ओवुलेशन रक्तस्राव - क्या यह सामान्य है और इसकी पहचान कैसे करें

ओवुलेशन रक्तस्राव - क्या ओवुलेशन रक्तस्राव सामान्य है व ओवुलेशन रक्तस्राव पहचान कैसे करें?

Is ovulation spotting normal and how to identify ovulation spotting in hindi

kya Ovulation spotting normal hai aur iski pehchan kaise kare

एक नज़र

  • ओवुलेशन रक्तस्राव आपके नियमित माहवारी के बाहर होने वाला रक्तस्राव है।
  • केवल 3 प्रतिशत महिलाएं ओवुलेशन रक्तस्राव या स्पॉटिंग का अनुभव करती हैं।
  • ओवुलेशन रक्तस्राव गर्भाधारण के लिए प्रयास करने का सबसे अच्छा समय माना गया है।

ओवुलेशन रक्तस्राव या ओवुलेशन स्पॉटिंग हल्का रक्तस्राव है, जो उस समय के आसपास होता है जब आप ओवुलेेट करती हैं।

ओवुलेशन तब होता है जब आपका अंडाशय (ovaries) एक अंडा (egg) जारी करती हैं।

हर महिला ओवुलेशन स्पॉटिंग का अनुभव नहीं करेगी।

एक अध्ययन में पाया गया है कि केवल 3 प्रतिशत महिलाएं दो मासिक धर्म चक्रों के बीच में स्पॉटिंग का अनुभव करती हैं।

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इस लेख़ में/\

  1. ओवुलेशन स्पॉटिंग की पहचान कैसे करें?
  2. ओवुलेशन स्पॉटिंग कब होता है
  3. ओवुलेशन रक्तस्राव और प्रेग्नेंसी
  4. ओवुलेशन स्पॉटिंग के कारण
  5. निष्कर्ष
 

1.ओवुलेशन स्पॉटिंग की पहचान कैसे करें?

How to identify ovulation spotting? in hindi

ovulation spotting ki pehchan kaise kare

यदि आप अपने दो मासिक धर्म चक्रों के बीच में स्पॉटिंग नोटिस करती हैं, तो यह ओवुलेशन स्पॉटिंग हो सकता है।

स्पॉटिंग हल्का योनि रक्तस्राव है, जो आपके नियमित माहवारी के दौरान नहीं, बल्कि उसके बाहर होता है।

आमतौर पर, यह रक्तस्राव आपकी माहवारी के दौरान होने वाले रक्तस्राव से बहुत हल्का होता है।

खून का रंग स्पॉटिंग के कारण का सुराग दे सकता है, क्योंकि रक्तस्राव की गति के आधार पर उसका रंग बदलता है।

कुछ महिलाओं में ओवुलेशन स्पॉटिंग हल्के गुलाबी या लाल रंग के रूप में होती है।

गुलाबी धब्बा एक संकेत है कि रक्त में सर्विकल फ्लुइड (cervical Fluid) भी मिला हुआ है।

महिलाएं आमतौर पर ओवुलेशन के समय अधिक सर्विकल फ्लुइड का उत्पादन करती हैं।

ओवुलेशन स्पॉटिंग आमतौर पर एक या दो दिन तक रहती है।

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2.ओवुलेशन स्पॉटिंग कब होता है

When does ovulation spotting occur in hindi

ovulation ke doran blood ka nikalna kab hota hai

ओवुलेशन आमतौर पर आपकी माहवारी के पहले दिन के बाद 11 और 21 दिनों के बीच कभी भी हो सकता है, हालांकि यह आपके मासिक चक्र की लंबाई के आधार पर जल्दी या बाद में भी हो सकता है।

एक महिला को, मासिक चक्र के दौरान, कई बार ओवुलेशन हो सकता है और हर महीने एक अलग दिन भी ओवुलेशन हो सकता है।

यदि आप दो मासिक धर्म चक्रों के बीच माहवारी मे गंभीर रक्तस्राव और दर्द का सामना करती हैं तो यह गंभीर जटिलताओं का सूचक हो सकता है।

यदि रक्तस्राव एक से अधिक बार हो चुका है, तो यह संभव है कि यह ओवुलेट का संकेत नहीं है।

गर्भाशय में पॉलीप्स (polyps) और एंडोमेट्रियोसिस (endometriosis) आदि अन्य समस्या रक्तस्राव का कारण हो सकती है।

ऐसे में आपको अल्ट्रासाउंड (ultrasound) और हिस्टेरोस्कोपी (hysteroscopy) टेस्ट करने और सही निदान के लिए डॉक्टर की सलाह लेनी ज़रूरी होगी।

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3.ओवुलेशन रक्तस्राव और प्रेग्नेंसी

Ovulation spotting and pregnancy in hindi

periods ke beech mein spotting aur pregnancy ka kya relation hai

ओवुलेशन को ट्रैक कर गर्भवती होने के अवसर को बढ़ाया जा सकता है।

यदि आप गर्भवती होने की कोशिश कर रही हैं, और यदि आपको ओवुलेशन रक्तस्राव दिखाई देता है, तो इस समय के आसपास गर्भधारण करने की कोशिश करना आदर्श हो सकता है।

ओवुलेशन रक्तस्राव आपकी प्रजनन क्षमता को दिखाता है, यह आपके लिए गर्भाधारण के लिए प्रयास करने का सबसे अच्छा समय है।

ओवुलेशन स्पॉटिंग बहुत कम महिलाओं में होती है।

आप स्पॉटिंग का अनुभव किए बिना भी ओव्यूलेट कर सकती हैं।

यदि आप गर्भधारण करने की कोशिश कर रही हैं, तो अपने मासिक धर्म चक्र को ट्रैक करें और ओवुलेशन के अन्य संकेतों को देखें, जैसे कि शरीर के तापमान में परिवर्तन।

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4.ओवुलेशन स्पॉटिंग के कारण

Causes of ovulation spotting in hindi

periods ke beech mein rakh strav kyun hota hai

ओवुलेशन के दौरान तेजी से होने वाले हार्मोनल परिवर्तनों के कारण ओवुलेशन स्पॉटिंग हो सकती है।

एक अध्ययन में, ओवुलेशन के आसपास उन महिलाओं में ल्यूटियल प्रोजेस्टेरोन (luteal progesterone) और ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन (luteinizing hormone - LH) के उच्च स्तर को देखा गया जिन्होंने ओवुलेशन रक्तस्राव का अनुभव किया था।

ओवुलेशन स्पॉटिंग के अन्य कारणों में शामिल हैं:

  1. ओवुलेशन के दौरान एस्ट्रोजेन (Estrogen) का स्तर कम होने के कारण, गर्भाशय की परत की मोटाई कम हो जाती है क्योंकि यह लाइनिंग को बहाना शुरू कर देता है। यह ओवुलेशन के दौरान रक्तस्राव का कारण बन सकता है।
  2. जब एक अंडा रिलीज होता है, तो मेच्युर फोल्लिकल (mature follicle) अंडाशय से फट कर बाहर निकलता है, जिससे रक्तस्राव हो सकता है।

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5.निष्कर्ष

Conclusionin hindi

यदि आप दो मासिक धर्म चक्रों के बीच में ब्लीड करती हैं तो इसे देख आप स्वाभाविक रूप से चिंतित हो सकती हैं।

यह रक्तस्राव ओवुलेशन के कारण हो सकता है।

ओवुलेशन के दौरान स्पॉटिंग बहुत आम नहीं है और हार्मोनल उतार-चढ़ाव का संकेत हो सकता है।

हालांकि, यदि आपको भारी स्पॉटिंग और गंभीर दर्द और असुविधा के साथ दो मासिक चक्रों के बीच में रक्तस्राव होता है, तो यह अन्य जटिलताओं के कारण हो सकता है।

यदि आप यह अनुभव करती हैं, तो आपको रक्तस्राव का कारण जानने के लिए अल्ट्रासाउंड के लिए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: 13 Nov 2019

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