Human chorionic gonadotropin (HCG) | Zealthy

ह्यूमन-कोरियोनिक-गोनाडोट्रोपिन - इनफर्टिलिटी ट्रीटमेंट में एचसीजी इंजेक्शन का इस्तेमाल

Human chorionic gonadotropin - uses of HCG injections in infertility treatments in hindi

Human Chorionic Gonadotropin - HCG Injection ka istemal in hindi

एक नज़र

  • ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन (HCG) हॉर्मोन महिला के गर्भावस्था की जांच करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
  • ल्युटनाइजिंग हॉर्मोन -एलएच (Luteinizing hormone -LH) की संरचना ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन (एचसीजी) हॉर्मोन से मिलती है।
  • एचसीजी इंजेक्शन का इस्तेमाल आईयूआई और आईवीएफ के द्वारा गर्भधारण करने के समय उपयोग में लाया जाता है।

जब महिला की ओवरी (ovary) में अंडे की उत्पत्ति से गर्भधारण नहीं हो पाता, तब ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन - एचसीजी इंजेक्शन (Human Chorionic Gonadotropin - HCG) का इस्तेमाल किया जाता है।[1]

एचसीजी हॉर्मोन गर्भधारण के लिए आवश्यक है। एचसीजी (HCG) हॉर्मोन, एग रिलीज (egg release), एग प्रोडक्शन (egg production) और फॉलिकल प्रोडक्शन (follicle production) में बहुत बड़ा योगदान निभाता है।

महिला के शरीर में इस हॉर्मोन का उत्पादन कम या बंद हो जाने के कारण ओवरी में एग प्रोडक्शन में कमी आती है। ऐसी स्थिति में ओवरी में फॉलिकल का उत्पादन कम हो जाने के साथ-साथ, एग मैच्योर (mature) और रिलीज नहीं हो पाते हैं।

इसके उपचार के तौर पर ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन इंजेक्शन का इस्तेमाल किया जाता है जो लाभप्रद है।

चलिए इस लेख के माध्यम से एचसीजी इंजेक्शन के इस्तेमाल के विषय में विस्तारपूर्वक जानते हैं।

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इस लेख़ में /\

  1. आईयूआई ट्रीटमेंट में एचसीजी इंजेक्शन का इस्तेमाल कब किया जाता है?
  2. आईवीएफ ट्रीटमेंट में एचसीजी इंजेक्शन का इस्तेमाल कब किया जाता है?
  3. गर्भावस्था के दौरान एचसीजी इंजेक्शन का इस्तेमाल कब किया जाता है?
  4. एनोव्यूलेशन के लिए एचसीजी का इस्तेमाल कब किया जाता है?
  5. एचसीजी इंजेक्शन के दुष्प्रभाव क्या हैं?
  6. निष्कर्ष
 

1.आईयूआई ट्रीटमेंट में एचसीजी इंजेक्शन का इस्तेमाल कब किया जाता है?

What are the uses of HCG injection in IUI treatment? in hindi

IUI treatment me HCG injection ka istemal in hindi

आईयूआई (IUI) ट्रीटमेंट के दौरान एचसीजी (HCG) इंजेक्शन का इस्तेमाल करने से गर्भधारण का सक्सेस रेट (success rate) बढ़ता है। इसके उपयोग से महिला के कंसीव करने की संभावना अधिक होती है।

एचसीजी का मॉलिक्यूलर स्ट्रक्चर (molecular structure) पूरी तरह से ल्युटनाइजिंग हॉर्मोन (luteinizing hormone - LH) के जैसा होता है। [2] ल्युटनाइजिंग हॉर्मोन, ओवुलेशन (ovulation) की प्रक्रिया को तीव्र करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

एचसीजी इंजेक्शन भी आईयूआई ट्रीटमेंट के दौरान ओवुलेशन (ovulation) की प्रक्रिया को तेज करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। [3]

यह इंजेक्शन कब देना है, डॉक्टर यह समय के अनुसार तय करते हैं और इंजेक्शन देने के 2 से 3 दिन या 36 घंटे बाद कैथिटर (catheter) के इस्तेमाल से डोनर स्पर्म (donor sperm) को महिला के गर्भाशय में डालते हैं।

इस तरह से एचसीजी इंजेक्शन से महिला की ओवुलेशन की प्रक्रिया तीव्र गति से होती है और महिला जल्दी गर्भवती हो पाती है।

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2.आईवीएफ ट्रीटमेंट में एचसीजी इंजेक्शन का इस्तेमाल कब किया जाता है?

What are the uses of HCG injection in IVF treatment? in hindi

IVF treatment me HCG injection ka istemal in hindi

डॉक्टर एचसीजी (HCG) इंजेक्शन को महिलाओं को इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन - आइवीएफ (In-vitro fertilization -IVF) ट्रीटमेंट के दौरान देते हैं ताकि एग (egg) अच्छी तरह से मैच्योर हो जाएं।

इस इंजेक्शन को देने से पहले डॉक्टर महिला के वजन और मास (mass) का माप लेते हैं। अक्सर डॉक्टर एम्ब्रयो के दूसरे ट्रांसप्लांट (transplant) के 2 दिन पहले ही एचसीजी (HCG) इंजेक्शन दिया जाता।

इस बारे में किए गए शोधों में यह पाया गया है कि एम्ब्रयो ट्रांसप्लांट के पहले एचसीजी इंजेक्शन देने से फर्टिलिटी की सफलता दर बढ़ती है।

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3.गर्भावस्था के दौरान एचसीजी इंजेक्शन का इस्तेमाल कब किया जाता है?

What are the use of HCG injection during pregnancy? in hindi

garbhavastha ke dauran HCG injection ka istemal in hindi

गर्भवती होने के बाद एचसीजी का एक निर्धारित डोज (dose) लेने से महिला के गर्भपात की संभावना को दूर किया जा सकता है।[4]

हालांकि, यह हॉर्मोन गर्भावस्था जांच के दौरान यह बताने में मदद करता है कि महिला गर्भवती है या नहीं।

लेकिन, ऐसी महिलाएं जिनकी प्रेगनेंसी के बाद अक्सर गर्भपात हो जाता है, उन्हें एचसीजी इंजेक्शन का एक निश्चित डोज देना सुरक्षा जनक रहता है।

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4.एनोव्यूलेशन के लिए एचसीजी का इस्तेमाल कब किया जाता है?

What are the uses of HCG in anovulation? in hindi

Anovulation ke liye HCG ka istemal in hindi

एनोव्यूलेशन एक ऐसी स्थिति होती है जिसमे महिला अपने पीरियड्स के दौरान ऊसाइट (oocyte) रिलीज (release) नहीं कर पाती है।

ऊसाइट एक प्रकार का सेल है जो ओवम (ovum) के निर्माण के लिए मिओटिक (miotic) सेल डिविज़न (cell division) करता है।

अगर महिला एनोव्यूलेशन से पीड़ित है तो एचसीजी का इंजेक्शन हार्मोनल डिसबैलेंस (hormonal disbalance) में सुधार करके महिला के गर्भवती होने में सहायता करता है।

और पढ़ें:आईएमएसआई आईवीएफ क्या है?

 

5.एचसीजी इंजेक्शन के दुष्प्रभाव क्या हैं?

What are the side-effects of HCG injections? in hindi

HCG injection ke dushprabhav in hindi

एचसीजी इंजेक्शन उन महिलाओं के लिए उपयोगी है जिन्हें गर्भधारण करने में मुश्किल होती है। लेकिन, जब एचसीजी इंजेक्शन एक सीमित मात्रा से अधिक बार उपयोग किया जाता है तो इसके कुछ दुष्प्रभाव भी होने लगते हैं।

एचसीजी इंजेक्शन (HCG injection) दुष्प्रभाव निम्न हो सकते हैं :

1.ओवेरियन हाइपर स्टिमुलेशन सिंड्रोम (Ovarian hyperstimulation syndrome)

गर्भावस्था के समय एचसीजी इंजेक्शन के उपयोग से ओवरी में हाइपरस्टिम्यूलेशन होने की संभावना रहती है। इस अवस्था को ओवेरियन हाइपर स्टिमुलेशन सिंड्रोम (OHSS) कहा जाता है। [5]

आंकड़ों के अनुसार, कम से कम एक-चौथाई महिलाएं ओवेरियन हाइपर स्टिमुलेशन सिंड्रोम से पीड़ित होती हैं।

इसके लक्षण, महिला दर महिला भिन्न होते हैं और कुछ समय में जैसे एक या दो सप्ताह के भीतर कम हो जाते हैं।

2. स्तन में दर्द और सूजन (Breast pain and swelling)

गर्भावस्था के समय एचसीजी इंजेक्शन के उपयोग के बाद कुछ महिलाओं को स्तन दर्द या स्तन सूजन का अनुभव होता है। [6]

इसके लिए एचसीजी इंजेक्शन को लेने बाद, आपको अपने शरीर में होने वाले असामान्य परिवर्तन को जानने के लिए समय-समय पर स्तन की जांच करनी होती है। कुछ भी असामान्य परिवर्तन महसूस होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।

3. शरीर में पानी की मात्रा में वृद्धि (Increased level of water in body)

वैसे तो हमारा शरीर 70 % पानी से बना है लेकिन किसी भी चीज़ की अधिकता होने पर ये नुक्सानदायक हो सकता हैं।

प्रजनन उपचार के दौरान एचसीजी इंजेक्शन के इस्तेमाल से शरीर में पानी की वृद्धि हो जाती है और इसी कारण वजन भी बढ़ने लगता है। अगर आपका वजन अधिक बढ़ रहा हो तो डॉक्टर से परामर्श करें।

4. अन्य दुष्प्रभाव (Other side-effects)

प्रजनन उपचार के लिए या गर्भधारण के दौरान एचसीजी इंजेक्शन लेने से कुछ अन्य दुष्प्रभाव भी होते हैं जैसे अवसाद, थकान, पेट दर्द, और सिरदर्द आदि।

और पढ़ें:आईयूआई उपचार की प्रक्रिया दर्दनाक है ?

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6.निष्कर्ष

Conclusionin hindi

Nishkarsh

ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन इंजेक्शन से महिलाओं की ओवरी में अंडे के उत्पादन को ठीक करता है और अंडे को मेच्योर करता है।

यह एम्ब्रयो डेवलपमेंट के लिए भी बेहतर विकल्प है। यह गर्भधारण की संभावना को बढ़ाने के साथ- साथ गर्भपात के जोखिम को कम करने के उपयोग किया जाता है।

लेकिन, इसके कुछ साइड-इफेक्ट्स भी होते हैं जिसके बारे में आपको डॉक्टर से जानकारी लेनी चाहिए।

आर्टिकल की आख़िरी अप्डेट तिथि: 23 Jan 2020

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