बढ़ती उम्र के साथ योनि में सूखापन का आपकी सेक्स लाइफ पर प्रभाव

How Vaginal Dryness Can Change Your Sex Life in hindi

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एक नज़र

  • योनि के सूखने के कारण भिन्न हो सकते हैं।
  • रजोनिवृती(menopause) एक सामान्य प्रक्रिया है।
  • योनि का सूखने का सेक्स पर प्रभाव।
  • यौन संबंध सुखमय बनाना मानसिक कार्य है।
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Introduction

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उम्र के साथ-साथ हर महिला के शरीर में आंतरिक, बाहरी, मानसिक और भावनात्मक धरातल पर अनेक परिवर्तन आते हैं। यह परिवर्तन समय और स्थितीनुसार अच्छे और बुरा प्रभाव छोड़ते हैं।

ऐसा ही एक परिवर्तन आता है जब महिलाओं को अपनी योनि में सूखापन का एहसास होने लगता है।

डॉक्टर्स के अनुसार रजोनिवृत्ति की औसत आयु 51 वर्ष है लेकिन अधिकांश महिलाएं 45 और 55 की उम्र के बीच रजोनिवृत्ति तक पहुँचती हैं। उम्र बढ़ने और रजोनिवृत्ति से जुड़े परिवर्तनों के कारण सक्रिय सेक्स लाइफ (active sex life) को बनाए रखना कभी-कभी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

अधिक उम्र की महिलाओं के लिए, योनि का सूखना, सेक्स की इच्छा कम करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। लेकिन योनि सूखापन का मतलब यह नहीं है कि आपको स्वस्थ सेक्स जीवन का आनंद लेना छोड़ना होगा।

इस लेख के माध्यम से हम महिलाओं में योनि में सूखेपन के कारण, उपचार और बचाव के बारे में बात करेंगे।

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इस लेख़ में

 

योनि का सूखना क्या होता है

What is Vaginal Dryness in hindi

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महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजेन हार्मोन (estrogen harmone) की मात्रा उनकी प्रजनन क्षमता और यौन सम्बन्धों को निर्धारित करने वाले माने जाते हैं।

इन्हीं हार्मोन के कारण महिलाओं के शरीर में बाहरी और आंतरिक बदलाव प्रभावित होते हैं। लेकिन, जब किसी कारण से एस्ट्रोजोन हार्मोन में कमी आने लगती है तब भी इसका सीधा प्रभाव महिला के शरीर में आंतरिक अंगों में महसूस होने लगता है।

जब एस्ट्रोजेन हार्मोन का उत्पादन कम हो जाता है या बंद हो जाता है तब महिलाओं को योनि में सूखापन की शिकायत होने लगती है।

इस समय योनि की दीवारें पतली हो जाती हैं और योनि को चिकनाहट देने वाला तरल पदार्थ भी खत्म हो जाता है। इस स्थिति को योनि का सूखना या योनि में सूखापन कहा जाता है।

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योनि के सूखने के क्या कारण होते हैं?

Causes of Vaginal Dryness in hindi

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सामान्य रूप से रजोनिवृती या मेनोपौज के समय योनि में सूखापन की परेशानी सबसे अधिक उभर कर आती है।

रजोनिवृती वह स्थिति होती है जब महिलाओं का लगभग 50 वर्ष की आयु के बाद मासिक धर्म रुक जाता है।

रजोनिवृती के दौरान शरीर में हो रहे हॉर्मोन के बदलाव के कारण इस समय योनि में सूखापन महसूस होना सामान्य है।

इसके अतिरिक्त योनि सूखने के कारण निम्न भी माने जाते हैं :-

  • अत्यधिक तनावपूर्ण या स्ट्रेस से भरी जीवनशैली।
  • कैंसर के उपचार के कारण जैसे किमोथेरेपी अंडाशय को नुकसान पहुंचा सकती है इस कारण एस्ट्रोजेन हॉर्मोन का उत्पादन कम हो जाता है। इससे योनि लुब्रीकेंट की मात्रा कम हो जाती है और योनि में सूखापन का कारण बनती है।
  • गर्भनिरोधक गोलियों के सेवन से भी योनि में सूखेपन की शिकायत रहती है।
  • अस्थमारोधी दवाइयों का लंबे समय तक सेवन भी योनि में शुष्कता बढ़ा सकती है।
  • हिस्टेरेकटोमी (hysterectomy) गर्भाशय और/ या ओवरी को सर्जरी के बाद निकाल दिए जाने के कारण भी योनि में सूखापन होना सामान्य है।
  • बच्चे के जन्म के बाद महिला के शरीर में एस्ट्रोजन हॉर्मोन की मात्रा कम हो जाती है जिस कारण इस दौरान योनि में सूखेपन की शिकायत रहती है।
  • सेक्स से पहले उत्तेजना की कमी के कारण भी योनि में सूखापन रहता है। यदि महिला सम्बन्ध बनाते समय उत्तेजना ना महसूस करे तो योनि में प्राकृतिक लुब्रीकेंट सक्रिय नहीं हो पाता इस कारण सेक्स के दौरान दर्द का अनुभव होना भी सामान्य है।
  • कठोर व्यायाम जैसे वेटलिफ्टिँग (weight lifiting), रस्सी कूदना और तीव्र पेट के व्यायाम से आपके शरीर पर बहुत अधिक तनाव पैदा हो जाता है। यह शरीर और योनि के ब्लूड सरकुलेशन पर प्रभाव डालता है और वैजिनल इचिंग और योनि मे सुखापन पैदा करता है।
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रजोनिवृति से पहले योनि में सूखापन

Vaginal Dryness Before Menopause in hindi

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प्रचलित धारणा के अनुसार अधिकतर लोग यह मानते हैं कि योनि में सूखेपन की समस्या रजोनिवृति से गुज़र रही महिलाओं में ही देखने को मिलती हैं।

लेकिन यह सच नहीं है, 18-50 वर्ष की आयु की लगभग 17% महिलाओं को रजोनिवृत्ति से पहले ही सेक्स के दौरान योनि में सूखापन की समस्या होती है। आइये जानते हैं कि युवा अवस्था की महिलाओं को योनी में सूखेपन की शिकायत किन कारणों से होती है।

युवा महिलाओं को योनि में सूखेपन के कारण : -

  • युवा अवस्था में योनि में सूखापन अक्सर मनोवैज्ञानिक कारणों जैसे तनाव (stress ) के कारण होता है।
  • स्वच्छता उत्पाद जैसे योनि स्प्रे ,कठोर साबुन, स्विमिंग पूल और गर्म टब में इस्तेमाल होने वाले रसायन और कुछ वाशिंग पाउडर भी योनि में सूखापन पैदा कर सकते हैं।
  • एलर्जी, सर्दी होने पर ली जाने वाली दवाइयां और कुछ एंटीडिप्रेसेंट दवाएं भी योनि के ऊतकों को सूखा सकते हैं।
  • स्तनपान कराने वाली माताओं मे योनि सुखना, एक आम बात है जो एस्ट्रोजन हॉर्मोन के कमी के कारण होता है।
  • सर्जरी द्वारा गर्भाशय या ओवेरी को निकले जाने के बाद भी कई महिलाओं को योनि में सूखापन महसूस होता है, इसका मुख्य कारण हार्मोन का असंतुलित होना है।
  • कैंसर से पीड़ित महिलाओं के दौरान अगर वह कीमोथेरेपी ले रही हैं तो उनको योनि सूखने की शिकायत हो सकती है।
  • सम्बन्ध बनाते समय यदि महिला को उत्तेजना न महसूस हो तब भी योनि में सूखापन सामान्य है और इस कारण महिला को सेक्स के दौरान दर्द का अनुभव हो सकता है।
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योनि के सूखेपन का यौन सम्बन्धों पर प्रभाव

Effect of Vaginal Dryness on Sex Life in hindi

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सामान्य भारतीय महिला स्वयं को उम्र के अंकों के साथ अपनी जीवनशैली का निर्धारण करती हैं। अधिकतर महिलाएं 50 के बाद सेक्स को महत्व नहीं देती हैं।

इसके पीछे सबसे बड़ा कारण उनकी सेक्स करने की इच्छा में कमी आना माना जाता है जो योनि के सूखने का प्रभाव भी हो सकता है। इसके अलावा भी योनि में सूखापन के प्रभाव महिलाओं के सेक्स जीवन पर देखे जा सकते हैं।

सेक्स लाइफ पर योनि में सूखापन का प्रभाव : -

  • संबंध बनाते समय दर्द होना (Pain during sex)

योनि में शुष्कता आने पर योनि की दीवारें पतली हो जाती हैं और उसमें चिकनाहट देने वाले लिक्विड भी कम हो जाता है।

इस कारण महिलाओं को सेक्स के दौरान अत्यधिक दर्द महसूस हो सकता है।

अधिकतर महिलाएं इस दर्द से डरकर 50 वर्ष के बाद यौन संबंध बनाने से कतराने लगती हैं।

  • जननांगों में सूजन व दर्द होना (Pain and swelling in praivate parts)

कुछ स्थितियों में योनि में शुष्कता आ जाने पर जननांगों में सूजन भी आ जाती है।

इसका कारण एस्ट्रोजेन हार्मोन के कम या बंद हो जाने के कारण इन अंगों में रक्तप्रवाह (blood circulation) कम हो जाता है।

इस कारण यह अंग सूज जाते हैं और संबंध बनाते समय इनमें दर्द होने लगता है।

  • मूड स्विंग होना (Mood swing)

अधिकतर महिलाएं रजोनिवृती के समय मासिक धर्म के बंद हो जाने के कारण मूड स्विंग की भी शिकार हो जाती हैं।

इस समय अत्यधिक चिढ़चिढ़ापन, गुस्सा आना, रोना आना, दिल में घबराहट होना, सामान्य बात हो जाती है।

इस प्रकार भावनात्मक धरातल पर उतार-चढ़ाव आने पर इसका यौन सम्बन्धों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

  • यौन सम्बन्धों में रुचि कम हो जाना (Less interest in sex)

जब महिला शरीर में एस्ट्रोजेन हार्मोन के स्तर में कमी होने लगती है तब उससे एक ओर तो योनि में सूखापन आ जाता ही है साथ ही यौन संबंध बनाने में भी रुचि कम हो जाती है।

अधिकतर महिलाएं इस तथ्य से अंजान होने के कारण स्वयं को इस बात के लिए दोषी मानने लगती हैं।

  • अवसाद- डिप्रेशन जैसी मानसिक स्थिति (Depression)

महिलाओं के लिए यौन संबंध न केवल शारीरिक व मानसिक आवश्यकता होती है, बल्कि इससे उनके भावनात्मक स्वास्थ्य भी बना रहता है।

लेकिन जब योनि की शुष्कता के कारण उनके यौन सम्बन्धों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तब वे डिप्रेशन जैसी मानसिक स्थिति में पहुँच जाती हैं, इससे स्थिति और बिगड़ जाती है।

  • शारीरिक रोगों में वृद्धि (More diseases)

दरअसल, यौनिक शुष्कता का मुख्य कारण शरीर में होने वाले हार्मोनल परिवर्तन होता है।

यह परिवर्तन महिलाओं के शरीर में विभिन्न प्रकार के रोगों को भी जन्म देता है और इस कारण महिलाएं विभिन्न प्रकार के शारीरिक रोगों जैसे जोडोंका दर्द (arthritis), ब्लड प्रेशर, अत्यधिक शारीरिक वजन का बढ़ना, थकान आदि परेशानियों से घिर जाती हैं।

इस कारण सेक्स के प्रति उनकी अरुचि स्वाभाविक मानी जा सकती है।

  • पेट पर असहनीय भार (Heavy load on stomach)

कुछ महिलाएं इस अवस्था में पेट पर भार नहीं सह पातीं हैं और उनका मूत्राशय भी कमजोर हो जाता है, इस कारण उन्हें सेक्स करने में परेशानी हो सकती है।

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वेजाइनल एट्रोफी में यौन संबंध कैसे सुखकर बनाएँ

How to Make Sex Life Pleasurable in Vaginal Atrophy in hindi

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स्त्री-पुरुष के मिलन को एक सुखकारी एक्टिविटी माना जाता है जिसमें शारीरिक और मानसिक रूप से परस्पर जुड़ा होना अत्यंत जरूरी होता है।

लेकिन उम्र के बढ़ने के साथ योनि में कई बदलाव आते है , योनि शोष भी एक ऐसा ही बदलाव है।

योनि शोष चिकित्सा शब्द है जो महिलाओं में रजोनिवृत्ति (मासिक धर्म समाप्त होना) के दौरान योनि की दीवार के पतले होने को संदर्भित करता है, जो एस्ट्रोजेन हॉर्मोन का स्तर गिरने के कारण होता है।

महिलाएं जब योनि एट्रोफी (vaginal atrophy) की परेशानी या सरल शब्दों में कहें तो योनि की शुष्कता से परेशान होती है तब यौन सम्बन्धों को सरल और सुखमय बनाने के लिए वो प्रयास कर सकती हैं।

यौन संबंध को बेहतर बनाने के टिप्स : -

  • अपने खाने-पीने के आदतों और डायट में हेल्दी और पोषक तत्वों को शामिल करके स्वयं को शारीरिक रूप से स्वस्थ व मजबूत रखें।
  • अपनी डाइट में प्रोटीन के रूप में दूध,पानी ,फल, हरी सब्ज़ियाँ, सोया उत्पाद, दही (प्रोबिओटिक्स) जरूर शामिल करें। इससे आपके शरीर में एस्ट्रोजेन हारमोन की कमी के कारण आने वाले दुष्प्रभावों को कम किया जा सकता है।
  • शारीरिक व्यायाम के माध्यम से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
  • सुगंधित उत्पादों से परहेज करें, इसमें पाउडर, साबुन और डिओडरंट शामिल हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कुछ सुगंधित लुब्रिकेंट्स (lubricants) और कंट्रासेप्टिव (cotraceptive) जैसे डायाफ्राम, कंडोम, सर्वाइकल कैप और स्पॉन्ज भी योनि को परेशान कर सकते हैं और सूखापन पैदा कर सकते हैं।
  • अपनी दिनचर्या में उन कामों को शामिल करें जिन्हें करने से आपके मन को शांति और प्रसन्नता मिलती है। ऐसा करने से आपके भावनात्मक स्वास्थ्य में मज़बूती आएगी।
  • भरपूर नींद अवश्य लें। इससे आपका न केवल शरीर बल्कि मन भी चिंता मुक्त और प्रसन्न रहेगा।
  • हार्मोन थेरेपी, योनि के सूखेपन और रजोनिवृत्ति के अन्य लक्षणों के उपचार में प्रभावी होती है जो डॉक्टर के सलाह के द्वारा शुरू की जा सकती है।
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योनि के सूखेपन का इलाज

Treatment of vaginal dryness in hindi

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हर महीला कभी न कभी अपने जीवन में योनी के सूखेपन से गुजरती हैं। इस समय न सिर्फ वे परेशान रहती है बल्कि इस दुविधा में भी रहती हैं की योi में सूखापन का इलाज क्या है और उन्हें इस स्थिति में क्या करना चाहिए।

लेकिन, योनि में सूखापन होने में घबराने वाली कोई बात नहीं है। सही समय पर डॉक्टर द्वारा इलाज लेने से योनी के सूखेपन को आसानी से दूर किया जा सकता हैं। आइये जानते है योनी के सूखेपन का क्या इलाज है।

योनि में सूखेपन का इलाज : -

  • हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT)

हार्मोन थेरेपी (HRT) योनि की सूखापन के उपचार में प्रभावी है। एचटी को हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एचआरटी) या पोस्टमेनोपॉज़ल हार्मोन थेरेपी (पीएचटी) के रूप में भी जाना जाता है। इसमें पेट में लेने वाली औषधियों का समावेश होता है।

हार्मोन थेरेपी को प्रभावी रूप से योनि के सूखापन को कम करने के साथ-साथ रजोनिवृत्ति से जुड़े लक्षण जैसे अचानक गर्मी का अहसास, चिड़चिड़ापन, थकान होने को नियंत्रित करने में मदद करती है।

हॉर्मोन थेरेपी लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेना बहुत आवश्यक है।

  • स्थानीय/वेजाइनल हार्मोनल थेरेपी (Vaginal hormone therapy)

योनि स्थान में हार्मोनल क्रीम जैसे एस्ट्रोजन क्रीम का इस्तेमाल करना भी योनि के सूखेपन को दूर करने में सहायक है।

हार्मोनल क्रीम से योनि स्थान के रक्त प्रवाह में सुधार होता है, स्थानीय स्राव में वृद्धि होती है और यह योनि की परत को मोटा करती है।

यह हार्मोन थेरेपी के जगह एक अच्छा विकल्प है, जो डॉक्टर की सलाह से लेनी चाहिए।

स्थानीय (वेजाइनल) हार्मोनल थेरेपी में वेजाइनल रिंग (vaginal ring) और वेजाइनल टैबलेट (vaginal tablet) का भी इस्तेमाल होता है, जो वेजाइना में रखी जाती है।

  • वेजाइनल लुब्रिकेंट्स (Vaginal lubricants)

वेजाइनल लुब्रिकेंट्स इंटीमेन्सी बढ़ाने में मदद करता है। वेजाइनल लुब्रिकेंट्स का उपयोग संभोग के समय योनि में नमी बढ़ाने और सेक्स के दौरान दर्द को कम करने के लिए किया जाता है।

इसके लिए ऑयल आधारित (oil based) लुब्रीकेंट के बजाय वाटर यानि पानी आधारित (water based) लुब्रीकेंट का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं, क्योंकि ऑयल आधारित लुब्रीकेंट जलन और कंडोम के फटने का कारण बन सकते हैं।

इसका उपयोग सेक्स करने से ठीक पहले वैजिनल लुब्रिकेंट्स (vaginal lubricants) का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह से ही करें।

  • वेजाइनल मॉइस्चरीज़र (vaginal moisturizer)

वेजाइनल मॉइस्चरीज़र योनि की नमी को फिर से भरने में मदद करता है।

योनि मॉइस्चराइजर नियमित रूप से और सेक्स से कम से कम 2 घंटे पहले लगाया जा सकता है।

यह योनि के सूखापन के लक्षणों को तुरंत राहत प्रदान करता है और इसका असर 3 दिनों तक रहता है और इसका उपयोग डॉक्टर की सलाह से करना चाहिए।

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वेजाइनल ड्राईनेस से बचाव कैसे करें

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योनि के सूखेपन से निपटने के कई तरीके हैं, जिसमें कुछ घरेलू उपाय और जीवनशैली में बदलाव शामिल हैं।

जैसे कि हम लेख के शुरुआत में बता चुके हैं कि योनि में सूखेपन के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन कुछ कोशिशों से योनि के सूखेपन से बचा जा सकता है।

योनि के सूखेपन से बचने के टिप्स : -

  • योनि की स्वच्छता का ध्यान रखना (Keep your vagina clean)

योनि की स्वच्छता पर ध्यान नहीं दिया गया तो योनि में इन्फेक्शन होकर इचिंग और योनि का सुखना जैसी लक्षण दिखाई देते हैं।

  • केमिकल से भरपूर साबुन और लोशन का इस्तेमाल ना करना (Don not use chemical based soap and lotion)

केमिकल से भरपूर साबुन और लोशन का इस्तेमाल से योनि में सूखापन की शिकायत हो सकती है। इसलिए इनके इस्तेमला से बचें।

  • धूम्रपान ना करना (Do not smoke)

धूम्रपान करने से योनि में सूखापन आ सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि धूम्रपान आपके शरीर के ऊतकों में रक्त प्रवाह को प्रभावित करता है और योनि सूखापन पैदा करता है।

  • टैम्पोन और कंडोम का इस्तेमाल कम करना (Less use of condom and tempon)

टैम्पोन (tempon) मासिक धर्म में रक्त को अवशोषित करने के लिए योनि में डालने के लिए इस्तेमाल होता है।

कंडोम के इस्तेमाल से भी योनि में सूखेपन की शिकायत हो सकती है। ऐसे में इन चीजों के कम इस्तेमाल से योनि के सूखेपन को रोका जा सकता है।

  • फाइटोएस्ट्रोजेन से भरपूर खाद्य पदार्थ खाना (Have food enriched with phytoestrogen)

फाइटोएस्ट्रोजेन (phytoestroge) एक कंपाउंड है जो शरीर में एस्ट्रोजन के समान कार्य करता है। वे कुछ खाद्य पदार्थों में पाए जाते हैं, जिसमें सोया, नट, बीज और टोफू शामिल हैं।

शोध बताते हैं कि इन खाद्य पदार्थों के नियमित सेवन से योनि में सूखेपन से निदान पाया जा सकता है।

  • सही अंडरवियर का चुनाव (Choose right underwear)

सिंथेटिक कपड़े से बने अंडरवीयर योनि की जलन और सूखेपन को बदतर बना सकते हैं और हवा की आवाजाही को रोक सकते हैं।

कॉटन से बनी अंडरवियर योनि को "सांस लेने" की अनुमति देता है और योनि के सूखेपन से राहत देने में मदद करता है।

और पढ़ें:कंडोम मिथक: अधिक सुरक्षा के लिए मेल और फ़ीमेल कंडोम एक-साथ इस्तेमाल करने चाहिए
 

निष्कर्ष

Conclusion in hindi

nishkarsh

समय के साथ शरीर में बदलाव आना प्रकृति का नियम है। इस नियम को हृदय से स्वीकार करके स्वयं को प्रसन्न व पॉज़िटिव माइंडसेट रखें।

इस प्रकार आप शरीर में आने वाले इस निश्चित बदलाव यानि योनि की शुष्कता के कारण होने वाली थोड़ी बहुत परेशानियों का सुखकारी हल निकाल सकतीं हैं।

साथी के साथ यौन संबंध न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक और भावनात्मक बंधन भी मजबूत करते हैं।

इसलिए किसी भी परेशानी को इन बंधनों को मजबूत होने से रोकने का मौका न दें और प्रसन्न मन से जिंदगी के इस पड़ाव का स्वागत करें।

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आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: : 13 Apr 2020

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