hCG pregnancy tests in hindi

एचसीजी गर्भावस्था परीक्षण - आमतौर से पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर

Answers to the frequently asked questions about hCG pregnancy tests in hindi

hCG pregnancy test se jude prashno kaa uttar

एक नज़र

  • एचसीजी की मात्रा को मापकर ही गर्भावस्था से जुड़े कई संदेह दूर किये जाते हैं।
  • एचसीजी हॉर्मोन की मात्रा से गर्भकाल का पता लगाया जा सकता है।
  • कई बार गर्भवती ना होने पर भी महिला के शरीर में एचसीजी पाया जा सकता है जिसके पीछे अन्य कारण होते हैं।

महिला गर्भवती है या नहीं इसका पता लगाने के लिए कई तरह के मेडिकल परीक्षण किये जाते हैं। इसके अलावा महिला खुद भी एक प्रेगनेंसी टेस्ट किट के माध्यम से अपनी गर्भावस्था के बारे में पता कर सकती है।

लेकिन तकनीक की बात करें तो यह किट भी एचसीजी यानी ह्यूमन कोरिओनिक गोनाडोट्रोपिन (Human Chorionic Gonadotropin) हॉर्मोन की मात्रा के आधार पर ही अपना परिणाम देते हैं।

वैसे तो एचसीजी परीक्षण काफी आसान और सुरक्षित होता है लेकिन फिर भी इसको लेकर कई सवाल उत्पन्न होते हैं। ऐसे ही कुछ आम सवालों के उत्तर इस लेख के माध्यम से देने की कोशिश की गयी है।

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इस लेख़ में/\

  1. महिला के शरीर में एचसीजी का उत्पादन कब शुरू हो जाता है?
  2. कौन- सा एचसीजी टेस्ट सबसे अधिक संवेदनशील होता है?
  3. कौन-सा एचसीजी टेस्ट सबसे सटीक तरीके से गर्भकाल बता सकता है?
  4. किस प्रकार के प्रेगनेंसी टेस्ट में किसी कप में मूत्र को एकत्रित करने की ज़रूरत नहीं होती है?
  5. कौन-सी होम प्रेगनेंसी टेस्ट किट किये गए विश्लेषण में से ग़लतियों को हटा देती है?
  6. गर्भावास्था के लिए किये गए परीक्षण किस समय करना सही होता है?
  7. टेस्ट उपकरण पर दूसरी रेखा हल्की क्यों होती है?
  8. ऐसी कौन-सी सावधानियां हैं जो महिला को होम प्रेगनेंसी टेस्ट लेते वक़्त रखनी चाहिए?
  9. क्या एक होम प्रेगनेंसी टेस्ट किट गलत रूप से सकारात्मक भी हो सकती है?
  10. क्या एक होम प्रेगनेंसी टेस्ट किट गलत रूप से नकारात्मक भी हो सकती है?
  11. किस कारण गर्भावस्था के नतीजे गलत हो सकते हैं?
  12. क्या एक्टोपिक प्रेगनेंसी के कारण किसी महिला को गर्भवती ना होने पर भी सकारात्मक परिणाम मिल सकता है?
  13. एचसीजी की मात्रा की जांच कितने समय बाद फिर से करवानी चाहिए?
  14. गर्भावस्था में एचसीजी का स्तर कितना होता है?
  15. निष्कर्ष
 

1.महिला के शरीर में एचसीजी का उत्पादन कब शुरू हो जाता है?

When does the production of HCG in a woman's body begin in hindi

mahila ke sharir mein hcg ka utpadan kab shuru ho jaata hai in hindi

गर्भवास्था की पुष्टि हेतु किये जाने वाले परीक्षण एचसीजी हॉर्मोन की मात्रा पर निर्भर करते हैं। यह हार्मोन महिला के शरीर में गर्भाधान (fertilization) के सातवें या नौवें दिन, गर्भाशय में भ्रूण के जुड़ जाने के बाद उत्पादित होना शुरू हो जाता है।

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2.कौन- सा एचसीजी टेस्ट सबसे अधिक संवेदनशील होता है?

Which HCG test is the most sensitive in hindi

kaun-sa hcg test sabse adhik savendanshil hota hai in hindi

एचसीजी के लिए की गयी खून की जांच मूत्र के द्वारा किये गए परीक्षण से ज्यादा सही और जल्दी नतीजे दे देती है। घर पर उपयोग की जाने वाली टेस्ट किट में भी अलग-अलग संवेदनशीलता देखी जाती है। इन किट्स के पैकेट पर लिखा होता है कि वह हॉर्मोन की कितनी मात्रा को मापकर परिणाम देने में सक्षम है।

 

3.कौन-सा एचसीजी टेस्ट सबसे सटीक तरीके से गर्भकाल बता सकता है?

Which HCG test can most accurately predict pregnancy in hindi

kaun-sa hcg test sabse satik tarike se garbhkal bata sakta hai in hindi

खून की जांच के द्वारा एचसीजी के स्तर का पता लगाया जाता है। चिकित्सकों के पास एचसीजी की मात्रा और गर्भकाल के बीच संबंध से जुड़ी जानकारी होती है जिससे वह गर्भ की आयु का पता लगा पाते हैं।

शुरुआत में, एचसीजी की मात्रा हर दूसरे-तीसरे दिन दोगुनी होती है और गर्भकाल के 8-11 हफ्ते में इसकी मात्रा अधिकतम होती है।

मूत्र जांच से सिर्फ एचसीजी के होने या ना होने के बारे में पता चलता है। इससे, मात्रा के बारे में पता नहीं लगाया जा सकता इसलिए गर्भ की आयु का भी पता नहीं चल पाता है।

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4.किस प्रकार के प्रेगनेंसी टेस्ट में किसी कप में मूत्र को एकत्रित करने की ज़रूरत नहीं होती है?

Which type of pregnancy test does not require collecting urine in a cup in hindi

kis prakar ke pregnancy test mein kisi cup mein mutr ko ekatrit karne ki jarurat nahin hoti hai in hindi

टेस्ट किट जिनमें सीधे महिला को अपने मूत्र को टेस्ट स्ट्रिप पर डालना होता है, उनमें मूत्र को एकत्रित करने की कोई आवश्यकता नहीं होती है।

इनमें सिर्फ स्ट्रिप को मूत्रधारा में थोड़ी देर पकड़ना होता है और परिणाम आने तक प्रतीक्षा करनी होती है।

इसके अलावा कप टेस्ट किट में पहले महिला को एक कप में अपने मूत्र को एकत्रित करना होता है जिसमें टेस्ट स्ट्रिप को डूबा कर परिणाम जाना जाता है।

कैसेट टेस्ट (cassette test) में पहले महिला को मूत्र को एक कप में इकट्ठा करना होता है फिर एक ड्रॉपर की मदद से कुछ बूँदें स्ट्रिप पर डाल कर नतीज़ा पाया जा सकता है।

और पढ़ें:अल्फा-फेटोप्रोटीन टेस्ट क्या है और क्यों पड़ती है इसकी ज़रूरत

 

5.कौन-सी होम प्रेगनेंसी टेस्ट किट किये गए विश्लेषण में से ग़लतियों को हटा देती है?

Which home pregnancy test kit removes mistakes from the analysis done in hindi

kaun-si home pregnancy test kit kiye gaye vishleshan mein se galatiyon ko hata deti hai in hindi

कैसेट एवं डिजिटल टेस्ट किये गए विश्लेषण में से ग़लतियों को हटाने में सक्षम होती हैं। इनमें किसी भी तरह का अंदाज़ा लगाने की ज़रुरत नहीं होती है क्योंकि इनमें या तो एक प्लस (+) या माइनस (-) दिखता है या फिर सीधे संदेश दिख जाता है कि महिला गर्भवती है या नहीं।

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6.गर्भावास्था के लिए किये गए परीक्षण किस समय करना सही होता है?

At what time is it right to have pregnancy tests done in hindi

garbhavastha ke liye kiye gaye parikshan kis samay karna sahi hota hai in hindi

सुबह का पहला मूत्र या लगातार चार घंटे सोने के बाद के मूत्र में एचसीजी हॉर्मोन की सबसे अधिक मात्रा होती है। इसलिए, यह सलाह दी जाती है कि प्रेगनेंसी टेस्ट सुबह के समय ही करना चाहिए। अधिक पानी या तरल पदार्थ पीने से मूत्र काफी पतला हो जाता है जिससे नकारात्मक या गलत नतीज़ा आता है।

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7.टेस्ट उपकरण पर दूसरी रेखा हल्की क्यों होती है?

Why is the second line on the test instrument lighter in hindi

Test upkaran par dusri rekha halki kyon hoti hai in hindi

एक हल्की रेखा एचसीजी की कम मात्रा या ठीक से टेस्ट ना होने की तरफ इंगित करती है। अधिकतर मामलों में, यदि परीक्षण ठीक प्रकार से किया गया होता है तो हल्की सी रेखा भी गर्भ होने का संकेत देती है।

ऐसा होने पर महिला को इस बात कि सलाह दी जाती है कि :

  • वह एक अधिक संवेदनशील टेस्ट किट का प्रयोग करें।
  • एचसीजी हेतु खून की जांच करवा लें
  • कुछ दिनों बाद किसी और उत्पादक द्वारा निर्मित टेस्ट किट का उपयोग करके फिर से टेस्ट करें

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8.ऐसी कौन-सी सावधानियां हैं जो महिला को होम प्रेगनेंसी टेस्ट लेते वक़्त रखनी चाहिए?

What are the precautions that a woman should take while taking a home pregnancy test in hindi

aisi kaun-si saavdhaniyan hain jo mahila ko home pregnancy test lete waqt rakhni chahiye in hindi

गलत नकारात्मक या सकारात्मक नतीजों से बचने के लिए यह ज़रूरी है कि पैक पर लिखे सभी निर्देशों का ठीक से पालन किया जाए, किट को सही से रखा जाये और ठीक समय पर परीक्षण किया जाए। इसके अलावा इस बात का ध्यान रखना ज़रूरी है कि एक्सपायरी डेट देख कर ही किट ली जाये।

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9.क्या एक होम प्रेगनेंसी टेस्ट किट गलत रूप से सकारात्मक भी हो सकती है?

Can a home pregnancy test kit be falsely positive in hindi

Kya ek home pregnancy test kit galat roop se sakraatmak bhi ho sakti hai in hindi

एक होम प्रेगनेंसी टेस्ट किट नीचे दिए गए कारणों से महिला के गर्भवती ना होने के बावजूद गर्भवती होने के संकेत दे सकती है:

  • निर्देशों का ठीक से पालन नहीं किया गया
  • तय समय के बाद नतीजों को देखा गया
  • ऐसी दवाइयों का सेवन किया जा रहा है जिसमें एचसीजी होता है
  • टेस्ट किट को ठीक से रखा नहीं गया
  • गर्भपात (miscarriage), समय से पहले शिशु का जन्म या एबॉर्शन (abortion)
  • हॉर्मोन से संबंधित किसी प्रकार का विकार होना

यदि महिला को मिले परिणामों पर किसी प्रकार का संदेह है, ,तो उसे फिर से परीक्षण कर लेना चाहिए।

और पढ़ें:क्या अधिक वजन होने से गर्भधारण होने में परेशानी हो सकती है?

 

10.क्या एक होम प्रेगनेंसी टेस्ट किट गलत रूप से नकारात्मक भी हो सकती है?

Can a home pregnancy test kit be falsely negative as well in hindi

Kya ek home pregnancy test kit galat roop se nakaraatmak bhi ho sakti hai in hindi

एक होम प्रेगनेंसी टेस्ट किट नीचे दिए गए कारणों से महिला के गर्भवती होने के बावजूद गर्भवती ना होने के संकेत दे सकती है:

  • निर्देशों का ठीक से पालन नहीं किया गया
  • टेस्ट किट को एक्सपायरी तारीख के बाद उपयोग किया गया
  • परीक्षण को सही समय पर उपयोग नहीं किया गया
  • मूत्र काफी पतला था

और पढ़ें:क्या गर्भावस्था के लक्षण आ कर जा सकते हैं?

 

11.किस कारण गर्भावस्था के नतीजे गलत हो सकते हैं?

What can cause pregnancy results to be wrong in hindi

Kis kaaran garbhawastha ke natije galat ho sakte hain in hindi

यदि महिला ऐसी किसी दवाई का सेवन कर रही है, जिसमें पहले से ही एचसीजी की मात्रा है तो गर्भावस्था से जुड़े नतीजों पर फर्क पड़ सकता है।

और पढ़ें:क्या दंपत्ति को गर्भ धारण से पूर्व डॉक्टर से मिलना चाहिए?

 

12.क्या एक्टोपिक प्रेगनेंसी के कारण किसी महिला को गर्भवती ना होने पर भी सकारात्मक परिणाम मिल सकता है?

Can a woman get positive results even if she is not pregnant due to ectopic pregnancyin hindi

Kya ectopic pregnancy ke kaaran kisi mahila ko na hone par bhi sakaaratmak parinam mil sakta hai in hindi

गर्भावस्था की पुष्टि करने वाले सभी परीक्षण भ्रूण द्वारा उत्पादित एचसीजी हॉर्मोन की मात्रा पर निर्भर करते हैं जो महिला के खून एवं पेशाब के माध्यम से मापी जाती है।

इस परीक्षण में आरोपण (implantation) की जगह से कोई असर नहीं पड़ता है यानि भ्रूण चाहे गर्भाशय की दीवारों से जुड़े या किसी और अंग से, यदि शरीर में एचसीजी की मात्रा है तो महिला को गर्भवती होने के सकारात्मक परिणाम ही मिलेंगे।

एक्टोपिक प्रेगनेंसी (ectopic pregnancy) को महिला पेट के निचले हिस्से में दर्द या योनी से खून आने या खून में एचसीजी की मात्रा का कम गति से बढ़ने से पता लगा सकती है।

ऐसे किसी भी प्रकार के संदेह होने पर डॉक्टर का परामर्श अवश्य लेना चाहिए।

और पढ़ें:क्या पहले गर्भपात का प्रभाव दूसरी प्रेग्नेंसी पर हो सकता है?

 

13.एचसीजी की मात्रा की जांच कितने समय बाद फिर से करवानी चाहिए?

How long should HCG be checked againin hindi

hcg ki matra ki janch kitne samay baad fir se karwani chahiye in hindi

ऊपर दी गयी सभी स्थितियों में डॉक्टर कई तरह की खून की जांच करवाते हैं जिसके द्वारा एचसीजी के स्तर में आ रहे बदलावों पर नज़र रखी जाती है।

यदि एचसीजी की मात्रा कम गति से बढ़ रही है तो ज़रूरी नहीं है कि यह किसी समस्या का संकेत हो लेकिन इस मामले में कुछ अधिक स्पष्टीकरण की आवश्यकता होती है।

आमतौर पर, एचसीजी की मात्रा हर 48-72 घंटो में दोगुनी हो जानी चाहिए या कम से कम हर 2 दिन में 60% बढ़ जानी चाहिए। यदि एचसीजी की मात्रा काफी तेज़ी से बढती है तो वह एक से ज्यादा शिशु होना का संकेत माना जा सकता है।

और पढ़ें:क्या पीरियड मिस होने का मतलब है कि आप प्रेग्नेंट हैं

 

14.गर्भावस्था में एचसीजी का स्तर कितना होता है?

What is the level of HCG in pregnancyin hindi

Garbhavastha mein hcg ka star kitna hota hai

भ्रूण के आरोपण के पहले 30 दिनों में एचसीजी हॉर्मोन 48 घंटों में लगभग दोगुना होने के दर से बढ़ता है।

गर्भकाल के साथ हफ़्तों के बाद इसमें बदलाव आ सकता है। उसके बाद, बढ़ने की दर कम होने लगती है।

8-10 हफ़्तों में एचसीजी हॉर्मोन का स्तर सबसे अधिक होता है, 20 हफ्ते तक यह स्थिर हो जाता है और बाकी के गर्भकाल के लिए ऐसा ही रहता है।

गर्भाधान (Conception) से

आखिरी मासिक धर्म से

एचसीजी की मात्रा (mIU/ML या IU/L में)

7 दिन

3 हफ्ते

0 - 5

14 दिन

28 दिन

3 to 426

21 दिन

35 दिन

18 से 7,340

28 दिन

42 दिन

1080 से 56,500

35 - 42 दिन

49 - 56 दिन

7,650 से 229,000

43 - 64 दिन

57 - 78 दिन

25,700 से 288,000

57 - 78 दिन

79 - 100 दिन

13,300 से 253,000

17-24 हफ्ते

दूसरी तिमाही

4060 से 65,400

25 हफ्ते से लेकर जन्म तक

तीसरी तिमाही

3640 से 117,000

शिशु के जन्म के कई दिन बाद तक

-

5 से ज़्यादा

और पढ़ें:क्या प्रेगनेंसी में पीरियड आता है?

 

15.निष्कर्ष

Conclusionin hindi

Nishkarsh

एचसीजी परीक्षण गर्भवती होने की पुष्टि करने का एक सटीक तरीका है जिसको होम प्रेगनेंसी टेस्ट किट भी इस्तेमाल करती हैं।

लेकिन इससे जुड़े कई सवाल महिलाओं के मन में रहते हैं जिनके उत्तर पाना अनिवार्य है ताकि वह इस परीक्षण पर पूरी तरह से विश्वास कर पायें।

अन्य स्त्रोत से जानकारी के साथ साथ महिला और उसके परिवार को किसी भी तरह के संदेह की स्थिति में अपने डॉक्टर से परामर्श अवश्य लेना चाहिए।

आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: 14 May 2020

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