kya vyayam se garbh dharan karne me madad milti hai

क्या व्यायाम से गर्भधारण करने में मदद मिलती है

Does exercise help to get pregnant? in hindi

kya vyayam se garbh dharan karne me madad milti hai in hindi

एक नज़र


  • गर्भधारण का निर्णय लेने के बाद व्यायाम करना अच्छा रहता है।

  • व्यायाम करने से मांसपेशियों में मज़बूती आती है।

  • शरीर के स्वस्थ और मन के प्रसन्न होने से प्रसव में आसानी होती है।

गर्भावस्था की अवस्था खुशी के साथ-साथ कई परेशानियों से भी भरी होती है।

जहां एक तरफ़ महिला गर्भधारण के वक़्त बेहद खुश होती है वहीं दूसरी तरफ यह अवस्था महिलाओं के लिए कई शारीरिक व मानसिक परेशानियाँ लेकर आती हैं। 

मगर कई महिलाओं को यह जानकरी नहीं होती कि गर्भधारण से पहले वो अपने शरीर को इस अवस्था के लिए तैयार कर सकती हैं।

गर्भवस्था के पहले अपने शरीर को तैयार करने का सबसे बेहतरीन तरीका है व्यायाम। 

आज हम इस लेख में जानेंगे कि गर्भावस्था के लिए व्यायाम क्यों ज़रूरी है और इस दौरान आपको कौन से व्यायाम करने चाहिए। आइये देखें :

 

1.प्रेग्नेंट होने के लिए व्यायाम क्यों ज़रूरी है

Why exercise is required to conceive in hindi

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व्यायाम करने से व्यक्ति का शरीर बाहरी और आंतरिक रूप से स्वस्थ बना रहता है।

लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि प्रेग्नेंट होने के लिए व्यायाम ज़रूरी है।

दरअसल व्यायाम करने से शरीर को जो लाभ पहुँचते हैं, उनसे एक स्त्री को गर्भधारण करने में सुविधा मिलती है।

गर्भधारण से पूर्व व्यायाम करने के लाभ इस प्रकार हो सकते हैं : 

  • मानसिक तनाव में कमी (Reduces mental stress)

    अपने जीवन में एक नन्ही जान को जगह देने का निर्णय स्वयं में सुखकारी उत्तेजना से भरपूर होता है।

    ऐसे में एक स्त्री को मानसिक तनाव, उत्तेजना और कभी-कभी अवसाद का भी सामना करना पड़ सकता है।

    इसलिए गर्भधारण करने से पहले शारीरिक व्यायाम शुरू करना हमेशा स्वास्थ्यकारी होता है।

    इससे न केवल शरीर पूरी तरह से एक्टिव रहता है, बल्कि संपूर्ण गर्भकाल भी न्यूनतम परेशानी के गुजरने की संभावना हो सकती है।

    इसलिए न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी गर्भधारण से पूर्व व्यायाम करना अच्छा होता है।

  • शारीरिक वजन में संतुलन (Maintains body weight)

    एकसरसाइज़ या व्यायाम करने से शरीर न केवल चुस्त-दुरुस्त रहता है बल्कि अतिरिक्त वज़न के बढ़ने की भी संभावना भी कम हो जाती है।

    गर्भधारण का निर्णय लेने के बाद आपको अपने शरीर पर अतिरिक्त चर्बी को आने से रोकने का हर संभव प्रयत्न करना होगा।

    इस काम में व्यायाम आपकी पूरी मदद कर सकता है।

  • अच्छी नींद लेना सरल (Good for ideal sleep)

    एक स्वस्थ व्यक्ति को कम से कम छह से आठ घंटे की नींद लेना ज़रूरी होता है।

    लेकिन अगर नियमित रूप से ऐसा न होने पर इसका व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वस्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

    यही नियम उस स्त्री पर भी लागू होता है जिसने गर्भधारण का निर्णय ले लिया हो।

    यदि ऐसे में स्त्री पूरी नींद नहीं लेती हैं तो इससे एस्ट्रोजेन (estrogen) हारमोन के निर्माण में कमी आ जाती है और गर्भधारण में परेशानी हो सकती है।

    लेकिन नियमित व्यायाम करने से स्त्री को नींद न आने की परेशानी दूर हो जाएगी और गर्भधारण में आसानी हो सकती है।  

  • प्रसव के लिए शरीर को तैयार करना सरल (Prepares body for labour pain)

    गर्भधारण के बाद शरीर में विभिन्न प्रकार के परिवर्तन आते हैं जिनमें सबसे बढ़ा परिवर्तन आता है गर्भ के बढ़ते भार को वहन करना।

    व्यायाम करने से शरीर की मांसपेशियाँ मजबूत और लचीली रहती हैं जिससे स्थिर का शरीर गर्भ में बढ़ते शिशु का भार सरलता से वहन कर लेता है।

  • अजन्में बच्चे के स्वास्थ्य के लिए (Good for unborn baby)

    गर्भधारण से पहले शारीरिक तैयारी के रूप में शारीरिक व्यायाम करना भी जरूरी होता है।

    इसका मुख्य कारण है कि यह देखा गया है कि जो स्त्रियाँ शारीरिक रूप से एक्टिव रहती हैं उनके शिशु भी जन्म लेने के बाद एक्टिव रहते हैं।

    इसलिए गर्भधारण का निर्णय लेने के बाद व्यायाम के माध्यम से स्वयं को एक्टिव रखकर जन्म लेने वाले बच्चों को भी हेल्दी और एक्टिव रख सकती हैं।

 

2.गर्भधारण में कौन से व्यायाम आपकी मदद कर सकते हैं

What type of exercises can help you in getting pregnant in hindi

kis prakar ki exercise se conceive karne mein asani ho sakti hai in hindi

जैसा आपने देखा कि व्यायाम करने से गर्भधारण में सरलता होती है।

तब आपका अगला सवाल यह हो सकता है कि वे कौन से व्यायाम हैं जो गर्भधारण में सहायक हो सकते हैं।

इसके लिए आपको किसी योग गुरु या एकसरसाइज़ ट्रेनर की ज़रूरत नहीं है।

आप यहाँ बताए गए इन कार्यों को करने से भी गर्भ सरलता से धारण कर सकती हैं:

  • पैदल चलना (To Walk)

    व्यायाम करने की दृष्टि से सबसे सरल व्यायाम पैदल चलना माना जाता है।

    इसके लिए आप कभी भी थोड़ा-बहुत टहल कर अपने शरीर की मांसपेशियों को नरम बने रहने में मदद कर सकती हैं।

    पैदल चलना वह व्यायाम माना जाता है जिसके लिए व्यक्ति को किसी भी प्रकार की न तो विशेष तैयारी की ज़रूरत होती है और न किसी विशेष समय का ध्यान रखने की ज़रूरत होती है।

    दिन में थोड़ा-थोड़ा पैदल चलकर टहलते हुए आप एक ओर अपने शारीरिक वज़न पर तो नियंत्रण रख ही सकती हैं साथ ही तनाव और उत्तेजना में भी कमी आती है।

  • दौड़ लगाना (To Run)

    तेज़ कदमों से चलने को दौड़ लगाना कहते हैं।

    इस व्यायाम के माध्यम से शरीर में ब्लड सर्क्युलेशन तो ठीक रहता ही है साथ ही श्वासन तंत्र भी मजबूत बना रहता है।

    नियमित रूप से दौड़ लगाने से घुटने के जोड़ मजबूत रहते हैं और पैरों की नसों में भी ताकत रहती है।

    लेकिन दौड़ लगाने का निर्णय लेते समय इस बात का भी ध्यान रखें कि कुछ स्त्रियों को मासिक धर्म में दौड़ लगाने से स्त्राव के बढ़ने की शिकायत भी हो सकती है।

    इसलिए इस बात को ध्यान में रखने के साथ ही अगर दौड़ने से आपका सांस फूलता हो तब भी इसे न करें।

  • योगासन करना (To do Yoga)

    योग करने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य हमेशा बना रहता है।

    योग करने से शरीर, गर्भधारण करने के बाद से लेकर प्रसव होने तक होने वाले विभिन्न पड़ावों को सरलता से पार कर सकता है।

    न केवल इतना बल्कि प्रसव के बाद शरीर को मिलने वाला अनिवार्य आराम भी योग के माध्यम से मिल जाता है और स्त्री प्रसन्न मन से नवजात शिशु की देखभाल में अपना समय बीटा सकती हैं।

  • तैरना (To Swim)

    चिकित्सकों के अनुसार तैराकी अपने आप में एक संपूर्ण व्यायाम माना जाता है।

    मांसपेशियों को नरम और मजबूत रखने में तैराकी एक सरल व्यायाम माना जाता है।

    लेकिन अगर आप तैराकी किसी कारण से न कर सकें तो निराश न हों, क्योंकि इसके अलावा आप टहल कर या दौड़ कर भी अपने शरीर को व्यायाम का लाभ पहुंचा सकती हैं।

  • साइकल चलाना (To do Cycling)

    साइकल चलाने से पैरों की हड्डियाँ व मांसपेशियों को तो ताकत मिलती ही है साथ ही शरीर में रक्त का संचार भी ठीक तरीके से होने लगता है।

    एक प्रकार से साइकल चलाना, तैराकी की भांति संपूर्ण व्यायाम माना जाता है।

 

3.गर्भधारण से पहले व्यायाम संबंधी जरूरी टिप्स

Tips for exercising before trying to conceive in hindi

pregnancy se pahle exercise kaise kare in hindi

गर्भधारण से पहले व्यायाम कैसे करें इस संबंध में आप कुछ बातों का ध्यान रख सकती हैं, जैसे :

  • व्यायाम को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएँ। इससे आप हमेशा प्रसन्न रह सकती हैं और शरीर पर अतिरिक्त वजन भी बढ़ने की संभावना खत्म हो जाती है. 

  • व्यायाम को शुरू करने के लिए किसी वजह का सहारा न लें। यह तो आप स्वयं को स्वस्थ रखने के लिए कभी भी शुरू कर सकती हैं।

  • व्यायाम करने के लिए आप अपनी दिनचर्या को इस तरह से व्यवस्थित रख सकती हैं जिससे शरीर भी एक्टिव रहे और हर गतिविधि में भी संतुलन बना रहे।

  • सामान्य रूप से गर्भावस्था में पेट, कमर और पैरों पर अत्यधिक भार होता है जिसके कारण कमर और पैरों में दर्द व सूजन आना एक आम बात हो जाती है।

  • इसलिए व्यायाम करते समय इन अंगों की मानपेशियों को मजबूत बनाने का प्रयास करें।

  • इस बात का ध्यान रखें कि व्यायाम करने से शरीर की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

  • इसलिए एक बार गर्भ ठहर जाये तब केवल हल्के-फुल्के व्यायाम पर भी ध्यान दें।

  • इसके लिए दौड़ और तैराकी जैसे व्यायाम केवल गर्भ ठहरने से पहले ही किए जाने चाहिए।

एक बार गर्भ ठहर जाने के बाद आप अपने लिए उपयुक्त व्यायाम की दिनचर्या अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही व्यवस्थित करें।

इस प्रकार आप पूरे गर्भकाल स्वस्थ व खुश रहते हुए एक स्वस्थ शिशु को दुनिया में आने का अवसर भी प्रदान कर सकेंगी।

 

4.निष्कर्ष

Conclusion in hindi

Nishkarsh in hindi

शारीरिक व्यायाम प्रत्येक व्यक्ति से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी होता है।

इसी लिए गर्भधारण का निर्णय लेने के बाद स्त्रियों को अपने शरीर को एक संतुलित व्यायाम प्रक्रिया से स्वस्थ व चुस्त-दुरुस्त बनाए रखना ज़रूरी होता है।

इससे न केवल शरीर का वजन संतुलित बना रहता है बल्कि गर्भावस्था में होने वाले शारीरिक परिवर्तन भी शरीर को परेशान नहीं कर पाते हैं।

टहलना और दौड़ जैसे व्यायाम के अतिरिक्त संभव हो तब तैराकी और कार्डियो एकसरसाइज़ करके सभी मांसपेशियों को नरम व मजबूत बनाने से प्रसव के समय कोई कठिनाई नहीं होती है।