bacha thahrne ki dawa

गर्भ ठहरने की अंग्रेजी दवा

Fertility medicine for women in hindi

Garbh thaharne ki angrezi dava in hindi

एक नज़र

  • अलग-अलग परिस्थिति के अनुसार अलग-अलग दवाइयां हैं जो महिला को गर्भधारण में मदद कर सकती हैं।
  • डॉक्टर पहले जांच करते हैं और समस्या के अनुसार किसी भी महिला को एक विशेष प्रकार के फर्टिलिटी ड्रग का सेवन करने को कहते हैं।
  • फर्टिलिटी ड्रग्स ऐसे हॉर्मोन को उत्तेजित करते हैं जो महिलाओं में ओवुलेशन के लिए जिम्मेदार होते हैं।

अगर कोई महिला गर्भधारण नहीं कर पा रही है तो डॉक्टर उसे गर्भ ठहरने की दवा देते हैं जो महिला के गर्भधारण में मददगार होते हैं। हम इसे फर्टिलिटी ड्रग्स (fertility drugs) के नाम से भी जानते हैं। अलग-अलग परिस्थिति के अनुसार अलग-अलग दवाइयां हैं जो महिला को गर्भधारण में मदद कर सकती हैं।

आमतौर पर डॉक्टर प्राकृतिक रूप से प्रेग्नेंट होने की सलाह देते हैं लेकिन, अगर महिला 12 महीनों तक बिना किसी प्रोटेक्शन के संभोग करने के बाद भी गर्भवती नहीं होती है तो डॉक्टर फर्टिलिटी ट्रीटमेंट (fertility treatment) की सलाह देते हैं। वहीं, अगर महिला की उम्र 35 वर्ष से अधिक है तो 6 महीने के प्रयास के बाद भी डॉक्टर फर्टिलिटी ट्रीटमेंट की सलाह देते हैं।

गर्भ ठहरने की दवा या फर्टिलिटी ड्रग के कई प्रकार होते हैं, जिनके काम अलग-अलग होते हैं। इसलिए, डॉक्टर पहले जांच करते हैं और समस्या के अनुसार किसी भी महिला को एक विशेष प्रकार के फर्टिलिटी ड्रग का सेवन करने को कहते हैं। इसलिए, इसे अपनी मर्जी से लेना बेबुनियाद है। आइये गर्भ ठहरने की अंग्रेजी दवा से जुड़े कुछ सवाल और उनके जवाब जानते हैं।

loading image

माँ बनने की तरफ उठाएं पहले कदम! IVF के बारे में अधिक जानकारी के लिए कॉल करें!

बुक करें

इस लेख़ में/\

  1. गर्भधारण के लिए दवा कैसे काम करती है?
  2. गर्भधारण करने के लिए दवा कब दी जाती है?
  3. ओवुलेशन के लिए दी जाने वाली प्रजनन दवाइयां
  4. कृत्रिम गर्भाधान के समय पर दी जाने वाली प्रजनन दवाइयां
  5. निष्कर्ष
 

1.गर्भधारण के लिए दवा कैसे काम करती है?

How do fertility drugs for women work in hindi

Garbh Dharan ke liye dava kaise kaam karti hai in hindi

महिलाओं के लिए कई अलग-अलग प्रकार के फर्टिलिटी ड्रग्स बाजार में उपलब्ध हैं। अधिकतर गर्भ रोकने की दवाएं महिलाओ के ओवुलेशन को नियमित कर गर्भ धारण करने में मदद करती हैं जिनमें से ज्यादातर दवाएं महिला के ओवुलेशन (ovulation) से जुड़ी समस्याओं को दूर कर ओवरी (ovary) को कई स्वस्थ अंडे का उत्पादन करने के लिए उत्तेजित करती हैं।

दरअसल, फर्टिलिटी ड्रग्स ऐसे हॉर्मोन को उत्तेजित करते हैं जो महिलाओं में ओवुलेशन के लिए जिम्मेदार होते हैं और इस तरह से फर्टिलिटी ड्रग्स गर्भ ठहराने में मददगार होते हैं।

कई महिलाओं में अंडे का निर्माण सही समय पर नहीं होता है, जिससे उनकी ओवुलेशन पीरियड के निश्चित समय का पता नहीं चलता है। ऐसे में फर्टिलिटी ड्रग्स ओवुलेशन पीरियड को रेगुलेट करने के लिए भी इस्तेमाल किए जाते हैं।

जैसे आईवीएफ (IVF) और आईयूआई (IUI) ट्रीटमेंट के दौरान एक से अधिक अंडे के उत्पादन के लिए डॉक्टर फर्टिलिटी ड्रग्स लेने को कहते हैं।

loading image

माँ बनने की तरफ उठाएं पहले कदम! IVF के बारे में अधिक जानकारी के लिए कॉल करें!

बुक करें

 

2.गर्भधारण करने के लिए दवा कब दी जाती है?

When are fertility drugs for women prescribed in hindi

Garbh Dharan karne ke liye dawa kab di jati hai in hindi

अगर महिला नीचे दिए गए स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से पीड़ित है तब ऐसी स्थिति में डॉक्टर गर्भधारण करने के लिए कुछ ख़ास प्रकार के फर्टिलिटी ड्रग्स का सेवन करने की सलाह देते हैं।

गर्भधारण की दवा निम्न स्थितियों में दी जा सकती है : -

  • ओवुलेशन की समस्या (ovulation related issue)
  • थाइरोइड विकार (thyroid disorder)
  • पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (polycystic ovary syndrome - PCOS)
  • प्रोलैक्टिन (prolactin) हॉर्मोन का स्तर बढ़ जाने पर
  • फॉलिकल स्टिमुलेटिंग हॉर्मोन (follicle stimulating hormone - FSH) या ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन (luteinizing hormone - LH) का स्तर घट या बढ़ जाने पर
  • वजन का कम या ज्यादा होना
  • खाने से जुड़े विकार होने पर (eating disorders)

अगर इन सभी स्थितियों में कोई महिला सामान्य रूप से गर्भ धारण नहीं कर पा रही है तो तब फर्टिलिटी एक्सपर्ट से इलाज के पहले चरण के रूप में फर्टिलिटी ड्रग्स लेने की सलाह देते हैं।

 

3.ओवुलेशन के लिए दी जाने वाली प्रजनन दवाइयां

Ovulation ke liye di jane vali prajnan davaiyan in hindi

Ovarian stimulation fertility drugs in hindi

कई महिलाएं गर्भधारण इसलिए नहीं कर पाती हैं क्योंकि, उनकी ओवरी या तो सही समय पर अंडे का उत्पादन नहीं करती है या फिर अंडे का स्वास्थ्य अच्छा नहीं होता है। ओवुलेशन से जुड़ी समस्याओं को ठीक करने के लिए कुछ विशेष प्रकार की दवाइयां इस्तेमाल की जाती है।

ओव्यूलेशन-इंडक्शन एजेंटों का उपयोग आमतौर पर बांझपन से ग्रस्त महिलाओं के उपचार में किया जाता है। आइये उनके बारे में जानते हैं।

ओवुलशन के लिए दी जाने वाली प्रजनन दवाइयाँ निम्न हैं : -

1. मेटफॉर्मिन - ग्लूकोफेज (Metformin - glucophage)

ऐसी महिलाएं जिनकी उम्र 35 से अधिक है और वे पॉलीसिस्टिक ओवरियन सिंड्रोम (polysistic ovarian syndrome) से पीड़ित हो, उनमें इन्सुलिन प्रतिरोध पाया जा सकता है। इन्सुलिन प्रतिरोध के चलते ओवुलेशन में समस्या उत्पन्न होती है।

ऐसी स्थिति में यह दवा महिलाओं में इन्सुलिन प्रतिरोध को कम करती है और ओवुलेशन साइकिल को दुरुस्त करती है। गर्भ ठहरने के लिए यह दवाई ख़ास रूप से उन महिलाओं को दी जाती हैं जो पीसीओडी (PCOD) से ग्रस्त हैं और जिनका बीएमआई (BMI) सामान्य होता है। ये दवाई क्लोमोफिन (clomiphene) के साथ दी जाती हैं।

2. डोपामाइन एगोनिस्ट (Dopamine agonists)

प्रोलैक्टिन एक ऐसा हॉर्मोन है जो महिलाओं के स्तन विकास और स्तन में दूध के उत्पादन के लिए जिम्मेदार होता है। जब इसकी मात्रा बढ़ने लगती है तो महिलाओं को ओवुलेशन से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ‘डोपामाइन एगोनिस्ट’ प्रोलैक्टिन का उत्पादन कम करती है और ओवुलेशन की समस्याओं को दूर करती है।

3. क्लोमीफीन या क्लोमिड (Clomiphene or clomid)

ऐसी महिलाएं जो गर्भवती होना चाहती हैं लेकिन, ओवरी में अंडे का उत्पादन नहीं होता है। ऐसे में डॉक्टर क्लोमीफीन या क्लोमीड लेने को कहते हैं। ज्यादातर डॉक्टर बांझपन के इलाज में इसी दवा का उपयोग करते हैं।

4. लेट्रोज़ोल या फेमारा (Letrozole or femara)

क्लोमीफीन की तरह लेट्रोजोल भी ओवुलेशन में मदद करता है। यह उन महिलाओं के लिए ज्यादा असरदार होता है जो मोटापे की समस्या से ग्रस्त हैं या पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम से पीड़ित हैं।

5. गोनैडोट्रोपिन (Gonadotropins)

फॉलिकल स्टिमुलेटिंग हॉर्मोन और ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन को गोनैडोट्रोपिन कहा जाता है। जब कोई दूसरे उपचार जैसे क्लोमीफीन (clomifine) और लेट्रोजॉल (letrozole) काम नहीं करते हैं तब डॉक्टर गोनैडोट्रोपिन की मदद से इलाज करते हैं। इसे इंजेक्शन के जरिए दिया जाता है।

गोनाडोट्रोपिन एफएसएच (FSH) हार्मोन के जैसा होता है, जिस कारण से ये ओवेरियन फॉलिकल की ग्रोथ में मदद करता है और अंडे के रिलीज़ कर फर्टिलाइजेशन और प्रेगनेंसी बढाता है।

loading image

अस्सिटेड रिप्रोडक्टिव तकनीक से मातृत्व का अनुभव करें| हम कर सकते हैं आपकी मदद!

बुक करें

 

4.कृत्रिम गर्भाधान के समय पर दी जाने वाली प्रजनन दवाइयां

Kritrim garbhadhan ke samay par di jane vali prajnan dawaiyan in hindi

Fertility drugs for women given during artificial insemination in hindi

अगर आप सामान्य तौर पर गर्भधारण नहीं कर पा रहे है और डॉक्टर आपको आर्ट (ART) तकनीक जैसे आईयूआई/आईवीएफ (IUI/ IVF) की मदद से गर्भधारण की सलाह दे रहे हैं तो इस स्थिति में आपके ओवुलेशन को सुचारु रूप से चलाने के लिए डॉक्टर आपको नियमित उपचार के साथ प्रजनन दवाइयों को लेने की सलाह देते हैं।

1. आईयूआई के समय दी जाने वाली दवाइयां (Drugs given during IUI)

ऐसे बहुत से कारण है जिसकी वजह से आईयूआई को बांझपन के उपचार में उपयोग किया जाता है। जब इसको कंट्रोल ओवेरियन हाइपरस्टिमुलेशन (controlled ovarian hyperstimulation - COH) के साथ संयुक्त रूप से उपयोग किया जाता है तब इसके उपयोग से गर्भावस्था दर अच्छी मानी जाती है। हालांकि प्राकृतिक या क्लोमीफीन सिट्रट (clomiphene citrate -CC) चक्र के साथ इसका लाभ स्पष्ट तरह से दिखता है। [2]

कृत्रिम गर्भाधान की इस प्रक्रिया में डॉक्टर महिला के ओवुलेशन के दौरान पहले से तैयार किया हुआ पुरुष का स्पर्म महिला के अंडे में योनि के रास्ते से डालते हैं। गर्भधारण होने में कोई परेशानी न आए और संभावना बढ़ जाए इसके लिए डॉक्टर महिला को फर्टिलिटी ड्रग्स देते हैं जो ओवुलेशन को नियमित करते हैं।

ओवुलेशन के समय पर ही पुरुष के शुक्राणु महिला के योनि में डाले जाते हैं जिसके कारण फर्टिलाइजेशन की संभावना बढ़ जाती है। आईयूआई उपचार डॉक्टर तब करते हैं जब पुरुष के स्पर्म में कई तरह की समस्याएं होती हैं। इसके अलावा अगर महिला संभोग कर पाने में सक्षम नहीं हैं या महिला एंडोमेट्रियोसिस (endometriosis) से पीड़ित है तब भी आईयूआई उपचार ही किया जाता है।

आईयूआई के सक्सेस रेट को बढ़ाने के लिए डॉक्टर निम्न दवाइयों की सलाह दे सकते हैं : -

  • ओवुलेशन ड्रग्स (Ovulation drugs)

महिला को अधिक अंडा उत्पादन करने के लिए क्लोमीफीन या लेट्रोज़ोल दिया जाता है। इससे अंडे का उत्पादन और आईयूआई का सक्सेस रेट भी बढ़ जाता है।

  • ओवुलेशन ट्रिगर (Ovulation trigger)

कई डॉक्टर महिलाओं को ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन (human chorionic gonadotropin - hcg) हॉर्मोन देते हैं। इससे ओवुलेशन के चांसेस बढ़ जाते हैं।

  • प्रोजेस्टेरोन (Progesterone)

यह हार्मोन गर्भावस्था को बनाए रखने में मदद करता है। इस हॉर्मोन को महिला के योनि द्वार के जरिये डाला जाता है। ये आपातकालीन गर्भपात को रोकने में सक्षम होता है।

2. आईवीएफ के दौरान दी जाने वाली दवाइयां (Drugs given during IVF)

आईवीएफ में डॉक्टर महिला के अंडाशय से एक या दो अंडे निकालते हैं और उन्हें लैब में स्पर्म के साथ फर्टिलाइज करते हैं। जब भ्रूण (embryo) का निर्माण हो जाता है तब भ्रूण को गर्भाशय में रख दिया जाता है।

आईवीएफ के सक्सेस रेट को बढ़ाने के लिए डॉक्टर निम्न दवाइयों की सलाह दे सकते हैं : -

  • ओवुलेशन सप्रेशन (Ovulation suppression)

आईवीएफ में महिला के अंडो को शरीर से निकालकर निषेचन की प्रक्रिया लैब में की जाती है। इस कारण डॉक्टर आपके ओवोलुशन को समयानुसार लाने के लिए ओवुलेशन सप्रेशन मेडिसीन का उपयोग करते हैं। ये दवाइयां एक से चार सप्ताह के लिए दी जा सकती हैं।

ओवुलेशन को तय समय पर लाने के लिए या प्राकृतिक ओवुलेशन को रोकने के लिए डॉक्टर गोनैडोट्रोपिन एंटागनिस्ट हार्मोन इंजेक्शन (gonadotropin antagonist hormones) की सलाह देते हैं।

  • ओवुलेशन ड्रग्स (Ovulation drugs)

आईवीएफ के दौरान माहवारी के 9वें से 11वें दिन तक आप डॉक्टर द्वारा बताये गए गोनाडोट्रोपिन इंजेक्शन लेने होते हैं। गोनाडोट्रोपिन इंजेक्शन फॉलिकल के विकास को बढ़ाता और अधिक अंडों को रिलीज के लिए मैच्योर करता है। जब फॉलिकल एक निश्चित आकार के हो जाते हैं, तो प्रजनन विशेषज्ञ ओवुलेशन को शुरू करने का इंजेक्शन देते हैं।

आईयूआई की तरह आईवीएफ में भी ओवुलेशन के मौके बढ़ाने के लिए डॉक्टर महिलाओं को एचसीजी (hcg) इंजेक्शन देते हैं। एचसीजी हार्मोन इंजेक्शन के 24 से 36 घंटे के भीतर ओवरी से अंडे रिलीज़ होते हैं। फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स इन अंडो को निकालकर आईवीएफ की आगे की प्रक्रिया शुरू कर देते हैं।

इसके अलावा गर्भावस्था को बनाए रखने में मदद के लिए महिला को प्रोजेस्टेरोन इंजेक्शन दिया जाता है।

और पढ़ें:How to conceive a baby boy - A Scientific Approach

 

5.निष्कर्ष

Conclusionin hindi

Nishkarsh

ऊपर बताए गए सभी फर्टिलिटी ड्रग्स डॉक्टर के सलाह के बाद ही लेना चाहिए। जब तक डॉक्टर इनफर्टिलिटी के कारण का पता नहीं लगा लेते तब तक वे किसी भी दवा का सेवन करने की सलाह नहीं देते हैं। अगर आप अपने मन से किसी भी दवा का सेवन करती हैं तो इससे आपको कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हम आपको सलाह देते हैं किसी भी दवा के सेवन से पहले डॉक्टर से जरूर मिलें।

आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि:: 09 Sep 2020

क्या यह लेख सहायक था? हां कहने के लिए दिल पर क्लिक करें

संदर्भ/\

  1. References

    Derman SG, Adashi EY et al. "Adverse effects of fertility drugs". Drug Saf. PMID: 7727051

विशेषज्ञ सलाहASK AN EXPERT

कॉल

व्हाट्सप्प

अपॉइंटमेंट बुक करें