Uterine fibroids ka pregnancy par kya asar ho sakta hai in hindi

युटरिन फाइब्रॉएड गर्भावस्था को कैसे कर सकता है प्रभावित ?

How can uterine fibroids affect pregnancy in hindi

Uterine fibroids ka pregnancy par kya asar ho sakta hai in hindi

एक नज़र

  • युटरिन फाइब्रॉएड, आमतौर पर महिलाओं में प्रसव के वर्षों के दौरान होते हैं।
  • फाइब्रॉएड के कारण गर्भपात का ख़तरा दोगुना हो जाता है।
  • कुछ मामलों में फाइब्रॉएड को बांझपन से जुड़ा हुआ भी पाया गया है।
  • ग्रीन टी और फाइबर युक्त आहार फाइब्रॉएड के कारण गर्भावस्था में होने वाली समस्याओं को रोकने में मददगार होते हैं।


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इस लेख़ में/\

  1. गर्भाशय फाइब्रॉएड का पता कैसे लगाया जाता है?
  2. गर्भाशय फाइब्रॉएड के क्या कारण हैं?
  3. गर्भाशय फाइब्रॉएड के लक्षण क्या हैं ?
  4. यूटेरिन फाइब्रॉएड का प्रजनन क्षमता को कैसे करता है प्रभवित?
  5. गर्भाशय फाइब्रॉएड का गर्भावस्था पर क्या असर होता है?
  6. गर्भावस्था के दौरान गर्भाशय फाइब्रॉएड का इलाज कैसे करें ?
  7. निष्कर्ष
 

1.गर्भाशय फाइब्रॉएड का पता कैसे लगाया जाता है?

How uterine fibroids are detected? in hindi

Uterine fibroids ka pata kaise chalta hai in hindi

अधिकांश फाइब्रॉएड एक रूटीन पेल्विक टेस्ट (routine pelvic examination) में पाए जाते हैं।

हालांकि, यह आमतौर पर तब होता है जब उनका आकार काफी बड़ा हो।

छोटे फाइब्रॉएड का लंबे समय तक पता लगा पाना मुश्किल होता है, खासकर तब, जब वे कोई लक्षण पैदा नहीं कर रहें हों।

इन फाइब्रॉएड की उपस्थिति की पुष्टि करने के लिए अल्ट्रासाउंड सोनोग्राफी (ultrasound sonography), सी टी (CT), एमआरआई(MRI), हिस्टेरोस्कोपी (hysteroscopy) और सलाइन इंफ्यूज्ड सोनोग्राफी (saline-infused sonography) आदि टेस्ट्स की ज़रूरत हो सकती है।

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2.गर्भाशय फाइब्रॉएड के क्या कारण हैं?

What are the causes of uterine fibroids in hindi

Uterine fibroids ke karan kya hain in hindiमेडिकल रिसर्च से अभी तक यह स्पष्ट जवाब नहीं हो पाया है कि गर्भाशय फाइब्रॉएड किन कारणों से होता है। लेकिन कुछ कारक हैं जो इनके विकास में प्रमुख भूमिका निभाते हैं।

गर्भाशय फाइब्रॉएड के विकास में सहायक कारक निम्न हैं :

1. हार्मोनल कारक (Hormonal factor)

महिला प्रजनन हार्मोन, एस्ट्रोजन (estrogen) और प्रोजेस्टेरोन (progesterone) को फाइब्रॉएड की वृद्धि का जिम्मेदार पाया गया है।

यही कारण है कि प्रजनन हार्मोन की कमी से रजोनिवृत्ति (menopause) के बाद गर्भाशय फाइब्रॉएड के विकास की संभावना बहुत कम हो जाती है।

2. आनुवंशिक कारक (Genetic factor)

यह देखा गया है कि परिवार के किसी एक या एक से अधिक सदस्य को गर्भाशय फाइब्रॉएड होने से एक महिला के भीतर इसके विकास की संभावना बढ़ जाती है।

हालांकि यह केवल संभावना है, ज़रूरी नहीं ऐसा हो।

3. अन्य जोखिम कारक (Other factors)

अध्ययनों में पाया गया है कि गर्भाशय फाइब्रॉएड का ख़तरा अफ्रीकी-अमेरिकी मूल की महिलाओं में अधिक होता है।

इसके साथ ही मोटापा भी फाइब्रॉएड के विकास में अहम भूमिका निभाता है।

अनियमित पीरियड्स से भी फाइब्रॉएड होने का ख़तरा हो सकता है।

 

3.गर्भाशय फाइब्रॉएड के लक्षण क्या हैं ?

What are the symptoms of uterine fibroids? in hindi

Uterine fibroids ke lakshan kya hain in hindiफाइब्रॉएड की शिकार अधिकांश महिलाओं को किसी भी लक्षण का अनुभव नहीं होता है। इस कारण से ज़्यादातर महिलाओं को यह पता भी नहीं चल पाता कि वे गर्भाशय फाइब्रॉएड का शिकार हैं। हालांकि, लगभग 30% फाइब्रॉएड रोग सूचक होते हैं।

गर्भाशय फाइब्रॉएड के आम लक्षण निम्न हैं :

1. भारी मासिक धर्म रक्तस्राव और लंबे समय तक मासिक धर्म (10 दिन से अधिक समय तक चलने वाला)

2. मासिक धर्म के बीच में रक्तस्राव / स्पॉटिंग (spotting)

3. पेट का आकार बढ़ना (बड़े फाइब्रॉएड के मामलों में)

4. अत्यधिक दर्दनाक मासिक धर्म या क्रैंप्स

5. पेल्विक क्षेत्र में दर्द और दबाव के लक्षण (जब फाइब्रॉएड आसपास के अंगों को दबाते हैं)

6. बार-बार पेशाब होना

7. मूत्राशय को खाली करने में कठिनाई

8. संभोग के दौरान दर्द

9. निचली कमर का दर्द

10. कब्ज और दर्दनाक मल त्याग (bowel movement)

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4.यूटेरिन फाइब्रॉएड का प्रजनन क्षमता को कैसे करता है प्रभवित?

How do fibroids affect fertility? in hindi

Fibroids ka fertility pe kya asar hota hai in hindi

फाइब्रॉएड की शिकार कई महिलाएं प्रजनन संबंधी समस्याओं का अनुभव नहीं करती हैं।

हालांकि, कुछ फाइब्रॉएड का स्थान और आकार, प्रजनन जटिलताओं का कारण बन सकते हैं।

फाइब्रॉएड जो प्रजनन जटिलताओं का कारण बन सकते हैं :

  • एक बड़ा फाइब्रॉएड, जो आकार में इतना बड़ा हो कि वो गर्भाशय के आकार को बदल दे, शुक्राणु की गति को प्रभावित कर सकता है या फर्टिलाइज़ड अंडे के साथ हस्तक्षेप कर, आरोपण (implantation) को रोक सकता है।
  • कुछ फाइब्रॉएड फैलोपियन ट्यूब को अवरुद्ध कर सकते हैं और अंडे को गर्भाशय तक पहुंचने से रोक सकते हैं।
  • सबम्यूकोसल फाइब्रॉएड (submucosal fibroids) को बांझपन से जुड़ा हुआ पाया गया है क्योंकि ये फर्टिलाइज़ड अंडे के आरोपण की संभावना को कम करते हैं।

और पढ़ें:How to conceive a baby boy - A Scientific Approach

 

5.गर्भाशय फाइब्रॉएड का गर्भावस्था पर क्या असर होता है?

How do fibroids affect pregnancy? in hindi

Fibroids ka pregnancy par kya asar hota hai in hindi

यद्यपि कई महिलाओं में, फाइब्रॉएड के बावजूद, सामान्य गर्भावस्था होती है।

फाइब्रॉएड वाली 10%-30% महिलाओं को गर्भावस्था से संबंधित जटिलताओं का सामना करना पड़ता है।

गर्भाशय फाइब्रॉएड से गर्भावस्था निम्न रूप में हो सकती है प्रभावित :

1.  गर्भपात (Miscarriage)

गर्भपात का ख़तरा सामान्य महिलाओं से दोगुना हो जाता है।

एक ही फाइब्रॉएड के बजाय कई फाइब्रॉएड होने से यह जोखिम और अधिक बढ़ जाता है।

2. रक्तस्राव (Bleeding)

प्रारंभिक गर्भावस्था में, फाइब्रॉएड वाली महिलाओं में, रक्तस्राव का ख़तरा 60% तक बढ़ जाता है।

3. प्री-टर्म लेबर (Preterm labor)

गर्भावस्था के दौरान गर्भाशय फाइब्रॉएड से पीड़ित महिलाओं में, बिना फाइब्रॉएड वाली महिलाओं की तुलना में समय से पहले प्रसव होने की संभावना लगभग दोगुनी होती है।

4. आईवीएफ की सफलता दर (IVF success rate)

इंट्राम्यूरल फाइब्रॉएड, आईवीएफ (IVF) की सफलता दर को कम कर देते हैं, जिससे आईवीएफ के मामलों में गर्भपात और स्टिल बर्थ (still birth) की संभावना बढ़ जाती है।

5. सी-सेक्शन (C-Section)

फाइब्रॉएड के कारण सिजेरियन सेक्शन डिलीवरी (cesarean section delivery) के मामले लगभग चार गुना बढ़ गए हैं।

और पढ़ें:Uterine Fibroids and its treatment

 

6.गर्भावस्था के दौरान गर्भाशय फाइब्रॉएड का इलाज कैसे करें ?

How to treat uterine fibroids during pregnancy? in hindi

Pregnancy ke dauran uterine fibroids ka upchar kaise kare in hindi

फाइब्रॉएड, गर्भावस्था के दौरान, तीव्र और पुराने दर्द का एक निरंतर कारण हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान सर्जिकल उपचार से बचना चाहिए। इसलिए आप नीचे दिये गए टिप्स का अनुसरण करके राहत पा सकती हैं और साथ ही इसके लक्षणों को नियंत्रित भी कर सकती हैं।

यूटेरिन फाइब्रॉएड के इलाज के लिए टिप्स निम्न हैं :

1. आराम और हाइड्रेशन (Rest and dehydration)

आराम करने और पूरी तरह हाइड्रेटेड रहने से फाइब्रॉएड दर्द से राहत पाने में मदद मिल सकती है।

2. ग्रीन टी (Green Tea)

ग्रीन टी को गर्भाशय फाइब्रॉएड के प्राकृतिक उपचारों में से एक माना जाता है।

ग्रीन टी न केवल फाइब्रॉएड के आकार को कम करने, बल्कि लक्षणों की गंभीरता को भी कम करने में कारगर है।

3. फाइबर युक्त आहार (Fiber Diet)

फलों, सब्जियों और साबुत अनाज से भरपूर आहार लेने से फाइब्रॉएड के लक्षणों को रोकने में मदद मिलती है।

रिफाइंड आटे, शराब, और शुगर युक्त या अधिक नमकीन खाद्य पदार्थों से बचें, क्योंकि ये लक्षणों को बढ़ा सकते हैं।

4. एंटी-इंफ़्लेम्मटरी दवाएं (Anti-inflammatory drugs)

काउंटर पर उपलब्ध गैर-स्टेरायडल दर्द निवारक दवाओं का उपयोग फाइब्रॉएड दर्द का प्रबंधन करने के लिए किया जा सकता है।

इन्हें उपयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श ज़रूर ले लें, क्योंकि ये गर्भावस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं।

और पढ़ें:अनियमित माहवारी के साथ कैसे हो सकती हैं जल्द गर्भवती

 

7.निष्कर्ष

Conclusionin hindi

Nishkarsh

गर्भाशय फाइब्रॉएड के कारणों, रोकथाम और उपचार को पूरी तरह से समझने के लिए अभी तक बहुत शोध किया जाना है।

हालांकि, फाइब्रॉएड वाली अधिकांश महिलाएं किसी भी प्रतिकूल लक्षण या गर्भावस्था की जटिलताओं का सामना नहीं करती हैं, फिर भी, ऐसे मामले हैं जहां फाइब्रॉएड का आकार और स्थान प्रजनन क्षमता और गर्भावस्था से जुड़ी समस्याओं और जटिलताओं का कारण बन सकता है।

यदि आपको गर्भाशय फाइब्रॉएड का पता चला है, तो आप अपने डॉक्टर से इसकी चर्चा करें, और यह पता करें कि आपके मामले में उपचार की आवश्यकता है या नहीं।

साथ ही इस दौरान अपने खान-पान और स्वास्थ्य का ख़ास ख़्याल रखें।

आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि:: 02 Jun 2020

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