सेक्स में दर्द का सम्बन्धों पर प्रभाव

Painful sex effect on relationships in hindi

sex me dard ka sambandho par prabhav in hindi, रिश्ते में सेक्स का कोई प्रभाव पड़ता है


एक नज़र

  • शारीरिक संबंध वैवाहिक रिश्तों की मजबूती का आधार होते हैं।
  • कभी-कभी सेक्स में दर्द होने से आपसी सम्बन्धों पर प्रभाव पड़ता है।
  • सेक्स में होने वाले दर्द का हर प्रकार से उपचार संभव है
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Introduction

sex_me_dard_ka_sambandho_par_prabhav

जीवन में पति-पत्नी के रिश्तों की मजबूती अनेक बातों पर निर्भर करती है।

दोनों के बीच स्थापित होने वाले शारीरिक संबंध इन्हीं बातों में से एक माने जाते हैं।

कहते है कि विवाह की सफलता के लिए सफल शारीरिक सम्बन्धों का होना भी बहुत जरूरी है। लेकिन कुछ परिस्थितियाँ ऐसी होती है जब ये संबंध अपनी सुमधुरता खोने लगते हैं।

इसका एक कारण सेक्स करते समय महिला को होने वाली शारीरिक पीड़ा माना जाता है। आइए इसकी विस्तार से चर्चा करते हैं:

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इस लेख़ में

 

सेक्स में दर्द के विभिन्न कारण

Causes of pain during sex in hindi

sex me dard ke karan

विश्व की हर सभ्यता और काल में शारीरिक सम्बन्धों को वैवाहिक जीवन की सफलता का मूलाधार माना जाता है।

लेकिन कभी-कभी यह संबंध किसी एक पक्ष विशेषकर महिला के लिए कष्टकारी बन जाते हैं।

जब शारीरिक संबंध स्थापित करते समय महिला को दर्द का अनुभव हो तब यह पीढ़ादायक सेक्स संबंध माने जाते हैं।

यह स्थिति सामान्य रूप से निम्न कारणों से उत्पन्न हो सकती है:-

  • महिला की योनि में सूजन होने पर सेक्स करते समय योनि में दर्द का अनुभव हो सकता है;
  • शरीर में होने वाले किसी हार्मोनल परिवर्तन के कारण एस्ट्रोजेन हारमोन की कमी होने से योनि में शुष्कता का होना;
  • योनि में शुष्कता आने से योनि की दीवार पतली हो जाती है और लिंग के प्रवेश करने पर दर्द हो सकता है;
  • भारतीय सभ्यता में प्राचीन काल से ही सेक्स लड़कियों के लिए वर्जित विषय रहा है। इसलिए विवाह के काफी समय बाद तक सेक्स में आनंद के स्थान पर दर्द और डर रहता है।
  • योनि में किसी प्रकार का इन्फेक्शन होने पर सेक्स में दर्द हो सकता है।
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शारीरिक संबंध में सेक्स दर्द पर क्या प्रभाव होता है

Effect of sex pain on physical relationship in hindi

Sex pain se sharirik sambandh par kya asar padta hai

शारीरिक संबंध स्थापित करते समय दर्द होने पर कोई एक पक्ष विशेषकर महिला अत्यधिक प्रभावित होती है।

इस दर्द से घबराकर महिला निम्न लक्षणों से प्रभावित हो सकती है जिसका सीधा असर उनके पारस्परिक सम्बन्धों पर दिखाई देता है:-

  • सेक्स करने में रुचि न होना - Disinterest in sexual relations
    महिला को जब सेक्स करने में दर्द महसूस होने लगता है तब उसकी सेक्स करने में रुचि खत्म हो जाती है। उसे सेक्स में आनंद के स्थान पर दर्द दिखाई देता है और वह इससे बचने का मार्ग खोजती है। इससे पुरुष साथी स्वयं को उपेक्षित महसूस कर सकता है।
  • अवसाद में घिर जाना - Depression
    जब महिला दर्द के कारण सेक्स प्रक्रिया में सही प्रकार से भाग नहीं ले पाती है तब लंबे समय तक चलने वाली यह भावना उसके अवसाद का कारण बन जाती है।
  • शारीरिक दर्दों का बढ़ जाना - Increased physical pain
    सेक्स में दर्द होने से महिला का मानसिक तनाव बहुत बढ़ जाता है। इसका सीधा दुष्प्रभाव महिला के स्नायु तंत्र (Muscular System) और तंत्रिका तंत्र (Neurological System) पर पड़ता है। इससे अंजाने में शरीर के विभिन्न हिस्सों में दर्द शुरू हो जाते हैं। इस प्रकार पीड़ादायक सेक्स न केवल आपसी सम्बन्धों को बल्कि दैनिक जीवन को भी प्रभावित करने लगता है।
  • संभोग से घृणा होना - Hate from sex
    कुछ स्त्रियों में सेक्स में दर्द होने के कारण संभोग क्रिया से घृणा भी होने लगती है। मनोचिकिसको का मानना है कि कई बार ऐसा पिटूएटरी ग्लेण्ड (Pituitary Gland) में ट्यूमर के कारण भी हो सकता है।
  • उत्कर्ष तक न पहुँच पाना - Organsm
    महिलाएं सेक्स प्रक्रिया में होने वाले दर्द से प्रभावित होने के कारण पूरे समय तनाव में रहती हैं और इस कारण अक्सर उत्कर्ष बिन्दु तक नहीं पहुँच पाती हैं। ऐसा लंबे समय तक होने के कारण वो सेक्स में रुचि खो सकती हैं और उनकी सेक्स इच्छा भी कम हो सकती है।
  • चिढ़चिड़ापन बढ़ जाना - Irritation
    सेक्स सम्बन्धों में असंतुष्टि दैनिक जीवन में चिढ़चिड़ेपन का भी कारण बन जाती है। अक्सर महिलाएं अपने खराब मूड का कारण न पहचान पाने या फिर उसे किसी के सामने न व्यक्त कर पाने की दुविधा में हर समय क्रोधित रह सकती हैं। इसका बुरा प्रभाव पारिवारिक सम्बन्धों पर भी होता है।
  • हीन भावना का पनपना -Guilty Conscious
    महिलाएं जब शारीरिक दर्द के कारण सेक्स में सक्रिय रूप से भाग नहीं ले पाती हैं तब वे इसे अपने उत्तरदायित्व की पूर्ति न कर पाने का अहसास लेकर हीन भावना से भी भर सकती हैं।
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सेक्स के दर्द को कम कैसे करें

Remedies to cure the painful sex in hindi

sex ke dard ko kam kaise kare

सेक्स का सही अर्थ में आनंद लेने के लिए यह बहुत जरूरी है कि दोनों साथी पूरे मन से इस क्रिया का आनंद लें।

सेक्स में होने वाले दर्द को कम करने के लिए महिला-पुरुष निम्न उपाय अपना सकते हैं:-

  • योनि के सूखेपन को दूर करने के लिए अच्छी लुब्रिकेशन क्रीम का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • सेक्स क्रिया शुरू करने से पहले फोरप्ले पर अधिक से अधिक समय लगाएँ।
  • महिला से बातचीत करके उनका सेक्स को लेकर जो भय, भ्रम और भ्रांति है, उसे दूर करने का प्रयास करें।
  • शरीर में अगर योनि में या मूत्राशय में किसी प्रकार का इन्फेक्शन है तो उसे दवा के माध्यम से दूर करें।
  • मेनापॉज के कारण एस्ट्रोजेन हारमोन की कमी को सप्लिमेंट्स के द्वारा पूरा करने का प्रयास किया जा सकता है।
  • पॉज़िटिव जीवन शैली जीते हुए हमेशा प्रसन्न रहें जिससे कभी भी सेक्स में होने वाले दर्द की ओर ध्यान न जाये और जिससे मानसिक दबाव न बन सके।
  • अगर समस्या अधिक जटिल हो तब तुरंत किसी योग्य चिकित्सक से मिलकर इसका इलाज करवाएँ।
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निष्कर्ष

Conclusion in hindi

nishkarsh

वैवाहिक सम्बन्धों की मधुरता को बनाए रखने में शारीरिक संबंध हर उम्र में अपना अलग ही महत्व रखते हैं।

अगर इस प्रक्रिया में किसी कारण से दर्द बाधा बनता है तब निश्चय ही उस कारण का पता लगाकर उसे दूर करने का उपाय करना चाहिए।

वैसे इसमें होने वाला दर्द शारीरिक कम, मानसिक और भावनात्मक दबाव के कारण अधिक होता है।

इसलिए पति-पत्नी को आपसी प्रेम और सहयोग से इस परेशानी को दूर करके नैसर्गिक आनंद प्राप्त करना चाहिए।

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आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: : 07 May 2020

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