोइम्यून बीमारी होती है, तो उसके कारण शरीर में अन्य ऑटोइम्यून स्थिति के पैदा होने की अधिक संभावना होती है। ऑटोइम्यून थायराइड रोग के साथ कुछ दुर्लभ ऑटोइम्यून स्थितियाँ जुड़ी होती हैं, जैसे एलोपेसिया अरीटा (alopecia areata), लुपस एरिथेमेटोसस (lupus erythematosus), पोलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (Polycystic ovarian syndrome) आदि। ये सभी बालों के झड़ने का कारण बनती हैं और ये ऑटोइम्यून थायराइड रोग वाले लोगों में अपेक्षाकृत अधिक पाई जाती हैं।
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थायराइड से संबंधित बालों के झड़ने के लक्षण

Signs of thyroid-related hair loss in hindi

जानें थायराइड में बाल क्यों झड़ते हैं

हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथायरायडिज्म से ग्रसित होने पर बाल का झड़ना धीरे-धीरे शुरू हो सकता है। जरूरी नहीं कि आपको बाल झड़ने के लक्षण साफतौर पर दिखे। इसके बजाय, आपके बाल पतले हो सकते हैं। सामान्य तौर पर प्रतिदिन सिर से 50 और 100 बाल झड़ते हैं। अगर बालों का सामान्य विकास बाधित होता है, तो बालों को फिर से भरा नहीं जाता है, और बालों का एक समान नुकसान हो सकता है।

हालांकि, अच्छी बात ये है कि थायराइड की स्थिति के कारण बालों का झड़ना आमतौर पर स्थायी नहीं होता है। अपनी स्थिति को ठीक करने के लिए आप दवाओं का सेवन शुरू करने के बाद भी बालों का झड़ना अनुभव कर सकते हैं। कुछ लोग ये समझने लगते हैं कि शायद दवाओं के सेवन के कारण बाल अधिक झड़ने लगे हैं, लेकिन बालों के जीवन चक्र के साथ ऐसा हो सकता है।

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थायराइड में बाल झड़ने के उपाय क्या हैं

Thyroid hair loss treatment in hindi

Jane thyroid hair fall solution in hindi

थायराइड की स्थिति बहुत गंभीर नहीं है तो ऐसे में आमतौर पर बाल पतले नहीं होते हैं। नतीजतन, दवा के साथ अपनी स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें, जिससे आपके बाल घने या फिर से बढ़ सकते हैं। परिणाम दिखने में ज़ाहिर है कि समय लगेगा क्योंकि बालों को विकसित होने और फिर बढ़ने में कुछ समय लगता है।

थाइरोइड के कारण बाल झड़ने की दवा :-

  • लेवोथायरोक्सिन (हाइपोथायरायडिज्म)
  • प्रोपेलिथाइरॉज़िल सिल और मेथिमाज़ोल (हाइपरथायरायडिज्म)
  • बीटा ब्लॉकर्स (हाइपरथायरायडिज्म)

जब आप दवा का सेवन करेंगे तो उस समय आपके डॉक्टर आपके थायराइड के स्तर की निगरानी करेंगे। कुछ मामलों में, सर्जरी आवश्यक हो सकती है। उपचार के दौरान, कुछ महीने के अंदर ही आपके बालों का विकास हो सकता है । ध्यान रखें कि नए बालों की वृद्धि आपके मूल बालों से रंग या बनावट में भिन्न हो सकती है।

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थायराइड में बाल झड़ने के घरेलू उपाय

Natural treatments and home remedies in hindi

What is thyroid hair loss treatment in hindi

दवा के सेवन के साथ-साथ आप अलग-अलग घरेलू उपचार की मदद भी ले सकते हैं। जिनसे आप बालों के झड़ने को धीमा कर सकते हैं या बालों के विकास को फिर से बना सकते हैं। आइए, जानते हैं कि थाइरोइड के कारण बाल झड़ने से रोकने के घरेलू उपाय (thyroid hair loss treatment in hindi) क्या हैं।

थायराइड में बाल झड़ने के घरेलू उपाय :-

1. आयरन के स्तर को बूस्ट करें - शरीर में फेरिटिन का स्तर आयरन के स्टोरेज से संबंधित है। अगर फेरिटिन की मात्रा कम होती है तो इससे बालों के झड़ने की समस्या हो सकती है। इतना ही नहीं, बालों के झड़ने और आयरन स्टोरेज पर किए गए एक अध्ययन के दौरान थायराइड की स्थिति ग्रसित लोगों को बाहर रखा गया। ऐसा करने के पीछे तर्क बहुत दिलचस्प है। शोधकर्ता बताते हैं कि थायराइड की समस्या शरीर के फेरिटिन स्तर को प्रभावित कर सकते हैं [1]। ऐसे में डॉक्टर द्वारा सुझाए गए आपके आयरन और फेरिटिन का टेस्ट कराएं और आयरन के सप्लीमेंट लेने पर विचार करें।

2. पोषण संबंधी कमियों का इलाज करें - थायरॉयड स्थिति मौजूद नहीं भी होने पर पोषक तत्वों की कमी बालों के झड़ने में योगदान कर सकती है [2]। विशेष रूप से, शोधकर्ता बताते हैं कि निम्नलिखित स्तर बालों के झड़ने और बालों के झड़ने में भूमिका निभा सकते हैं:

  • विटामिन बी -7 (बायोटिन) और बी कॉम्प्लेक्स
  • ज़िंक
  • कॉपर
  • आयरन
  • विटामिन सी, ई, और ए
  • कोएंजाइम Q10

ऐसे में आपको एक मल्टीविटामिन का सेवन करना चाहिए, जिससे आपकी पोषण संबंधी कमी की पूर्ति हो सके।

3. अच्छा खाएं - संपूर्ण खाद्य पदार्थों से समृद्ध आहार का सेवन करना आपके स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। अगर आपको हाइपोथायरॉइडिज़्म है तो लेवोथायरोक्सिन दवा लेने के 4 घंटे बाद ही कैल्शियम से समृद्ध आहार लें। प्रोसेस फूड, जैसे कि शुगर, रेड मीट और तले हुए खाद्य पदार्थ इंफ्लेमेटरी प्रतिक्रिया का कारण हो सकते हैं। साथ ही कैफीन और अल्कोहल भी इसमें आते हैं। सूजन से आपके थायराइड लक्षण खराब हो सकते हैं, जिसमें बालों का झड़ना भी शामिल है।

4. जड़ी-बूटियों पर विचार करें - कुछ वैकल्पिक चिकित्सा की कुछ शाखाएं एलोपेसिया स्थितियों से बालों के झड़ने के इलाज के लिए विशिष्ट जड़ी-बूटियों का उपयोग करती हैं।

5. एसेंशियल ऑयल की ओर रुख करें - जबकि इस क्षेत्र में कई अध्ययन नहीं हुए हैं, लेकिन, अध्ययनकर्ताओं ने पाया है कि नीलगिरी का तेल (eucalyptus oil) और अन्य पौधों के अर्क बालों के झड़ने को कम कर सकते हैं और बालों के घनत्व में सुधार कर सकते हैं [3]

6. बालों की देखभाल अच्छे से करें - आप अपने बालों की देखभाल (thyroid me balo ki dekhbhal) के साथ बालों के झड़ने को आप कम कर सकते हैं। आइए, जानते हैं कि आप कैसे कर सकते हैं।

  • बालों को बहुत ज़ोर से टाइट कर न बांधे।
  • अपने बालों को मोड़ने या खींचने से बचें करें।
  • बालों के गांठों को ढीला करने के लिए चौड़े दांतों वाली कंघी का इस्तेमाल करें।
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निष्कर्ष

Conclusionin hindi

Kya hai thyroid me baal jhadne ke upay

गर्मी, धूल, प्रदूषण, ऑटोइम्म्युन डिज़ीज़ के अलावा थायरॉयड की बीमारी भी आपके बालों के झड़ने का कारण हो सकती है। बालों का विकास थायरॉयड ग्रंथि के संतुलन पर निर्भर करता है। थायराइड हार्मोन के असामान्य और असंतुलित स्तर के कारण बाल अचानक बाल झड़ने लगते हैं। अगर आपको ऐसी कोई बीमारी नहीं तो आपके बालों के झड़ने के पीछे दूसरे कारण भी हो सकते हैं।

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references

संदर्भ की सूचीछिपाएँ

1 .

Park SY, Na SY, et al. “Iron plays a certain role in patterned hair loss”. J Korean Med Sci. PMID: 23772161.

2 .

Rushton DH. “Nutritional factors and hair loss”. Clin Exp Dermatol. PMID: 12190640.

आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: : 05 Nov 2020

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