Basal body temperature

ओवुलेशन का पता लगाने के लिए बीबीटी

Basal body temperature to detect ovulation in hindi

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एक नज़र

  • शरीर के आराम की स्थिति में मापा गया न्यूनतम तापमान बीबीटी कहलाता है।
  • बेसल बॉडी टेम्परेचर ओवुलेशन का पता लगाने का एक सटीक तरीका हो सकता है।
  • इसे मापने के लिए अनुशासित होना और कुछ सावधानियाँ बरतना बेहद ज़रूरी है।

ओवुलेशन महिला के जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है। ओवुलेशन की तिथि से ही महिला को अपने फर्टाइल दिनों का पता चलता है, जिससे गर्भधारण संभव होता है। लेकिन, कई बार जानकारी की कमी होने के कारण कुछ महिलाएं ओवुलेशन के सही समय को ट्रैक नहीं कर पाती हैं। अगर आपके साथ भी कुछ ऐसा होता है तो इस समस्या का समाधान है बेसल बॉडी टेम्परेचर। जी हां, ऐसे में सबसे फर्टाइल दिनों का पता लगाने और तेजी से गर्भ धारण करने के लिए एक बेसल बॉडी टेम्परेचर (basal body temperature) का उपयोग कर सकती हैं।

बेसल बॉडी टेम्परेचर (बीबीटी) चार्टिंग के साथ ओव्यूलेशन का पता लगाना अपेक्षाकृत आसान और सस्ता तरीका है। चार्टिंग की मदद से ये पता लगाना आसान है कि आप कब ओव्युलेट करती हैं और प्रेग्नेंट होने के लिए सटीक समय क्या है। ऐसे में हम आपको इस लेख में यहां बताएंगे कि बेसल बॉडी टेम्परेचर (basal body temperature) यानि बीबीटी क्या होता और बेसल बॉडी टेम्परेचर चार्टिंग से ओवुलेशन का पता कैसे लगाया जाता है।

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इस लेख़ में/\

  1. बेसल बॉडी टेम्परेचर (बीबीटी) क्या है
  2. ओवुलेशन का पता लगाने के लिए बीबीटी को कैसे मापें
  3. ओवुलेशन ट्रैक करने के लिए शरीर के सामान्य तापमान के बजाय बेसल को क्यों मापना चाहिए
  4. बीबीटी मापने के लिए आपको किस बेसल बॉडी थर्मामीटर का उपयोग करना चाहिए
  5. बीबीटी को कैसे ट्रैक करें
  6. बीबीटी चार्ट पर गर्भावस्था का पता कैसे लगाएं
  7. बीबीटी-आधारित ओवुलेशन ट्रैकिंग कितना सही है
  8. बीबीटी चार्ट गलत कब होता है
  9. निष्कर्ष
 

1.बेसल बॉडी टेम्परेचर (बीबीटी) क्या है

What is basal body temperature in hindi

जानें बॉडी का टेम्परेचर कितना होना चाहिए

किसी भी शारीरिक गतिविधि से पहले कम से कम 3 से 4 घंटे की नींद (आराम) लेने के बाद सुबह का आधार तापमान (base temperature) बीबीटी तापमान होता है। आपके हार्मोन के साथ-साथ कई कारकों के आधार पर शरीर के तापमान में परिवर्तन होता है। आमतौर पर महिला का मासिक चक्र औसतन 28 दिनों का होता है[1] इस आधार पर ओवुलेशन 14वें दिन पर होता है। लेकिन, कई बार ओवुलेशन के समय का महिलाओं को पता नहीं चलता है।

ऐसे में बेसल बॉडी टेम्परेचर की मदद से इसका पता लगाना बेहद सरल है। जी हां, महिलाओं के लिए एक फर्टाइल विंडो के दौरान संभोग के समय का अनुकूल समय का पता लगाने में मदद करने के लिए बेसल शरीर के तापमान माप का उपयोग दशकों से किया गया है।[2] जब आप ओव्युलेट करती हैं, तो प्रोजेस्टेरोन हार्मोन बढ़ने लगता है। प्रोजेस्टेरोन तापमान में मामूली वृद्धि का कारण बनता है। इस स्थिति में बेसल बॉडी टेम्परेचर की मदद से तापमान में बदलाव का पता लगा सकते हैं।

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2.ओवुलेशन का पता लगाने के लिए बीबीटी को कैसे मापें

How to measure BBT to detect ovulation in hindi

janein pregnancy me body temperature kitna hona chahiye

बेसल बॉडी टेम्परेचर ग्राफ़ दर्शाता है कि आपने ओव्यूलेट किया है। ओवुलेशन की तिथि जानने के लिए बीबीटी का उपयोग करना अल्ट्रासाउंड की तुलना में एक सरल विकल्प है। ओवुलेशन का पता लगाने के लिए, लगातार कई मासिक चक्रों तक प्रतिदिन बीबीटी को मापना चाहिए। जब एक अंडा शरीर से रिलीज होता है, तो शरीर प्रोजेस्टेरोन (progesterone) का उत्पादन करना शुरू कर देता है, जो आपके शरीर के तापमान को बढ़ाता है।

एक गर्भवती महिला में प्रोजेस्टेरोन का स्तर गैर-गर्भवती महिलाओं की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक होता है। ओवुलेशन से ठीक पहले आपका बीबीटी 97.52-98.24 ° F (36.4-36.8 डिग्री सेल्सियस) के बीच रहता है। वहीं, ओवुलेशन के ठीक बाद, प्रोजेस्टेरोन के स्तर में तेज वृद्धि (लगभग 10-गुना) के कारण बीबीटी का स्तर 0.7-0.8 (0.4-0.5 सेल्सियस) फेहरेन्हाईट डिग्री से बढ़कर 98.22-98.94 (36.9-37.3 सेल्सियस) फेहरेन्हाईट हो जाता है।

यह बीबीटी तापमान 10 से 14 दिनों तक इसी स्तर पर बना रहता है। पीरियड्स आने के ठीक पहले इसके स्तर में गिरावट आती है। हालांकि, अगर आप गर्भवती हैं तो तापमान के स्तर में कोई कमी नहीं आती।

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3.ओवुलेशन ट्रैक करने के लिए शरीर के सामान्य तापमान के बजाय बेसल को क्यों मापना चाहिए

Why should you measure basal rather than normal body temperature to track ovulation in hindi

बॉडी टेम्परेचर चार्ट in hindi jane

ओवुलेशन का पता लगाने के लिए शरीर के अप्रभावित तापमान को मापना बेहद ज़रूरी है। किसी भी बाहरी कारक से प्रभावित न हुआ शरीर का तापमान सबसे सटीक और विश्वसनीय माना जाता है। पूरे दिन, तनाव, ठंड, गर्मी, व्यायाम, भोजन का सेवन आदि के कारण शरीर के तापमान में उतार-चढ़ाव होता रहता है। ऐसी परिस्थितियों में, बाहरी कारकों द्वारा प्रभावित तापमान को माप पाना एक मुश्किल काम है।

बीबीटी किसी भी तरह के कारकों से प्रभावित नहीं होता है। यह शरीर के बेसल तापमान की निगरानी करने और ओवुलेशन का पता लगाने का सबसे आसान और सस्ता तरीका है। इसी कारण वश सामान्य तापमान के बजाय ओवुलेशन को ट्रैक करने के लिए बीबीटी मापना बेहतर विकल्प है।

इसके अलावा बॉडी टेम्परेचर चार करने के अन्य फ़ायदे भी हैं :

  • आपके शरीर में होने वाली प्रक्रियाओं की निगरानी करना और समझना चाहते हैं।
  • अपने सबसे फर्टाइल दिनों का निर्धारण करना चाहते हैं।
  • माहवारी की तिथि का पता लगाना चाहते हैं।
  • संदिग्ध हार्मोनल असंतुलन और प्रजनन प्रणाली की विफलता के बारे में जानना चाहते हैं।

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4.बीबीटी मापने के लिए आपको किस बेसल बॉडी थर्मामीटर का उपयोग करना चाहिए

What basal body thermometer should you use in hindi

basal body temperature in hindi

बीबीटी के साथ ओवुलेशन पर नज़र रखने के लिए, आप इलेक्ट्रॉनिक या मर्करी थर्मामीटर (electronic or a mercury thermometer) का उपयोग कर सकती हैं। आप क्या चुनती हैं, वह आपके ऊपर है। मुख्य बात यह है कि पूरे माप अवधि के दौरान इसका उपयोग करना है। इलेक्ट्रॉनिक थर्मामीटर के कुछ फ़ायदे हैं। यह उपयोग करने के लिए अधिक सुरक्षित है और यह संकेत देता है कि तापमान चरम तक पहुँच गया है। साथ ही इसकी मेमोरी माप मूल्य को स्टोर करती है (यदि आप इसे तुरंत लिखना भूल गए हैं)।

इलेक्ट्रॉनिक थर्मामीटर का उपयोग करना आसान है। सबसे अच्छा ये होगा कि आप ऐसा रात को सोने से पहले करें ताकि हाथ की गतिविधियाँ सुबह के समय शरीर के तापमान को प्रभावित न करें। अगर मर्करी थर्मामीटर के साथ लिया गया माप, दो चिह्नों के बीच समाप्त होता है, तो निचे वाले को चुनें।

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5.बीबीटी को कैसे ट्रैक करें

How to track BBT in hindi

janein bbt kya hai

ओवुलेशन के समय का पता लगाने के लिए बीबीटी का इस्तेमाल करना सबसे अच्छा विचार होता है। ऐसे में अब ये जानते हैं कि बीबीटी को किस समय ट्रैक करना चाहिए।

बीबीटी को ट्रैक करने का तरीका :

  • हर सुबह एक ही समय में अपना तापमान लें। निर्धारित समय में आधे घंटे से अधिक का फ़र्क नहीं होना चाहिए।
  • अपना तापमान लेने से पहले बिस्तर से बाहर न निकले और न बात करें (यानी, कोई भी कार्य ना करें)।
  • हमेशा तापमान को एक ही प्रकार से मापें (मुंह से, योनि से या मलाशय से)।
  • हर बार एक ही थर्मामीटर (इलेक्ट्रॉनिक या अन्य) का उपयोग करें।
  • योनि या रेक्टल से तापमान (पारा थर्मामीटर) को मापने की अवधि 3 मिनट होनी चाहिए।
  • मुंह से तापमान (पारा थर्मामीटर) को मापने की विधि 5 मिनट तक होनी चाहिए, या जब आपको थर्मामीटर से एक ध्वनि संकेत नहीं मिलता।
  • आपको बीबीटी मापने के लिए आर्मपिट (armpit) विधि का उपयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि इसका परिणाम सटीक नहीं होगा।
  • तापमान मापने से पहले आपको कम से कम 3 घंटे की नींद लेनी ज़रूरी है।
  • फ़्लो (android, iOS) एप्प में माप रेकॉर्ड करें।
  • कम से कम तीन चक्रों तक माप ज़रूर लें।
  • इस दौरान एकत्र किए गए बीबीटी ट्रैकिंग डेटा ओवुलेशन निर्धारित करने और हार्मोनल विकारों (यदि कोई हो) को प्रकट करने में मदद करेंगे।

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6.बीबीटी चार्ट पर गर्भावस्था का पता कैसे लगाएं

How to detect pregnancy on a BBT chart in hindi

What is basal body temperature in hindi

अगर आपके शरीर का बेसल तापमान, ओवुलेशन का संकेत देने के बाद, 14 दिनों से अधिक समय तक बढ़ा हुआ है और आपकी माहवारी नहीं आती है, तो यह गर्भावस्था का संकेत हो सकता है। गर्भाधान (conception) होने की स्थिति में (लगभग दिन 4-10 ओवुलेशन के बाद), तो फर्टिलाइज़ अंडा एंडोमेट्रियम (endometrium) में ही प्रत्यारोपित (implant) होता है।

अगर ऐसा होता है तो आपके चार्ट पर तापमान तेज़ी से ड्रॉप (temperature drop) होता हुआ नज़र आएगा, जो इस तथ्य के कारण है कि गर्भावस्था की शुरुआत एस्ट्रोजेन रिलीज के साथ जुड़ी हुई है, जो बीबीटी के स्तर को कम करती है। गर्भाधान के बाद शरीर का बेसल तापमान आपके बीबीटी ग्राफ़ पर एक ट्राइफेसिक पैटर्न (triphasic pattern) के रूप में उभर सकता है, अर्थात् तीसरा तापमान उभर सकता है।

यह स्थिति गर्भवती महिला के शरीर द्वारा उत्पादित अतिरिक्त प्रोजेस्टेरोन का परिणाम है। आपको इन संकेतों पर पूरी तरह से निर्भर नहीं होना चाहिए। कभी-कभी, गर्भवती होने पर बेसल तापमान गलत और अप्रत्याशित हो सकते हैं। सुरक्षित पक्ष पर होने के लिए, गर्भावस्था परीक्षण करें। यदि आप इस चक्र में गर्भवती नहीं हुई हैं, तो बीबीटी का स्तर, ओवुलेशन के 10-14 दिनों बाद गिर जाएगा जो अगली माहवारी शुरू होने वाली तिथि के आसपास होगा।

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7.बीबीटी-आधारित ओवुलेशन ट्रैकिंग कितना सही है

How accurate is BBT-based ovulation tracking in hindi

bbt kya hai jane

आंकड़ों के अनुसार, माप लेने के पहले वर्ष में, मासिक धर्म चक्र नियमित होने पर यह जन्म नियंत्रण विधि 99% प्रभावी है। इस अवधि के दौरान, महिलाएं अधिक जिम्मेदार और प्रतिबद्ध रहती हैं। शोध के अनुसार, फिर तापमान को नियमित रूप से मापना बोझ बन जाता है, और विधि की प्रभावशीलता 85% तक कम हो जाती है।

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8.बीबीटी चार्ट गलत कब होता है

When is BBT chart inaccurate in hindi

jane bbt kya hai

बीबीटी चार्ट से लगभग ओवुलेशन की सटीक जानकरी मिलती है लेकिन कुछ मामलों में इसके संकेत सटीक नहीं भी हो सकते हैं। ऐसे में आइए, उन परिस्थितियों के बारे में जानते हैं कि जब बीबीटी सटीक नहीं होता है।

निम्नलिखित परिस्थितियों में बीबीटी सटीक नहीं होता है:

  • अगर अलग-अलग समय पर और अलग-अलग तरीकों से मापा जाता है
  • बुख़ार के मामले में
  • कुछ दवाएँ लेते समय
  • एक दिन पहले शराब के सेवन की स्थिति में
  • भावनात्मक या शारीरिक तनाव के मामले में
  • इलेक्ट्रिक कंबल, इलेक्ट्रिक शीट या हीटिंग पैड का उपयोग करते समय
  • स्तनपान या अनिद्रा की स्थिति में
  • हार्मोनल गर्भनिरोधक लेने पर आपकी बीबीटी को चार्ट करना भी व्यर्थ होगा क्योंकि इस मामले में, शरीर सिंथेटिक हार्मोन से प्रभावित होता है जो मासिक धर्म चक्र और ओवुलेशन प्रक्रिया को बदलते हैं।

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9.निष्कर्ष

Conclusion in hindi

jane pregnancy me body temperature kitna hona chahiye

अगर आप बीबीटी चार्ट पद्धति का उपयोग कर रही हैं, तो आपको इसे बनाए रखने के बारे में अनुशासित होना पड़ेगा। बीबीटी मापकर ओवुलेशन या गर्भवस्था का पता लगाना एक सटीक और सस्ता तरीका है मगर इसके लिए कई नियमों का सख्ती से पालन करना ज़रूरी है जैसे- तापमान मापने का निर्धारित वक़्त, एक ही थर्मामीटर का प्रयोग, थर्मामीटर को प्रयोग करने का सटीक तरीका आदि। हालांकि, बीबीटी ओवुलेशन पता लगाने का एक विकल्प है, इसके कई अन्य विकल्प भी हैं।

आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि:: 22 Oct 2020

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संदर्भ/\

  1. Steward K, Raja A.”Physiology, Ovulation And Basal Body Temperature”. StatPearls Publishing.PMID: 31536292.

  2. Reed BG, Carr BR. “The Normal Menstrual Cycle and the Control of Ovulation”. 2018 Aug 5. Feingold KR, Anawalt B, Boyce A, et al., editors. South Dartmouth (MA): MDText.com, Inc.; 2000, PMID: 25905282.

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