IVF - Myths & Facts | Zealthy

आईवीएफ इनफर्टिलिटी ट्रीटमेंट से संबंधित सामान्य मिथ और तथ्य

Common myths and facts related to IVF infertility treatment in hindi

IVF se sambandhit samanya mithak aur tathya

एक नज़र

  • आईवीएफ़ उपचार में महिला और पुरुष दोनों की अहम भूमिका होती है।
  • इनफर्टिलिटी की समस्या को दूर करने का एक मात्र उपाय आईवीएफ नहीं है।
  • लाइफस्टाइल में बदलाव करने से आईवीएफ का सफल होना एक मिथ है।
  • आईवीएफ अन्य सर्जिकल ट्रीटमेंट की तुलना में महँगा नहीं है।

इन-विट्रो-फर्टिलाइजेशन यानि आईवीएफ की प्रक्रिया प्रजनन समस्याओं (fertility problems) के उपचार के लिए उपयोग की जाती है। इसकी मदद से दंपत्ति माता-पिता बनने का सुख प्राप्त कर सकते हैं।

आईवीएफ की प्रक्रिया में महिला के ओवरीज़ से अंडों को बाहर निकालकर स्पर्म के साथ लैब में फर्टीलाइज़ किया जाता है।

जिसके बाद, फर्टीलाइज्ड भ्रूण (fertilized embryo) को गर्भाशय (uterus) में गर्भधारण के उद्द्श्ये से डाल दिया जाता है।

आईवीएफ के प्रत्येक चक्र को पूरा होने में दो हफ्ते या उससे अधिक लगते हैं। इसे असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (assistant reproductive technology) के सबसे प्रभावी रूपों में से एक माना जाता है।

हालांकि, कई कारक हैं, जो आईवीएफ के माध्यम से स्वस्थ बच्चे के जन्म की संभावना को प्रभावित करते हैं।

इस तकनीक से जुड़े कुछ मिथ और तथ्य भी हैं, जो एक दंपत्ति को ज़रूर जानने चाहिए। इस लेख में हम आईवीएफ़ से जुड़े अलग-अलग मिथ और तथ्यों की बात करेंगे।

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इस लेख़ में /\

  1. जीवनशैली में बदलाव करने से आईवीएफ का सफल होना - फ़ैक्ट या मिथ?
  2. आईवीएफ उपचार के दौरान अस्पताल में एडमिट होना - फ़ैक्ट या मिथ?
  3. आईवीएफ इनफर्टिलिटी की समस्या दूर करने का सबसे अच्छा उपाय है - फ़ैक्ट या मिथ?
  4. आईवीएफ की सफलता दर बहुत अधिक है - फ़ैक्ट या मिथ?
  5. आईवीएफ के माध्यम से जन्म लेने वाले शिशुओं में जन्म दोष हो सकते हैं - फ़ैक्ट या मिथ?
  6. इनफर्टिलिटी केवल महिलाओं से जुड़ी समस्या है - मिथ या फ़ैक्ट?
  7. आईवीएफ गर्भधारण के परिणामस्वरूप सिजेरियन डिलीवरी होती है - फ़ैक्ट या मिथ?
  8. आईवीएफ वास्तव में महंगी प्रक्रिया है - मिथ या फ़ैक्ट?
  9. निष्कर्ष
 

1.जीवनशैली में बदलाव करने से आईवीएफ का सफल होना - फ़ैक्ट या मिथ?

IVF can be successful by changing lifestyle - Fact or myth? in hindi

Lifestyle mein badlav kar IVF safal ho sakta hai

मिथ : लाइफस्टाइल में बदलाव करने से आईवीएफ सफल हो सकता है।

फैक्ट - अगर आप व्यायाम करना शुरू करते हैं, बेहतर आहार लेते हैं, सेहतमंद जीवनशैली बनाए रखते हैं और धूम्रपान और अल्कोहल से अपने आपको दूर रखते हैं तो ये अच्छी बात है। हालांकि, इसका ये मतलब नहीं है कि जीवनशैली में बदलाव करने से आप आईवीएफ की मदद से आसानी से कंसीव कर सकते हैं।

ये सावधानियाँ आपके कंसीव करने की संभावनाओं को बढ़ा ज़रूर सकती है। वहीं पोषण की कमी आपकी प्रजनन क्षमता को प्रभावित करती है।

30 से ऊपर बीएमआई (body mass index) वाली महिलाएं या जो कम वजन की हैं, उन्हें भी बच्चे को जन्म देने में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।

वहीं पर्याप्त नींद आईवीएफ के सफल होने में मदद कर सकती है। शोध के अनुसार जो महिलाएं रात में 7 से 8 घंटे की नींद लेती हैं उनमें आईवीएफ के सफल होने की संभावना अधिक होती है।

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2.आईवीएफ उपचार के दौरान अस्पताल में एडमिट होना - फ़ैक्ट या मिथ?

IVF requires to be admit in hospital - Fact or myth? in hindi

IVF upchar ke dauran aspatal mein admit hone ki avashyakta

मिथ : आईवीएफ़ उपचार के दौरान अस्पताल में एडमिट होना पड़ता है और पूरी तरह से बेड रेस्ट की सलाह दी जाती है।

फैक्ट: आईवीएफ में केवल अंडे के संग्रह (egg collection) की प्रक्रिया के लिए मरीज़ को एक दिन के लिए अस्पताल में रहना पड़ता है। आईवीएफ के लिए अस्पताल में रातभर रहना आवश्यक नहीं है।

वास्तव में देखा जाए तो महिला की स्थिति के आधार पर ही उन्हें बेडरेस्ट करने या न करने की सलाह दी जाती है।

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3.आईवीएफ इनफर्टिलिटी की समस्या दूर करने का सबसे अच्छा उपाय है - फ़ैक्ट या मिथ?

IVF is one of the best treatment of infertility problems - Fact or myth? in hindi

IVF infertility ki samasya door karne ka sabse achha upay hai

मिथ : आईवीएफ़ इंफर्टिलिटी की समस्या का सबसे बेहतरीन उपचार है।

फैक्ट: इनफर्टिलिटी की समस्या को दूर करने के लिए बहुत सारे विकल्प मौजूद हैं।

उपचार का प्रभाव प्रत्येक दंपत्ति की स्थिति पर निर्भर करता है, जैसे कितने समय से एक दंपत्ति गर्भवती होने की कोशिश कर रहे हैं, उनकी उम्र और टेस्ट के परिणाम।

उदाहरण के तौर पर, एक महिला के थायरॉयड ग्लैंड (thyroid gland) में प्रॉब्लम होने के कारण वो ओव्युलेट नहीं कर पाती है।हालांकि, थायरॉयड हार्मोन को ठीक होने के बाद महिला का ओव्यूलेशन शुरू हो सकता है और वो गर्भधारण कर सकती है।

वहीं अगर सीमेन एनालिसिस (semen analysis) के बाद ये पता चलता है कि पुरुष के स्पर्म (sperm) की क्वालिटी (quality) अच्छी नहीं है, तो इंट्रायूटेरिन इनसेमिनेशन (intrauterine insemination) कराना सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है।

दूसरी तरफ अगर एक महिला ओव्युलेट नहीं करती है, तो उस महिला को ओव्युलेशन के लिए दवा देना सबसे उपयुक्त उपचार होगा।ऐसे में आर्टिफिशियल इंसेमिनेशन (artificial insemination) की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है।

इसके अलावा जिन महिलाओं की फॉलोपियन ट्यूब (fallopian tube) ब्लॉक होती है, उनका उपचार आईवीएफ की मदद से किया जाता है, हालांकि सर्जरी भी एक विकल्प हो सकता है।

और पढ़ें:अच्छी फर्टिलिटी क्लिनिक खोजने से पहले जरूर ध्यान दें ये 6 बातें

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4.आईवीएफ की सफलता दर बहुत अधिक है - फ़ैक्ट या मिथ?

Success rate of IVF is very high - Fact or myth? in hindi

IVF ki safalta ki dar bahut adhik hai

मिथ : आईवीएफ की सफलता की दर बहुत अधिक है और पहली बार में ही एक महिला कंसीव कर सकती है।

फैक्ट: आईवीएफ 40% मामलों में सफल होता है।

गर्भधारण करने के लिए कुछ मामलों में एक से दो चक्रों की आवश्यकता हो सकती है।

आइवीएफ़ की सफलता दर महिला की आयु, इनफर्टिलिटी के कारण, बायोलॉजिकल (biological) और हार्मोनल (hormonal) कारण, क्लिनिक और फर्टिलिटी डॉक्टर की गुणवत्ता जैसे कारकों पर निर्भर करती है।

और पढ़ें:आईएमएसआई आईवीएफ क्या है?

 

5.आईवीएफ के माध्यम से जन्म लेने वाले शिशुओं में जन्म दोष हो सकते हैं - फ़ैक्ट या मिथ?

Babies conceived through IVF may have a higher chance of birth defects - fact or myth? in hindi

IVF ke madhyam se janm lene wale shishuon mei janm dosh

मिथ : आईवीएफ के माध्यम से जन्म लेने वाले शिशुओं में जन्म दोष, कम वज़न या विकास में देर की संभावना अधिक हो सकती है।

फैक्ट: आईवीएफ की मदद से जन्मे बच्चों में किसी भी तरह के विकृति (malformation) होने का रिस्क प्राकृतिक रूप से जन्म लेने वाले बच्चों के सामान ही होता है।

जिन दंपतियों में फर्टिलिटी से जुड़ी कोई समस्या नहीं होती और जो प्राकृतिक रूप से बच्चे को जन्म देते हैं, उनमें भी 3-5 प्रतिशत तक बर्थ डिफेक्ट होने का रिस्क होता है। इसके अलावा उनमें विकास में देर होने की संभावना भी एक से दो प्रतिशत होती है।

हालांकि, इनफर्टिलिटी का अनुभव करने वाली महिलाओं में प्रेगनेंसी से जुड़ी जटिलताएं (complications) का रिस्क अधिक हो सकता है।

ये रिस्क ओवेरियन स्टिम्युलेशन (ovarian stimulation) के कारण बढ़ जाता है, जिससे एक से अधिक बच्चे के होने का रिस्क बढ़ सकता है।

वहीं आईवीएफ से पैदा हुए बच्चे प्राकृतिक रूप से जन्मे बच्चों की तुलना में थोड़े छोटे हो सकते हैं, हालांकि, ऐसा होने के मौके भी बहुत कम हैं।

और पढ़ें:आईयूआई उपचार की प्रक्रिया दर्दनाक है ?

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6.इनफर्टिलिटी केवल महिलाओं से जुड़ी समस्या है - मिथ या फ़ैक्ट?

Infertility is related to female only - Myth or fact? in hindi

infertility kewal mahilao se judi samasya hai

मिथ : बांझपन का कारण सिर्फ महिला ही होती है।

फैक्ट: ये धारणा बिल्कुल गलत है। इनफर्टिलिटी लोगों की समस्या है न कि सिर्फ महिला की समस्या। पुरुषों और महिलाओं, दोनों में इनफर्टिलिटी से जुड़ी समस्याएँ होती हैं।

ऐसी स्थितियां भी होती हैं, जहां महिला फर्टाइल (fertile) होती हैं और इनफर्टिलिटी की समस्या से पुरुष ग्रसित होते हैं।

और पढ़ें:आईयूआई उपचार के दौरान निगरानी के 3 मुख्य प्रकार क्या हैं?

 

7.आईवीएफ गर्भधारण के परिणामस्वरूप सिजेरियन डिलीवरी होती है - फ़ैक्ट या मिथ?

IVF pregnancies result in cesarean delivery - Fact or myth? in hindi

IVF garbh dharan ke parinam swaroop cesarean delivery hoti hai

मिथ : आईवीएफ गर्भधारण के परिणामस्वरूप सिजेरियन डिलीवरी होती है।

फैक्ट: आईवीएफ गर्भधारण में आम प्रेगनेंसी की ही तरह नार्मल के साथ-साथ सिजेरियन डिलीवरी होने की संभावना भी होती है।

हालांकि, जिन दम्पत्तियों ने कई सालों से गर्भधारण करने की कोशिश की है, उनमें एक से अधिक बच्चे (multiple pregnancy) के होने की संभावना अधिक होती है, वे वैकल्पिक रूप से सिजेरियन डिलीवरी का चयन कर सकते हैं। आईवीएफ के बाद नार्मल डिलीवरी होने की भी संभावना होती है।

और पढ़ें:आईयूआई के बाद गर्भावस्था और गर्भावस्था के लक्षण

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8.आईवीएफ वास्तव में महंगी प्रक्रिया है - मिथ या फ़ैक्ट?

IVF is very expensive - Fact or myth? in hindi

IVF mahengi prakriya hai

मिथ: आईवीएफ़ की प्रक्रिया के लिए अत्यधिक राशि की ज़रूरत होती है।

फैक्ट: यह उपचार थोड़ा महँगा है लेकिन कई और देशों की तुलना में भारत में आईवीएफ ट्रीटमेंट की लागत अभी भी कम है और पिछले कई वर्षों में बहुत ज़्यादा बढ़ी भी नहीं है।

औसतन रूप में इसकी लागत 65 हज़ार से 2 लाख के बीच है, जिसका लाभ एक मध्यम वर्ग का परिवार भी उठा सकता है।

और पढ़ें:आईयूआई के बाद भ्रूण प्रत्यारोपण के लक्षण

 

9.निष्कर्ष

Conclusionin hindi

Nishkarsh

आईवीएफ, इनफर्टिलिटी की समस्या दूर करने का पहला विकल्प नहीं हो सकता है। लेकिन अधिक उम्र और कई तरह की समस्याओं का सामना करने वाले दंपत्तियों के लिए यह वरदान है।

आईवीएफ से जुड़े कई मिथ और फ़ैक्ट हैं जिनकी जानकरी होना आवश्यक है, जिनके बारे में विस्तारपूर्वक ऊपर बताया गया है।

आर्टिकल की आख़िरी अप्डेट तिथि: 08 Jan 2020

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