शुक्राणु की क्वालिटी, गतिशीलता और संख्या पर असर डालने वाले कारक

Factors and causes that affects sperm motility, count, and quality in hindi

Sperm quality aur motility ko affect karne wale karan kya hain in hindi


एक नज़र

  • शुक्राणुओं पर असर डालने वाले कारक हैं - तनाव, खराब आहार, दवाएँ, धूम्रपान, मद्यपान आदि।
  • कई दवाएं ऐसी हैं जो शुक्राणु की गतिशीलता को बेहतर बनाने में प्रभावी हैं।
  • जीवनशैली से जुड़ी आदतों में परिवर्तन कर काफी शुक्राणुओं की सेहत को बेहतर किया जा सकता है।
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Introduction

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हमारा समाज बांझपन का प्रमुख कारण एक महिला को ही मानता है। जबकि सच्चाई यह है कि बांझपन के 40% तक के मुद्दे पुरुषों से जुड़े होते हैं। यदि आप और आपका साथी गर्भधारण करने की संभावनाओं को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, तो आपके लिए जानना ज़रूरी है कि वो कौन से कारण हैं जो स्पर्म्स या शुक्राणु की क्वालिटी और मोटिलिटी को प्रभावित करते हैं। [1] स्पर्म को गर्भाशय और फैलोपियन ट्यूब में यात्रा करने की अपनी विशेषता के कारण तैराक कहा जाता है। स्पर्म की गतिशीलता (Motility) दो प्रकार की होती हैं एक होती है प्रगतिशील गतिशीलता (Progressive motility) यह गतिशीलता उन स्पर्म को संदर्भित करती है जो ज्यादातर सीधी रेखा में तैरते हैं। दूसरी है गैर-प्रगतिशील (Non -Progressive motility) यह उन स्पर्म को संदर्भित करती है जो सीधी रेखाओं में यात्रा नहीं करते हैं। एक महिला के अंडे को निषेचित करने और गर्भाशय ग्रिवा तक पहुंचने के लिए स्पर्म को कम से कम 25 माइक्रोमीटर की प्रगतिशील गतिशीलता की आवश्यकता होती है। प्रेगनेंसी के लिए और बच्चे के विकास के लिए, एक शुक्राणु को गतिशीलता और आकार दोनों ही रूप में अच्छा होना चाहिए। यह पुरुष प्रजनन क्षमता की जाँच का एक बहुत ही महत्वपूर्ण पहलू है। आइये इस लेख में शुक्राणु गतिशीलता से जुड़ी जानकारी को विस्तार में जानते हैं।

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इस लेख़ में

 

शुक्राणु गतिशीलता क्या है?

What is the sperm motility? in hindi

अंडे तक पहुंचने के लिए, शुक्राणु में तैरने की क्षमता होनी चाहिए। सामान्य शुक्राणु गतिशीलता को समझना काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पुरुषों के प्रजनन स्वास्थ्य में एक प्रमुख भूमिका निभाता है। अगर स्पर्म मोटोलिटी नहीं हैं तो प्राकृतिक गर्भधारण (प्रेगनेंसी) की संभावना कम हो जाती है। एक सिंगल एजाकुलेशन की स्पर्म की प्रगतिशील मोटोलिटी (sperm Progressive motility) यदि 50% से अधिक है, तो इसे सामान्य स्पर्म मोटोलिटी (normal sperm motility) कहा जाता है। [2] 25% और 50% के बीच को सीमा रेखा माना जाता है। लेकिन अगर यह 25% से कम है, तो इसका मतलब है कि गर्भधारण की संभावना बहुत कम है।

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कम शुक्राणु गतिशीलता क्या है?

What is low sperm motility? in hindi

Low Sperm Motility kya hoti hai in hindi

लो स्पर्म मोटिलिटी एक ऐसी स्थिति है जहां शुक्राणु को फर्टिलाइज करने के लिए अंडे तक पहुंचने में मुश्किल होती है। ऐसे मामलों के लिए, स्पर्म मोटिलिटी 25% से कम होती है। [3]

और पढ़ें:अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान की सफलता को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक
 

गर्भावस्था (प्रेगनेंसी) के लिए स्पर्म काउंट कितना होना चाहिए

What should be the sperm count for pregnancy in hindi

pregnancy ke liye sperm count kitna hona chahiye in hindi

सामान्य वीर्य में शुक्राणु 40 मिलियन से 300 मिलियन प्रति मिलीलीटर होते हैं। लो स्पर्म काउंट (low sperm count) को 10 और 20 मिलियन प्रति मिलीलीटर के बीच माना जाता है। यदि शुक्राणु स्वस्थ हैं, तो २० मिलियन स्पर्म काउंट गर्भावस्था (प्रेगनेंसी) के लिए पर्याप्त हो सकते हैं।

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शुक्राणु की गुणवत्ता और गतिशीलता को प्रभावित करने वाले कारक

Factors affecting sperm quality and motility in hindi

Kaun se factors sperm quality aur motility par asar daalte hain in hindi

शुक्राणु की गुणवत्ता और गतिशीलता को प्रभावित करने वाले कारक इस प्रकार हैं [4]:-

  • गर्मी (Heat)

गर्म स्नान या भाप स्नान का प्रयोग कम से कम करें। गोद में लैपटॉप के साथ लंबे समय तक बैठने से बचें क्योंकि यह गर्मी पैदा करता है। इस तरह से पैदा हुई गर्मी पुरुष बांझपन का कारण हो सकती है।

  • संयम (Abstinence)

पुरुष साथी को अपने स्वस्थ स्पर्म काउंट को बनाए रखने के लिए सप्ताह में कम से कम एक बार एजाकुलेशन करने की कोशिश करनी चाहिए।

  • वजन (Weight)

मोटापा शुक्राणु उत्पादन को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है और बांझपन की समस्याओं को जन्म देता है। अधिक वजन वाले या मोटे पुरुष अपने आदर्श बीएमआई (body mass index) को प्राप्त करके अपने शुक्राणुओं की संख्या और शुक्राणु की गतिशीलता में सुधार कर सकते हैं।

  • धूम्रपान (Smoke)

जो पुरुष पिता बनने की योजना बना रहे हैं या जो जोड़े गर्भधारण करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें गर्भवती होने की संभावना बढ़ाने के लिए धूम्रपान बंद कर देना चाहिए। इसके अलावा, रिक्रिएशनल ड्रग्स (recreational drugs), जिनमें एनाबॉलिक स्टेरॉयड (anabolic steroids) और मारीजुआना (marijuana) शामिल हैं, शुक्राणु की कार्य प्रणाली पर नेगेटिव असर डालते हैं और बांझपन को जन्म देते हैं।

  • दवा (Medicine)

कुछ दवाइयाँ ऐसी हैं जो स्पर्म्स पर बुरा असर डालती हैं। साथ ही साथ कोई भी बीमारी जो तेज बुख़ार को भड़काती है, शुक्राणु बनाने में शरीर की क्षमता को ख़राब कर सकती है और बांझपन की समस्या को भी जन्म दे सकती है। पुरुष की जीवनशैली में बदलाव से शुक्राणुओं में सुधार लाने में तीन महीने का समय लग सकता है।

  • लुब्रिकेंट्स (Lubricants)

लुब्रिकेंट्स का इस्तेमाल शुक्राणु की गतिशीलता को प्रभावित कर गर्भधारण को कठिन बना सकते हैं। यह पुरुष बांझपन का कारण हो सकता है।

  • तनाव (Stress)

तनाव स्वस्थ शुक्राणुओं की संख्या पैदा करने के लिए आवश्यक हार्मोन के साथ हस्तक्षेप कर सकता है। पिता बनने की संभावना बढ़ाने के लिए आराम करना और तनाव मुक्त रहना ज़रूरी है।

  • सेल फोन (Cell phone)

क्या आप अपने फोन को अपने हिप पॉकेट में या अपनी बेल्ट में रखते हैं ? ऐसा करने वाले पुरुषों में उन लोगों की तुलना में 11% कम शुक्राणु पाए गए जिन्होंने अपना फोन अन्य स्थानों पर संग्रहीत कर रखा था। यह पुरुष बांझपन या प्रजनन समस्याओं का कारण हो सकता है।

  • कैफीन (Caffeine)

आदर्श प्रजनन स्वास्थ्य के लिए और बांझपन से बचने के लिए शराब या कैफीन का सेवन कम मात्रा में करना चाहिए। एक बार जब आप एक दिन में तीन कप कॉफी तक पहुंच जाते हैं, तो आप शुक्राणु में आनुवंशिक परिवर्तन (genetic mutations) का ख़तरा बढ़ाते हैं। इसके साथ ही कम शुक्राणु गतिशीलता (low sperm motility) और पुरुष बांझपन के कारण भिन्न होते हैं, और कई मामले अस्पष्टीकृत जिन्हे कोई स्पष्टरूप से बता नहीं पाता हैं। अंडकोष को नुकसान, जो शुक्राणु को बनाते और संग्रहीत करते हैं, शुक्राणु की गुणवत्ता पर प्रभाव डाल सकते हैं। अंडकोष के नुकसान (testicle damage) के सामान्य कारणों में शामिल हैं:

  • टेस्टिस में संक्रमण (testicle infection)
  • वृषण का कैंसर (testicular cancer)
  • वृषण सर्जरी (testicular surgery)
  • अनडिसेंडेड टेसिकल्स (undescended testicles)
  • टेस्टिस को चोट (injury in testis)
  • लम्बे समय तक एनाबोलिक स्टेरॉयड (Anabolic steroid) दवाइयों का उपयोग करने से स्पर्म की संख्या (sperm count) और गतिशीलता (sperm motility) कम हो सकती है।
  • कैनबिस और कोकीन (cannabis and cocaine) जैसे ड्रग्स, साथ ही कुछ हर्बल उपचार भी वीर्य की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं।
  • वैरिकोसेले ( Varicocele) जो अंडकोश में बढ़े हुए नसों की स्थिति होती है, यह स्थिति कम शुक्राणु गतिशीलता (low sperm motility) के साथ भी जुड़ा हुआ है।
और पढ़ें:आईएमएसआई आईवीएफ क्या है?
 

कम शुक्राणु गतिशीलता के लिए उपचार क्या हैं?

Treatments for low sperm motility? in hindi

Low sperm motility ka kya ilaj hai in hindi

बाजार में कई दवाएं उपलब्ध हैं जो शुक्राणु की गतिशीलता को बेहतर बनाने में प्रभावी हैं। क्लोमिड (clomid) जैसे विटामिन और दवाओं के संयोजन से गतिशीलता और शुक्राणुओं की संख्या बढ़ सकती है। इसके अलावा, शुक्राणु गतिशीलता में सुधार करने के लिए कई प्राकृतिक तरीके हैं जिनकी सूची इस प्रकार है [5]:-

1. खनिजों और विटामिनों के संतुलन वाले स्वस्थ आहार का सेवन करें। (यहाँ पढ़े - स्पर्म क्वालिटी बढ़ाये यह फ़ूड आइटम)

2. कम-तनाव के स्तर को बनाए रखें।

3. कम से कम एक-दो मील तक पैदल चलने सहित नियमित व्यायाम करें।

4. स्वस्थ वजन बनाए रखना भी ज़रूरी है।

5. शराब का सेवन कम करें और धूम्रपान न करें।

6. गर्मी में बहुत ज्यादा एक्सपोजर से बचें।

7. कीटनाशकों और ज़हरीली रसायनों के संपर्क में आने से बचें और जैविक (organic) खाद्य और फलों का प्रयोग करें।

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कम शुक्राणु गतिशीलता के साथ पितृत्व कैसे प्राप्त करें?

How to achieve parenthood with low sperm motility? in hindi

Low sperm motility ke bawjood pita kaise bane in hindi

कम शुक्राणु की गतिशीलता के साथ भी गर्भ धारण करने में मदद करने के लिए कई वैकल्पिक उपचार हैं।

वे इस प्रकार हैं :-

  • अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान (Intrauterine insemination- IUI)

आईयुआई कृत्रिम गर्भाधान (artificial insemination) की एक प्रक्रिया है। [6] इसमें शुक्राणु महिला के गर्भाशय के भीतर ट्रान्सफर कर दिया जाता है ताकि स्पर्म को अंडे तक पहुंचने के लिए ज़्यादा न तैरना पड़े। यह प्रक्रिया तब शुरू होती है जब शुक्राणु में 30 से 35% की गतिशीलता हो।

  • इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (In vitro fertilization (IVF)

यह असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (एआरटी) के तहत उपलब्ध सबसे लोकप्रिय उपचार है। इसे इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (In vitro fertilization) या आईवीएफ (IVF) कहा जाता है। यहां, डॉक्टर पुरुष के शुक्राणु के साथ महिला के अंडों को फर्टिलाइज करते हैं। [7]

  • इंट्रासाइटोप्लाज्मिक स्पर्म इंजेक्शन (Intracytoplasmic sperm injection)

यह उपचार आईवीएफ प्रक्रिया के दौरान होता है जहां फर्टिलाइजेशनज जारी रखने के लिए आदमी के शुक्राणु इंजेक्शन को सीधे अंडे में इस्तेमाल किया जाता है। [8] इस प्रक्रिया को गतिशीलता की परवाह किए बिना शुरू किया जा सकता है और इसकी सफलता दर 70 से 90% है।

और पढ़ें:आईयूआई उपचार की प्रक्रिया दर्दनाक है ?
 

निष्कर्ष

Conclusionin hindi

Nishkarsh

स्पर्म क्वालिटी और स्पर्म मोटिलिटी को प्रभावित करने वाले कई कारक हैं जैसे कि अत्यधिक गर्मी, संयम, अधिक वजन, धूम्रपान, तनाव, कैफीन, और दवाएं। पुरुष बांझपन के शिकार पुरुषों के लिए ज़रूरी है कि वे जानें कि किस प्रकार ये कारक उनकी प्रजनन क्षमता पर असर कर रहे हैं। अपने खान-पान और जीवनशैली से जुड़ी आदतों में परिवर्तन कर काफी हद तक मेल इंफर्टिलिटी को कम किया जा सकता है।

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references

संदर्भ की सूचीछिपाएँ

1 .

WebMD. “What Fallopian Tube Procedures Help With Fertility?”. WebMD, Accessed September 11, 2018

2 .

Chiu YH, Edifor R, Rosner BA, et al. “What Does a Single Semen Sample Tell You? Implications for Male Factor Infertility Research”. Am J Epidemiol. 2017;186(8):918-926, PMID: 28541378.

3 .

WebMD. “Male Infertility Treatments”.WebMD, Assessed May 01, 2007.

4 .

Durairajanayagam D. “Lifestyle causes of male infertility”. Arab J Urol. 2018;16(1):10-20. Published 2018 Feb 13, PMID: 29713532.

5 .

Mayoclinic. “Healthy Lifestyle- Getting pregnant”. Mayoclinic, April 25, 2020.

7 .

Mayoclinic. “In vitro fertilization (IVF)”. Mayoclinic, June 22, 2019.

आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: : 16 Jul 2020

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