Ayurvedic treatments to increase fertility in men and women | Zealthy

आयुर्वेदिक चिकित्सा से पुरुषों और महिलाओं की प्रजनन क्षमता में वृद्धि

Ayurvedic medicine increases male and female fertility in hindi

Ayurvedic chikitsa se purusho aur mahilao me prajnan shamta me vridhi in hindi

एक नज़र

  • आयुर्वेद चिकित्सा गर्भवती होने की क्षमता को बढ़ाने में मदद करती है।
  • आयुर्वेद के अनुसार, वात, पित्त और कफ़ का संतुलन व्यक्ति की सेहत पर निर्भर करता है।
  • प्रिजरवेटिव (preservative) फ़ूड वात, पित्त और कफ़ को असंतुलित कर इनफर्टिलिटी को बढ़ावा देते हैं।

इनफर्टिलिटी के कारण एक महिला गर्भधारण नहीं कर पाती है।

इंफर्टिलिटी की समस्या महिला या पुरुष किसी को भी हो सकती है।

बांझपन की समस्या पूर्ण रूप से सेहत और उम्र पर निर्भर करती है।

इनफर्टिलिटी का उपचार आयुर्वेद में संभव है।

यदि कोई महिला गर्भधारण करने में असफल होती है या कोई पुरुष बांझपन की समस्या से पीड़ित है तो इसका इलाज़ आयुर्वेद की मदद से किया जा सकता है।

आज हम इस लेख में जानते हैं कैसे पुरुष और महिला बांझपन का इलाज आयुवेद की मदद से किया जा सकता है।

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इस लेख़ में /\

  1. बांझपन होने के कारण
  2. पुरुषों में इनफर्टिलिटी के कारण
  3. महिलाओं में इनफर्टिलिटी के कारण
  4. प्रजनन क्षमता बढ़ोतरी में आयुर्वेदिक उपचार
  5. निष्कर्ष
 

1.बांझपन होने के कारण

Causes of infertility in hindi

Banjhpan hone ke karan in hindi

एक सहज और सामान्य गर्भधारण में परेशानी आने के कई कारण हो सकते हैं जैसे :-

  • प्रजनन अंगों का स्वास्थ्य (Health of reproductive organs)

    महिला गर्भाशय और पुरुष शुक्राणु सहज गर्भाधारण के लिए जिम्मेदार होते हैं।

    इनमें किसी प्रकार की समस्या गर्भधारण में परेशानी खड़ी कर सकती है।

  • भावनात्मक जुड़ाव की कमी (Less emotional attachment)

    मजबूरी से संभोग गर्भधारण में मुश्किलें पैदा करता है।

    साथ ही जोड़े में भावनात्मक जुड़ाव की कमी से भी महिला गर्भधारण नहीं कर पाती है।

  • अनियमित आहार व असंतुलित आहार (Irregular and unbalanced diet)

    तीखा, नमकीन, तला या प्रिजरवेटिव फूड पित्त को बढ़ाता है जिसके कारण इनफर्टिलिटी की संभावना भी बढ़ती है।

    आयुर्वेदिक चिकित्सा बिना किसी साइड-इफ़ेक्ट के पुरुषों और महिलाओं में फर्टिलिटी बढ़ाने में मदद करती है।

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2.पुरुषों में इनफर्टिलिटी के कारण

causes of infertility in men in hindi

Purushon me infertility ke karan in hindi

पुरुष इंफर्टिलिटी के कारण इस प्रकार हैं :-

  • पुरुषों की प्रजनन क्षमता पर पर्यावरण और जीवन शैली का प्रभाव

  • असंतुलित हार्मोन

  • बढ़ती उम्र

  • शुक्राणु एकाग्रता

  • अधिक वजन और कम वजन

  • अधिक मात्रा में शराब ,धूम्रपान और ड्रग्स का प्रयोग

  • शुक्राणुजन्य स्टेम सेल आबादी का आवश्यक संतुलन

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3.महिलाओं में इनफर्टिलिटी के कारण

Causes of infertility in women in hindi

mahilao me infertility ke karan in hindi

महिलाओं में इंफर्टिलिटी के कारण इस प्रकार हैं :-

  • अवरुद्ध या क्षतिग्रस्त फैलोपियन ट्यूब

  • ओवुलेशन विकार

  • गर्भाशय या गर्भाशय सर्वाइकल के कारण

  • प्राथमिक ओवरियन अपर्याप्तता

  • पैल्विक आसंजन

  • धूम्रपान

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4.प्रजनन क्षमता बढ़ोतरी में आयुर्वेदिक उपचार

Ayurvedic treatments to increase fertility in hindi

Prajnan kshamta badhane ke liye ayurvedic upchar in hindi

आयुर्वेदिक उपचार सुनिश्चित करता है कि महिला में अंडाशय बनने के लिए पुरुष के शुक्राणु की संख्या और उत्पादन पर्याप्त हैं।

अगर आप गर्भ धारण का विचार कर रहे हैं और समस्याओं का सामना कर रहें हैं तो आयुर्वेदिक उपचार का चुनाव अच्छा है क्योंकि यह गर्भवती होने की संभावना बढ़ा देता है।

आयुर्वेदिक उपचार का आधार शरीर को डिटॉक्सिफाई (detoxify) करना और हर कोशिका को उचित पोषण लेने में मदद करना है।

वह निम्न प्रकार से पुरुष और महिला दोनों के लिए किया जा सकता है :-

  • पंचकर्मा उपचार (Panchakarma treatment)

    इस उपचार से शरीर टॉक्सिन्स को ख़त्म करता है।

    इसमें विटामिन्स (vitamins) और मिनरल्स (minerals) के साथ हार्मोन्स (harmones), एन्ज़ाइम्स (enzymes) और पर्याप्त ऑक्सीजन बिना टॉक्सिन्स वाले कोशिकाओं को पोषित कर उनकी कार्य प्रणाली को सामान्य करता है।

    साथ ही यह इम्युनिटी (immunity) में वृद्धि लाकर गर्भाधारण की संभावना बढ़ा देता है।

    पंचकर्मा उपचार प्रणाली को पूरा होने में 21 दिन लगते हैं।

  • अभ्यंग उपचार (Abhyang treatment)

    इसमें चिकित्सीय मालिश तेल प्रयोग में लाया जाता है जो दोषों के संतुलन को सुधारता है।

  • स्नेहपनम उपचार (Snehapanam treatment)

    इसमें जठरांत्र सम्बन्धी समस्याओं के उपचार के लिए औषधिय घी पीया जाता है जो पाचन तंत्र को सही अवस्था में कार्य करने में मदद करता है।

  • पोडिक्किज़ी उपचार (Podikizhi treatment)

    इसमें जड़ी बूटियों का चूर्ण खाया जाता है जो गहरे तनाव से राहत दिलाकर टॉक्सिन्स को शरीर से साफ़ करता है, रक्त परिसंचरण बढ़ाकर मांसपेशियों को मज़बूत बनाता है और शरीर को अतिरिक्त कफ से राहत दिलाकर शरीर को दोषों से मुक्त करता है।

  • नजावरा उपचार (Njavara treatment)

    यह एक पारंपरिक उपचार है जिसमे पके हुए लाल चावल को दूध और जड़ी बूटियों के काढ़े के साथ मिलाकर सूती थैली में बांधा जाता है।

    इसे 30 से 40 मिनट तक कमर, कन्धों पर निचोड़ा जाता है और शरीर की मालिश की जाती है।

    जैसे ही चावल पूरे शरीर पर फैलते हैं वो अपना ताप छोड़ देते हैं, जिसे फिर साफ़ करके गर्म तेल लगाया जाता है जिससे शरीर को आराम मिलता है।

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5.निष्कर्ष

Conclusionin hindi

Nishkarsh

महिलाओं और पुरुषों में बांझपन के अधिकतर कारण शरीर में तीन दोषों (वात, पित्त, कफ) से हैं और अगर पंचकर्मा उपचार, अभ्यंग उपचार, स्नेहपनम उपचार, पोडिक्किज़ी उपचार और नजावरा उपचार को प्रयोग में लाया जाता है तो गर्भ धारण की संभावना बढ़ जाती है।

अगर पुरुष और महिलाएं आयुर्वेदिक उपचार के साथ साथ अपने खान-पान का ध्यान रखें, फल और सब्जियों का अधिक प्रयोग करें, व्यसन न करें तो अच्छी सेहत के साथ उन्हें बांझपन से मुक्ति मिलना और आसान हो जाता है।

आर्टिकल की आख़िरी अप्डेट तिथि: 11 Sep 2019

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