एसिडिटी के घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय

Home Remedies for Acidity in hindi

Acidity ke gharelu aur ayurvedic upay


एक नज़र

  • एसिडिटी की समस्या होने का एक कारण होता है, शारीरिक गतिविधि की कमी होना।
  • भोजन के बाद नियमित रूप से छाछ पीने से एसिडिटी की समस्या का समाधान हो जाता है।
  • सौफ में विटामिन, मिनरल और फाइबर होता है जो पाचन की प्रक्रिया को सही करता है।
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Introduction

Introduction

एसिडिटी की समस्या आमतौर पर पेट में बनने वाली गैस की समस्या होती है जिससे पेट और सीने में जलन होती है। आज के समय में हर दूसरा इंसान एसिडिटी की समस्या से ग्रस्त होता है। एसिडिटी बनने का सबसे बड़ा कारण कोलन बैक्टीरिया द्वारा कार्बोहाइड्रेट का फर्मेंटेशन प्रक्रिया के कारण होता है।

जब छोटी आंत कार्बोहाइड्रेट को पचा नहीं पाती है तो वो फरमेंट होकर पेट में गैस बनाते हैं। इस समस्या के कई कारण हो सकते हैं, जैसे - लम्बे समय तक खाली पेट रहना, अधिक जंक फ़ूड खाना, प्रोसेस्ड फ़ूड, प्रॉससेड ड्रिंक्स का सेवन आदि। इसका एक अन्य कारण शराब, चाय या कॉफ़ी का अधिक सेवन करना भी हो सकता है।

एसिडिटी की समस्या अत्यधिक शराब के उपयोग, क्रोनिक तनाव, या एस्पिरिन या अन्य एंटी-इन्फ्लैमटॉरी दवाओं के उपयोग के कारण भी हो सकती है। एसिडिटी की समस्या से कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती है, जैसे - पेट दर्द, उलटी आना, सांस लेने में तकलीफ़ होना, कब्ज़ आदि।

एसिडिटी की समस्या होने का एक अन्य कारण होता है, शारीरिक गतिविधि की कमी होना। जिन लोगों को नियमित रूप से व्यायाम करने की आदत नहीं होती है, उन्हें एसिडिटी की समस्या हो जाती है।

आयुर्वेद के अनुसार, एसिडिटी का सबसे बड़ा कारण शरीर में पित्त का असंतुलन होता है। पित्त हमारे शरीर में हार्मोन और एंजाइम के उत्पादन को नियंत्रित करता है।

पित्त शरीर के तापमान, पाचक प्रक्रिया के लिए शरीर में जरूरी अग्नि आदि चीज़ों को नियंत्रित करता हैं। हमारे शरीर में पित्त का संतुलित होना जरूरी होता है और अगर पित्त का संतुलन शरीर में अच्छा होता है तो शरीर स्वस्थ रहता है। पित्त पेट और छोटी आंत में मुख्य रूप से पाई जाती है।

आइए इस लेख में देखते हैं एसिडिटी की समस्या को जड़ से खत्म करने के उपाय क्या-क्या हैं।

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इस लेख़ में

  1. 1.एसिडिटी का आयुर्वेदिक उपचार है तुलसी
  2. 2.एसिडिटी का परमानेंट इलाज हो सकता है दालचीनी
  3. 3.एसिडिटी से बचाव के उपाय के तौर पर ले छाछ
  4. 4.एसिडिटी दूर करने के तरीके में करें सेब के सिरके का उपाय
  5. 5.एसिडिटी का आयुर्वेदिक उपचार है लौंग का उपयोग
  6. 6.एसिडिटी का परमानेंट इलाज हो सकता है जीरा
  7. 7.एसिडिटी से बचने का उपाय है अदरक
  8. 8.एसिडिटी से तुरंत राहत दिलाता है गुड़
  9. 9.एसिडिटी से तुरंत आराम दिलाता है सौंफ
  10. 10.एसिडिटी के घरेलू उपाय के तौर पर पियें दूध
  11. 11.एसिडिटी की समस्या से निपटने के लिए कुछ आसान टिप्स
 

एसिडिटी का आयुर्वेदिक उपचार है तुलसी

Basil is the home remedy to eliminate acidity in hindi

acidity se bachav ke upay ke taur par le tulsi

तुलसी के पत्ते खाने से पाचन तंत्र अच्छा होता है। तुलसी पाचन और पाचन तंत्र को मजबूत करके एसिडिटी की समस्या को ख़त्म करती है। तुलसी के पत्तों में यूजेनॉल (eugenol) होता है जो पाचन तंत्र को एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण प्रदान करता हैं।

तुलसी खाने से शरीर में एसिड में संतुलित होता है और शरीर का पीएच स्तर सही होता है। तुलसी की पत्तियां भी एंटीसुलर गुण से भरपूर होतीं हैं, जो गैस्ट्रिक एसिड के प्रतिकूल प्रभाव को कम करती हैं।

तुलसी में मौजूद यूजेनॉल (eugenol), सिट्रोनेलोल (citronellol) और लिनालूल (linalool) पेट में सूजन कम करके एसिडिटी को रोकते हैं। तुलसी का उपयोग कई रूप में किया जाता है, जैसे - तुलसी के पत्तों का सेवन, तुलसी के पत्तों का रस, तुलसी पाउडर आदि।

एसिडिटी की समस्या होने पर तुलसी के पत्तों का सेवन करें। तुलसी के 2 -3 पत्तियां अच्छी तरह से चबाकर खा लें। आप पानी के साथ भी तुलसी के पत्तों को निगल सकते हैं। आप तुलसी के पत्तों को पानी में उबालकर रख लें और पानी को ठंडा होने पर छानकर पीएं।

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एसिडिटी का परमानेंट इलाज हो सकता है दालचीनी

Cinnamon is a way to reduce acidity in hindi

acidity kam karti hai dalchini

दालचीनी का सेवन एसिडिटी की समस्या को ठीक करता है। दालचीनी में पॉलीफेनोल एंटीऑक्सिडेंट (polyphenol antioxidants.) की बड़ी मात्रा होती है, जो हमारे शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले ऑक्सीडेटिव नुकसान से बचाती हैं।

दालचीनी में पॉलीफेनोल एंटीऑक्सिडेंट पेट में इंफ्लेमेटरी प्रभाव को कम करता है जिसके कारण पेट में एसिडिटी की समस्या ठीक होती हैं। एसिडिटी की समस्या होने पर एक कप पानी में दालचीनी की डंडियां या दालचीनी का आधा चम्मच पाउडर मिलकर उबाल ले।

अब इस पानी को इसे ठंडा होने के लिए रख दें। अब इस पानी का सेवन दिन में तीन बार करें। आप चाहे तो इस पानी में स्वाद के लिए शहद भी मिला सकते हैं। आप अपनी चाय में भी दालचीनी पाउडर डालकर पी सकते हैं।

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एसिडिटी से बचाव के उपाय के तौर पर ले छाछ

Buttermilk is a home remedy to cure acidity in hindi

Pet me jalan ka upay hai chach in hindi

छाछ को आयुर्वेद में सात्विक भोजन के रूप में वर्गीकृत किया गया है। अगर आपको एसिडिटी की समस्या है तो आप छाछ का सेवन करें। छाछ में लैक्टिक एसिड होता है जो एसिडिटी का आयुर्वेदिक उपचार है।

लैक्टिक एसिड पेट में जलन और एसिड के प्रभाव को कम करने में मदद करता है। छाछ पेट को ठंडक देने का काम करती है जिसके कारण एसिडिटी नहीं होती हैं। छाछ एसिडिटी यानि अम्लता के लिए एंटीडोट का काम करता है।

छाछ एक प्रोबायोटिक के रूप में पाचन प्रक्रिया को अच्छा बनाती हैं। एसिडिटी के कारण गैस बनती है जो पेट में सूजन का कारण बनती है और इसी के कारण एसिड रिफ्लक्स बनती है।

प्रोबायोटिक्स में मौजूद बैक्टीरिया खाने के बाद उसमे मौजूद पोषक तत्वों और खाद्य पदार्थों को पचाने और ठीक से अवशोषित करके एसिडिटी को होने से रोकते हैं। भोजन के बाद नियमित रूप से छाछ पीने से एसिडिटी की समस्या का समाधान हो जाता है।

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एसिडिटी दूर करने के तरीके में करें सेब के सिरके का उपाय

Remedy for apple vinegar in a way to remove acidity in hindi

Acidity ka gharelu nuskha hai seb ka sirka in hindi

सेब के सिरके में मौजूद एसिटिक एसिड (acetic acid) एसिडिटी की समस्या को ठीक करता है। सेब के सिरके से पेट में एसिड रिफ्लक्स कम होने से एसिडिटी कम होती है।

सेब का सिरका पाचन तंत्र को मज़बूत बनाता है। सेब के सिरके में मौजूद एसिड एसिडिटी बनाने वाले कई प्रकार के बैक्टीरिया के खिलाफ लड़ने में मदद करता है। सेब का सिरका पेट में एसिड की वजह से होने वाली जलन से भी राहत देता है।

जब आँतों में खराब बैक्टीरिया के कारण असंतुलन हो जाता है तो एसिडिटी होती है, तब सेब के सिरके का सेवन करने से यह पेट के लिए एक एंटी-माइक्रोबियल एजेंट की तरह काम करके आंत में खराब बैक्टीरिया को मारता है।

सेब का सिरका एंजाइम, पेक्टिन और प्रोटीन में समृद्ध होता है जो एसिड रिफ्लक्स को कम करते हैं। सेब के सिरके में अमीनो एसिड और एंटीऑक्सिडेंट होते हैं, जो एसिडिटी को कम करने में मदद करते हैं।

अगर आपको एसिडिटी है तो आप एक चम्मच सेब के सिरके और एक चम्मच सिरके को एक गिलास पानी में मिलाकर भोजन से पहले या बाद में लें। ऐसा करने से एसिड रिफ्लक्स के लक्षण कम हो जाते हैं। एक कप पानी में 1-2 चम्मच कच्चे, अनफ़िल्टर्ड एप्पल साइडर सिरका मिलाएं और इसे दिन में एक या दो बार पिएं।

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एसिडिटी का आयुर्वेदिक उपचार है लौंग का उपयोग

Use cloves if you have stomach irritation in hindi

Pet me jalan ka gharelu upay hai laung

लौंग में कार्मिनटिव (carminative) गुण यानि वायु को समाप्त करने और अग्निवर्धक गुण होते हैं, जो एसिडिटी से राहत दिलाते हैं। लौंग खाने से हमारे मुँह में लार का स्राव बढ़ जाता है, जिससे पाचन में सुधार आता है और एसिडिटी कम होती है। लौंग खाने से पाचन अच्छा होता हैं और शरीर को सभी आवश्यक पोषक तत्व मिलते है जो पाचन में सुधार करते है।

अगर आपको एसिडिटी की समस्या है तो खाना खाने के बाद या खाने के दौरान दो से तीन लौंग चबाएं। आप चाहे तो लौंग को खाने में डालकर पका सकते हैं। ऐसा करने से आपको एसिडिटी से राहत मिलती है।

इलायची के साथ लौंग को पीसकर खाने से न केवल एसिडिटी की समस्या सुलझती है बल्कि इससे मुँह की दुर्गंध से भी छुटकारा मिलता हैं। लौंग को उपयोग में लाने का सबसे अच्छा तरीका है कि लौंग को सब्जी पकने या चावल पकाने में मिलाया जाए।

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एसिडिटी का परमानेंट इलाज हो सकता है जीरा

Cumin helps in getting rid of acidity in hindi

Acidity ka desi nuskha hai cumin in Hindi

जीरा एसिडिटी और सूजन से राहत दिलाने में मददगार है और अपच से राहत दिलाता है। जीरा एक दर्द निवारक के रूप में काम करता है और पेट दर्द को ठीक करने में विशेष रूप से प्रभावी है।

जीरा एसिडिटी के इलाज के लिए एक एंटी एसिड न्यूट्रलिजेर के रूप में काम करता है जो पाचन शक्ति को बढ़ाकर गैस और पेट दर्द की समस्या से राहत दिलाता है।

जीरा में एल्कलाइन (alkaline) होता है जो हाइपर एसिडिटी के लिए अच्छा होता है। यह पेट में एंजाइम के स्राव को उत्तेजित करके अपच को ठीक करने में मदद करता है।

एसिडिटी की समस्या से आराम पाने के लिए थोड़े से जीरे को तवे पर भून लें और ठंडा होने पर इसको पीसकर पाउडर बना लें। रोजाना से एक गिलास पानी में एक चम्मच पाउडर को मिलाकर पियें।

एक अन्य विकल्प के लिए एक चम्मच धनिया बीज पाउडर, एक चम्मच जीरा पाउडर और एक चम्मच सौंफ के पाउडर को एक गिलास पानी में उबाल लें।अब इस पानी का सेवन करें। इस पानी को नियम से खाली पेट पीने से एसिडिटी की प्रॉब्लेम समाप्त हो जाती है।

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एसिडिटी से बचने का उपाय है अदरक

Ginger is a way to avoid acidity in hindi

Acidity se bachne ka upay hai ginger in Hindi

अदरक एंटीऑक्सिडेंट और रसायनों से भरपूर होता है जो कई स्वास्थ्य लाभ देता है। यह जलन को कम करने और गैस्ट्रिक दर्द को कम करने में मदद करते है। अदरक सूजन को भी कम करता है।

अदरक का सेवन करने से पाचन की समस्या, एसिडिटी, कब्ज, उल्टी आदि की समस्या भी हल है। अदरक में पाए जाने वाले रसायनों में से कुछ एंटी एसिड घटक होते है। अदरक पाउडर, कैप्सूल, तेल के रूप में उपलब्ध होता है।

एक चम्मच अदरक का रस, एक चम्मच नींबू का रस और दो चम्मच शहद को लेकर एक गिलास गर्म पानी में मिलाकर मिश्रण बना लें। अब इसका सेवन करें। यह मिश्रण पानी के साथ एक एंटी-इंफ्लेमेटरी टॉनिक के रूप में एसिडिटी के लक्षणों को कम करने और इससे जुड़े दर्द से राहत प्रदान करने में मदद करता है। आप अदरक का उपयोग चाय बनाने के लिए, सूप, सलाद या अन्य भोजन में भी कर सकते हैं।

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एसिडिटी से तुरंत राहत दिलाता है गुड़

Molasses provides instant relief from acidity in hindi

Acidity se turant rahat dilata hai gud in Hindi

गुड़ में उच्च मात्रा में मैग्नीशियम होता है, जो आंतों की कार्य शक्ति को बढ़ावा देकर पाचन की समस्या को हल करने में मदद करता है और पाचन शक्ति को भी बढ़ावा देता है। नियमित तौर पर भोजन के बाद गुड़ का एक छोटा टुकड़ा चूसने से फायदा होता हैं।

गुड़ शरीर के सामान्य तापमान को बनाए रखने में मदद करता है, इसलिए पेट को ठंडक देता है। गर्मियों के दौरान गुड़ के शरबत को पीने सें एसिडिटी और गैस की समस्या हल हो जाती हैं। गुड़ को ठंडे पानी में भिगोकर छोड़ दें और जब गुड़ घुल जाए तो इस पानी को पीने से एसिडिटी की समस्या हल हो जाती हैं।

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एसिडिटी से तुरंत आराम दिलाता है सौंफ

Fennel gives instant relief from acidity in hindi

acidity ka permanent ilaj hai saunf

सौंफ़ के बीज में एनेथोल नामक एक यौगिक होता है जो पेट गैस, पेट की ऐंठन और पेट को फूलने से रोकता है। सौफ में विटामिन, मिनरल और फाइबर होता है जो पाचन की प्रक्रिया को सही करता है। एंटी-अल्सर गुण से भरपूर सौंफ़ पेट को ठंडक देता है और कब्ज से भी राहत दिलाता है।

प्रेग्नेंट वुमन में अपच और एसिडिटी की समस्या होना आम है, इससे निपटने के लिए सौंफ के बीज भी बहुत फायदेमंद होते हैं। अपच, एसिडिटी और एसिड रिफ्लक्स से निपटने के लिए सौफ के बीज एक प्रभावी प्राकृतिक उपचार के रूप में काम करते हैं।

एसिडिटी के लक्षणों को कम करने के लिए खाना खाने के बाद सौंफ के बीजों को चबाएं। अगर आपको एसिडिटी की समस्या हो रही है तो थोड़े से सौंफ के बीजों को पानी में डालकर उबालें और पानी को ठंडा करके पी लें। इससे एसिडिटी में तुरंत राहत मिलेगी।

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एसिडिटी के घरेलू उपाय के तौर पर पियें दूध

Milk is the home remedy for stomach irritation in hindi

Dudh hai Pet ke jalan ke gharelu upay

दूध में सबसे अधिक मात्रा में कैल्शियम होने से ये एसिड को बनने से रोकता है। ठंडे दूध का सेवन करने से एसिडिटी और जलन की समस्या से राहत मिलती है। दूध में कैल्शियम और प्रोटीन सामग्री एसिडिटी के लक्षणों से राहत देती हैं।

ठंडे दूध का सेवन करने से गैस्ट्रिक सिस्टम में जलन कम होती हैं। दूध में मौजूद कैल्शियम और प्रोटीन से चयापचय दर को बढ़ाकर पेट में एसिड बनने से रोकता है और पेट में बनने वाले अतिरिक्त एसिड को अवशोषित करता है।

बकरी का दूध भी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। जब भी आपको पेट में एसिड या हार्टबर्न महसूस हो तो एक गिलास सादा ठंडा दूध पी लें। इसका सेवन करने से एसिडिटी से तुरंत राहत मिलती हैं।

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एसिडिटी की समस्या से निपटने के लिए कुछ आसान टिप्स

Some easy tips to deal with acidity problem in hindi

Acidity ke samasya se nipatne ke liye kuch aasan upay in hindi

एसिडिटी को ठीक करने के लिए कुछ घरेलू उपाय अपनाएं : -

  • ऐसे ड्रिंक्स का सेवन ना करें जिससे गैस बनती हो, इसके साथ-साथ कैफीन का सेवन भी ना करें।
    इसके बजाय हर्बल टी का विकल्प चुनें।
  • रोजाना सुबह खाली पेट एक गिलास गुनगुना पानी पिएं।
  • अपने दैनिक आहार में केला, तरबूज और ककड़ी को शामिल करें।
    एसिडिटी को ठीक करने के लिए तरबूज का जूस बहुत फायदेमंद होता है।
  • अगर आप एसिडिटी से पीड़ित हैं, तो नारियल पानी का सेवन रोजाना करें, नारियल पानी एसिडिटी को शांत करने के लिए जाना जाता है।
  • रोजाना दिन के समय एक गिलास ठंडा दूध पिएं।
  • सोने से पहले कम से कम दो से तीन घंटे पहले अपना आखिरी भोजन करें।
  • भोजन के बीच लंबे अंतराल को बनाए रखना एसिडिटी का बड़ा कारण है।
    छोटे लेकिन नियमित भोजन करें।
  • अचार, मसालेदार चटनी, सिरका आदि का सेवन करने से बचें।
    इसके अलावा वसायुक्त खाद्य पदार्थ, मसालेदार खाद्य पदार्थ, टमाटर जैसे खट्टे खाद्य पदार्थ, वेनेगर, लहसुन, चाय, चॉकलेट जैसी पदार्थों के सेवन से बचें।
  • कुछ पुदीने की पत्तियों को पानी में उबालें और भोजन के बाद इस पानी का एक गिलास सेवन करें।
  • लौंग के टुकड़ों को चूसना एक और प्रभावी उपाय है।
  • गुड़, नींबू, केला, बादाम और दही सभी आपको एसिडिटी से तुरंत राहत देने में मदद कर सकते हैं।
  • अत्यधिक धूम्रपान और शराब पीने से एसिडिटी बढ़ जाती है, इसलिए इन चीजों के सेवन से बचें।
  • च्युइंगम चबाने की कोशिश करें।
    इससे उत्पन्न लार, भोजन नलिका के माध्यम से भोजन को स्थानांतरित करने में मदद करता है और एसिडिटी के लक्षण से आराम दिलाता है।
  • अदरक पाचन में सहायता करती है या तो कैप्सूल के रूप में या अदरक का पाउडर खरीदें या अदरक को अपने खाने में जोड़ें।
  • एसिडिटी से होने वाली बेचैनी कम करने के लिए दोपहर के भोजन से एक घंटे पहले चीनी के साथ नींबू पानी लिया जा सकता है।
  • ड्रमस्टिक्स, बीन्स, कद्दू, गोभी, गाजर और प्याज जैसी सब्जियां एसिडिटी खत्म करने में मदद करती हैं।
  • दिनभर में ज्यादा मात्रा में पानी पिएं।
    व्यायाम के पहले और दौरान भी कुछ मात्रा में पानी पिएं।
  • दोपहर के भोजन के बाद ना सोएं और देर रात या आधी रात को कुछ भी खाने से बचें।
  • खाने के बाद तुरंत बाद या कुछ घंटों तक भारी कसरत करने से बचें।
    रात को भोजन करने के बाद टहलना ठीक है, लेकिन ज़ोरदार कसरत, खासकर अगर इसमें झुकना शामिल है, तो ये एसिडिटी का कारण बन सकता है।
  • भोजन करने के कम से कम 2 घंटे बाद व्यायाम करें।
    यदि आप इससे कम समय में व्यायाम करना शुरू करते हैं तो आपको एसिडिटी की समस्या हो सकती है।
  • बेकिंग सोडा एक प्राकृतिक एंटासिड है।
    खाने के तुरंत बाद एक गिलास पानी में एक चम्मच मिलाकर पीने की कोशिश करें।
    यह पेट के एसिड को जल्दी से बेअसर कर सकता है, लेकिन इसे लेने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह ले लें क्योंकि ये अस्थायी इलाज है।

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आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: : 25 Jun 2020

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