पीरियड्स में ब्लीडिंग कम क्यों होती है

Causes for light periods in hindi


एक नज़र

  • कोई भी महिला एक सामान्य मासिक धर्म की दौरान औसतन 2-3 बड़े चम्मच खून खो देती है।
  • किसी भी महिला में मासिक धर्म का प्रवाह उम्र के हिसाब से बदलता रहता है।
  • नियमित माहवारी संकेत है कि आपका शरीर सही तरह से काम कर रहा है।
  • एक हल्की माहवारी हार्मोन के स्तर या अन्य चिकित्सा समस्याओं का संकेत हो सकती है।
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Introduction

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सामान्य से हल्का पीरियड आमतौर पर चिंता का कारण नहीं होता है। आमतौर पर महिलाओं मे हर 21 से 35 दिनों में पीरियड्स आते हैं। मासिक धर्म में रक्त प्रवाह दो से सात दिनों के बीच हो सकता है। कई महिलाओं में मासिक धर्म महीने-दर-महीने बदलता रहता है, और कुछ महीने दूसरों की तुलना में स्वाभाविक रूप से हल्के होते हैं। कुछ मामलों में, एक हल्की अवधि गर्भावस्था या हार्मोन से संबंधित स्थिति का संकेत दे सकती है। अन्य तरह के मामले में महिलाओं को लगता है कि वे एक हल्की माहवारी से गुजर रही हैं, जबकि वास्तविकता में वे स्पॉटिंग (spotting) या ब्राउन कलर्ड डिस्चार्ज (brown colored discharge) का अनुभव कर रही होती हैं। पीरियड्स के दौराम कम ब्लीडिंग होने के कई कारण हो सकते है जैसे, खाने में पोषक तत्वों की कमी होना, अनुचित जीवनशैली या अधिक तनावयुक्त जीवन जीना है। मासिक धर्म में आयी परेशानी शरीर में हार्मोनल बदलाव के कारण हो सकती है और यह परेशानी महिलाओं में बहुत सारी समस्याएँ पैदा कर सकती हैं, जैसे- प्रजनन क्षमता का घटना या गर्भवती होने में समस्या, वजन बढ़ना, PCOS (पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) , भूख न लगना, चेहरे पर बाल निकलना, पीरियड्स का न आना। इस लेख में, हम जानेंगे कि एक हल्की महावारी किसे कहते हैं, इसके पीछे कारण क्या हैं और कब डॉक्टरी सलाह ज़रूरी हो जाती है।

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इस लेख़ में

  1. 1.हल्के पीरियड के लक्षण
  2. 2.हल्के पीरियड्स के कारण
  3. 3.आयु के कारण हल्के पीरियड्स
  4. 4.ओवुलेशन की कमी से हल्के पीरियड्स
  5. 5.अंडरवेट होने के कारण हल्के पीरियड्स
  6. 6.गर्भावस्था के कारण हल्के पीरियड्स
  7. 7.स्तनपान के कारण कम पीरियड्स का आना
  8. 8.जन्म नियंत्रण के उपयों का इस्तेमाल करने से पीरियड्स का कम आना
  9. 9.गंभीर मेडिकल स्थितियों के कारण हल्के पीरियड्स
  10. 10.तनाव के कारण हल्के पीरियड्स
  11. 11.निष्कर्ष
 

हल्के पीरियड के लक्षण

Symptoms of light periods in hindi

halke periods ke lakshan

एक हल्के पीरियड के निम्न लक्षण हो सकते हैं:-

  • सामान्य से कम अवधि के लिए रक्तस्त्राव।
  • सामान्य से कम पैड या टैम्पोन परिवर्तन की ज़रूरत।
  • पहले 1-2 दिनों के लिए सामान्य भारी प्रवाह न होना, लेकिन लगातार हल्का प्रवाह का जारी रहना ।
  • एक स्थिर रक्त प्रवाह कि जगह कुछ दिनों तक चलने वाली स्पॉटिंग। स्पॉटिंग नार्मल पीरियड्स की तुलना में बहुत हल्का है याने रक्त के बूंदो जैसा होता है।
  • कभी-कभी हल्की माहवारी के कारण प्रीमेन्स्ट्रुअल सिंड्रोम (PMS) के लक्षणों में कमी आ सकती है, जैसे कि कम पीठ दर्द, कम क्रेम्प्स और मूड स्विंग्स।

याद रखें कि आप बिना किसी विशेष कारण के भी असामान्य पीरियड्स का अनुभव कर सकते हैं, लेकिन आपको इस बारे में अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए।

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हल्के पीरियड्स के कारण

Causes of light periods in hindi

periods mein bleeding kam hone ke karan

कोई भी महिला एक सामान्य मासिक धर्म की दौरान औसतन 2-3 बड़े चम्मच खून खो देती है। हालांकि, यह एक महिला से दूसरी महिला में काफी भिन्न होता है। यदि आपको लगता है कि आपके पीरियड्स आमतौर पर हल्के होते हैं तो आपको इसका नोट बनाना चाहिए की ये कब से हो रहा है और कितने दिनों तक चल रहा है। आप मासिक धर्म कप का उपयोग करके हर महीने के मासिक धर्म के रक्त की मात्रा को माप कर सकती हैं। निम्नलिखित कारणों से पीरियड्स हल्के हो सकते हैं।

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आयु के कारण हल्के पीरियड्स

Light periods due to age in hindi

age ke karan kam ho sakte hai periods

किसी भी महिला में मासिक धर्म का प्रवाह उम्र के हिसाब से बदलता रहता है। शुरुआती माहवारी आमतौर पर हल्की होती है और इसमें केवल स्पॉटिंग हो सकती है। 20 के पार आते-आते पीरियड्स काफी हद तक नियमित हो जाते हैं। 30 और 40 के दशक के बाद कई बार पीरियड्स भारी लेकिन कम अवधि के, यानि की छोटे हो जाते हैं। प्रीमेनोपॉज़ के दौरान पीरियड्स अक्सर हल्के और अधिक अनियमित हो जाते हैं।

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ओवुलेशन की कमी से हल्के पीरियड्स

Light periods due to lack of ovulation in hindi

ovulation na hone ke karan light periods ho sakte hai

कभी-कभी एक महिला को अनियमित पीरियड्स होते हैं क्योंकि उसके शरीर से अंडा नहीं निकलता है, जिसे एनोव्यूलेशन के नाम से जाना जाता है। इससे लाइटर या अनियमित पीरियड्स हो सकते हैं। ओवुलेशन समस्याएं आमतौर पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम (PCOS) में पायी जाती है। यदि आप अनियमित अवधि का अनुभव कर रहे हैं या पीरियड्स पूरी तरह रुक गए है, तो यह पीसीओएस का परिणाम हो सकता है। यह आपके शरीर में एक हार्मोनल परिवर्तन का कारण बनता है जिससे महिलाओं मे अंडे परिपक्व होना बंद हो जाते हैं। इससे शरीर में हार्मोनल परिवर्तन होकर कुछ बदलाव पाए जा सकते है, जैसे -

  • वजन में बदलाव आकर मोटापा आना
  • चेहरे पे मुँहासे आना
  • चेहरे पे बाल बढ़ना
  • बांझपन आना
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अंडरवेट होने के कारण हल्के पीरियड्स

Light periods due to underweight in hindi

wajan kam hone ke karan ho sakte hai periods mein kami

कम वजन वाली महिलाओं के पीरियड कई बार बहुत हल्के हैं। यह परिवर्तन इसलिए होता है क्योंकि उनके शरीर में फैट का स्तर इतना कम हो जाता है कि वे नियमित रूप से ओव्यूलेट नहीं करती हैं। बहुत अधिक व्यायाम करना हल्के या अनुपस्थित माहवारी का एक अन्य कारण है और इसे कम वजन के साथ भी जोड़कर भी देखा जा सकता है। जो महिलाएं अक्सर अधिक व्यायाम करती हैं, वे अपनी माहवारी में बदलाव का अनुभव कर सकती हैं। इसलिए महिलाओं को अधिक व्यायाम से बचाना चाहिए और हल्का व्यायाम करना चाहिए जो शरीर के लिए स्वास्थ कर हो। उदारहण के लिए, महिला एथलीट शरीर की ऊर्जा का उपयोग काफी ज़्यादा करती हैं, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें हल्के पीरियड्स का सामना करना पड़ सकता है। एनोरेक्सिया नर्वोसा (Anorexia nervosa) और बुलिमिया (bulimia) जैसे खाने के विकार कम ब्लीडिंग का कारण हो सकते हैं। बुलिमिया (bulimia) यह एक ईटिंग डिसऑर्डर है जिसकी विशेषता यह है की इस बीमारी में मनुष्य कम समय में बड़ी मात्रा में भोजन ख़तम कर जाता है। और फिर उसे उल्टी के ज़रिए, अत्यधिक व्यायाम के ज़रिए या रेचक दवा (लैक्सेटिव- laxative) जैसे तरीके इस्तेमाल कर खाने को उगल देता है। खाने के विकार से शरीर का वजन कम हो सकता है, जो हार्मोन को बदल आपकी माहवारी को कम कर देता है।

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गर्भावस्था के कारण हल्के पीरियड्स

Light periods due to pregnancy in hindi

गर्भावस्था के दौरान, एक महिला की माहवारी आमतौर पर पूरी तरह से बंद हो जाएगी। हालांकि, इंप्लांटेशन ब्लीडिंग (implantation bleeding ) को कुछ महिलाएं हल्का पीरियड समझने की भूल कर बैठती हैं। इंप्लांटेशन ब्लीडिंग गर्भावस्था का प्रारंभिक संकेत होता है। प्रत्यारोपण रक्तस्राव या इंप्लांटेशन ब्लीडिंग योनि से होनेवाला हल्का रक्तस्राव होता है जो कुछ महिलाओं गर्भधारण करने के 10 से 14 दिनों बाद होता है जो गर्भावस्था का शुरुआती संकेत हो सकता है। यदि कोई महिला यौन रूप से सक्रिय है और आमतौर पर हल्की माहवारी का अनुभव नहीं करती है और अचानक से इसका अनुभव करने लगाती है, तो वो गर्भावस्था परीक्षण करवा सकती है।

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स्तनपान के कारण कम पीरियड्स का आना

less periods due to breastfeedingin hindi

breastfeeding ke karan mahilaonme periods ka kam ana

यदि महिलाए स्तनपान कर रही हैं, तो उनमे पीरियड्स बच्चे को जन्म देने के तुरंत बाद वापस नहीं आ सकते हैं। दूध उत्पादन प्रोलैक्टिन नामक हार्मोन ओव्यूलेशन को आगे बढ़ाता है और महिलाओं मे पीरियड्स को लौटने से रोकता है। अगर महिलाये स्तनपान करवा रही हैं तो बच्चे को जन्म देने के कुछ महीने बाद ही उनके पीरियड्स वापस आ सकते है। यदि आपने स्तनपान कराते समय असुरक्षित यौन संबंध बनाए हैं और स्पॉटिंग का अनुभव कर रही हैं, तो यह पुष्टि करने के लिए प्रेगनेंसी टेस्ट कर लेना एक अच्छा विचार है कि स्पॉटिंग या रक्तस्राव यह निषेचित अंडो (fertilize egg) के कारण तो नहीं था और आप प्रेग्नेंट तो नहीं।

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जन्म नियंत्रण के उपयों का इस्तेमाल करने से पीरियड्स का कम आना

less periods due to the use of birth control measuresin hindi

janm niyantran upay ke karan periods ka kam aana

हार्मोनल जन्म नियंत्रण उपाय हलके पीरियड्स का कारण हो सकते है। जन्म नियंत्रक उपाय आपके शरीर में अंडे को निकलने से रोकते हैं। जन्म नियंत्रण में शामिल हैं:

  • गोली (tablet)
  • पैच (patch)
  • रिंग (vaginal rings)
  • शॉट (Injection shots)

जब महिलाओं का शरीर ओवुलेशन प्रक्रिया द्वारा अंडा जारी नहीं कर पता, तब गर्भाशय पर एक मोटी परत नहीं बन पाती है। इसके परिणामस्वरूप हल्की ब्लीडिंग का आना या पूरी तरह से पीरियड्स का न आना जैसी लक्षण निर्माण होती है। यदि महिलाओ ने हाल ही में जन्म नियंत्रण उपयोंका इस्तेमाल करना शुरू किया है या इनका उपयोग करना बंद कर दिया है, तो महिलाये अनियमित पीरियड्स का अनुभव कर सकती हैं।

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गंभीर मेडिकल स्थितियों के कारण हल्के पीरियड्स

Light periods due to serious medical conditions in hindi

gambhir medical bimari bhi karan hai light periods ka

अनियमित पीरियड्स गंभीर स्वास्थ्य का संकेत हो सकता है। नियमित माहवारी संकेत है कि आपका शरीर सही तरह से काम कर रहा है। एक हल्की माहवारी हार्मोन के स्तर या अन्य चिकित्सा समस्याओं का संकेत हो सकती है। पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम (PCOS) और प्रजनन अंगों ( reproductive organs) के मुद्दों के कारण अनियमित पीरियड्स हो सकते हैं। इसके अलावा थायरॉयड (Thyroid) संबंधी स्थिति भी महिला के मासिक धर्म चक्र को प्रभावित करती है और हल्की माहवारी का कारण हो सकती है। इन सब मामलों में एक चिकित्सक ही आपको सही सलाह दे सकता है।

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तनाव के कारण हल्के पीरियड्स

Light periods due to stress in hindi

tanav ke karan ho sakte hai light periods

तनाव शरीर के हार्मोनल संतुलन को प्रभावित कर नियमित मासिक धर्म चक्र को बाधित करता है। यदि आप तनाव ग्रस्त हैं, तो आपका मस्तिष्क मासिक धर्म से संबन्धित हार्मोन को बदल सकता है। आप इसके कारण मिस्सड या लाइटर पीरियड्स का अनुभव कर सकती हैं। एक बार जब कोई तनावपूर्ण घटना बीत जाती है, तो आपके पीरियड्स सामान्य हो जाते हैं।

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निष्कर्ष

Conclusion in hindi

हल्के पीरियड्स आमतौर पर चिंता का कारण नहीं होते हैं। हालांकि, अगर किसी को लगातार हल्की या कम महावरी होती है या पूरी तरह से पीरियड्स रुक जाते हैं, तो उन्हें अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए। डॉक्टरी सलाह उन परिस्थितियों में भी ज़रूरी हो जाती है जब हल्की माहवारी के साथ कुछ अन्य लक्षणों दिखाई पड़े, जो चिंता पैदा करें, जैसे कि पैल्विक दर्द।

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आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: : 16 Jul 2020

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