mahila ko pregnant hone ke liye kab tak koshish karni chahiye

महिला को प्रेग्नेंट होने के लिए कब तक कोशिश करनी चाहिए

How long a woman should try to get pregnant in hindi

mahila ko pregnant hone ke liye kab tak koshish karni chahiye in hindi

एक नज़र


  • गर्भधारण में लगने वाला समय अलग-अलग कारकों पर निर्भर करता है।

  • प्रेग्नेंसी की कोशिश करते समय सामान्य स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए।

  • महिला के प्रजनन अंगों का स्वास्थ्य गर्भधारण के प्रयास को प्रभावित करते हैं।

  • पुरुष के वीर्य की गुणवत्ता भी प्रेग्नेंसी की कोशिश को प्रभावित करती है।

किसी महिला को प्रेग्नेंट होने के लिए कितना समय चाहिए और प्रेग्नेंसी के लिए कब तक कोशिश करनी चाहिए, इस सवाल का जबाव जटिल है।

हालांकि मेडिकल जगत में आधुनिक तकनीक ने बहुत प्रगति कर ली है और विभिन्न प्रकार की बीमारियों और समस्याओं का हल भी ढूंढ लिया है।

लेकिन यह प्रश्न अभी तक नहीं हल हो पाया है।

लेकिन फिर भी महिला की प्रग्नेंसी को प्रभावित करने वाले कुछ कारक होते हैं जिनके आधार पर महिला के प्रेग्नेंट होने के समय का अनुमान लगाया जा सकता है।

आज हम इस लेख में इसी की चर्चा करेंगे। आइये देखें : -

 

1.गर्भधारण की स्थिति को प्रभावित करने वाले कारक

Factors affecting pregnancy in hindi

pregnancy ko effect karne wale karak in hindi

मेडिकल जगत के जानकार यह मानते हैं कि एक स्वस्थ महिला जिसे किसी प्रकार की यौन या प्रजनन संबंधी परेशानी नहीं है और जिसकी आयु 20-30 वर्ष की है वह प्रेग्नेंट होने में सफल हो सकती है।

किसी महिला की प्रेग्नेंसी को सफल या असफल बनाने वाले कारक निम्न हो सकते हैं :

  1. ओव्यूलेशन प्रक्रिया  (Ovulation process)

    जब महिला के अंडाशय (Ovaries) से परिपक्व अंडाणु फैलोपिन ट्यूब में प्रवेश कर लेता है तब यह प्रक्रिया ओव्यूलेशन कहलाती है।

    इस समय यदि अंडाणु और पुरुष के शुक्राणु का मिलन हो जाता है तब महिला का गर्भधारण हो जाता है।

    इसके लिए यह बहुत जरूरी है कि महिला की  ओव्यूलेशन प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए और यह नियमित रूप से होती रहे।

    ऐसा होने पर गर्भधारण में समय लग सकता है।

  1. सेक्स का सही समय  (Right time for sex)

    जल्दी प्रेग्नेंट होने के लिए यह ज़रूरी है कि महिला व पुरुष में बिना गर्भनिरोध का उपयोग किए, सही समय पर सेक्स संबंध बनाना जरूरी होता है।

    प्रेग्नेंट होने के लिए महिला को अपने ओव्यूलेशन समय को ध्यान में रखते हुए, इसके एक दिन पहले से लेकर ओव्यूलेशन के बाद के चार दिन तक सेक्स करना चाहिए। इस समय महिला के अंडाणु और पुरुष के शुक्राणु अगर फैलोपिन ट्यूब में मिल जाते हैं तब गर्भधारण की पूर्ण संभावना हो जाती है।

    जो महिलालाएँ अपने ओव्यूलेशन का ठीक समय नहीं जान पाती हैं उन्हें अपने मासिकधर्म साइकल के बीच के दस दिनों में नियमित रूप से सेक्स कर सकती हैं।

  1. महिला की उम्र (Right age to get pregnant)

    विभिन्न शोध रिपोर्ट से यह सिद्ध हो चुका है कि एक स्वस्थ महिला की 20-30 वर्ष की आयु में उसकी प्रजनन क्षमता सबसे अधिक उत्तम मानी जाती है।

    30-35 वर्ष की आयु के बाद महिला के प्राकृतिक रूप से गर्भधारण की संभावना में कमी आने लगती है।

    जब महिला 40 वर्ष से ऊपर की हो जाती है तब उनके जननांग शिथिल होने लगते हैं और शरीर में भी हार्मोनल परिवर्तन आने लगते हैं। ऐसे में गर्भधारण में देरी भी होती है और साथ ही शिशु में भी जेनेटिक बीमारियाँ होने की संभावना भी बढ़ जाती हैं।

    इसलिए गर्भधारण करने वाली महिला की उम्र का उसके प्रेग्नेंट होने की संभावना पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है।

  1. पुरुष वीर्य की क्वालिटी (Sperm quality)

    महिला के गर्भधारण में लगने वाले समय में पुरुष साथी के वीर्य में मौजूद शुक्राणुओं की गुणवत्ता का भी बहुत बड़ा हाथ होता है।

    पुरुष के वीर्य में लाखों की संख्या में जीवित शुक्राणु होते हैं जिनमें से महिला की फैलोपिन ट्यूब तक पहुँचने वाले कुछ हज़ार या इससे भी कम शेष रहते हैं।

    यदि शुक्राणु अधिक स्वस्थ नहीं होते हैं तब भी महिला को गर्भधारण करने में समय लग सकता है।

  1. फैलोपिन ट्यूब (Fallopian Tube)

    यदि किसी कारण से महिला की फैलोपिन ट्यूब में रुकावट आ जाती है तब ओवरी से निकले अंडाणु और पुरुष के वीर्य में मौजूद शुक्राणु का मिलन नहीं हो पाता है।

    इसलिए गर्भधारण न हो पाने की स्थिति में जांच में अगर ट्यूब का बंद होना पाया जाता है तब भी महिला को प्रेग्नेंट होने में समय लग सकता है।

  1. गर्भनिरोधक का असर (Effect of contraceptive)

    आमतौर पर प्रयोग किए जाने वाले गर्भनिरोधक तब तक ही असरकारक होते हैं जब तक उनका प्रयोग किया जाता है।

    लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जिनका असर उनके उपयोग के बंद कर देने के बाद भी बना रहता है।

    आमतौर पर प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन (progesterone hormone) के इंजेक्शन जो गर्भनिरोधक के रूप में प्रयोग किए जाते हैं, अपना असर काफी लंबे समय तक छोड़ते हैं।

    अगर महिला ने इनका प्रयोग किया है तब भी गर्भधारण में समय लग सकता है।

 

2.डॉक्टर के पास जाने से पहले प्रेग्नेंसी की कोशिश कब तक करनी चाहिए

How long you should try to conceive before consulting a doctor in hindi

Doctor ke paas jaane se pahle kab tak pregnancy ki koshish karni chahiye in hindi

सामान्य रूप से गर्भधारण का निर्णय लेने के बाद प्रेग्नेंट होने से पहले डॉक्टर के पास जाकर ज़रूरी जांच पर परीक्षण ज़रुर करवाना चाहिए।

इसके बाद आपको कब तक गर्भधारण का प्रयास करना चाहिए देखें : - 

  • 35 वर्ष से कम आयु की महिला  (Women below 35 years of age)

    जो महिलाएं 35 वर्ष से कम हैं और किसी भी प्रकार की प्रजनन संबंधी समस्या से परेशान नहीं हैं तब आपको बिना गर्भनिरोध का इस्तेमाल किए अधिकतम एक वर्ष तक सेक्स संबंध स्थापित करना चाहिए।

    ऐसा करने से आपके गर्भवती होने की बहुत संभावना होती है।

    लेकिन यदि आपकी उम्र 35 वर्ष से कम है और आप किसी प्रजनन क्षमता संबंधी बीमारी जैसे अनियमित मासिक धर्म, ओवरियन सिस्ट (Ovarian Cyst) या सेक्सयूली ट्रांसमीटिड डिसिज (Sexually Transmitted Diseases) से ग्रस्त हैं तब स्थिति भिन्न हो सकती है।

    ऐसे में आपको छह महीने के असुरक्षित सेक्स संबंध के बाद डॉक्टर से मिलना चाहिए, क्योंकि यह सब गर्भधारण में देरी का कारण हो सकते हैं।

  • 35 वर्ष से अधिक आयु की महिला (Women above 35 years of age) 

    जो महिलाएं 35 वर्ष से अधिक की हैं उन्हें छह महीने के असुरक्षित सेक्स संबंध के बाद अगर गर्भ नहीं ठहरता है तब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

  • गर्भवस्था के लिए विशेष सलाह (Important suggestion for pregnancy)  

    एक वर्ष तक असुरक्षित सेक्स संबंध स्थापित करने पर भी यदि आपको गर्भ नहीं ठहरता है और आपकी आयु 20-35 वर्ष के बीच है तब लगभग एक वर्ष के प्रयास के बाद आपको चिकित्सक से मिलना उचित रहेगा।

    यदि आप किसी जननांग संबंधी परेशानी से ग्रस्त हैं तब छह माह के बाद भी आप डॉक्टर से मिल सकती हैं।

 

3.निष्कर्ष

Conclusion in hindi

Nishkarsh in hindi

किसी भी महिला कब प्रेग्नेंट हो सकती है यह उसकी उम्र, स्वास्थ्य और वजन पर मुख्य रूप से निर्भर करता है।

इसके अलावा महिला के जननांग का स्वस्थ्य, पुरुष के वीर्य आदि भी महिला के गर्भवती होने के समय को प्रभावित कर सकते हैं।