Delivery ke baad periods kab aata hai in hindi

डिलीवरी के बाद पीरियड्स कब आता है?

When do you get back your periods after delivery in hindi

Delivery ke baad periods kab aata hai in hindi

एक नज़र

  • स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को आमतौर पर जल्दी से पीरियड्स नहीं आते हैं।
  • प्रसव के बाद पहली माहवारी गर्भवती होने से पहले वाले पीरियड्स से काफी अलग हो सकते हैं।
  • ज़रूरी नहीं कि शिशु के जन्म के बाद यदि आपके पीरियड्स नहीं लौटे हैं तो आप गर्भधारण नहीं करेंगी।

जब आप माँ बनने वाली होती हैं, तो आपका शरीर कई परिवर्तनों से गुजरता है। सबसे बड़ा परिवर्तन होता है माहवारी से संबंधित।

माँ बनने वाली ज्यादातर महिलाएं यह सोचती हैं डिलीवरी के बाद पीरियड कब आएगा?

गर्भावस्था के दौरान आपको कम से कम नौ महीने के लिए माहवारी से छुटकारा मिल जाता है। डिलीवरी के बाद जब आपका मासिक धर्म वापस शुरू होता है तो यह थोड़ा अलग हो सकता है।

आपका पीरियड्स कब रिटर्न करेगा यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने स्तनपान कराया है या नहीं।

आइये इस लेख के माध्यम से डिलीवरी के बाद माहवारी से जुड़ी जानकारी को समझने का प्रयास करते हैं।

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इस लेख़ में/\

  1. डिलीवरी के बाद मेरा पीरियड कब लौटेगा?
  2. क्या मेरी माहवारी मेरे स्तन के दूध को प्रभावित करेगी?
  3. गर्भावस्था के बाद माहवारी में क्या अंतर आ सकता है?
  4. गर्भावस्था के बाद अपनी पहली माहवारी से क्या उम्मीद करनी चाहिए?
  5. प्रसवोत्तर पीरियड्स के किन लक्षणों पर मुझे ध्यान देना चाहिए?
  6. क्या मैं अपने पीरियड्स रिटर्न से पहले गर्भवती हो सकती हूं?
  7. निष्कर्ष
 

1.डिलीवरी के बाद मेरा पीरियड कब लौटेगा?

When will my period return in hindi

Mera period kab wapas aayega in hindi

यदि आप स्तनपान नहीं कराती हैं, तो शिशु के जन्म के लगभग छह से आठ सप्ताह बाद आपकी माहवारी आमतौर पर वापस आ जाती है।

यदि आप स्तनपान कराती हैं, तो पीरियड्स की वापसी की कुछ अन्य पहलुओं पर निर्भर करती है।

यदि आपका बच्चा केवल आपके स्तन का दूध प्राप्त कर रहा है, तो अधिक संभावना इस बात कि है कि जब तक आप स्तनपान करवाएँगी तब तक आपके पीरियड्स वापस नहीं आएंगे।

लेकिन अन्य महिलाओं में यह कुछ महीनों के बाद लौट सकता है।

आमतौर पर, जो महिलाएं स्तनपान कराती हैं, उन्हें शरीर के हार्मोन के कारण जल्दी से पीरियड्स नहीं आते हैं।

प्रोलैक्टिन (prolactin), जो कि स्तन के दूध का उत्पादन करने के लिए आवश्यक हार्मोन है, प्रजनन हार्मोन को दबा सकता है।

परिणामस्वरूप, आप निषेचन (fertilization) के लिए अंडा जारी नहीं करते हैं। इस प्रक्रिया के बिना, आपके मासिक धर्म की संभावना खत्म हो जाती है।

और पढ़ें:उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था क्या है?

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2.क्या मेरी माहवारी मेरे स्तन के दूध को प्रभावित करेगी?

Will having periods post-delivery affect my breastfeeding in hindi

Kya mere periods breastfeeding par asar karnegi in hindi

जब आपकी माहवारी वापस आती है, तो आप अपनी दूध की आपूर्ति या स्तन के दूध के प्रति शिशु की प्रतिक्रिया में कुछ बदलाव देख सकते हैं। हार्मोनल परिवर्तन आपके स्तन के दूध को भी प्रभावित कर सकते हैं।

उदाहरण के लिए, आप अपने दूध की आपूर्ति में कमी देख सकती हैं, या आपके बच्चे को कितनी बार नर्स करना चाहती हैं, इसमें भी बदलाव देख सकती हैं।

हार्मोनल परिवर्तन आपके स्तन के दूध की संरचना और इसके स्वाद को भी प्रभावित कर सकते हैं।

ये परिवर्तन आमतौर पर बहुत मामूली होते हैं, और बच्चे को स्तनपान कराने की आपकी क्षमता को प्रभावित नहीं करते हैं।

और पढ़ें:गर्भावस्था में नॉर्मल डिलीवरी के उपाय

 

3.गर्भावस्था के बाद माहवारी में क्या अंतर आ सकता है?

How might my period be different postpartum in hindi

Pregnancy ke baad periods me kya antar aa sakta hai in hindi

प्रसव के बाद पहली माहवारी गर्भवती होने से पहले वाली माहवारी की तरह नहीं होती है। आपका शरीर एक बार फिर से मासिक धर्म के लिए तैयार होता है।

ऐसी परिस्थिति में आप निम्न में से कुछ लक्षणों का अनुभव कर सकती हैं :

  • सामान्य से अधिक तेज़ या हल्के ऐंठन/दर्द
  • छोटे रक्त के थक्के
  • भारी प्रवाह
  • रुक-रुक कर होने वाला प्रवाह
  • बढ़ता दर्द
  • पीरियड्स की अनियमित लंबाई

आपकी गर्भावस्था के बाद की पहली महावारी सामान्य की तुलना में अधिक भारी हो सकती है।

यह अधिक तीव्र ऐंठन के साथ भी हो सकती है।

समय के साथ ये समस्याएँ कम हो जाती हैं।

कुछ दुर्लभ मामलों में, गर्भावस्था के बाद थायरॉइड की समस्या या एडिनोमायोसिस (adenomyosis) जैसी जटिलताएं भारी रक्तस्राव का कारण बन सकती हैं।

एडेनोमायोसिस गर्भाशय की दीवार का मोटा होना है।

जिन महिलाओं को गर्भावस्था से पहले एंडोमेट्रियोसिस था, उन्हें बच्चे के जन्म के बाद हल्के पीरियड्स भी हो सकते हैं।

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4.गर्भावस्था के बाद अपनी पहली माहवारी से क्या उम्मीद करनी चाहिए?

What should I expect from my first period postpartum in hindi

Pregnancy ke baad first periods se kya expect kare in hindi

आपके पीरियड्स को शिशु के जन्म के बाद नियमित होने में भी कुछ समय लग सकता है।

आपकी माहवारी अनियमित हो सकती है। आप एक-दो पीरियड्स मिस (miss) भी कर सकती हैं।

डिलीवरी के बाद, पहले वर्ष के दौरान आपके पीरियड्स की लंबाई कम-ज़्यादा हो सकती है।

दो पीरियड्स के बीच का समय और रक्तस्राव की तीव्रता भी कम-ज़्यादा हो सकती है।

यदि आप स्तनपान करवा रही हैं तो यह अनियमितता और स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ती है।

अधिकांश प्रसवोत्तर महिलाओं में 21 से 35 दिनों का "सामान्य" मासिक धर्म चक्र होगा जो 2 से 7 दिनों तक रहता है।

गर्भावस्था से पहले आपके द्वारा अनुभव किया गया मासिक धर्म चक्र बदल सकता है।

चाहे आपने अपने बच्चे को योनि से प्रसव कराया हो या सिजेरियन डिलीवरी से, शिशु के जन्म के बाद थोड़ा रक्तस्राव और योनि स्राव आम है।

आपका शरीर उस रक्त और ऊतक (tissue) को बहाता रहता है जो आपके गर्भवती होने पर आपके गर्भाशय के भीतर मौजूद था।

पहले कुछ हफ्तों में, रक्तस्त्राव भारी हो सकता है और थक्कों में दिखाई दे सकता है।

जैसे-जैसे दिन गुजरते हैं, एक प्रकार का योनि स्राव (vaginal discharge), जिसे लोचिया (lochia) कहा जाता है, इस रक्तस्त्राव की जगह ले लेता है।

लोचिया रंग में लाल, सफ़ेद या क्रीमी (creamy white) दिखाई दे सकता है।

यह डिस्चार्ज लगभग छह सप्ताह तक जारी रह सकता है।

यदि आप सुनिश्चित नहीं हैं कि आपके द्वारा अनुभव किया जा रहा रक्तस्राव गर्भावस्था से संबंधित है या आपके पीरियड्स से संबंधित हैं, तो निम्न लक्षण आपको लोचिया की पहचान करने में मदद करेंगे:

  • लोचिया आमतौर पर पहले सप्ताह के बाद से चमकदार लाल नहीं होता है।
    यह आमतौर पर हल्का होता है और दिखने में पानीदार या सफेद हो सकता है।
    डिलीवरी के छह या अधिक सप्ताह बाद होने वाला तेज लाल रक्तस्राव माहवारी का संकेत है।
  • गर्भावस्था से संबंधित रक्तस्राव बढ़े हुए परिश्रम या गतिविधि के साथ बढ़ सकता है।
    यदि आपके आराम करने पर आपका डिस्चार्ज बढ़ जाता है और कम हो जाता है, तो लोचिया होने की अधिक संभावना है।
  • क्योंकि लोचिया गर्भावस्था से बचे हुए ऊतक के साथ मिश्रित होता है, इसकी एक विशिष्ट गंध होती है।

और पढ़ें:डिलीवरी के बाद पीरियड लाने के उपाय

 

5.प्रसवोत्तर पीरियड्स के किन लक्षणों पर मुझे ध्यान देना चाहिए?

What postpartum symptoms should I watch out forin hindi

Pregnancy ke baad periods ke kin symptoms par dhyan dena chahiye in hindi

यदि आप निम्नलिखित लक्षणों में से किसी एक का अनुभव करती हैं, तो डॉक्टर से बात करें : -

  • हर घंटे एक से अधिक पैड को भिगोना
  • रक्तस्राव के साथ अचानक और गंभीर दर्द
  • अचानक बुखार
  • सात दिनों से अधिक समय तक लगातार रक्तस्राव
  • रक्त के थक्के जो आकार में बड़े होते हैं
  • दुर्गंध युक्त योनिस्त्राव
  • भयानक सरदर्द
  • साँस लेने में कठिनाई
  • पेशाब करते समय दर्द होना

इनमें से कुछ लक्षण संक्रमण का संकेत दे सकते हैं।

और पढ़ें:डिलीवरी के बाद पेट कम करने के उपाय क्या हो सकते हैं?

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6.क्या मैं अपने पीरियड्स रिटर्न से पहले गर्भवती हो सकती हूं?

Can I Get Pregnant Before My Period Returns in hindi

Kya main periods return hone se pahle pregnant ho sakti hoon in hindi

शिशु के जन्म के बाद पीरियड्स न होना इस बात की गारंटी नहीं है कि आप गर्भधारण नहीं करेंगी। कई मामले ऐसे भी हुए हैं जहां डिलीवरी के मात्र छह सप्ताह बाद महिला फिर से गर्भवती हो गयी है।

ध्यान रखें कि मासिक धर्म से पहले ओव्यूलेशन होता है; एक बार जब आप ओव्यूलेट करती हैं, तो आप उपजाऊ (fertile) होती हैं, इसलिए आप गर्भवती हो सकती हैं, भले ही शिशु के जन्म के बाद आपके पीरियड्स न वापस आए हों।

यही तर्क नर्सिंग माताओं के लिए भी जाता है।

बहुत से माता-पिता गर्भनिरोधक के रूप में स्तनपान पर भरोसा करते हैं, लेकिन यह सही नहीं है।

जिन मामलों में, 6 महीने से अधिक उम्र के शिशु जो ठोस खाद्य पदार्थ खा रहे हैं और कम बार स्तनपान कर रहे हैं, या जो शिशु स्तनपान के साथ-साथ अन्य आहार भी ले रहे हो, वहाँ स्तनपान पूर्ण रूप से बर्थ कंट्रोल के रूप में काम नहीं कर सकता।

ऐसा इसलिए है क्योंकि इन मामलों में स्तनपान का स्तर ओव्यूलेशन को दबाने के लिए काफी नहीं होता।

हमेशा स्तनपान के साथ-साथ जन्म नियंत्रण (birth control) की एक और विधि का उपयोग करें।

अपने डॉक्टर से सलाह लें कि आपके लिए कौन सा जन्म-नियंत्रण उपाय सबसे अच्छा है, क्योंकि बर्थ कंट्रोल उपाय नर्सिंग माताओं के लिए रेकमेंड नहीं किए जाते हैं।

उदाहरण के लिए, जन्म नियंत्रण की गोलियां जिनमें एस्ट्रोजन (estrogen) होता है, स्तन-दूध उत्पादन में हस्तक्षेप कर सकती हैं।

एस्ट्रोजन मुक्त "मिनी गोली" (mini pill) एक बेहतर विकल्प हो सकता है।

और पढ़ें:नॉर्मल डिलीवरी के लिए गर्भवस्था के दौरान करें 8 सर्वश्रेष्ठ व्यायाम

 

7.निष्कर्ष

Conclusionin hindi

Nishkarsh

शिशु के जन्म के बाद आपके मासिक धर्म चक्र की वापसी इस बात का संकेत है कि आपका शरीर प्रसव-पूर्व स्थिति में वापस आ रहा है।

कुछ महिलाओं में, स्तनपान से जुड़े हार्मोन के बढ़ने के कारण मासिक धर्म में देरी हो सकती है।

गर्भनिरोधक के रूप में स्तनपान पर पूर्ण रूप से निर्भर रहना ठीक नहीं है।

एक बैकअप विधि, जैसे कि मौखिक गर्भनिरोधक या कंडोम, आगे सुरक्षा प्रदान करने में मदद कर सकता है।

यदि गर्भावस्था के बाद आपकी पहली माहवारी के बारे में कुछ भी असामान्य लगता है, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि:: 02 Jun 2020

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