Garbhavastha ke dauran garbh mein baby girl hone ke lakshan : tathye aur bhrantiyan in hindi

गर्भावस्था के दौरान गर्भ में लड़की होने के लक्षण : तथ्य और भ्रांतियां

Signs and Symptoms of having a baby girl during pregnancy : Facts vs. Myth in hindi

Garbhavastha ke dauran garbh mein baby girl hone ke lakshan, गर्भ में बेटी होने के लक्षण

एक नज़र

  • गर्भ में बेबी गर्ल होने के लक्षण ज्यादातर भ्रांति होते हैं।
  • कुछ एक लक्षणों पर ही साइंस ने हामी भरी है मगर पूर्ण रूप से नहीं।
  • अल्ट्रासाउंड ही बच्चे के सेक्स का पता लगाने का सटीक तरीका है।

ज्यादातर महिलाएं गर्भावस्था के दौरान यह जानने की इच्छुक होती है कि उनके गर्भ में पल रहे शिशु का सेक्स क्या है वह बेटी है या बेटा है? हर माँ इस दौर से गुज़री है। इसके साथ ही जिस देश में भ्रूण के लिंग का निर्धारण दंडनीय अपराध माना जाता है यानि यह पता लगाना दोष है कि क्या यह एक लड़का या लड़की होने जा रहा है, तब महिलाओं की और परिजनों की जिद्यासा और बढ़ जाती है।

पुराने समय से लोगों का मानना रहा है कि गर्भ में पल रहे बच्चे का सेक्स गर्भवती महिला के गर्भावस्था के लक्षणों को देखकर पता लगाया जा सकता है। गर्भावस्था के वक़्त घर के लोग गर्भावस्था के लक्षणों को देखकर बच्चे के सेक्स के संकेत लगाते हैं। इनमें से कई बातों पर साइंस ने रिसर्च की है और कुछ पर रिसर्च चल रही है। साइंस के तहत गर्भावस्था के कुछ लक्षणों का संबंध बच्चे के सेक्स से होता यानि गर्भ में पल रहा बेबी लड़की है या लड़का है, मगर साइंस ने पूर्णतः इसपर भी कोई टिप्पणी नहीं की है।

वहीं दूसरी तरफ ज्यादातर लक्षणों का सम्बन्ध बच्चे के सेक्स से बिल्कुल ना होने का प्रमाण दिया है। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि गर्भावस्था के जिन लक्षणों पर घरवाले बच्चे के सेक्स की अटकलें लगाते हैं, वह किस हद तक सही और ग़लत है।

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इस लेख़ में/\

  1. गर्भावस्था के दौरान मॉर्निंग सिकनेस को गर्भ में लड़की होने का संकेत समझना
  2. गर्भावस्था के दौरान मूड स्विंग को लड़की होने का संकेत समझना
  3. गर्भावस्था के दौरान पेट का वजन बढ़ने को लड़की होने का संकेत समझना
  4. गर्भावस्था के दौरान मीठा खाने की क्रेविंग को लड़की होने का संकेत समझना
  5. गर्भावस्था के दौरान तनाव को लड़की होने का संकेत समझना
  6. गर्भावस्था के दौरान ऑयली स्किन और रूखे बाल को लड़की होने का संकेत समझना
  7. गर्भावस्था के दौरान बच्चे की हार्ट रेट को लड़की होने का संकेत समझना
  8. गर्भावस्था के दौरान स्तन का आकार को कैसे समझे लड़की होने का संकेत
  9. गर्भावस्था के दौरान बेबी बंप पर दिखाई देने वाली डार्क लाइन (लिनिया नाइग्रा) को कैसे समझे लड़की होने का संकेत
  10. निष्कर्ष
 

1.गर्भावस्था के दौरान मॉर्निंग सिकनेस को गर्भ में लड़की होने का संकेत समझना

Morning sickness during pregnancy can be a sign of a baby girl in hindi

Garbhavastha ke dauran morning sickness ko garbh mei ladki hone ka sanket samjhana

मॉर्निंग सिकनेस को लेकर कहा जाता है कि वो महिलाएं जिनकी तबियत प्रेगनेंसी के दौरान ज्यादा ख़राब रहती हैं, उनके गर्भ में बेटी होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है। कुछ रिसर्च में यह देखा गया है कि गर्भ में लड़का होने की तुलना में गर्भ में लड़की होने पर महिलाओं का स्वास्थ्य ज्यादा ख़राब रहा।

मॉर्निंग सिकनेस हार्मोनल परिवर्तनों के साथ जुड़ा हुआ है, और यह गर्भावस्था के सामान्य लक्षणों में से एक है। अधिकांश महिलाएं इसे गर्भावस्था के शुरुआती दिनों या पहली तिमाही तक अनुभव करती हैं, जबकि कुछ महिलाओं मे मॉर्निंग सिकनेस प्रसव तक हो रह सकता है। (यहाँ पढ़े : प्रेगनेंसी में मोर्निंग सिकनेस से निपटने के घरेलु नुस्खे )

मगर साइंस ने अब तक इस बात का कोई ख़ास सबूत नहीं दिया है कि गर्भ में लड़की होने से मॉर्निंग सिकनेस का कोई सीधा ताल्लुकात है।

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2.गर्भावस्था के दौरान मूड स्विंग को लड़की होने का संकेत समझना

Mood swings during pregnancy can be a sign of a baby girl in hindi

Garbhavastha ke dauran mood swing ko ladki hone ka sanket samjhana

मूड स्विंग को लेकर कहा जाता है कि जिन महिलाओं में अत्यधिक मूड स्विंग के लक्षण देखे जाते हैं जैसे की अत्यधिक चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन और गुस्सा, यह माना जाता है कि उनके गर्भ में लड़की होने की संभावना अधिक होती है। मगर इस बात को कोई भी रिसर्च सपोर्ट नहीं करती ! दरअसल प्रेगनेंसी के दौरान महिला की बॉडी में एस्ट्रोजेन (estrogen) की मात्रा घटती-बढ़ती रहती है मूड स्विंग इस वजह से हो सकता है।

मूड स्विंग यह बच्चे के सेक्स से संबंधित बिल्कुल भी नहीं है। महिला के गर्भ में लड़की हो या लड़का ,मूड स्विंगस के सिम्पटम्स किसी में भी देखे जा सकते हैं।

 

3.गर्भावस्था के दौरान पेट का वजन बढ़ने को लड़की होने का संकेत समझना

Stomach weight gain during pregnancy can be a sign of a baby girl in hindi

Garbhavastha ke dauran pet ka wajan badhne ko ladki hone ka sanket samjhana

कहा जाता है कि जिन महिलाओं के गर्भ में लड़की होती है उनके पेट के ऊपरी हिस्से की तरफ़ से ज्यादा वजन बढ़ता है। वहीं अगर गर्भ में लड़का हो तो यह वजन सामने की तरफ से बढ़ता है। इस बात का भी साइंस के पास कोई प्रमाण नहीं है।

क्योंकि पेट का वजन बढ़ना पूरी तरह से महिला के शरीर की बनावट पर निर्भर करता है जैसे की गर्भाशय, प्लासेंटा स्थान और एमनियोटिक द्रव का प्रमाण। कुछ महिलाएं जिनका शरीर फिट होता है उनके पेट का वजन सामने की तरफ से बढ़ सकता है। वहीं भरे बदन की महिलाओं में यह वजन दूसरे तरीके से बढ़ सकता है।

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4.गर्भावस्था के दौरान मीठा खाने की क्रेविंग को लड़की होने का संकेत समझना

Sweet craving during pregnancy can be a sign of a baby girl in hindi

Garbhavastha ke dauran mitha khane ki craving ko ladki hone ka sanket samjhna

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के स्वाद में काफी बदलाव आते हैं। कुछ ख़ास खाने की क्रेविंग और किसी ख़ास खाने से घृणा हो जाना, आम बात है। एक आम धारणा यह है कि जब महिलाएं चॉकलेट और आइसक्रीम जैसे मीठे खाद्य पदार्थों के लिए तरसती हैं, इस दौरान लोग मानते हैं कि जिन महिलाओं के गर्भ में लड़की होती है उन्हें मीठा खाने की ज्यादा इच्छा होती है।

वहीं दूसरी तरफ़ गर्भ में लड़का होने पर महिलाएं नमकीन खाना ज्यादा पसंद करती हैं। यह भी एक भ्रांति ही है क्योंकि क्रेविंग महिला के बॉडी हार्मोन और विटामिन मिनरल की कमी से होते हैं। इससे बच्चे के सेक्स का कोई लेना-देना नहीं है।

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5.गर्भावस्था के दौरान तनाव को लड़की होने का संकेत समझना

Stress during pregnancy can be a sign of a baby girl in hindi

Garbhavastha ke dauran tanav ko ladki hone ka sanket samjhana

एक अन्य लोकप्रिय धारणा यह है कि गर्भधारण करने से पहले जिन महिलाओं में तनाव का स्तर ज्यादा होता है, उनमें बेबी गर्ल को जन्म देने की संभावना बढ़ जाती है। आश्चर्यजनक रूप से, वैज्ञानिक अध्ययनों ने इन दोनों तथ्यों के बीच एक संबंध पाया है।

इस बात पर साइंस ने रिसर्च किया है। जिसमें यह पाया गया है कि बेबी के सेक्स रेशिओ में तनाव के स्तर का कुछ हद तक रोल हो सकता है। मगर तनाव के स्तर को बच्चे के सेक्स से जोड़ने के लिए कुछ और रिसर्च की जरूरत है।

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6.गर्भावस्था के दौरान ऑयली स्किन और रूखे बाल को लड़की होने का संकेत समझना

Oily and dull skin during pregnancy can be a sign of being a girl in hindi

Garbhavastha ke dauran oily skin aur rookhe baal ko ladki hone ka sanket samjhna

ऐसा माना जाता है कि जिन महिलाओं के गर्भ में लड़की होती है उनकी स्किन क्वालिटी ख़राब हो जाती है। हालांकि एक यह भी धारणा है कि लड़कियां मां की सुंदरता चुरा लेती हैं, हार्मोनल परिवर्तन त्वचा और बालों में बदलाव के कारण हो सकते हैं, और यह सभी महिलाओं मे भिन्न हो सकते हैं।

चेहरे पर मुंहासें आने लगते है और बाल बेहद गिरने लगते हैं। वहीं जिन महिलाओं के गर्भ में लड़का हो उनमें यह लक्षण या तो कम होते हैं या नहीं होते हैं। मगर साइंस के पास इस बात को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है।

क्योंकि गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल बदलाव काफ़ी होते हैं और इस वजह कम या ज्यादा ये लक्षण किसी भी महिला में देखे जा सकते हैं।

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7.गर्भावस्था के दौरान बच्चे की हार्ट रेट को लड़की होने का संकेत समझना

Heart rate of a baby during pregnancy can be a sign of a baby girl in hindi

Garbhavastha ke dauran bache ki heart rate ko ladki hone ka sanket samjhana

गर्भ में पल रहे बच्चे की धड़कन एक मिनट में 140 बार धड़कती है। लड़कों की धड़कन लड़कियों के मुकाबले धीमी होती है। तो माना जाता है कि अगर बच्चे की धड़कन एक मिनट में 140 बार से कम धड़क रही हो तो गर्भ में लड़का है और यह 140 के आस-पास हो तो गर्भ में लड़की है। साइंस के पास इस बात का प्रमाण है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं की धड़कन ज्यादा तेज़ होती है।

मगर गर्भ में पल रहे शिशु का स्वास्थ्य और गर्भ में पल रहे शिशु की उम्र भी उसकी धड़कन की गति को प्रभावित करती है। गर्भावस्था के पांच हफ्तों के बाद शिशु की धड़कन की गति बिल्कुल मां की धड़कन की गति जितनी हो जाती है। यह एक मिनट में 80 से 85 बार होती है और 9 हफ्तों में इसकी गति बढ़कर 170 से 200 बीट हो जाती है। फिर आगे यह एवरेज हो जाती है। तो इससे बच्चे के सेक्स का अनुमान लगाना मुश्किल है। बच्चे के सेक्स का पता करने का सबसे बेहतर उपाय अल्ट्रासाउंड ही माना जाता है। यह गर्भावस्था के 20 हफ्तों के बाद भी सही परिणाम दे सकता है। क्योंकि इससे पहले बच्चे के अंग ठीक से विकसित नहीं होते हैं।

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8.गर्भावस्था के दौरान स्तन का आकार को कैसे समझे लड़की होने का संकेत

size of breast during pregnancy can be a sign of being a girl in hindi

Garbhavastha ke dauran stan ke aakar ko kaise samze ladki hone ka sanket

एक और मिथक यह है कि यदि लेफ्ट ब्रैस्ट यह राइट ब्रैस्ट से थोड़ा बड़ा दिखाई देता है, तो इसका मतलब है कि महिला एक लड़की को जन्म देने वाली है । स्तन परिवर्तन गर्भावस्था के शुरुआती लक्षणों में से एक हैं और यह हार्मोनल परिवर्तनों के कारण होता हैं। प्रेगनेंसी के दौरान स्तन दूध की आपूर्ति के लिए तैयार होने के रूप में सूज जाते हैं। हालांकि, स्तन के आकार और बच्चे के लिंग में परिवर्तन को जोड़ने वाला कोई वैद्यानिक सबूत नहीं है।

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9.गर्भावस्था के दौरान बेबी बंप पर दिखाई देने वाली डार्क लाइन (लिनिया नाइग्रा) को कैसे समझे लड़की होने का संकेत

dark line (linea nigra) that appears on baby bump during pregnancy can be a sign of being a girl in hindi

Garbhavastha ke dauran baby bump par dikhai dene wali dark line (linea nigra) ko kaise samjhe ladki hone ka sanket

ऐसा माना जाता है महिलाओं के बेबी बंप पर दिखाई देने वाली डार्क लाइन (लिनिया नाइग्रा) भी बच्चे के लिंग का संकेत दे सकती है। यदि डार्क लाइन महिला के पेट के नाभि स्थान के नीचे की ओर खत्म हो जाती है, तो यह बेबी गर्ल यानि लड़की का संकेत होता है। लेकिन डार्क लाइन महिला के पेट के नाभि स्थान से ऊपर की ओर जारी रहती है, तो यह बेबी बॉय यानि लडका होने का संकेत होता है।

वास्तव में, लिनिया नाइग्रा (पेट पर दिखने वाली काली गहरी रेखा) यह त्वचा में परिवर्तन के वजह से होती है। जो मेलेनिन पिग्मेंट में वृद्धि के कारण होता है। लिनिया नाइग्रा द्वारा बच्चे के लिंग को निर्धारित नहीं किया जाता । मगर साइंस के पास इस बात को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है।

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10.निष्कर्ष

Conclusionin hindi

Nishkarsh

गर्भावस्था के दौरान गर्भावस्था के लक्षणों को देखकर बच्चे के सेक्स का अंदाज़ा लगाना ज्यादातर गलत ही होता है। साइंस ने गर्भावस्था के लक्षणों का बच्चे के सेक्स के साथ जोड़ना ज्यादातर भ्रांति बताया है। कुछ एक लक्षण प्रमाण के साथ नज़र आएं मगर ठोस रूप से अभी साइंस ने इसपर कोई टिप्पणी नहीं की है। हालांकि, अगर आप गर्भवती हैं तो ये सोचने की बजाय कि बच्चा, लड़का है या लड़की, सिर्फ़ यह सोचने की कोशिश करें कि होने वाला बच्चा शारीरिक व मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ हो।

पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (PCPNDT) अधिनियम, 1994 भारत में कन्या भ्रूण हत्या और गिरते सेक्स रेश्यो को रोकने के लिए भारत की संसद द्वारा पारित एक संघीय कानून है। इस अधिनियम से प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस लेख में दी गयी जानकारी सिर्फ लोगों की मान्यता के आधार पर है। Zealthy किसी भी रूप में लिंग परीक्षण का समर्थन नहीं करता है।

आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि:: 13 Jul 2020

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