भारतीय कानून में पी.सी.पी.एन.डी.टी ऐक्ट (प्री-कांसेप्शन एंड प्री-नैटल डायगनोस्टिक टेकनिक्स), 1994 के तहत जन्म से पहले लिंग परीक्षण क़ानूनन अपराध है - इसके लिए पूछने वाले पर भी कार्रवाई की जाएगी। हम (zealthy) ऐसी किसी भी तकनीक का समर्थन नहीं करते हैं।

Basal body temperature

ओवुलेशन की तिथि का पता लगाने के लिए बीबीटी चार्टिंग

Basal body temperature: measure BBT to detect ovulation in hindi

Ovualtion ka pata lagane aur pregnant hone ke liye basal body temperature mapna sikhe in hindi

एक नज़र


  • शरीर के आराम की स्थिति में मापा गया न्यूनतम तापमान बीबीटी कहलाता है।

  • बेसल बॉडी टेम्परेचर ओवुलेशन का पता लगाने का एक सटीक तरीका हो सकता है।

  • इसे मापने के लिए अनुशासित होना और कुछ सावधानियाँ बरतना बेहद ज़रूरी है।

कुछ महिलाएं अपने शरीर के बारे में जानने और गर्भवती होने की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए या इससे बचने के लिए एक सशक्त तरीके के रूप में बीबीटी चार्टिंग का प्रयोग करती हैं।

इन महिलाओं के लिए, बेसल बॉडी टेम्परेचर चार्टिंग अक्सर एक सकारात्मक अनुभव होता है।

लेकिन अगर आप चार्टिंग प्रक्रियाओं और परिणामों से तनावग्रस्त महसूस करती हैं, तो यह आपके लिए नहीं हो सकता है।

इस लेख के माध्यम से बीबीटी चार्टिंग के बारे में विस्तार से जानते हैं।

 

1.शरीर का बेसल तापमान क्या है

Basal body temperature in hindi

Basal Body Temperature kya hai in hindi

किसी भी शारीरिक गतिविधि से पहले कम से कम 3 से 4 घंटे की नींद (आराम) लेने के बाद सुबह का आधार तापमान (base temperature) बीबीटी तापमान होता है।

यह ओवुलेशन का पता लगाने के लिए एक बेहतर तरीका माना जाता है।

बीबीटी और शरीर के बेसल तापमान चार्ट के साथ ओवुलेशन को ट्रैक करना कई बार मुश्किल हो सकता है क्योंकि इसके साथ कई सावधानियाँ भी बरतनी पड़ती हैं।

 

2.ओवुलेशन के तिथि का पता लगाने के लिए बीबीटी का उपयोग करना

Using BBT to predict ovulation in hindi

BBT ki madad se ovulation ki bhavishyavani kaise kare in hindi

बेसल बॉडी टेम्परेचर ग्राफ़ दर्शाता है कि आपने ओव्यूलेट किया है।

ओवुलेशन की तिथि जानने के लिए बीबीटी का उपयोग करना अल्ट्रासाउंड की तुलना में एक सरल विकल्प है।

ओवुलेशन का पता लगाने के लिए, लगातार कई मासिक चक्रों तक प्रतिदिन बीबीटी को मापना चाहिए।

जब एक अंडा शरीर से रिलीज होता है, तो शरीर प्रोजेस्टेरोन (progesterone) का उत्पादन करना शुरू कर देता है, जो आपके शरीर के तापमान को बढ़ाता है।

एक गर्भवती महिला में प्रोजेस्टेरोन का स्तर गैर-गर्भवती महिलाओं की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक होता है।

ओवुलेशन से ठीक पहले आपका बीबीटी 97.52-98.24 ° F (36.4-36.8 डिग्री सेल्सियस) के बीच रहता है।

वहीं ओवुलेशन के ठीक बाद, प्रोजेस्टेरोन के स्तर में तेज वृद्धि (लगभग 10-गुना) के कारण बीबीटी का स्तर 0.7-0.8 (0.4-0.5 सेल्सियस) फ़ैरेनहाइट डिग्री से बढ़कर 98.22-98.94 (36.9-37.3 सेल्सियस) फ़ैरेनहाइट हो जाता है।

यह बीबीटी तापमान 10 से 14 दिनों तक इसी स्तर पर बना रहता है।

पीरियड्स आने के ठीक पहले इसके स्तर में गिरावट आती है।

हालांकि अगर आप गर्भवती हैं तो तापमान के स्तर में कोई कमी नहीं आती।

 

3.ओवुलेशन को ट्रैक करने के लिए आपको शरीर के सामान्य तापमान के बजाय बेसल को क्यों मापना चाहिए

Why should you measure basal rather than normal body temperature to track ovulation in hindi

Samanya temperature napne ki jagah basal temperature kyon maapna chahiye in hindi

ओवुलेशन का पता लगाने के लिए शरीर के अप्रभावित तापमान को मापना बेहद ज़रूरी है।

किसी भी बाहरी कारक से प्रभावित न हुआ शरीर का तापमान सबसे सटीक और विश्वसनीय माना जाता है।

पूरे दिन, तनाव, ठंड, गर्मी, व्यायाम, भोजन का सेवन आदि के कारण शरीर के तापमान में उतार-चढ़ाव होता रहता है।

ऐसी परिस्थितियों में, बाहरी कारकों द्वारा प्रभावित तापमान को माप पाना एक मुश्किल काम है।

बीबीटी किसी भी तरह के कारकों से प्रभावित नहीं होता है। यह शरीर के बेसल तापमान की निगरानी करने और ओवुलेशन का पता लगाने का सबसे आसान और सस्ता तरीका है।

इसी कारणवश सामान्य तापमान के बजाय ओवुलेशन को ट्रैक करने के लिए बीबीटी मापना बेहतर विकल्प है।

इसके अलावा बीबीटी को चार्ट करने के अन्य फ़ायदे भी हैं :

  • आपके शरीर में होने वाली प्रक्रियाओं की निगरानी करना और समझना चाहते हैं।
  • अपने सबसे फर्टाइल दिनों का निर्धारण करना चाहते हैं।
  • माहवारी की तिथि का पता लगाना चाहते हैं।
  • संदिग्ध हार्मोनल असंतुलन और प्रजनन प्रणाली की विफलता के बारे में जानना चाहते हैं।

 

4.बीबीटी को मापने के तरीक़े क्या हैं

What are the ways to measure BBT in hindi

BBT maapne ka sahi tarika kya hai in hindi

बीबीटी को मापने के तीन तरीक़े हैं :

  • मुंह से (mouth),
  • योनि से (vagina),
  • मलाशय से (ractal)

इनमें से रेक्टल विधि यानि मलाशय से बीबीटी को मापना सबसे सटीक माना जाता है।

 

5.आपको किस बेसल बॉडी थर्मामीटर का उपयोग करना चाहिए

What basal body thermometer should you use in hindi

Kis basal body thermometer ka use Karen in hindi

बीबीटी के साथ ओवुलेशन पर नज़र रखने के लिए, आप इलेक्ट्रॉनिक या मर्करी थर्मामीटर (electronic or a mercury thermometer) का उपयोग कर सकती हैं।

आप क्या चुनती हैं वह आपके ऊपर है।

मुख्य बात यह है कि पूरे माप अवधि के दौरान इसका उपयोग करना है।

इलेक्ट्रॉनिक थर्मामीटर के कुछ फ़ायदे हैं।

यह उपयोग करने के लिए अधिक सुरक्षित है और यह संकेत देता है कि तापमान चरम तक पहुँच गया ह।

साथ ही इसकी मेमोरी माप मूल्य को स्टोर करती है (यदि आप इसे तुरंत लिखना भूल गए हैं)।

इलेक्ट्रॉनिक थर्मामीटर का उपयोग करना आसान है, जबकि पारे को नीचे गिराना पड़ता है।

सबसे अच्छा यह है कि आप ऐसा रात को सोने से पहले करें ताकि हाथ की गतिविधियाँ सुबह के समय शरीर के तापमान को प्रभावित न करें।

यदि पारा थर्मामीटर के साथ लिया गया माप दो चिह्नों के बीच समाप्त होता है, तो निचले को चुनें।

 

6.बीबीटी को कैसे ट्रैक करें

How to track BBT in hindi

BBT ko kaise track kare in hindi

बीबीटी को ट्रैक करने का तरीका :

  • हर सुबह एक ही समय में अपना तापमान लें। निर्धारित समय में आधे घंटे से अधिक का फ़र्क नहीं होना चाहिए।
  • अपना तापमान लेने से पहले बिस्तर से बाहर न निकलें और न बात करें (यानी, कोई भी कार्य ना करें)।
  • हमेशा तापमान को एक ही प्रकार से मापें (मुंह से, योनि से या मलाशय से)।
  • हर बार एक ही थर्मामीटर (इलेक्ट्रॉनिक या अन्य) का उपयोग करें।
  • योनि या रेक्टल से तापमान (पारा थर्मामीटर) को मापने की अवधि 3 मिनट होनी चाहिए।
  • वही मुंह से तापमान (पारा थर्मामीटर) को मापने की विधि 5 मिनट तक होनी चाहिए, या जब आपको थर्मामीटर से एक ध्वनि संकेत नहीं मिलता।
  • आपको बीबीटी मापने के लिए आर्मपिट (armpit) विधि का उपयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि इसका परिणाम सटीक नहीं होगा।
  • तापमान मापने से पहले आपको कम से कम 3 घंटे की नींद लेनी ज़रूरी है।
  • फ़्लो (android, iOS) एप्प में माप रेकॉर्ड करें।
  • कम से कम तीन चक्रों तक माप ज़रूर लें।

इस दौरान एकत्र किए गए बीबीटी ट्रैकिंग डेटा ओवुलेशन निर्धारित करने और हार्मोनल विकारों (यदि कोई हो) को प्रकट करने में मदद करेंगे।

 

7.बीबीटी चार्ट पर गर्भावस्था का पता कैसे लगाएं

How to detect pregnancy on a BBT chart in hindi

BBT chart se pregnancy kaise pata Kare in hindi

यदि आपके शरीर का बेसल तापमान, ओवुलेशन का संकेत देने के बाद, 14 दिनों से अधिक समय तक बढ़ा हुआ है और आपकी माहवारी नहीं आती है, तो यह गर्भावस्था का संकेत हो सकता है।

गर्भाधान (conception) होने की स्थिति में (लगभग दिन 4-10 ओवुलेशन के बाद), तो फर्टिलाइज़ड अंडा एंडोमेट्रियम (endometrium) में ही प्रत्यारोपित (implant) होता है।

यदि ऐसा होता है तो आपके चार्ट पर तापमान तेज़ी से ड्रॉप (temperature drop) होता हुआ नज़र आएगा, जो इस तथ्य के कारण है कि गर्भावस्था की शुरुआत एस्ट्रोजेन रिलीज के साथ जुड़ी हुई है, जो बीबीटी के स्तर को कम करती है।

गर्भाधान के बाद शरीर का बेसल तापमान आपके बीबीटी ग्राफ़ पर एक ट्राइफेसिक पैटर्न (triphasic pattern) के रूप में उभर सकता है, अर्थात्, तीसरा तापमान उभर सकता है।

यह स्थिति गर्भवती महिला के शरीर द्वारा उत्पादित अतिरिक्त प्रोजेस्टेरोन का परिणाम है।

आपको इन संकेतों पर पूरी तरह से निर्भर नहीं होना चाहिए।

कभी-कभी, गर्भवती होने पर बेसल तापमान गलत और अप्रत्याशित हो सकते हैं।

सुरक्षित पक्ष पर होने के लिए, गर्भावस्था परीक्षण करें।

यदि आप इस चक्र में गर्भवती नहीं हुई हैं, तो बीबीटी का स्तर, ओवुलेशन के 10-14 दिनों बाद गिर जाएगा जो अगली माहवारी शुरू होने वाली तिथि के आसपास होगा।

 

8.बीबीटी- आधारित ओवुलेशन ट्रैकिंग कितना सही है

How accurate is BBT-based ovulation tracking in hindi

BBT based ovulation tracking kitni sahi hoti hai in hindi

आंकड़ों के अनुसार, माप लेने के पहले वर्ष में, मासिक धर्म चक्र नियमित होने पर यह जन्म नियंत्रण विधि 99% प्रभावी है।

इस अवधि के दौरान, महिलाएं अधिक जिम्मेदार और प्रतिबद्ध रहती हैं।

शोध के अनुसार, फिर तापमान को नियमित रूप से मापना बोझ बन जाता है, और विधि की प्रभावशीलता 85% तक कम हो जाती है।

 

9.बीबीटी चार्ट गलत कब होता है

When is BBT chart inaccurate in hindi

BBT Chart kab galat hota hai in hindi

निम्नलिखित परिस्थितियों में बीबीटी सटीक नहीं होता है:

  • अगर अलग-अलग समय पर और अलग-अलग तरीकों से मापा जाता है
  • बुख़ार के मामले में
  • कुछ दवाएँ लेते समय
  • एक दिन पहले शराब के सेवन की स्थिति में
  • भावनात्मक या शारीरिक तनाव के मामले में
  • इलेक्ट्रिक कंबल, इलेक्ट्रिक शीट या हीटिंग पैड का उपयोग करते समय
  • स्तनपान या अनिद्रा की स्थिति में
  • हार्मोनल गर्भनिरोधक लेने पर आपकी बीबीटी को चार्ट करना भी व्यर्थ होगा क्योंकि इस मामले में, शरीर सिंथेटिक हार्मोन से प्रभावित होता है जो मासिक धर्म चक्र और ओवुलेशन प्रक्रिया को बदलते हैं।

 

10.बेसल बॉडी टेम्परेचर चार्टिंग से जुड़े नकरात्मक पक्ष

Possible downsides to basal body temperature charting in hindi

Basal Body Temperature Charting ke downsides in hindi

बेसल बॉडी टेम्परेचर चार्टिंग आपके लिए निम्न स्थितियों में नहीं हो सकता है :

  • आप रात की शिफ्ट में काम करती हैं।
  • आपको छोटे बच्चों के साथ रात में अक्सर उठना पड़ता है।
  • आप प्रत्येक दिन एक ही समय में उठ नहीं सकती।
  • आप अपने तापमान को ट्रैक करने के लिए तनावग्रस्त महसूस करती हैं।
 

11.निष्कर्ष

Conclusion in hindi

Nishkarsh in hindi

यदि आप बीबीटी चार्टिंग पद्धति का उपयोग कर रही हैं, तो आपको इसे बनाए रखने के बारे में अनुशासित होना पड़ेगा।

बीबीटी मापकर ओवुलेशन या गर्भवस्था का पता लगाना एक सटीक और

सस्ता तरीका है मगर इसके लिए कई नियमों का सख्ती से पालन करना ज़रूरी है जैसे- तापमान मापने का निर्धारित वक़्त, एक ही थर्मामीटर का प्रयोग, थर्मामीटर को प्रयोग करने का सटीक तरीका आदि।

हालांकि बीबीटी ओवुलेशन पता लगाने का एक विकल्प है, इसके कई अन्य विकल्प भी हैं।

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