Yoga for Erectile Dysfunction | Zealthy

इरेक्टाइल डिसफंक्शन को ठीक करेंगे ये 5 योगासन

5 Yoga asanas for erectile dysfunction in hindi

Erectile dysfunction ko thik karne vale yeh 5 yogasan in hindi

एक नज़र


  • प्रजनन अंगों में विकार के मुख्य कारण मानसिक व भावनात्मक होते हैं।

  • योग का अभ्यास सावधानियों को ध्यान में रखते हुए करना चाहिए।

  • घर पर करने वाले आसन का अभ्यास करने से पहले चिकित्सक की राय अवश्य लें।

जब सेक्स के समय पुरुष उत्तेजना को बनाए रखने में असमर्थ होते हैं तब यह स्थिति इरेक्टाइल डिसफंक्शन की कहलाती है।

अधिकतर पुरुष इस परेशानी के होने का कारण और इसके उपचार से अंजान रहते हैं।

मेल इनफर्टिलिटी ट्रीटमेंट में योग के महत्व को नहीं नकारा जा सकता है।

आज हम इस लेख में जानेंगे उन पाँच कारगर योगा आसनों के बारे में जिनकी मदद से इरेक्टाइल डिसफंक्शन को ठीक किया जा सकता है।

 

1.इरेक्टाइल डिसफंक्शन होने के क्या कारण हो सकते हैं?

What are the causes of erectile dysfunction? in hindi

Erectile dysfunction hone ke kya karan hain in hindi

कभी-कभी पुरुष सेक्स में लंबे समय तक या तो उत्तेजना बनाए रखने में असमर्थ रहते हैं या फिर उत्तेजित ही नहीं हो पाते हैं।

अधिकतर यह समस्या आयु के अधिक हो जाने पर लगभग हर पुरुष में देखी जा सकती है।

लेकिन जब यह परेशानी नवयुवक को होती है तब इसके पीछे होने वाले कारणों को जानना जरूरी होता है।

सामान्य रूप से यह परेशानी शारीरिक, मानसिक और चिकित्सीय कारणों से हो सकती है।

  • इरेक्टाइल डिसफंक्शन के शारीरिक कारण (Physical causes of erectile dysfunction)

    इरेक्टाइल डिसफंक्शन एक प्रकार की प्रजनन प्रणाली संबंधी रोग है जिसका असर मुख्य रूप से पुरुष की सेक्स लाइफ पर होता है।

    इस परेशानी के कारण वो होते हैं जो कुछ तो परिवर्तित जीवनशैली के कारण हो जाते हैं जैसे मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह, थॉयराड़, हृदय रोग,ख़राब पाचन तंत्र, प्रोस्टेट, रक्त वाहिनियों का बंद होना आदि।

    इसके अलावा शराब, धूम्रपान और नींद से जुड़ी समस्या व मादक दवाओं का सेवन भी इस परेशानी के कारण हो सकते हैं।

    इसके अलावा लिंग पर किसी तरह की सर्जरी या चोट लगने से भी यह परेशानी हो सकती है।

  • इरेक्टाइल डिसफंक्शन के मानसिक कारण (Psychological reasons of erectile dysfunction)

    जब व्यक्ति अत्यधिक तनाव और अवसाद में होता है तब इरेक्टाइल डिसफंक्शन की परेशानी मुख्य रूप से देखी जाती है।

    इसके अलावा कुछ धार्मिक भ्रम, गर्भ न ठहर जाने का भय और महिला साथी के साथ सम्बन्धों में तनाव भी इस परेशानी को बढ़ाने वाले सिद्ध होते हैं।

  • इरेक्टाइल डिसफंक्शन के चिकित्सकीय कारण (Medical reasons of erectile dysfunction)

    जब कोई व्यक्ति लंबे समय कुछ दवाइयों का सेवन करता है तब भी उसकी यौन उत्तेजना पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।

    यह दवाइयाँ समय-समय पर ली जाने वाली दर्द निवारक दवाएं, एंटी डिप्रेसेंट, एंटी एंग्ज़ाइटी और ब्लडप्रेशर को कंट्रोल करने वाली हो सकती हैं।

 

2.इरेक्टाइल डिसफंक्शन का योग द्वारा उपचार

Treatment for erectile dysfunction through yoga in hindi

Erectile dysfunction ko yoga se kaise theek karein in hindi

योग का महत्व को देखते हुए चिकित्सा जगत में स्तंभन या इरेक्टाइल डिसफंक्शन को ठीक करने के लिए निम्न आसन बताए गए हैं :

  1. सिद्धासन (Siddhasana)

सिद्धासन वह योगासन है जो पुरुष बांझपन उपचार के लिए सर्वोत्तम आसान माना जाता है।

इस योग के द्वारा इरेक्टाइल डिस्फ़ंक्शन में जल्दी आराम मिलता है।

यह पद्मासन के बाद दूसरा सबसे अच्छा आसन माना जाता है।

इस आसन करने से अंडकोश और गुदा के बीच में दबाव पड़ने से उनमें हार्मोन का विस्तार बढ़ जाता है और इससे इरेक्टाइल डिस्फ़ंक्शन में आराम आ जाता है।

इसे करने का तरीका इस प्रकार है :-

  • सबसे पहले फर्श पर एक मैट बिछाकर उसपर इस तरह बैठ जाएँ जिससे आपके दोनों पैर सामने की ओर सीधे हो जाएँ।

  • अब अपने बाएँ पैर की एड़ी को सीधे जांघ पर अंदर की ओर क्रॉस बनाते हुए रख लें ।

  • अब बिलकुल इसी तरह अपने दायें पैर की एड़ी को भी बाएँ पैर पर रख लें।

  • इस आसन के लिए बैठते समय यह ध्यान रखें कि आपके पेल्विक क्षेत्र में दोनों एड़ियों का दबाव ठीक से पड़ रहा हो।

  1. पवनमुक्तासन (Pavanamuktasana)

पवनमुक्तासन में ‘पवन’ का अर्थ है वायु और ‘मुक्त’ का छोड़ना।

इस प्रकार इस आसन के जरिये शरीर से अतिरिक्त वायु बाहर निकल जाती है।

इस प्रकार यह आसन पेट की मांसपेशियों को विशेषकर आंतों की गतिशीलता को तो नियंत्रित करता ही है साथ ही पेट में बनने वाली गैस और एसिडिटी से भी छुटकारा दिलवा देता है।

इसके अतिरिक्त इस आसन को करने से पेल्विक मांसपेशियों और प्रजनन अंगों को भी आराम मिलता है।

इस आसन को करने का तरीका इस प्रकार है :-

  • ज़मीन पर सीधे लेट कर शवासन की मुद्रा में आ जाएँ;

  • अब अपना बायाँ घुटना मोड़ कर उसे अपने पेट के पास तक (जहां तक आप कर सकें) ले कर आयें ।

  • अब गहरी सांस छोड़ते हुए अपने दोनों हाथों की उँगलियों को आपस में फँसाते हुए अपने मोड़े हुए घुटने के नीचे रखें और घुटने को अपनी छाती के पास तक ले कर आयें।

  • अब अपना सिर ज़मीन से उठाते हुए अपने मुड़े हुए घुटने से नाक को छूने की कोशिश करें।

  • इस अवस्था में लगभग 10-30 सेकेंड रहें और फिर धीरे-धीरे सांस को छोड़ते हुए वापस शवासन की मुद्रा में आ जाएँ।

  • अब बिल्कुल यही प्रक्रिया अपने दायें पैर के साथ भी करें।

  1. अर्ध मत्सयासन (Ardha matsyendrasana)

अर्धमतसयासन करने से रीढ़ की हड्डी में लचीलापन आता है।

इसके अतिरिक्त पुरुष इस आसन के जरिये इरेक्टाइल डिसफंक्शन की परेशानी भी ठीक कर सकते हैं।

नियमित रूप से किए जाने वाले इस आसन से शरीर में ब्लड फ़्लो भी नियमित रहता है और लीवर, पेंक्रिया, और पेल्विक एरिया की मांसपेरशियां भी मजबूत बनी रहती हैं।

नियमित रूप से करने पर यह आसन आपको इरेक्टाइल डिसफंक्शन की तकलीफ़ से छुटकारा दिला सकता है।

इसे करने की विधि इस प्रकार है :-

  • आसन शुरू करने के लिए सीधे बैठ कर अपने पैर सामने की ओर फैला लें;

  • अब पीछे मुड़ते हुए अपने एक पैर को क्रॉस करते हुए विपरीत दिशा में रखें;

  • इस दौरान सांस को बराबर सामान्य गति से अंदर लेकर छोड़ते रहें।

  • ऊपर बताई पोजीशन में थोड़ी देर बैठें तभी आप इस मुद्रा का पूरा लाभ ले सकेंगे;

  • इसके बाद यही प्रक्रिया आप दूसरी ओर बैठते हुए दूसरे पैर के साथ कर सकते हैं।

  1. गरुड़ासन (Garduasana)

गरुड़ासन जिसे कुछ लोग ‘ईगल पोज’ के नाम से भी जानते हैं, दरअसल शरीर में रक्त संचार को ठीक रखने के लिए सबसे अच्छा आसन माना जाता है।

इस आसन को नियमित रूप से करने से व्यक्ति की जांघों के आसपास की मांसपेशियाँ तो मजबूत होती ही हैं साथ ही इरेक्टाइल डिसफंक्शन की तकलीफ़ में भी आराम मिलता है।

इसे इस प्रकार से किया जा सकता है :-

  • समतल फर्श पर अपने दोनों पैरों पर समान वजन डालते हुए सीधे खड़े हो जाएँ ;

  • अब अपने एक पैर को ज़मीन पर रखते हुए दूसरे पैर को उठा लें। अब इसे पीछे से लाते हुए दूसरे पैर की पिंडली को छूते हुए पैर के पंजे को छूने की कोशिश करें।

  • इस पोजीशन में लगभग 10 सेकेंड तक खड़े रहने का प्रयास करें।

  • अब इसके बाद यही क्रिया दूसरे पैर के साथ भी करें।

  1. शवासन (Shavasana)

दरअसल इरेक्टाइल डिसफंक्शन का बड़ा कारण मानसिक तनाव होता है, इसलिए योगासन के जरिये मानसिक तनाव को कम करने का प्रयास किया जाता है।

इरेक्टाइल डिसफंक्शन का मुख्य कारण इमोशनल और मानसिक कारण होते हैं जिसमें अवसाद और मानसिक उत्तेजना प्रमुख होते हैं।

इन परेशानियों से उबरने का सबसे अच्छा जरिया योगासन करना है जिससे प्रजनन संबंधी परेशानियों में भी आराम मिलता है।

यह आसन इस प्रकार किया जाता है :-

  • इसके लिए समतल फर्श पर सीधे लेट जाएँ और अपना चेहरा सीधा रखते हुए पैर और हाथ शरीर से 15सेमी की दूरी पर रखें।

  • हथेलियाँ खुली और आसमान की ओर होनी चाहिए;

  • अब आँखें बंद करके अपना ध्यान अपने शरीर के हर अंग की ओर लगाना शुरू करें;

  • पैर के नाखून से लेकर सिर के बाल तक के हिस्से पर ध्यान केन्द्रित करते हुए आपको लगभग 15-20 मिनट तक इसी अवस्था में रहना है।

 

3.निष्कर्ष

Conclusionin hindi

Nishkarshin hindi

योग और स्वास्थ्य के आपसी संबंध को अनदेखा नहीं किया जा सकता है।

इसी कारण चिकित्सक प्रजनन संबंधी रोग विशेषकर इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लिए योग के उपचार को प्राथमिकता देते हैं।

इस परेशानी के मुख्य कारण मानसिक व भावनात्मक होते हैं और योग के द्वारा इन कारणों को दूर करके इरेक्टइल डिसफंक्शन को दूर किया जा सकता है।

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