अनियमित माहवारी में गर्भधारण कैसे करे

How to get pregnant fast with irregular periodsin hindi


एक नज़र

  • अनियमित पीरियड्स गर्भवती होने को मुश्किल बना सकते हैं।
  • यह जरूरी नहीं है कि अगर आपके पीरियड्स अनियमित हैं, तो आप गर्भवती नहीं हो पाएंगी।
  • अनियमित चक्र वाली कुछ महिलाओं को प्रजनन उपचार की ज़रूरत हो सकती है।
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Introduction

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क्या आप अनियमित माहवारी से गर्भावस्था हो सकती हैं? यह सवाल हर एक महिला को पड़ता है जब वो गर्भवती होने के बारे में सोचती है। इसका जवाब है - हां, लेकिन नियमित चक्र वाले महिलाओं की तुलना में यह अधिक कठिन हो सकता है। एक अध्ययन के अनुसार, यह पाया गया कि नियमित चक्र वाली महिलाओं को गर्भवती होने की संभावना चार गुना अधिक होती है अनियमित माहवारी की तुलना में। अनियमित अवधि गर्भ धारणा करने को और मुश्किल बना सकते हैं। लेकिन वे जरूरी नहीं है कि आप अपने आप गर्भवती नहीं हो पाएंगी। यदि आप योग्य उपचार लेती है तो प्रेग्नेंट हो सकती है क्यों की अनियमित पीरियड्स को ठीक कर प्रेगनेंसी होने के बहुत इलाज आजकल उपलब्ध हैं। बांझपन के 30% से 40% तक मामलों में अनियमित या असामान्य ओवुलेशन प्रमुख कारण होता है। अनियमित माहवारी, मिस्ड पीरियड्स या असामान्य रक्तस्राव अक्सर यह दर्शाता है कि आप ओवुलेशन नहीं कर रहे हैं, इस स्थिति को चिकित्सीय रूप से एनोव्यूलेशन (anovulation) के रूप में जाना जाता है। अनियमित माहवारी गर्भवती होने को मुश्किल बना सकते हैं। लेकिन यह जरूरी नहीं है कि आप स्वाभाविक रूप से गर्भवती नहीं हो पाएंगी। मां बनना सौभाग्य की बात होती है लेकिन आजकल महिलाओं में कई तरह की समस्याएं होती हैं जिससे उन्हें मां बनने में मुश्किल आती है। यदि आप बच्चा पैदा करने की कोशिश कर रही है, तो कई प्रजनन उपचार विकल्प उपलब्ध हैं, जिनकी सहायता से आप आसानी से गर्भवती हो सकती हैं। कभी-कभी, जीवनशैली में बदलाव करने से अनियमित अवधि को नियंत्रित किया जा सकता है और आपको गर्भ धारण करने में मदद मिल सकती है। इस लेख में हम आपको ये बताने जा रहे है की अनियमित पीरियड्स में भी गर्भधारण कैसे की जा सकती है। इससे पहले जानते है की अनियमित पीरियड्स या अनियमित मासिक धर्म आखिर होता क्या है।

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इस लेख़ में

 

क्या आपका मासिक धर्म चक्र अनियमित है

Is your menstrual cycle irregular in hindi

kya apke periods irregular hai, aniyamit mahvari kya hoti hai </strong>

यदि आपका मासिक धर्म चक्र 21 दिनों से कम, या 36 दिनों से अधिक लंबा है, तो हम इसे अनियमित मासिक चक्र का नाम दे सकते हैं। यदि आपका मासिक धर्म चक्र महीने-दर-महीने बदलते हैं, तो भी आपके चक्र को अनियमित माना जा सकता है। महिलाओं के लिए मासिक धर्म चक्र का लंबाई में भिन्न होना असामान्य नहीं है। कभी कभी महिलाओं मे पीरियड्स एक महीने में 28 दिन हो सकता है - जिसे औसत माना जाता है - और अगले महीने यह 31 दिन और अगले 27 हो सकता है। यह सामान्य बात है। यदि आपका चक्र एक या दो महीने बंद हो जाता है, तो आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। कभी-कभी तनाव या बीमारी के कारण ओव्यूलेशन में देर हो सकती है। हालांकि, यदि आपके चक्र अक्सर अनियमित होते हैं - या आपके मासिक धर्म चक्र के बीच काफी लंबा समय रहता है - तो आपको अपने चिकित्सक की राय लेनी चाहिए।

और पढ़ें:अजवायन से पाएं पीरियड्स के दर्द से छुटकारा
 

ओवुलेशन और गर्भधारण

Ovulation and pregnancy in hindi

Ovulation aur pregnancy mein kya rishta hai in hindi, ovulation ka pregnancy mein mahatv </strong>

यदि आप ओवुलेट कर रही हैं, लेकिन अनियमित रूप से, तो आपको अपने फर्टाइल दिनों का पता लगाने के लिए विशेष प्रयास करने की ज़रूरत होगी। ओवुलेशन का पता लगाने के कई तरीके हैं। ओव्यूलेशन प्रेडीकटर किट (ovulation predictor kit- OPK) या बेसल बॉडी टेम्परेचर (basal body temperature) के द्वारा आप पता लगा सकती हैं कि आप कब ओवुलेट कर रही हैं। आपको ओव्यूलेशन का समय जानने के लिए एक से अधिक तरीके का उपयोग करने की आवश्यकता हो सकती है। ओव्यूलेशन का समय जानकर आप अपने सबसे फर्टाइल समय को संयोग करने के लिए चुन सकती हैं जिसकी मदद से महिलाये गर्भधारण कर सकती है। इन दोनों तरीके में अपनी-अपनी कमियाँ हैं और कुछ पेचिदगियाँ भी, जिसके कारण कई महिलाएं इन तरीकों को पसंद नहीं करती। बिना ओवुलेशन के मासिक धर्म जैसा रक्तस्राव होना संभव है। यह आमतौर पर तब होता है जब गर्भाशय अस्तर मोटा हो जाता है। यह स्थिति एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन में असंतुलन से उत्पन्न होती है। अनियमित मासिक धर्म के कई संभावित कारण होते हैं, और कई कारण ओवुलेशन को प्रभावित कर सकते हैं या गर्भवती होने को और अधिक कठिन बना सकते हैं। जैसे कि, तनावपूर्ण समय में संयोग करने से बच सकते हैं। कुछ मामलों में, अनियमित माहवारी का कारण अज्ञात होता है। इसलिए आप अगर बच्चा रखने का सोच रही हो तो आपके डॉक्टर से विस्तार में बात करना जरुरी होता है।

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अनियमित माहवारी में गर्भधारण के लिए दवाएं

Medicines to get pregnant in spite of irregular periods in hindi

Irregular periods ke sath pregnant hone ki medicine in hindi</strong>

यदि आप ओवुलेट नहीं कर रही हैं, तो अपने ओवुलेशन को बढ़ाने के लिए आपको दवाओं की ज़रूरत पड़ सकती है। यहां तक कि अगर आप ओवुलेटिंग हैं, लेकिन आपका ओवुलेशन अनियमित है, तो भी फर्टिलिटी ट्रीटमेंट आपकी बहुत मदद कर सकते हैं।

  • ओव्यूलेटरी डिसफंक्शन (ovulatory dysfunction) के लिए क्लोमिड (Clomid) प्रजनन क्षमता को बढ़ने के लिए सबसे अधिक लोकप्रिय दवा है और इसकी सफलता दर अच्छी है।
  • एक अन्य संभावित विकल्प ड्रग लेट्रोज़ोल (letrozole) है। शोध में पाया गया है कि यह पीसीओएस वाली महिलाओं में क्लोमिड की तुलना में अधिक प्रभावी है।
  • एक अन्य दवा, मधुमेह की दवा मेटफॉर्मिन (metformin) है, जो कुछ चिकित्सक रेकमेंड करते हैं। मेटफॉर्मिन इंसुलिन प्रतिरोध और पीसीओएस (PCOS) ओव्यूलेट वाली महिलाओं को ओवुलेट करने में मदद कर सकता है।
  • यदि इन दवाओं से फायदा नहीं होता, तो डॉक्टर इंजेक्टेबल फर्टिलिटी ड्रग्स (Injectable fertility drugs) जिसमे पेर्गोनल(Pergonal), रिप्रोनेक्स(Repronex), मेट्रोडिन(Metrodin), एफएसएच(FSH), प्रेग्निल(Pregnyl), नोवेलर(Novarel) आदि शामिल है की सलाह दे सकते हैं। इसके साथ ही डॉक्टर आईयूआई उपचार (IUI treatment) या आईवीएफ (IVF treatment) का सुझाव दे सकते है।
  • यदि थायरॉयड असंतुलन या हाइपरप्रोलैक्टिनेमिया (hyperprolactinemia) के कारण आपके पीरियड्स अनियमित है, तो इसका इलाज कराने से पीरियड्स नियमित हो सकते हैं और आपकी प्रजनन क्षमता सामान्य हो सकती है।
और पढ़ें:अनियमित माहवारी का इलाज
 

अनियमित माहवारी में गर्भाधारण के लिए जीवन शैली में परिवर्तन करे

Lifestyle changes necessary to get pregnant in hindi

jeevan shaili main kaun se badlav aapko pregnant banane mein madad kar sakte hain</strong>

गर्भाधारण के लिए फर्टिलिटी ड्रग्स एकमात्र विकल्प नहीं हैं। आप जीवनशैली में बदलाव करके भी अनियमित माहवारी को नियमित कर गर्भाधारण में सक्षम हो सकती हैं। यदि आप मोटापा से ग्रस्त हैं, तो वजन कम करने से आपको गर्भ धारण करने में मदद मिल सकती है। शोध से पता चला है कि मोटापे से ग्रस्त महिलाएं जो अपना वजन सिर्फ 10 प्रतिशत कम कर लेती हैं, वें फिर से ओव्यूलेशन शुरू कर सकती हैं। यदि अत्यधिक डायटिंग या बहुत कम वज़न के कारण आपके पीरियड्स अनियमित हो गए हैं, तो पोषक खाना और व्यायामों में कटौती करके आप नियमित चक्र पा सकती हैं और गर्भाधारण में सक्षम हो सकती हैं। हालांकि, याद रखें कि कुछ वजन की समस्याएं एक अंतर्निहित हार्मोनल असंतुलन के कारण होती हैं। यह मानना गलत होगा कि आपका मोटापा "सिर्फ" सही खाने पे निर्भर है। इसबारे में आप अपने चिकित्सक को दिखाए, और फिर वजन घटाने की योजना बनाएं। तनाव कम करने के उपाय:

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अनियमित पीरियड्स और बांझपन के पीछे कारण

Causes behind aniyamit periods and infertility in hindi

Irregular periods aur banjhpan ke karan</strong>

अनियमित चक्र के पीछे का कारण आपके गर्भवती होने की संभावनाओं पर गहरा प्रभाव डालते हैं । अनियमित चक्र से पीड़ित महिला भी महीने-दर-महीने ओवुलेट कर सकती है। यदि आप ओवुलेट कर रही हैं, तो बिना दवाओं के भी प्रेग्नेंट हो सकती हैं। हालांकि, कभी-कभी अनियमित माहवारी एनोव्यूलेशन (anovulation) की ओर भी इशारा करते हैं। एनोवुलेटरी चक्र का अर्थ है आप ओव्यूलेशन नहीं कर रही। यदि आप ओवुलेट नहीं कर रही हैं, तो आपको गर्भवती होने के लिए उपचार की ज़रूरत होगी।

यहां अनियमित चक्रों के कुछ संभावित कारण दिए गए हैं जो बांझपन के कारक भी हैं:

  • पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि सिंड्रोम- पीसीओएस (Polycystic ovarian syndrome- PCOS)

अनियमित अवधि पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि सिंड्रोम (पीसीओएस) का संकेत हो सकता है। पीसीओएस एक सामान्य महिला अंतःस्रावी विकार है जो 8 में से 1 महिला को प्रभावित करता है। पीसीओएस वाली प्रत्येक महिला को बांझपन का अनुभव नहीं होगा, लेकिन कई को गर्भवती होने में अधिक समय लग सकता है। पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं में गर्भपात का खतरा अधिक होता है।

  • थायराइड का असंतुलन (Thyroids problems)

एक अंडरएक्टिव या ओवरएक्टिव थायराइड अनियमित पीरियड्स, साथ ही बांझपन का कारण बन सकता है। थायरॉयड असंतुलन के अन्य संभावित लक्षणों में वजन में बदलाव, सोते समय कठिनाई महसूस करना या नींद न आना, हर समय थकान महसूस करना, अस्पष्ट चिंता या अवसाद, कब्ज या दस्त की समस्या शामिल हैं।

  • प्राथमिक डिम्बग्रंथि अपर्याप्तता/समयपूर्व डिम्बग्रंथि विफलता (Primary ovarian insufficiency - POI/ Premature ovarian failure - POF)

प्राथमिक डिम्बग्रंथि अपर्याप्तता अनियमित या पूरी तरह से पीरियड्स की अनुपस्थित का कारण बन सकती है। इसमें एस्ट्रोजन का स्तर कभी-कभी कम हो जाता है। इससे योनि सूखापन, दर्दनाक संभोग, गर्म चमक या रात को पसीना, नींद का न आना या अस्पष्टीकृत अवसाद या चिंता(unexplained depression or anxiety) जैसे लक्षण हो सकते हैं।

  • हाइपरप्रोलैक्टिनीमिया (Hyperprolactinemia)

प्रोलैक्टिन एक हार्मोन है जो स्तन के दूध के उत्पादन के लिए स्तनों को उत्तेजित करने के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार होता है। हाइपरप्रोलैक्टिनीमिया तब होता है जब महिला गर्भवती नहीं होती है और स्तनपान नहीं कर रही होती है तभी भी प्रोलैक्टिन हार्मोन का स्तर महिलाओंके के शरीर में अचानक से बढ़ जाता है। प्रोलैक्टिन(prolactine) का असामान्य रूप से उच्च स्तर अनियमित अवधि का कारण बन सकता है या महिलाओं मे पीरियड्स को पूरी तरह से समाप्त कर सकता है।

  • अत्यधिक मोटापा (Obesity)

मोटापा याने अत्यधिक वजन का बढ़ना है यह अनियमित माहवारी और घटी हुई प्रजनन क्षमता का सबसे आम कारण है। मोटापा अनियमित पीरियड्स के साथ-साथ गर्भवती होने में कठिनाई पैदा कर सकता है।

  • वज़न कम होना (Excessive weight loss)

जिस तरह अधिक वजन होने के कारण अनियमित माहवारी चक्र हो सकते हैं, उसी तरह काफी कम वजन होने के कारण भी अनियमित पीरियड्स और प्रजनन समस्याएं हो सकती हैं। खाने के विकार जैसे एनोरेक्सिया नर्वोसा (Anorexia Nervosa); बुलीमिया नर्वोसा बांझपन और पीरियड्स के न आने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।

  • अत्यधिक व्यायाम (Excessive exercise)

अत्यधिक व्यायाम (Excessive exercise)अनियमित चक्र का संभावित कारण हो सकता हैं। महिला एथलीटों को इस कारण बांझपन का अनुभव होने की अधिक संभावना होती है।

  • तनाव (Stress)

तनाव ओवुलेशन (ovulation) सहित अन्य शारीरिक कार्यों को विविध तरीकों से प्रभावित कर सकता है। अत्यधिक तनाव मासिक धर्म की अनियमितता की संभावना को अधिक बढ़ाता है। कई महिलाओं मे बांझपन के बारे में डर साथी के साथ तनाव बढ़ा सकता है जो स्वास्थ पे असर करेगा, और इससे आपकी गर्भावस्था की संभावना और भी कम हो सकती है

  • पेरिमेनोपॉज (perimenopause)

पेरिमेनोपॉज महिला के प्रजनन जीवन(reproductive life) का एक समय होता है जब एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन स्वाभाविक रूप से उनके शरीर में कम हो जाते हैं। इससे रजोनिवृत्ति का संकेत देने से पहिले ही महिला के शरीर में अनियमित ओवुलेशन होता है और पीरियड्स रुक जाते हैं। पेरिमेनोपॉज का अर्थ है मेनोपॉज के आसपास का समय यानी पेरिमेनोपॉज रजोनिवृति (मेनोपॉज) से पहले की अवधि है। इस दौरान बॉडी प्राकृतिक रूप से मेनोपॉज के लिए तैयार होती है। हर महिला में पेरिमेनोपॉज अलग-अलग उम्र में शुरू होता है। आपको अनियमित माहवारी जैसे मेनोपॉज की तरफ बढ़ने के लक्षण नजर आ सकते हैं। कई बार यह 40 वर्ष की उम्र में नजर आते हैं। हालांकि, कुछ महिलाओं को यह लक्षण 30 की उम्र के आसपास नजर आने लगते हैं।

और पढ़ें:अनियमित माहवारी या अनियमित पीरियड
 

निष्कर्ष

Conclusionin hindi

यदि आपके पीरियड्स अनियमित हैं, तो आप डॉक्टर की सलाह लें। यहां तक कि अगर आप गर्भवती होने की कोशिश नहीं कर रही हैं, तब भी जांच करवाना एक अच्छा विचार है। अगर एक वर्ष तक कोशिश करने के बावजूद आप गर्भवती नहीं होती हैं (या छह महीने अगर आपकी उम्र 35 वर्ष हो), तो डॉक्टर को देखें। अनियमित चक्र या अनियमित माहवारी बांझपन के लिए एक जोखिम कारक है। आपका डॉक्टर यह देखने के लिए, कि आप ओवुलेट कर रही हैं या नहीं, कुछ सरल रक्त परीक्षण कर सकता है।

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आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: : 17 Jul 2020

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