सिजेरियन डिलीवरी के बाद पेट कैसे कम करें

How to reduce tummy after c-section in hindi

Cesarean delivery ke baad pet kaise kam kare


एक नज़र

  • सिजेरियन डिलीवरी के बाद पेट के आस-पास अतिरिक्त वसा जमा होने के कारण महिला का पेट बढ़ जाता है।
  • स्तनपान सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिला का पेट कम करने में कारगर साबित होता है।
  • पेट कम करने के लिए किसी भी तरह की शारीरिक गतिविधि करने से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है।
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Introduction

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माँ बनना दुनिया की सबसे सुंदर अनुभूति है और इस प्रक्रिया में जितनी ख़ुशी समाई है उसके साथ साथ कई तरह के मानसिक, शारीरिक एवं भावनात्मक बदलाव भी शामिल हैं। [1]

वैसे तो सभी महिलाएं प्राकृतिक रूप से ही अपने शिशु को जन्म देना चाहती हैं, लेकिन कुछ कारण-वश कुछ स्त्रियों को सिजेरियन यानि ऑपरेशन के माध्यम से अपने बच्चे को जन्म देना पड़ता है।

सिजेरियन या सी-सेक्शन को जटिल प्रक्रिया कहना स्वाभाविक है, क्योंकि माँ और बच्चे दोनों का ही जीवन इसकी सफलता पर निर्भर करता है। लेकिन चिकित्सीय विज्ञान की प्रगति ने इस प्रक्रिया को काफी सुरक्षित और आम बना दिया है।

बच्चे के जन्म के बाद माँ का शरीर अपने असली रूप में आने में समय लेता है। हर स्त्री गर्भ काल के दौरान अपने बढ़े हुए वजन और पेट को जल्द से जल्द कम करना चाहती है। यह एक आम बात है, लेकिन ज़रूरी है यह समझना कि यह एक दिन में नहीं हो सकता और इसको करने के लिए सही तरीकों का प्रयोग करना आवश्यक है, अन्यथा शरीर को नुकसान पहुँच सकता है।

इस लेख के माध्यम से सी-सेक्शन के बाद पेट कैसे कम किया जा सकता है, इसके बारे में जानकारी दी गयी है।

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इस लेख़ में

  1. 1.सिजेरियन डिलीवरी के बाद भी महिला का पेट बढ़ा हुआ क्यों होता है?
  2. 2.सिजेरियन डिलीवरी के बाद पेट कम करने में कितना समय लगता है?
  3. 3.सी-सेक्शन के बाद पेट कम करने के लिए व्यायाम
  4. 4.सिजेरियन डिलीवरी के बाद पेट कम करने के लिए एब्डोमिनल बेल्ट का प्रयोग
  5. 5.सिजेरियन डिलीवरी के बाद पेट कम करने के लिए योग
  6. 6.सिजेरियन डिलीवरी के बाद पेट कम करने के लिए घरेलु उपाय
  7. 7.निष्कर्ष
 

सिजेरियन डिलीवरी के बाद भी महिला का पेट बढ़ा हुआ क्यों होता है?

Why does tummy remains inflated even after cesarean delivery in hindi

Cesarean delivery ke baad bhi mahilaon ka pet badha hua kyun hota hain

यदि हम इसे उदाहरण से समझने की कोशिश करें, तो मान लीजिये कि स्त्री का पेट एक गुब्बारे की तरह बच्चे के विकास के लिए वो गुब्बारे धीरे-धीरे फूलने लगता है। शिशु के जन्म के बाद यह गुब्बारे एक दम से नही फुटता बल्कि इसमें एक छोटा सा छेद हो जाता है, जिससे समय के साथ धीरे-धीरे हवा निकलती रहती है। यह सच है कि यह प्रक्रिया काफी धीमी होती है, लेकिन समय के साथ सारी हवा निकल जाती है।

इसी के चलते अगर देखें, तो शिशु के जन्म के बाद महिला के शरीर में काफी बदलाव आते हैं। जिस प्रकार महिला के शरीर ने अपने आप को नौ महीने तक बच्चे के जन्म के लिए तैयार किया था उसी तरह से उसके जन्म के बाद फिर से काफी बदलाव आना सामान्य है।

शरीर में कई तरह के हॉरमोन बदलाव होते हैं। महिला का गर्भाशय सिकुड़ने लगता है और गर्भावस्था से पहले की स्थिति में आने की कोशिश करता है। गर्भकाल में महिला का शरीर अधिक से अधिक पोषण तत्व अपने अंदर रखना चाहता है, जिसके कारण शरीर फूल जाता है।

प्रसव के बाद शरीर सभी अधिक तत्वों को बाहर निकालना शुरू करता है, जिसके कारण स्त्री को सामान्य से अधिक पसीना, बार-बार पेशाब या योनि से किसी प्रकार का द्रव्य निकलना आदि का सामना करना पड़ सकता है।

लेकिन यह समझना ज़रूरी है, इन सभी बदलावों के बाद शरीर को गर्भधारण करने से पहले जैसा होने के लिए कम से कम 6 से 8 हफ्ते लग सकते हैं, इसलिए संयम रखना ज़रूरी है। प्रसव के बाद देखभाल बेहद आवश्यक है।

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सिजेरियन डिलीवरी के बाद पेट कम करने में कितना समय लगता है?

How much time does it take to reduce tummy after C-section in hindi

C- section ke baad pet kam karne mein kitna samay lagta hai

शिशु के स्वस्थ होने और पूरे विकास के लिए महिला का शरीर खुद को नौ महीने तक तैयार करता है जिसमें सबसे ज्यादा असर स्त्री के पेट और गर्भाशय पर पड़ता है। अत:, प्रसव के बाद गर्भ से पहले जैसी स्थिति में आने में समय लगना स्वाभाविक है और महिला को भी अपने शरीर को समय देना आवश्यक है।

हर महिला का शरीर अलग प्रवृति एवं प्रकृति का होता है, इसलिए सभी को गर्भकाल से पूर्व जैसी स्थिति में आने में अलग-अलग समय लगता है। कुछ महिलाएं जहाँ कुछ महीनों में काफी हद तक वजन और पेट कम कर लेती हैं, वही कुछ महिलाओं को महीने लग सकते हैं।

यह ज़रूरी नहीं है कि शरीर को गर्भधारण से पहले जैसी स्थिति में आने के लिए नौ महीने का समय ही लगे। पेट को कम करने में लगने वाला समय काफी सारे कारकों पर निर्भर करता है जैसे - स्त्री के शरीर का सामान्य आकार, गर्भकाल में स्त्री का अधिकतम वजन, स्त्री द्वारा की जाने वाली शारीरिक गतिविधियाँ, अनुवांशिक कारक आदि।

सामान्य तौर से देखा जाये, तो हर महिला को कम से कम प्रसव के 6 से 8 महीने के बाद शारीरिक गतिविधि और खान पान पर नियंत्रण करना शुरू करना चाहिए, क्योंकि तब तक शरीर स्वयं को सी सेक्शन के कारण आई कमजोरी और अन्य बदलावों को स्वीकार कर चुका होता है। देखने में यह एक काफी लम्बी अवधि लग सकती है, लेकिन अपनी सेहत और अपने शिशु की देखभाल में व्यस्त होने पर स्त्री को इस समय का पता भी नहीं चलता।

इसके अलावा महिला को यह ध्यान रखना चाहिए कि शरीर को सी-सेक्शन के कारण पहुंची किसी भी प्रकार के घाव या क्षति जैसे टाँके आदि को सही किये बिना शरीर पर किसी भी प्रकार का दवाब देने से कोई गंभीर जटिलता भी आ सकती है।

और पढ़ें:गर्भावस्था में नॉर्मल डिलीवरी के उपाय
 

सी-सेक्शन के बाद पेट कम करने के लिए व्यायाम

Exercises to reduce tummy after Cesarean delivery in hindi

Cesarean delivery ke baad pet kam karne ke liye exercise

सी-सेक्शन के बाद पेट को कम करने के लिए कई व्यायाम भी किये जा सकते हैं। सी-सेक्शन के कारण आई कमजोरी एवं अन्य बदलावों को जब महिला का शरीर स्वीकार कर लें एवं उसे स्वस्थ महसूस हो, उसके पश्चात वह डॉक्टर की सलाह लेकर व्यायाम कर सकती है।

सावधानी के तौर पर महिला को सी सेक्शन के टांकों से स्थान पर कम्प्रेशन गारमेंट (compression garment) पहनना चाहिए ताकि व्यायाम करते समय उस पर दवाब ना पड़े।

निम्नलिखित व्यायाम सिजेरियन डिलीवरी के बाद पेट कम करने में सहायक साबित होते हैं : -

  • पेल्विक टिल्टस (Pelvic Tilts)

अपने पेट की मांसपेशियों को अनुबंधित (contract) करें और अपने पीछे के हिस्से (hips) को आगे की तरफ झुकाएं। यह विधि बैठकर, खड़े या लेट कर भी की जा सकती है।

  • प्लेंक्स (Planks)

शरीर के सारे वजन को हाथ के आगे के हिस्से, कोहनी (elbow) एवं पैर के आगे के हिस्से पर डाल शरीर को पुश – अप (push up) की स्थिति में रखें। इस स्थिति में 30 सेकंड तक रहें और ऐसा तीन बार करें।

  • केगेल (Kegels)

पेल्विक मांसपेशियों को कसें, पांच सेकंड तक रोके और फिर छोड़ दें। इस समय सांस को ना रोकें।

  • ब्रिज (Bridge)

अपने पैरों को ज़मीन पर रख कर घुटनों को मोड़ कर कमर के सहारे लेट जायें। हथेलियों को ज़मीन की ओर रखते हुए हाथों को पैरों के साथ फैलाएं। पेट को अंदर की तरफ खींचे और धीरे से अपने कूल्हों (buttocks), पेट एवं कमर के बीच के भाग को ऊपर की तरफ उठाएं।

  • पेट के निचले हिस्से के लिए स्लाइड (Lower Abdominal Slide)

सी-सेक्शन ऑपरेशन के कारण पेट का निचला हिस्सा सबसे अधिक प्रभावित होता है। अपने पैरों को ज़मीन पर सीधे रखते हुए, घुटनों को मोड़ें और हाथों को हथेली की ओर से ज़मीन की तरफ रख कर शरीर के साथ लगा कर सीधा रखें। पेट को अंदर की तरफ कसें और सीधे पैर को धीरे से बाहर की ओर खिसकाएं। उसके बाद धीरे से पैर को अपनी वास्तविक स्थिति में लायें। यही चीज़ अपने उलटे पैर के साथ करें।

  • फॉरवर्ड बेंड्स (Forward Bends)

सीधे खड़ें रहें और अपने हाथों को अपने शरीर के साथ जोड़कर धीरे-धीरे आगे की तरफ झुकें जब तक सिर घुटनों के स्तर पर ना आ जाये।

  • स्ट्रेच (stretch)

यह एक आसान और कारगर व्यायाम है। यह व्यायाम सी-सेक्शन के कारण बने घाव से उत्पन्न होने वाली कोशिकाओं (scar tissue) (जो महिला के पेट की चर्बी (belly fat) बढ़ाने में सहयोग देते हैं) को कम करने में सहयोग देता है।

  • पलो पोज़ (Plow pose)

कमर के बल ज़मीन पर लेट जायें। धीरे-धीरे अपने हाथ और पैर सर के ऊपर की तरफ लायें।

  • स्फिंक्स पोज़ (Sphinx pose)

अपने पेट के बल लेट जायें। अपनी छाती एवं सर को ऊपर की तरफ उठाएं। यह सभी व्यायाम महिला के पेट पर दवाब डाल कर उसके पेल्विक भाग को ताकत प्रदान करते हैं। लेकिन स्त्री को हर ज़रूरी सावधानी रखनी चाहिए।

किसी भी प्रकार का व्यायाम करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य लें और किसी पेशेवर प्रशिक्षक की निगरानी में ही शुरू करें। हालांकि ऊपर दी गयी विधियाँ जटिल नहीं हैं, लेकिन किसी भी तरह का दर्द होने पर तुरंत रोक दें और अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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सिजेरियन डिलीवरी के बाद पेट कम करने के लिए एब्डोमिनल बेल्ट का प्रयोग

Using abdominal belt for reducing tummy after Cesarean delivery in hindi

Cesarean delivery ke baad pet kam karne ke liye abdominal belt

सी-सेक्शन के बाद पेट कम करने के लिए महिला एब्डोमिनल बेल्ट (abdominal belt) का प्रयोग भी कर सकती हैं। सी-सेक्शन के दौरान किया गये कट (cut) और उसमें लगाये गए टांकों में खासकर चलते या बैठते समय काफी दर्द हो सकता है।

यह बेल्ट स्त्री के शरीर को सहारा देती है और प्रसव के बाद शरीर में गर्भ के पहले जैसी स्थिरता एवं मजबूती लाने में मदद करती है। इसलिए बेल्ट का उपयोग करने से इस दर्द में भी काफी आराम मिलता है।

लेकिन, ऐसी किसी भी बेल्ट का प्रयोग करने से पहले महिला को अपने डॉक्टर से परामर्श ले लेना चाहिए क्योंकि कई बार इस बेल्ट के कारण सी-सेक्शन से आये घाव को भरने में ज्यादा समय लग सकता है।

और पढ़ें:डिलीवरी के बाद पीरियड लाने के उपाय
 

सिजेरियन डिलीवरी के बाद पेट कम करने के लिए योग

Yoga for reducing tummy after Cesarean deliveryin hindi

Cesarean delivery ke baad pet kam karne ke liye yogasan

स्त्री प्रसव के 6 से 8 हफ़्तों बाद योग करना शुरू कर सकती है। लेकिन यह सिर्फ एक अनुमान है, इसलिए किसी भी प्रकार की गतिविधि शुरू करने से पहले महिला को अपने डॉक्टर से परामर्श ले लेना चाहिए।

योग से महिला का शरीर स्वस्थ होने में कम समय लेता है, मांसपेशियां मजबूत होती हैं और उनमें ताकत आती है। योग क्रियाओं से मांसपेशियों में लचक भी आती है और महिला का मन-मस्तिष्क भी शांत होता है। इन सभी के चलते महिला को अंदरूनी रूप से स्वस्थ होने में मदद मिलती है।

निम्नलिखित योग प्रसव के बाद महिलाओं के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं : -

  • प्राणायाम के साथ ॐ एवं गायत्री - मंत्र का उच्चारण
  • पेट के लिए अग्निसार योगासन
  • पेल्विक क्षेत्र के लिए कंधारासन
  • पेट की मांसपेशियों को ताकत देने के लिए भुजंगासन
  • पूरे शरीर हेतु उर्ध्व प्रसारित पदासन एवं ताड़ासन
  • कमर एवं मेरुदंड (spine) के लिए अधोमुखश्वसन

कुछ समय बाद जब शरीर थोड़ा स्वस्थ हो जाये और महिला खुद को थोड़ा शक्तिवान महसूस करे तो वह सूर्य नमस्कार को अपने जीवन का अंग बना सकती है। लेकिन यदि महिला को पहले से योग करने की प्रक्रिया के बारे में ज्ञान ना हो और वह पहली बार योग करने जा रही हो तो उसे किसी पेशेवर योगगुरु की निगरानी में शुरू करना चाहिए।

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सिजेरियन डिलीवरी के बाद पेट कम करने के लिए घरेलु उपाय

Home remedies for reducing belly fat after Cesarean deliveryin hindi

Cesarean delivery ke baad pet kam karne ke liye tips aur gharelu upay

सिजेरियन डिलीवरी के बाद पेट कम करने के लिए घरेलू उपाय : -

  • मालिश (Massage)

प्रसव के दो हफ्ते बाद महिला मालिश करा सकती है। मालिश करवाने से पेट की अधिक चर्बी (belly fat) वाली कोशिकाओं को तोड़ने में मदद करती है, जिससे शरीर में जमा हुए द्रव्य पदार्थ महिला के शरीर से पसीने अथवा पेशाब के माध्यम से निकल जाते हैं।

हालांकि, शुरुआती दिनों में मालिश करवाते समय कोशिश करें की पेट के बजाय कमर, हाथ और पैरों पर ज्यादा ध्यान दिया जाए। प्रसव के चार हफ़्तों बाद जब सी-सेक्शन का घाव भरने लगे उसके बाद पेट की मालिश करवानी चाहिए।

  • शारीरिक गतिविधि करें (Physical activities)

सी-सेक्शन के दौरान पेट की मांसपेशियों को काटा जाता है, जिसके कारण पेट पर चर्बी रह जाती है। इसके कारण पेट की मासपेशियों और पेल्विक पर दवाब पड़ता है। इसलिए यह ज़रूरी है कि शरीर को धीरे धीरे चलाने की कोशिश कराएं।

हालांकि, यह ध्यान रखना चाहिए कि प्रसव के कम से कम 6 से 8 हफ़्तों तक कोई भी भारी व्यायाम ना करें लेकिन सुबह शाम पर घुमने जाया जा सकता है।

  • पौष्टिक खान-पान लें (Eat Healthy)

माँ बनी हर महिला को प्रसव के बाद भी पूरी तरह से अपने खान-पान का ध्यान रखना चाहिए क्योंकि उसे अपने बच्चे को स्तनपान भी करवाना होता है और सी सेक्शन के बाद आई कमजोरी की भरपाई भी करनी होती है। एक सम्पूर्ण आहार लें और मीठे और अधिक वसा वाली चीज़ें जैसे भुनी चीज़ें, कोल्डड्रिंक आदि से दूरी बनाएं।

  • स्तनपान (Breastfeeding)

अपने शिशु को स्तनपान करवाना पेट कम करने का सबसे आसान उपाय है। सी-सेक्शन के छह महीने बाद तक स्त्री को स्तनपान करवाना चाहिए। स्तनपान करवाने में 500 कैलोरी प्रयोग होती हैं और साथ ही स्तनपान से ऑक्सीटोसिन (oxytocin) हॉर्मोन बनता है जिससे गर्भाशय का आकर गर्भधारण के पहले जैसी स्थिति में आने लगता है। [2]

  • पानी एवं अन्य तरल पदार्थ पीयें (Drink Lots of Water and Fluids)

प्रसव के बाद बहुत सारा पानी पीने की कोशिश करनी चाहिए। इससे शरीर में द्रव्य का संतुलन बना रहता है और यह शरीर को अतिरिक्त वसा हटाने में भी मदद करता है। पानी के साथ-साथ नींबू पानी भी वजन कम करने में मदद करता है।

  • पर्याप्त नींद लें (Get Adequate Sleep)

महिला को कम से कम पांच घंटे की नींद लेनी चाहिए। इससे महिला के शरीर को आराम भी मिलता है और उसे स्वस्थ होने में मदद भी मिलती है।

और पढ़ें:डिलीवरी के बाद पेट कम करने के उपाय क्या हो सकते हैं?
 

निष्कर्ष

Conclusionin hindi

Nishkarsh

सी-सेक्शन एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें महिला के शरीर पर काफी प्रभाव आता है। पेट की मांसपेशियों से लेकर ऑपरेशन के दौरान बहे खून का असर महिला के स्वास्थ्य पर पड़ना सामान्य है। शिशु को जन्म देने के बाद हर महिला की कोशिश यह रहती है कि उसका शरीर गर्भ धारण से पहले वाले रूप में जल्द से जल्द आ जाये।

लेकिन कई बार इस प्रक्रिया में काफी समय लग सकता है जिसके चलते महिला को मानसिक तनाव हो सकता है। ऐसी परिस्थिति में महिला को समझना चाहिए कि समय और सही तरीकों का प्रयोग करके महिला अवश्य ही अपने शरीर को पुन: गर्भकाल से पहले वाले आकार में ला सकती है, बस ज़रुरत है थोड़ा संयम और खुद को वक़्त देने की।

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references

संदर्भ की सूचीछिपाएँ

1 .

NIH, McKinley MC et .al ‘Weight loss after pregnancy: challenges and opportunities.’ Nutr Res Rev.

2 .

Preer GL, Newby PK et .al ‘Weight loss in exclusively breastfed infants delivered by cesarean birth.’ J Hum Lact PMID: 22526343

आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: : 01 Sep 2020

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