गर्भावस्था के दौरान अवसाद की जटिलताएँ

Complications of depression during pregnancy in hindi

Garbhavastha ke dauran avsaad ki jatiltaye in hindi


एक नज़र

  • अवसाद के कारण महिला एवं उसका बच्चा दोनों ही असुरक्षित होते हैं।
  • महिला एवं शिशु के मानसिक एवं शारीरिक विकास में रुकावटें पैदा करता है अवसाद।
  • माँ एवं शिशु दोनों की जान को खतरा हो सकता है।
  • बच्चा भी आम बच्चों की तरह पूरी तरह से कुशल, एक्टिव एवं बुद्धिमान नहीं रह पाता।
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Introduction

Garbhavastha_ke_dauran_avsaad_ki_jatiltaye_in_hindi

गर्भावस्था में होने वाले अवसाद के कारण माँ एवं शिशु दोनों की जान खतरे में आ जाती है।

माँ और बच्चे दोनों को ही इस अवसाद के कारण पीड़ा उठानी पड़ती है।

अवसाद के कारण बच्चा भी आम बच्चों की तरह पूरी तरह से कुशल, एक्टिव एवं बुद्धिमान नहीं रह पाता।

आगे चलकर बच्चे के भी अवसाद ग्रसित होने के पूरे आसार होते हैं।

गर्भावस्था के दौरान अवसाद से घिरे रहने पर माँ और शिशु पर क्या प्रभाव पड़ते हैं आइये देखें :

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इस लेख़ में

 

गर्भावस्था के दौरान माँ को होने वाली अवसाद की जटिलताएँ

Complications of depression to mother during pregnancy in hindi

Garbhavastha ke dauran maa ko hone wali avsaad ki jatiltaye in hindi

  • आत्महत्या करने की प्रवृत्ति (Suicidal thoughts) :
    बढ़ते तनाव एवं अवसाद द्वारा बढ़ते मानसिक दबाव के कारण कई गर्भवती महिलाएं थक हार कर आत्महत्या के बारे में सोचने लगती हैं, और कई महिलाएं तो आत्महत्या कर भी लेती हैं जिससे एक साथ दो-दो ज़िंदगियाँ खत्म हो जाती हैं।
  • खान पान में कमी (Lack of nutrition) :
    डिप्रेशन के कारण महिलाएं अपने खान पान पर पूरा ध्यान नहीं दे पाती जिसकी वजह से उन्हें काफी शारीरिक कमज़ोरी आ जाती है और इसका असर उनके शरीर एवं बच्चे के शरीर पर भी दिखाई देता है।
    इस वजह से जब बच्चे का जन्म होता है तो वो कुपोषण का शिकार हो जाता है।
  • प्रसवोत्तर अवसाद या चिंता (Post pregnancy stress disorder) :
    गर्भावस्था में अवसाद ग्रसित होने के कारण महिलाएं कई बार प्रसव के बाद भी अवसाद में चली जाती हैं जिसकी वजह से वह खुद पर और बच्चे, दोनों पर ही ध्यान नहीं दे पाती और इससे माँ और बच्चा दोनों के ही जीवन भर अवसाद ग्रस्त होने की आशंकाएं बढ़ जाती है।
  • शराब या ड्रग लेने की आदत (Drug addict) :
    कई बार बढ़ते हुए अवसाद की वजह से महिलाएं परेशान होकर शराब, ड्रग्स आदि को अपने अवसाद से लड़ने का ज़रिया बना लेती हैं और धीरे धीरे शराब व ड्रग्स के नशे की आदी हो जाती हैं।
    इसकी वजह से उनके मानसिक एवं शारीरिक विकास रुक जाता है और उस अवसाद से निकलने की बजाए वो और अवसाद जकड़ती जाती हैं।
  • समय से पहले प्रसव पीड़ा (Premature labor pain) :
    अवसाद के कारण माँ के शरीर का पूरी तरह विकास नहीं हो पाता एवं उसकी वजह से स्त्रियों में होने वाले हार्मोनल परिवर्तन की वजह से कई बार समय से पहले ही प्रसव पीड़ा चालू हो जाती है।
  • सी सेक्शन डिलीवरी (C section delivery) :
    अवसाद ग्रस्त महिलाओं की डिलीवरी भी सामान्य तरीके से नहीं हो पाती है, क्योंकि उनका शरीर पूरी तरह से तैयार नहीं हो पाता ओर अवसाद के कारण होने वाली बीमारियों एवं शारीरिक कमज़ोरी के कारण वे प्रसव बिना आपरेशन के नहीं कर पाती।
    और सी सेक्शन डिलीवरी के भी अपने नुकसान ही हैं।
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गर्भावस्था के दौरान बच्चे को होने वाली अवसाद की जटिलताएँ

Complications of depression to child during pregnancy in hindi

Garbhavastha ke dauran bachhe ko hone wali avsaad ki jatiltaaye in hindi

  • कम वजन के साथ जन्म लेना (Low weight during birth) :
    माँ को सही पोषण न मिल पाने के कारण बच्चा भी कुपोषित ही रह जाता है एवं वह कम वजन के साथ पैदा होता है जो कि उसके शारीरिक विकास के लिए अच्छा नहीं है।
  • समय से पहले जन्म लेना (Premature birth in hindi) :
    कई बार माँ के अवसाद ग्रस्त होने के कारण समय से पूर्व प्रसव पीड़ा चालू हो जाती है, जिसकी वजह से बच्चे समय से पहले ही जन्म ले लेते हैं।
    समय से पहले जन्म लेने के कारण उन बच्चों का पूरा शारीरिक विकास नहीं हो पता है और उनमें कोई न कोई कमी आ ही जाती है जो कि बाद में उनके विकास में बाधा डालती है।
  • सांस लेने में परेशानी आदि की समस्या (Breath related problems and other health issues) :
    अगर माँ का स्वास्थ्य ठीक नहीं होगा तो बच्चे का भी स्वास्थ्य ठीक नहीं रह पाता एवं बच्चों में काफी समस्याएं जैसे कि सांस लेने में दिक्कत, बौद्धिक विकास धीरे होना, चिड़चिड़ा होना हो जाती हैं।
और पढ़ें:अकेलापन कैसे दूर करें
 

निष्कर्ष

Conclusion in hindi

Nishkarsh in hindi

गर्भावस्था में अवसाद के कारण माँ एवं शिशु दोनों को ही काफी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं।

कई बार अवसाद की वजह से माँ के भीतर आत्महत्या, बच्चे का ख्याल न रखने या बच्चे से उतना लगाव न रहने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं इसीलिए समय रहते इसका उपचार जरूरी है ताकि जच्चा ओर बच्चा दोनों ही सुरक्षित तथा सकुशल रहें।

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आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: : 28 May 2020

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