menopause and garbhdharan in hindi

मेनोपॉज़ और गर्भधारण

Menopause and pregnancy in hindi

menopause and garbhdharan in hindi

एक नज़र

  • पोस्टमेनोपॉज़ल स्टेज तक गर्भावस्था संभव है।
  • गर्भधारण ओव्यूलेशन पर निर्भर करता है।
  • अधिक उम्र में प्रेगनेंसी से बढ़ते हैं रिस्क।

मेनोपॉज़ के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के परिवर्तन होते हैं और उनकी प्रजनन क्षमता में गिरावट आती है लेकिन इसके बावजूद महिलाएं इस दौरान गर्भवती हो सकती है।

जी हां, अगर आपको ऐसा लगता है कि आप मेनोपॉज़ के दौर से गुज़र रही हैं इसीलिए आप प्रेग्नेंट नहीं हो सकती हैं तो आपको बिल्कुल गलत लगता है।

इतना ही नहीं एक महिला 50 साल की उम्र तक भी गर्भधारण कर सकती है, खासकर मेनोपॉज़ के दौरान भी।

ऐसे में अगर आप गर्भवती नहीं होना चाहती हैं, तो आपको मेनोपॉज़ में पहुंचने तक कुछ प्रकार के जन्म नियंत्रण का उपयोग करना चाहिए।

आज हम इस लेख में बात करेंगे कि पेरिमेनोपौज़ और पोस्टमेनोपौज़ के वक़्त क्या आप गर्भवती हो सकती हैं व इस दौरान गर्भावस्था में क्या ख़तरे आ सकते हैं ? आइये देखें :

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इस लेख़ में/\

  1. मेनोपॉज़ और गर्भावस्था से जुड़े तथ्य
  2. क्या आप मेनोपॉज़ के दौरान या बाद में गर्भवती हो सकती हैं
  3. पेरिमेनोपॉज़ के वक़्त गर्भावस्था कैसे होती है
  4. क्या पोस्ट मेनोपॉज़ में प्रेगनेंसी संभव है
  5. मेनोपॉज़ में गर्भावस्था के जोखिम
  6. निष्कर्ष
 

1.मेनोपॉज़ और गर्भावस्था से जुड़े तथ्य

Facts related to menopause and pregnancy in hindi

menopause or pregnancy se jude tathya

मेनोपॉज़ और गर्भावस्था से जुड़े तथ्य कुछ इस प्रकार हैं : -

  • हर एक महिला अंडे की नियत (finite) संख्या के साथ जन्म लेती है।
  • जब एक महिला को एक साल तक पीरियड नहीं होता है तो वो मेनोपॉज़ के स्टेज पर पहुंच जाती है।
  • एक महिला की उम्र के साथ ही उसकी प्रेगनेंसी और डिलीवरी के दौरान कम्प्लीकेशन (complications) का रिस्क भी बढ़ जाता है।
  • पोस्टमेनोपॉज़ स्टेज तक गर्भावस्था संभव है।
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2.क्या आप मेनोपॉज़ के दौरान या बाद में गर्भवती हो सकती हैं

Can you get pregnant during or after menopause in hindi

kya aap menopause ke dauran ya baad mein garbhwati ho sakti hai

जब तक एक महिला पोस्टमेनोपॉज़ल (Post-menopausal) स्टेज तक पहुँचती है, तब तक गर्भवती होना संभव है।

कई महिलाओं को जब कुछ खास लक्षणों का एहसास होता लगता है, तो उन्हें लगता है कि वो मेनोपॉज़ के स्टेज में पहुंच गयी है।

हालांकि ऐसा होता नहीं है क्योंकि मेनोपॉज़ के पहले दो अलग-अलग स्टेज आते हैं, जिन्हें पेरिमेनोपॉज़ और पोस्टमेनोपॉज़ कहा जाता है।

पेरीमेनोपॉज़ उस अवस्था को कहते जब एक महिला का शरीर मेनोपॉज़ की तैयारी कर रहा होता है। पेरीमेनोपॉज़ को मेनोपॉज़ का ट्रांज़िशन भी कहा जाता है।

पोस्टमेनोपॉज़ तब होता है, जब एक महिला को 12 महीने तक पीरियड्स नहीं हुए हो। इस अवस्था के बाद महिलाएं गर्भधारण नहीं कर सकती हैं।

 

3.पेरिमेनोपॉज़ के वक़्त गर्भावस्था कैसे होती है

Getting pregnant during perimenopause in hindi

perimenopause ke dauran garbhawstha kaise hoti hai in hindi

जैसे-जैसे समय बीतता जाता है, एक महिला के अंडों की संख्या में गिरावट होने लगती है और कुछ बचे रह जाते हैं, जो उम्र के साथ बनें रहते हैं।

हालांकि उम्र के साथ जैसे-जैसे अंडे पुराने होने लगते हैं उनकी क्रोमोसोमल असामान्यता (Chromosomal abnormalities) की संभावना बढ़ जाती है।

ऐसे में महिला की बढ़ती उम्र के साथ-साथ उसके प्रेग्नेंट होने की संभावना कम होती जाती है।

हॉट फ्लेशेज़ (hot flashes) और अनियमित पीरियड्स (irregular periods) के बावज़ूद, पेरिमेनोपॉज़ल महिलाओं में ओव्यूलेशन हो सकता है।

अगर एक जीवित अंडा रिलीज़ और फर्टीलाइज़ हो जाता है, तो कॉन्सेप्शन (conception) हो सकता है।

हालांकि ऐसा तब तक हो सकता है जब तक स्थायी रूप से ओव्यूलेशन बंद नहीं हो जाता।

जब पूरी तरह से महिलाएं ओव्युलेट करना बंद कर देती हैं, तब जाकर महिला के गर्भवती होने की संभावना पूरी तरह से ख़त्म हो जाती है।

ब्रेस्ट का सॉफ्ट हो जाना, वाइट वजाइनल डिस्चार्ज होना या फिर ओव्यूलेशन टेस्ट स्ट्रिप की मदद से एक महिला ये जान सकती है कि वो ओव्युलेट कर रही है या नहीं।

फिर, वो इससे बचने या गर्भधारण की संभावना को बढ़ाने के बारे में सोच सकती है, ये सब एक महिला की चाहत पर निर्भर करता है।

इसके कई कारण हैं कि क्यों एक महिला पेरिमेनोपॉज़ के दौरान प्रेग्नेंट होने की इच्छा कर सकती हैं :

  • कुछ सामान्य स्थितियों में पहले गर्भधारण करने में कठिनाई होना।
  • जीवनशैली के कारक जैसे उसके करियर या आर्थिक स्थिति।
  • पहले बच्चे की देखभाल के लिए आश्वस्त या तैयार महसूस नहीं करना शामिल है।
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4.क्या पोस्ट मेनोपॉज़ में प्रेगनेंसी संभव है

Is pregnancy possible post menopause in hindi

post menopause ke dauran kya pregnancy sambhav hai in hindi

व्यापक रूप से महिलाओं में मेनोपॉज़ तक पहुंचने का समय अलग-अलग हो सकता है लेकिन ज़्यादातर महिलाओं में 40 से 55 के उम्र के बीच में होता है।

एक बार मेनोपॉज़ होने के बाद, एक महिला का हार्मोनल संतुलन (hormonal balance) स्थायी रूप से बदल जाता है।

इस स्तर पर, ओव्यूलेशन (ovulation) नहीं होता है, जिसके बाद एक महिला गर्भधारण करने में स्वाभाविक रूप से असमर्थ हो जाती है।

और पढ़ें:How to conceive a baby boy - A Scientific Approach

 

5.मेनोपॉज़ में गर्भावस्था के जोखिम

Pregnancy risk in menopause in hindi

menoapuse mein garbhawstha ke jokhim in hindi

मेनोपॉज़ के दौरान गर्भावस्था का मतलब है कि एक उन्नत उम्र में गर्भधारण करना, जिसने मां और बच्चे दोनों के लिए जोखिम बढ़ा दिया है।

एक उन्नत उम्र में गर्भाधाण करने के कुछ आम जोखिम नीचे सूचीबद्ध हैं:

  • गर्भपात (miscarriage) या स्टिलबर्थ (Stillbirth)
  • एक्टॉपिक प्रेगनेंसी (ectopic pregnancy - जहां एक अंडा गर्भ के बाहर होता है)
  • समय से पहले बच्चे का जन्म होना (premature birth)
  • प्लेसेंटा प्रेविया (placenta previa-एक ऐसी स्थिति है, जहां असामान्य रूप से प्लेसेंटा गर्भ में नीचे आ जाता है और प्रसव के समय समस्याएं उत्पन्न कर सकता है)
  • जन्म के समय बच्चे का वज़न कम होना
  • सिजेरियन डिलिवरी (cesarean delivery)

और पढ़ें:Uterine Fibroids and its treatment

 

6.निष्कर्ष

Conclusionin hindi

Nishkarsh

महिलाएं पेरी मेनोपॉज़ के दौरान प्रेग्नेंट हो सकती हैं।

एक ओर जहां पेरीमेनोपॉज़ के समय महिलाएं द्वारा ओव्युलेट करने के कारण प्रेगनेंसी की संभावना बनी रहती है तो वहीं दूसरी ओर पोस्टमेनोपॉज़ के दौरान भी हार्मोन थेरेपी और आईवीएफ ट्रीटमेंट के माध्यम से इच्छुक महिलाएं गर्भ धारण कर सकती हैं।

हालांकि दोनों ही स्थितियों में, प्रेगनेंसी के दौरान जटिलताओं के जोखिम (risk of complications) बढ़ जाते हैं।

ऐसे में प्रेग्नेंट होने से पहले एक महिला को डॉक्टर से सलाह ज़रूर लेनी चाहिए।

आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि:: 15 May 2020

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