Pregnancy and symptoms of pregnancy after IUI | Zealthy

आईयूआई के बाद गर्भावस्था और गर्भावस्था के लक्षण

Pregnancy and symptoms of pregnancy after IUI ?in hindi

IUI ke bad garbhavastha aur uske lakshan in hindi

एक नज़र

  • अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान प्रक्रिया के बाद 9-10 दिन में गर्भ-धारण होता है।
  • गर्भ-धारण के बारे में सही जानकारी के लिए अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान के 14 दिन बाद गर्भ-धारण परीक्षण करना चाहिए।
  • धब्बे और ऐंठन आईयूआई गर्भ-धारण के प्रमुख लक्षण होते हैं, मगर इनके अपवाद भी हो सकते हैं।

अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान प्रक्रिया के बाद महिलाओं में बेचैनी एक आम बात है।

महिलाओं के मन में संशय बना रहता है कि प्रक्रिया सफल हुई है या नहीं।

इस प्रक्रिया के कुछ साइड-इफेक्ट्स (effects) भी होते हैं।

कुछ मामलों में स्थिति जटिल हो जाती है जब साइड-इफेक्ट्स (side effects) और गर्भ-धारण के लक्षणों के बीच फर्क कर पाना मुश्किल होता है।

कई बार गर्भ धारण के कोई संकेत नहीं होते।

आइये इस लेख की मदद से जानते हैं कि आईयूआई गर्भधान प्रक्रिया के बाद महिला को कैसा महसूस होता है, प्रक्रिया के कितने समय बाद गर्भधारण होता है, आईयूआई उपचार के लक्षण क्या हैं।

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इस लेख़ में/\

  1. आईयूआई कराने के बाद कैसा महसूस होता है ?
  2. अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान कराने के कितने समय बाद गर्भधारण होता है?
  3. अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान के बाद गर्भधारण के क्या लक्षण हैं?
  4. निष्कर्ष
 

1.आईयूआई कराने के बाद कैसा महसूस होता है ?

How does a patient feels after IUI in hindi

Antargarbhashayi garbhadhan karaane ke bad kaisa lagta hai in hindi

अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान एक सरल एवं सुविधाजनक प्रक्रिया है।

मगर इस प्रक्रिया के कारण कई शारीरिक बदलाव होते हैं।

आईयूआई प्रक्रिया के बाद एक महिला को महसूस होने वाले लक्षण निम्न हैं।

आईयूआई उपचार के बाद होने वाले अनुभव :

  • योनि स्त्राव (Vaginal discharge)

    अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान कराने के बाद महिला के योनि से स्त्राव हो सकता है।

    इसमें घबराने की कोई बात नहीं है क्योंकि यह रिसाव सर्वाइकल म्यूकस (cervical mucus) है।

  • नर्म स्तन (Breast tenderness)

    अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान के बाद कुछ महिलाओं के स्तनों में नर्मी हो सकती है।

    आमतौर यह प्रजननता को बढ़ाने वाली दवाइयों का साइड इफ़ेक्ट होता है।

  • खून के धब्बे (Spotting)

    कुछ महिलाओं को अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान कराने के बाद खून के धब्बे दिखाई दे सकते हैं, हालांकि यह भी सामान्य है।

  • ऐंठन एवं बेचैनी (Cramps and anxiety)

    अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान कराने के बाद ऐंठन एवं बेचैनी एक आम बात है।

    ऐसे में थोड़ा आराम करने के बाद महिला को धीरे-धीरे बेहतर महसूस होने लगता है।

    इसके अलावा डॉक्टर ऐंठन एवं बेचैनी को कम करने के लिए कुछ दवाइयां भी दे सकते हैं।

  • तीव्र दर्द (Severe pain)

    अगर महिला को तीव्र दर्द, रक्तस्त्राव या भारीपन लग रहा है तो उसे तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

    यह संक्रमण के लक्षण भी हो सकते हैं।

  • यौन-क्रिया (Sexual activity)

    कई महिलाओं में यह उलझन रहती है कि अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान कराने के बाद सेक्स (sex) करना चाहिए या नहीं।

    आईयूआई करने के बाद यौन-क्रिया में कोई दिक्कत नहीं है बल्कि इससे फ़ायदा ही होता है।

    यौन-क्रिया के दौरान गर्भाशय की मांसपेशियों में संकुचन की वजह से शुक्राणुओं को फैलोपियन ट्यूब (fallopian tube) की तरफ जाने में मदद मिलती है जिससे फर्टिलाइजेशन (fertilization) की संभावना बढ़ जाती है।

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2.अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान कराने के कितने समय बाद गर्भधारण होता है?

How long it takes for implantation after IUI in hindi

Antargarbhashayi garbhadhaan karaane ke kitne samay bad garbh dharan hota hai in hindi

आईयूआई की प्रक्रिया के दौरान शुक्राणुओं को उस वक़्त गर्भाशय में डाला जाता है जिस वक़्त अंडा अंडकोष से उत्पादित हो चुका होता है।

डॉक्टर अंडाशय में अंडे का निर्माण बढ़ाने के लिए कुछ दवाइयां भी देते हैं।

इसके लिए डॉक्टर ओवुलेशन पीरियड कैलकुलेटर (ovulation period calculator) की भी सहायता ले सकते हैं।

जिन महिलाओं में मासिक चक्र नियमित होता है, उनके प्राकृतिक चक्र को ध्यान में रखते हुए शुक्राणुओं को गर्भाशय में डाला जाता है।

अंडे का फर्टिलाइजेशन फैलोपियन ट्यूब (fallopian tube) में होता है।

इसके बाद फर्टिलाइज़ड एग फेलोपियन ट्यूब (fallopian tube) से गर्भाशय तक जाता है।

अंडे में परिवर्तन होते हैं और यह ब्लास्टोसिस्ट (blastocyst) में परिवर्तित हो जाता है।

इसमें करीब 6-7 दिन लगते हैं। ब्लास्टोसिस्ट (blastocyst) को गर्भाशय तक जाने और गर्भाशय की दीवार से जुड़ने में करीब 2-3 दिन का समय लगता है।

यहाँ डॉक्टर यह मान के चलते हैं कि जिस दिन अंडा अंडाशय से निकला है उसी दिन अंडे का फर्टिलाइजेशन हो गया है।

अतः ओवुलेशन या अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान कराने के करीब 9-10 दिन में गर्भधारण हो जाता है।

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3.अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान के बाद गर्भधारण के क्या लक्षण हैं?

What are the symptoms of implantation after IUI ?in hindi

Antargarbhashayi garbhadhaan ke bad garbh dharan ke kya lakshan hai ?

यह सही-सही कह पाना मुश्किल है की आईयूआई के बाद गर्भ-धारण के क्या लक्षण होते हैं।

ऐसा इसलिए है क्योंकि कोई भी लक्षण सीधे-सीधे गर्भधारण की तरफ इशारा नहीं करते।

यह लक्षण असफल अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान प्रक्रिया के बाद भी आ सकते हैं।

कुछ महिलाओं में गर्भ-धारण बिना किसी लक्षण के हो जाता है जबकि कुछ महिलाएं निम्न लक्षणों को अनुभव कर सकती है :

  • धब्बे (Spotting)

    जैसे ही ब्लास्टोसिस्ट (blastocyst) गर्भाशय की दीवार से जुड़ता है, वहाँ से कुछ सेल्स (cells) हट जाते हैं।

    जैसे ही महिला के पीरियड्स मिस होते हैं, ये सेल्स (cells) बाहर निकलते हैं और धब्बे के रूप में दिखाई देने लगते हैं।

    लेकिन इनका रंग मासिक धर्म में निकले खून के रंग से अलग होता है।

    जहाँ गर्भधारण के दौरान निकला खून गुलाबी या हल्का भूरा होता है वहीं मासिक धर्म का खून गहरा लाल होता है।

    ऐसे धब्बे अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान प्रक्रिया के दौरान उपयोग किये गए कैथिटर की वजह से भी हो सकते हैं।

  • ऐंठन (Cramping)

    यह गर्भधारण का सबसे महत्वपूर्ण लक्षण है मगर यह आईयूआई से गर्भ-धारण करने वाली मात्र 30-35 प्रतिशत महिलाओं में ही देखा जाता है।

    पेट में भारीपन कुछ महिलाओं में गर्भ-धारण की तरफ इशारा करता है।

    ऐंठन भी गर्भधारण का विशिष्ट लक्षण नहीं है क्योंकि यह लक्षण माहवारी के या अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान प्रक्रिया के कारण भी हो सकता है।

    गर्भधारण के बारे में सही-सही अंदाज़ा लगाने के लिए गर्भावस्था परीक्षण सबसे सही है।

    यह परीक्षण अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान की प्रक्रिया के 14 दिन बाद ही करना चाहिए नहीं तो गलत परिणाम आने की संभावना रहती है।

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4.निष्कर्ष

Conclusionin hindi

Nishkarsh

अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान प्रक्रिया के कुछ साइड फेफ्क्ट्स (side-effects) होते हैं।

अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान प्रक्रिया के 9-10 दिन के अन्दर गर्भधारण हो जाता है।

धब्बे एवं ऐंठन गर्भ-धारण के प्रमुख लक्षण हैं किन्तु यह विशिष्ट लक्षण नहीं है और अन्य कारणों से भी यह उत्पन्न हो सकते है।

गर्भधारण का पता लगाने के लिए गर्भावस्था परीक्षण सबसे सटीक उपाय है।

आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: 25 Sep 2019

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