IVF and test tube baby difference | Zealthy

आईवीएफ और टेस्ट ट्यूब बेबी में क्या कोई अंतर है?

Is there any difference between IVF and test tube baby? in hindi

Kya IVF or test tube baby mein koi antar hai?

एक नज़र

  • आईवीएफ टेस्ट ट्यूब बेबी का मॉडर्न वर्ज़न है।
  • फॉलोपियन ट्यूब ब्लॉक होने पर पड़ती है आईवीएफ की आवश्यकता।
  • आईवीएफ की मदद से जन्म लेने वाले बच्चे को टेस्ट ट्यूब बेबी कहा जाता है।

इनफर्टिलिटी के कारण निसंतान रह जाने वाले दंपत्ति को आईवीएफ ट्रीटमेंट कराने की सलाह दी जाती है।

फर्टिलिटी ट्रीटमेंट की मदद से संतान सुख पाने की चाहत रखने वाले माता-पिता अक्सर आईवीएफ ट्रीटमेंट और टेस्ट ट्यूब बेबी को लेकर असमंजस में पड़ जाते हैं।

आईवीएफ और टेस्ट ट्यूब बेबी एक ही होते हैं या फिर दोनों में भिन्नता है? टेस्ट ट्यूब बेबी का जन्म किसी ट्यूब में होता है? - कुछ ऐसे ही सवालों को लेकर परेशान रहने वाले लोगों के लिए है यह लेख।

इस लेख़ में/\

  1. क्या टेस्ट ट्यूब बेबी आईवीएफ के समान है?
  2. टेस्ट ट्यूब बेबी या आईवीएफ प्रक्रिया की आवश्यकता किसे होती है?
  3. आईवीएफ और टेस्ट ट्यूब बेबी की प्रक्रिया क्या है?
  4. निष्कर्ष
 

1.क्या टेस्ट ट्यूब बेबी आईवीएफ के समान है?

Are test tube babies similar to IVF babies? in hindi

Kya test tube baby IVF ke saman hai?

आईवीएफ और टेस्ट ट्यूब बेबी, दो ऐसे नाम हैं, जिसे लेकर लोग अक्सर कंफ्यूज़ हो जाते हैं।

जहां कुछ लोग इन दोनों को अलग-अलग फर्टिलिटी ट्रीटमेंट (fertility treatment) के तौर पर देखते हैं तो कुछ लोग समझते हैं कि ये दोनों एक ही हैं और इनमें कोई अंतर नहीं है।

वैसे ये बात सही है कि आईवीएफ और टेस्ट ट्यूब प्रक्रिया में कोई अंतर नहीं है। दरअसल, टेस्ट ट्यूब बेबी शब्द का इस्तेमाल पिछले शताब्दी में हुआ करता था, जब इनफर्टिलिटी ट्रीटमेंट की शुरुआत हुई थी।

पहला 'टेस्ट ट्यूब बेबी' वर्ष 1978 में 25 जुलाई को पैदा हुआ था। इस प्रक्रिया को सफल रॉबर्ट एडवर्ड्स (Robert Edwards) और पैट्रिक स्टेप्टो (Patrick Steptoe) ने किया था। रॉबर्ट एडवर्ड्स एक वैज्ञानिक थे और पैट्रिक स्टेप्टो एक चिकित्सक। [1]

इस उदाहरण ने प्रजनन उपचार (fertility treatment) की नींव रखी और इसके बाद ये आईवीएफ टेक्नोलॉजी के रूप में जाना जाने लगा।

रॉबर्ट एडवर्ड्स (Robert Edwards) को इन विट्रो फर्टिलाइजेशन प्रक्रिया के विकास के लिए वर्ष 2010 में नोबेल पुरस्कार मिला था। [2]

इन विट्रो फर्टिलाइज़ेशन (In vitro fertilization) प्रक्रिया टेस्ट ट्यूब बेबी (test tube baby) का आधुनिक संस्करण (modern version) है।

पिछले कुछ सालों से, डीएनए सीक्वन्सिंग टेक्नोलॉजी (DNA sequencing technology) का उपयोग पुरुष साथी के शुक्राणुओं के साथ निषेचन (fertilization) के लिए, सबसे अच्छे भ्रूण के उपयोग को तय करने के लिए किया जाता है।

1970 के दशक में इसकी शुरुआत के बाद से, आईवीएफ या टेस्ट ट्यूब बेबी तकनीक में बहुत कुछ नया हुआ है और इसमें कई तकनीकों को जोड़ा गया है।

शुरुआत में जो लोग इन विट्रो फर्टिलाइज़ेशन के माध्यम से कई चिकित्सा स्थितियों जैसे एज़ोस्पर्मिया (azoospermia), स्पर्म की संख्या (low sperm) या गुणवत्ता में कमी या फिर महिला के अंडे की गुणवत्ता अच्छी न होना (low quality egg) जैसी चिकित्सा स्थिति के कारण गर्भधारण नहीं कर पाते थे, उन लोगों को आईवीएफ ने और भी कुछ रास्ते दिखाए हैं।

इसे उस समय से एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा सकता है, जब यह केवल एक ही प्रक्रिया तक सीमित था।

आज प्रेगनेंसी की संभावना को और बढ़ाने के लिए और कई तरह के फर्टिलिटी से जुड़ी समस्या को ठीक करने के लिए नयी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है।

फर्टिलिटी उपचार के कुछ नए व आधुनिक तकनीक निम्न हैं :

  • इंट्रासायटोप्लास्मिक स्पर्म इंजेक्शन (Intracytoplasmic Sperm Injection - ICSI), [3]
  • इंट्रासायटोप्लास्मिक मॉर्फोलॉजिकली सिलेक्टेड स्पर्म इंजेक्शन (Intracytoplasmic Morphologically Selected Sperm Injection - IMSI), [4]
  • टेस्टिकुलर एपिडीडिमल स्पर्म इंजेक्शन (Testicular Epididymal Sperm Injection - TESA) का इस्तेमाल आईवीएफ के साथ [5]

इन तकनीकों ने आधुनिक समय में आईवीएफ के काम करने के तरीके में क्रांति ला दी है।

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2.टेस्ट ट्यूब बेबी या आईवीएफ प्रक्रिया की आवश्यकता किसे होती है?

Who requires test tube baby or IVF procedure? in hindi

Test tube baby ya IVF prakriya ki avashyakta kise hoti hai?

सफलता दर के साथ अच्छे परिणाम प्राप्त करने के लिए आईवीएफ पर भरोसा किया जा सकता है।

आईवीएफ उपचार की सफलता दर अलग-अलग चिकित्सा जटिलताओं के कारण एक दंपत्ति से दूसरे दंपत्ति में भिन्न होती है।

यहां ऐसे कुछ मामले हैं जिनमें आपके स्त्री रोग विशेषज्ञ / प्रजनन विशेषज्ञ आपको टेस्ट ट्यूब बेबी या आईवीएफ कराने की सलाह दे सकते हैं। [6]

निम्न मामलों में आइवीएफ़ की सलाह दी जा सकती है :

1. डैमेज और ब्लॉक फॉलोपियन ट्यूब का होना (Damaged or blocked fallopian tubes)

ये सबसे सामान्य कारणों में से एक है, जिस कारण आईवीएफ प्रक्रिया की आवश्यकता होती है।

अगर महिला की फैलोपियन ट्यूब (fallopian tube) डैमेज या ब्लॉक होती है, तो उसे ऑपरेट या ठीक करना मुश्किल होता है।

ऐसे मामलों में दंपत्ति को आईवीएफ की मदद से सफलतापूर्वक गर्भधारण कराने के लिए सलाह दी जाती है।

2. शुक्राणु की गुणवत्ता और कम संख्या (Low quality and less number of sperm)

कई दंपत्ति पुरुष बांझपन (male infertility) के कारण सफलतापूर्वक गर्भधारण नहीं कर पाते हैं।

ऐसे में आपके डॉक्टर आपके पुरुष साथी को सीमेन एनालिसीसी (semen analysis) कराने की सलाह दे सकते हैं, ताकि स्पर्म काउंट (sperm count), स्पर्म क्वालिटी (sperm quality), स्पर्म वोल्यूम (sperm volume) के साथ-साथ स्पर्म मोटिलिटी (sperm motility) के बारे में अच्छे से पता चल सके।

3. ओवरीज़ या ओवरी के फंक्शन में गड़बड़ी होना (Problem in ovaries or ovarian dysfunction)

आईवीएफ प्रक्रिया की सिफारिश के अन्य कारण हैं, ओवरीज़ के फंक्शन में कमी आना, पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (Polycystic ovarian syndrome) होना और साथ ही बढ़ती उम्र के साथ अंडे का उत्पादन कम होना।

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3.आईवीएफ और टेस्ट ट्यूब बेबी की प्रक्रिया क्या है?

What is the procedure of IVF and test tube baby? in hindi

IVF or test tube baby ki prakriya kya hai?

जब कि हम ये समझ चुके हैं की ये दोनों प्रक्रियाएं एक ही हैं, तो आइए हम इस बात पर एक नज़र डालें कि आधुनिक आईवीएफ उपचार कैसे काम करता है।

आईवीएफ या तथाकथित टेस्ट ट्यूब बेबी में कई चरणों को फॉलो करना पड़ता है। ivf संबंधित मामले की बेहतर सफलता के लिए डीएनए सीक्वेंसिंग टेक्नोलॉजी (DNA sequencing technology) सहित नए तकनीक का उपयोग किया जाता है।

ऐसे में सफल गर्भावस्था के लिए उपचार के सभी चरणों को सही तरीके से फॉलो किया जाता है।

आईवीएफ के महत्वपूर्ण चरण इस प्रकार हैं:

1. स्टिम्युलेशन (Stimulation)

आईवीएफ प्रक्रिया के लिए एक से अधिक या बहुत सारे अंडों की ज़रूरत पड़ती है। ऐसे में इनफर्टिलिटी के कारण या फिर बढ़ती उम्र की वजह से महिला के ओवरीज़ में अंडों का उत्पादन कम होने लगता है या फिर होता ही नहीं है।

ऐसे में ज़्यादा-से-ज़्यादा ओवरीज़ से अंडे रिलीज़ हों, इसके लिए महिला को फर्टिलिटी की दवा जैसे 'क्लोमिड' दी जाती है।

इसके अलावा आईवीएफ के उपचार के दौरान समय-समय पर क्लोमिफ़िन साइट्रेट, मेटफॉर्मिन, गोनैडोट्रोपिन का भी उपयोग किया जाता है।

वहीं हार्मोन के स्तर को देखने के साथ-साथ अंडाशय की जांच के लिए ब्लड टेस्ट और ट्रांसवेजायनल अल्ट्रासाउंड (transvaginal ultrasound) किया जाता है।

2. ओवरीज़ से अंडों को निकालना (Removal of eggs from ovaries)

जब एक बार आईवीएफ उपचार के अनुकूल अंडे तैयार हो जाते हैं तो फिर उन्हें महिला के अंडाशय से बाहर निकालने की प्रक्रिया होती है। इस प्रक्रिया में इनफर्टिलिटी एक्सपर्ट की मदद ली जाती है।

जो एक पतली सुई की मदद से योनि (vagina) के रास्ते से होते हुए अंडाशय तक पहुँचता है और फिर वहां मौजूद अंडों को सक्शन प्रक्रिया के तहत खींचकर बाहर निकालता है। इस दौरान महिला को एनेस्थिसिया दे दिया जाता है।

3. निषेचन और भ्रूण का चयन (Fertilization and embryo selection)

ये प्रक्रिया लैब में होती है, जहां ओवरीज़ से अंडों को निकालने के बाद इसे पुरुष साथी के स्पर्म के साथ मिलाया जाता है। जिसके बाद फर्टिलाइजेशन की प्रक्रिया पूरी हो जाती है।

अंडे के सफल निषेचन के लिए ताज़ा शुक्राणु और जमे हुए शुक्राणु दोनों समान रूप से प्रभावी होते हैं।

वहीं भ्रूण का चयन अत्यंत सावधानी के साथ किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि केवल सबसे अच्छी गुणवत्ता और आदर्श भ्रूण ही चुना जाए।

4. भ्रूण स्थानांतरण (Embryo transfer)

भ्रूण के चयन और एंडोमेट्रियल रिसेप्टिविटी विश्लेषण के बाद, यह सबसे महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें भ्रूण को गर्भाशय के अंदर स्थानांतरित कर दिया जाता है। केवल एक भ्रूण को महिला के गर्भाशय में रखा जाता है।

हालांकि, जब प्रजनन एंडोक्रिनोलॉजिस्ट को एक उपयुक्त प्रकार का भ्रूण नहीं मिलता है, तो एक से अधिक भ्रूण भी स्थानांतरित किए जा सकते हैं।

इस दौरान दंपत्ति को हर एक पहलू की जानकारी दी जाती है कि प्रक्रिया के दौरान क्या किया जा रहा है।

और पढ़ें:10 Best IVF Doctors in Jaipur with High Success Rate

 

4.निष्कर्ष

Conclusionin hindi

Nishkarsh

इस प्रकार आईवीएफ या टेस्ट ट्यूब बेबी, वो तकनीक हैं जो समय के साथ विकसित हुई है और बेहतर परिणामों के साथ और एडवांस हुई है।

इसलिए, अगर आप आईवीएफ उपचार चुनकर अपने परिवार का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं, तो आईवीएफ निश्चित रूप से आपकी मदद कर सकता है।

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आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि:: 28 May 2020

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