पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज - पीआईडी के लक्षण, कारण और इलाज़

Pelvic Inflammatory Disease - Symptoms, Causes And Treatment in hindi

Pelvic Inflammatory Disease: Lakshan, Kaaran Aur Treatment in hindi


एक नज़र

  • पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज अक्सर कोई लक्षण नहीं दिखाती है।
  • गर्भनिरोधक के कई रूप पीआईडी से रक्षा नहीं करते हैं।
  • पीआईडी ​​एक्टोपिक गर्भावस्था और बांझपन का कारण बन सकता है।
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Introduction

Pelvic_Inflammatory_Disease_in_hindi

पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (पीआईडी) महिला प्रजनन अंगों का संक्रमण है। यौन संचारित बैक्टीरिया के योनि, गर्भाशय, फैलोपियन ट्यूब, अंडाशय आदि प्रजनन अंगों में फैल जाने के कारण पीआईडी का रोग होता है।

पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज अक्सर कोई लक्षण नहीं दिखाती है, जिसके कारण बीमारी हो जाने पर भी आपको इसका एहसास नहीं होता है। इस बीमारी का पता अक्सर उस वक़्त लगता है जब महिला को गर्भवती होने में समस्या होती है या यदि श्रोणि दर्द (chronic pelvic pain) की तकलीफ़ होती है।

पीआईडी बेहद खतरनाक हो सकता है- यहां तक कि जीवन के लिए खतरा भी पैदा कर सकता है, खासकर तब जब संक्रमण आपके रक्त में फैल जाता है। यदि आपको संदेह है कि आपको संक्रमण हो सकता है, तो जल्द से जल्द अपने चिकित्सक को देखें।

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इस लेख़ में

  1. 1.पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज के लक्षण
  2. 2.पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज के कारण
  3. 3.पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज के जोखिम कारक
  4. 4.पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज की जटिलताएँ
  5. 5.पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज से बचाव कैसे करें
  6. 6.पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज की जांच
  7. 7.पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज का इलाज
  8. 8.यदि पीआईडी का शक हो तो डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए
  9. 9.निष्कर्ष
 

पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज के लक्षण

Symptoms of Symptoms of Pelvic Inflammatory Disease in hindi

Pelvic Inflammatory Disease ke lakshan in hindi

पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज के लक्षण निम्न हो सकते हैं : -

  • आपके निचले पेट और श्रोणि (pelvic) में दर्द
  • एक अप्रिय गंध के साथ भारी योनि स्राव
  • असामान्य गर्भाशय रक्तस्राव, विशेष रूप से संभोग के दौरान या बाद में, या मासिक धर्म चक्र के बीच
  • सेक्स के दौरान दर्द या रक्तस्राव
  • बुख़ार और कभी-कभी साथ में ठंड लगना
  •  दर्दनाक पेशाब या मूत्र त्याग में कठिनाई

पीआईडी ​​या तो बहुत हल्के लक्षण दिखाता है या कोई भी लक्षण नहीं दिखाता है।

गंभीर होने पर, पीआईडी ​​में बुख़ार, ठंड लगना, बावेल (bowel) की परेशानी, पेट के निचले हिस्से में दर्द या पेल्विक दर्द हो सकता है।

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पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज के कारण

Causes of Pelvic Inflammatory Disease in hindi

Pelvic Inflammatory Disease ke kaaran in hindi

कई प्रकार के बैक्टीरिया पीआईडी का कारण बन सकते हैं, लेकिन गोनोरिया (gonorrhea) या क्लैमाइडिया (chlamydia) संक्रमण पीआईडी के सबसे आम कारण हैं। ज़्यादातर असुरक्षित यौन संबंध के कारण ये बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।

कुछ दुर्लभ मामलों में, बच्चे के जन्म या गर्भपात के बाद बैक्टीरिया सीधे आपके प्रजनन पथ में प्रवेश कर सकते हैं।

यह तब होता है जब गर्भाशय ग्रीवा (cervix) बैक्टीरिया को रोकने में असफल रहता है।

और पढ़ें:अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान की सफलता को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक
 

पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज के जोखिम कारक

Risk factors of Pelvic Inflammatory Disease in hindi

Pelvic Inflammatory Disease ke risk factors in hindi

कई ऐसे जोखिम कारक हैं जो श्रोणि सूजन की बीमारी का खतरा बढ़ा सकते हैं, इनमें शामिल हैं:

  • 25 साल से छोटी आयु की एक यौन सक्रिय महिला
  • एक से अधिक यौन साथी का होना
  • ऐसे व्यक्ति के साथ संयोग करना जिसके कई यौन साथी हैं
  • बिना कंडोम के सेक्स करना
  • नियमित ड़ाउचिंग (douching), जो योनि में अच्छे बनाम हानिकारक बैक्टीरिया के संतुलन को बिगाड़ता है और लक्षणों को मास्क कर सकता है
  • पैल्विक सूजन की बीमारी या यौन संचारित संक्रमण का इतिहास अधिकांश विशेषज्ञ इस बात से सहमत हैं कि अंतर्गर्भाशयी उपकरण –आईयूडी (intrauterine device -IUD) श्रोणि सूजन की बीमारी का खतरा नहीं बढ़ाता है।
    कोई भी संभावित जोखिम अंतर्गर्भाशयी उपकरण को डालने के बाद तीन हफ्तों के भीतर ही होता है।
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पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज की जटिलताएँ

Complications of Pelvic Inflammatory Disease in hindi

Pelvic Inflammatory Disease complications in hindi

पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज स्कार टिस्स्यू(scar tissue) का कारण बन सकती है।

इसके कारण आपके फैलोपियन ट्यूब में संक्रमित द्रव (infected fluid) भी जमा हो सकता है जो आपके प्रजनन अंगों की सेहत के लिए खतरा हो सकता है।

पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज की अन्य जटिलताओं में शामिल हैं : -

एक्टोपिक गर्भावस्था (ectopic pregnancy)

पीआईडी ​​एक्टोपिक गर्भावस्था का एक प्रमुख कारण है।

पीआईडी के कारण, एक्टोपिक गर्भावस्था में, ​​निषेचित अंडा (fertilized egg) गर्भाशय में प्रत्यारोपित न होकर कहीं और प्रत्यारोपित हो जाता है।

एक्टोपिक गर्भधारण अत्यधिक रक्तस्राव का कारण बन जीवन के लिए खतरा बन सकता है और मरीज़ को आपातकालीन चिकित्सा की ज़रूरत पड़ सकती है।

बांझपन (Infertility)

श्रोणि सूजन की बीमारी ​​आपके प्रजनन अंगों को हानि पहुंचाकर बांझपन का कारण बन सकती है।

एक महिला जितनी अधिक बार पीआईडी ​​से ग्रस्त होती है, बांझपन का खतरा उतना ही अधिक बढ़ जाता है।

पीआईडी के इलाज़ में देर होने से भी बांझपन का जोख़िम बढ़ जाता है।

क्रोनिक पेल्विक दर्द (Chronic pelvic pain)

पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज पेल्विक दर्द का कारण बन सकती है और यह दर्द महीनों या वर्षों तक रह सकता है।

आपके फैलोपियन ट्यूब और अन्य पैल्विक अंगों में निशान (scarring) पड़ने से संभोग और ओव्यूलेशन के दौरान दर्द हो सकता है।

ट्यूब-ओवेरियन एबसेस्स (Tubo-ovarian abscess)

पीआईडी ​​आपके गर्भाशय ट्यूब और अंडाशय में एक फोड़ा का कारण बन सकता है।

यदि अनुपचारित छोड़ दिया जाये, तो आप जीवन के लिए खतरा साबित होने वाला संक्रमण विकसित कर सकती हैं।

और पढ़ें:आईएमएसआई आईवीएफ क्या है?
 

पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज से बचाव कैसे करें

How to prevent Pelvic Inflammatory Disease in hindi

Pelvic Inflammatory Disease se kaise bachen in hindi

पीआईडी के जोखिम को कम करने के लिए उपाय : -

1. सुरक्षित सेक्स का अभ्यास करें (Have safe sex)

एक से अधिक सेक्स पार्टनर न रखें और अपने संभावित साथी के यौन इतिहास की पूरी जानकारी रखें।

2.गर्भनिरोधक के बारे में अपने डॉक्टर की सलाह लें (Take advice from doctor about abortion pills)

कई ऐसे प्रकार के गर्भनिरोधक हैं जो पीआईडी से रक्षा नहीं करते हैं।

कंडोम का उपयोग पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज के खतरे को कम कर सकता है।

3. परीक्षण करना (Test)

यदि आपको क्लैमाइडिया या अन्य किसी एसटीआई का खतरा है, तो डॉक्टर से संपर्क करें और अपना परीक्षण करवाएँ।

एसटीआई का प्रारंभिक उपचार पीआईडी ​​से बचने का बेहद असरदार तरीका है।


4.अपने साथी का परीक्षण भी ज़रूर करवाएँ (Make sure your partner get tested)

यदि आपको पेल्विक इन्फ्लेमेटरी डिजीज या एसटीआई है, तो अपने पार्टनर को जांच करवाने की सलाह दें और जरूरत पड़ने पर इलाज कराएं।

यह एसटीआई के प्रसार और पीआईडी ​​को वापस आने से रोक सकता है।


5. डाउचिंग न करें (Don’t do douching)

ड़ाउचिंग (यानि की योनी की सफाई के लिए अत्यधिक साबुन, वॉश या पानी का इस्तेमाल करना) आपकी योनि में बैक्टीरिया के संतुलन को बिगाड़ कर पीआईडी के जोखिम को बढ़ा देता है।

एक महिला की योनी प्राकृतिक रूप से खुद को साफ करने में सक्षम है।

इसलिए डाउचिंग से बचें।

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पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज की जांच

Diagnosis of Pelvic Inflammatory Disease in hindi

Pelvic Inflammatory Disease ki jaanch ke liye tests in hindi

डॉक्टर लक्षणों, पेल्विक परीक्षण, योनि स्राव और सर्विकल कल्चर(cervical cultures) के विश्लेषण या मूत्र परीक्षण के आधार पर श्रोणि सूजन की बीमारी का निदान करते हैं।

श्रोणि परीक्षा के दौरान, आपका डॉक्टर पीआईडी ​​के लक्षणों के लिए पहले आपके श्रोणि क्षेत्र की जांच करेगा। आपका डॉक्टर आपकी योनि और गर्भाशय ग्रीवा से नमूने लेने के लिए कॉटन स्वाब्स (cotton swabs) का उपयोग कर सकता है।

संक्रमण का कारण जानने के लिए एक प्रयोगशाला में नमूनों का विश्लेषण किया जाता है।

पीआईडी की पुष्टि करने के लिए या यह निर्धारित करने के लिए कि संक्रमण कितना व्यापक है, आपका डॉक्टर अन्य परीक्षणों की सिफारिश कर सकता है, जैसे: रक्त और मूत्र परीक्षण (Blood and urine tests)

ये परीक्षण आपके सफेद रक्त कोशिका की गिनती को मापेंगे, जो संक्रमण का संकेत दे सकता है।

आपके डॉक्टर एचआईवी और यौन संचारित संक्रमणों के लिए परीक्षणों की सिफारिश भी कर सकते हैं क्योंकि ये कभी-कभी पीआईडी ​​से जुड़े होते हैं।


1.अल्ट्रासाउंड (Ultrasound)

यह टेस्ट आपके प्रजनन अंगों की परीक्षण के लिए ज़रूरी है।


2.लेप्रोस्कोपी (Laparoscopy)

इस प्रक्रिया के दौरान, डॉक्टर आपके पेल्विक अंगों की जांच के लिए आपके पेट में एक छोटा कट (cut) करके एक पतला उपकरण (instrument) आपके शरीर के भीतर डालते हैं।

और पढ़ें:आईयूआई उपचार की प्रक्रिया दर्दनाक है ?
 

पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज का इलाज

Treatment of Pelvic Inflammatory Disease in hindi

Pelvic Inflammatory Disease ka treatment in hindi

श्रोणि सूजन बीमारी के उपचार इस प्रकार हैं : -

1. एंटीबायोटिक्स (Antibiotics)

एंटीबायोटिक दवाएं पीआईडी का सबसे आम इलाज़ हैं।

पीआईडी की पुष्टि के बाद आपके डॉक्टर कुछ एंटीबायोटिक दवाओं का एक संयोजन लिखेंगे।

यदि आप कुछ दिनों के बाद बेहतर महसूस करने लगें, तो भी अपनी सभी दवाएँ लें।

एंटीबायोटिक उपचार गंभीर जटिलताओं को रोक सकता है लेकिन किसी भी नुकसान को उलट नहीं सकता है।


2. अपने साथी के लिए उपचार (Treatment for your partner)

पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज को वापस आने से रोकने के लिए, आपके सेक्स-पार्टनर की जांच और उपचार बहुत ज़रूरी है।


3. अस्थाई संयम (Keep patience)

जब तक इलाज़ पूरा न हो जाये तब तक संभोग से बचें और जब तक परीक्षणों से संकेत न मिले कि आपको और आपके सभी साथियों को संक्रमण से पूरी तरह मुक्ति मिल गयी है तब तक सेक्स से दूर रहें।

पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज वाली ज्यादातर महिलाओं को सिर्फ आउटपेशेंट ट्रीटमेंट (outpatient treatment) की जरूरत होती है।

हालांकि, यदि आप गंभीर रूप से बीमार हैं, गर्भवती हैं या मौखिक दवाओं से लाभ नहीं हो रहा तो आपको अस्पताल में भर्ती होने की ज़रूरत पड़ सकती है।

और पढ़ें:आईयूआई उपचार के दौरान निगरानी के 3 मुख्य प्रकार क्या हैं?
 

यदि पीआईडी का शक हो तो डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए

In case you doubt PID, when to see a doctor in hindi

Yadi PID ka shak ho to doctor ko kab dikhayen in hindi

यदि निम्नलिखित में से कोई भी तकलीफ़ आपको हो तो तुरंत अपने डॉक्टर की सलाह लें : -

  • आपके पेट के निचले हिस्से में गंभीर दर्द
  • मतली और उल्टी
  • बुखार – 101 F (38.3 C) से अधिक तापमान के साथ
  • दुर्गंध के साथ योनि स्राव

यदि आपके लक्षण बने रहते हैं, तो जल्द से जल्द अपने चिकित्सक से मिलें।

मासिक धर्म चक्र के बीच गंध, दर्दनाक पेशाब या रक्तस्राव और योनि स्राव एसटीआई (sexually transmitted infection-STI) के लक्षण हो सकते हैं।

यदि ये लक्षण दिखाई दे, तो संयोग करना बंद कर दें और जल्द ही अपने डॉक्टर से मिलें।

एसटीआई का शीघ्र उपचार पीआईडी ​​को रोकने में मदद कर सकता है।

और पढ़ें:आईयूआई के बाद सावधानी और इंप्लानटेशन (भ्रूण प्रत्यारोपण) के लक्षण
 

निष्कर्ष

Conclusionin hindi

Nishkarsh

पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज का इलाज़ आसानी से संभव है और इस बीमारी से ग्रस्त ज्यादातर महिलाएं दवाइयों आदि ट्रीटमेंट से स्वस्थ हो जाती हैं।

हालांकि, पीआईडी के इतिहास वाली लगभग 8 में से 1 महिला को प्रेग्नेंट होने में दिक्कत होती है।

यदि सही समय पर इलाज़ न हो तो पीआईडी बेहद खतरनाक भी हो सकती है- खासकर तब जब संक्रमण आपके रक्त में फैल जाता है।

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आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: : 28 Sep 2020

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