prajnan kshamta ko sudharne ke liye 10 prakritik tarike

प्रजनन क्षमता को सुधारने के लिए 10 तरीके

10 natural ways to improve fertility in hindi

prajnan kshamta ko sudharne ke liye 10 prakritik tarike

एक नज़र

  • गर्भधारण के लिए उपयुक्त प्रजनन क्षमता का होना जरूरी होता है।
  • प्रजनन क्षमता कमजोर होने पर प्रेग्नेंट होने में कठिनाई हो सकती है।
  • प्राकृतिक रूप से प्रजनन क्षमता को सरलता से सुधारा जा सकता है।
  • गर्भधारण के लिए महिला व पुरुष दोनों की ही प्रजनन क्षमता का स्वस्थ होना जरूरी है।

दुनिया के प्रत्येक भाग में हर परिवार में एक हँसता-मुस्कुराता बच्चा खेले, ऐसी चाह रखने वाले स्त्री-पुरुष मिल जाएँगे।

लेकिन कई बार बहुत प्रयत्न करने पर भी कुछ दंपत्ति इस खुशी को पाने के लिए तरस जाते हैं।

ऐसे में अनेक कारणों में से एक कारण प्रजनन क्षमता में कमी होना भी हो सकता है।

इसके लिए वैसे तो चिकित्सा जगत में दवा और उपचार बताए गए हैं, फिर भी 7 नैचुरल तरीके प्रजनन क्षमता में सुधारने के लिए भी हो सकते हैं जिनका ज्ञान आपको इस लेख के माध्यम से हो जाएगा।

प्रजनन क्षमता दरअसल वह क्षमता होती है जिसके आधार पर एक स्त्री, सामान्य परिस्थितियों में लगभग एक वर्ष तक पुरुष के साथ सेक्स करने के बाद गर्भवती हो सकती है।

लेकिन इसका अर्थ नहीं है कि गर्भधारण करने में केवल महिलाओं की प्रजनन क्षमता का ही महत्व होता है।

बल्कि पुरुष की प्रजनन क्षमता का भी बराबर का योगदान होता है।

ऐसे में न केवल महिलाओं में फर्टिलिटी बढ़ाने का घरेलू तरीका है बल्कि पुरुष प्रजनन क्षमता में सुधार करने के लिए निम्न उपाय अपनाए जा सकते हैं :

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इस लेख़ में/\

  1. भोजन में पौष्टिक तत्व शामिल करके प्रजनन क्षमता को सुधारें
  2. नाश्ते के साथ समझौता न करके प्रजनन क्षमता को सुधारें
  3. तला-भुना ना खाकर प्रजनन क्षमता को सुधारें
  4. अधिक कार्बोहाइड्रेट के सेवन से बचकर प्रजनन क्षमता को सुधारें
  5. फाइबर का अधिक सेवन करके प्रजनन क्षमता को सुधारें
  6. खाने में प्रोटीन शामिल करके प्रजनन क्षमता को सुधारें
  7. शारीरिक रूप से एक्टिव रहकर प्रजनन क्षमता को सुधारें
  8. तनाव रहित जीवन जीकर प्रजनन क्षमता को सुधारें
  9. आदर्श शारीरिक वज़न रखकर प्रजनन क्षमता को सुधारें
  10. सपलीमेंट्स का सेवन करके प्रजनन क्षमता को सुधारें
  11. निष्कर्ष
 

1.भोजन में पौष्टिक तत्व शामिल करके प्रजनन क्षमता को सुधारें

Add nutritious food in your diet to improve fertility in hindi

bhojan me paushtik tatva shamil karke prajnan kshamta ko sudhare

भोजन में पौष्टिक तत्व शामिल करके प्रजनन क्षमता को सुधारें।

इससे शरीर में फ्री-रेडिकल्स का महत्व कम हो जाता है जो दरअसल स्त्रियों के अंडाणु व पुरुष के शुक्राणु को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

इसलिए विटामिन सी, ई, बीटा-केरोटोन आदि गुणों वाले भोजन अपने आहार सूची में शामिल कर लें।

भारतीय रसोई में मौजूद टमाटर, नींबू , अंकुरित अनाज, हर प्रकार के मेवे जैसे मूँगफली, बादाम, पपीते के बीज, पिस्ता, दूध व अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स, शकरकंद, पालक और सभी हरी व पत्तेदार सब्ज़ियाँ, चुकंदर, साबुत अनाज, पपीता, केला आदि का नियमित सेवन करना श्रेयस्कर रहता है।

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2.नाश्ते के साथ समझौता न करके प्रजनन क्षमता को सुधारें

Don’t skip breakfast to improve fertility in hindi

Nashte ke saath samjhaota na karke prajnan kshamta ko sudhare

विभिन्न प्रकार के अध्ययनों में यह बात स्पष्ट हो गई है कि सुबह का नाश्ता अच्छी प्रकार से करने पर पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS - Polycystic ovary syndrome) जो महिला प्रजनन क्षमता को नुकसान पहुँचाती है, की संभावना न्यूनतम हो जाती है।

इसलिए सुबह के नाश्ते में अपने कैलोरी काउंट बढ़ा देने से आपके वज़न में नहीं लेकिन प्रजनन क्षमता में ज़रूर वृद्धि हो सकती है।

 

3.तला-भुना ना खाकर प्रजनन क्षमता को सुधारें

Don’t eat oily food to improve fertility in hindi

tala-bhuna na khakar prajnan kshamta ko sudhare

अपने भोजन में से अत्यधिक तला-भुना खाना बिलकुल खत्म कर दें। इस प्रकार का भोजन महिला की ओवरी की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।

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4.अधिक कार्बोहाइड्रेट के सेवन से बचकर प्रजनन क्षमता को सुधारें

Don’t take too much carbohydrate to improve fertility in hindi

adhik carbohydrate ke sewan se bachkar prajnan kshmta ko sudhare

अपने रोज़ के भोजन में ऐसे भोजन की मात्रा को सीमित कर दें जिनमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है।

इससे पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS -polycystic ovary syndrome) के रोग की संभावना कम हो जाती है।

इसके अतिरिक्त अधिक कार्बोहाइड्रेट युक्त डाइट से वजन भी बढ़ता है जिससे भी प्रजनन क्षमता पर बुरा असर पड़ता है।

इसलिए अपने भोजन में केवल अनिवार्य मात्रा की कार्बोहाइड्रेट डाइट ही शामिल करें जो आपके जीवन शैली के आधार पर ही निर्धारित की जा सकती है।

और पढ़ें:अल्फा-फेटोप्रोटीन टेस्ट क्या है और क्यों पड़ती है इसकी ज़रूरत

 

5.फाइबर का अधिक सेवन करके प्रजनन क्षमता को सुधारें

Take more fibre to improve fertility in hindi

fibre ka adhik sevan karke prajnan kshamta ko sudhare

अपने भोजन की थाली में आपको फाइबर की मात्रा अधिक रखनी होगी।

फाइबर की समुचित मात्रा आपके शरीर से अतिरिक्त हार्मोन्स को निकाल कर रक्त में ग्लूकोज की मात्रा का संतुलन स्थापित कर सकती है।

लेकिन यह भी ध्यान रखें की भोजन में फाइबर अधिक होने पर इसका ओव्यूलेशन पर बुरा असर हो सकता है।

इसलिए अपने भोजन में बीन्स, साबुत अनाज, फल व मौसमी सब्जियों का संतुलन बना कर रखें।

और पढ़ें:एचसीजी गर्भावस्था परीक्षण - आमतौर से पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर

 

6.खाने में प्रोटीन शामिल करके प्रजनन क्षमता को सुधारें

Add protein in your food to improve fertility in hindi

khane me protein shamil kar prajnan kshamta ko sudhare

प्रोटीन का हमारे शरीर में वही काम होता है जो किसी बिल्डिंग के बनाने में सीमेंट का होता है।

लेकिन यहाँ यह बात ध्यान देने वाली है कि मांसाहारी स्रोतों से मिला प्रोटीन, शाकाहारी भोजन की तुलना में अधिक अधिक नुक़सानदेह होता है।

मांसाहारी प्रोटीन के अधिक सेवन से ओवरी में नुकसान पहुँचने की संभावना हो सकती है।

जबकि शाकाहारी भोजन प्रजनन क्षमता में सुधार करने में सबसे अधिक सहायक होता है।

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7.शारीरिक रूप से एक्टिव रहकर प्रजनन क्षमता को सुधारें

Remain physically active to improve fertility in hindi

Sharirik roop se active rehkar prajnan kshamta ko sudhare

शारीरिक रूप से एक्टिव रहने से न केवल शरीर चुस्त-दुरुस्त रहता है बल्कि इसका प्रजनन क्षमता पर भी अच्छा प्रभाव पड़ता है।

विभिन्न प्रकार की शोध से यह स्पष्ट हो चुका है कि एक्टिव रहने से महिला व पुरुष की प्रजनन क्षमता पर काफी अच्छा असर होता है।

वो लोग जो सुस्त जीवन शैली बिताते हैं, उन्हें अधिक वज़न बढ़ने के साथ ही उनके प्रजनन शक्ति पर भी बुरा असर होता है।

और पढ़ें:कैसे करें गर्भावस्था किट का प्रयोग ?

 

8.तनाव रहित जीवन जीकर प्रजनन क्षमता को सुधारें

Live stress-free life to improve fertility in hindi

Tanav rahit jeevan jikar prajnan kshamta ko sudhare

जब आप जीवन में एक नन्हें शिशु के माता-पिता बनने का निर्णय लें तब आपको अपने जीवन से तनाव शब्द के अस्तित्व को पूरी तरह से खत्म करना होगा।

लंबे समय तक ऑफ़िस में काम करना, कार्य से समबन्धित तनाव के साथ उत्तेजना और अवसाद भी अपना असर दिखाने लगते हैं।

इससे महिलाओं के शरीर में प्रजनन अंगों के स्वास्थ्य पर और पुरुषों के शुक्राणु के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

इसलिए हमेशा प्रसन्नचित रहकर अपने प्रजनन अंगों को स्वस्थ रखने के प्राकृतिक उपाय को ही अपनाएँ।

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9.आदर्श शारीरिक वज़न रखकर प्रजनन क्षमता को सुधारें

Maintain body-weight to improve fertility in hindi

Adarsh sharirik wajan rakhkar prjanan kshamta ko sudhare

अधिकतर यह देखा गया है कि महिलाओं के गर्भधारण में अधिकतर महिलाओं का शारीरिक वज़न भी प्रभाव डालता है।

आदर्श शारीरिक वजन को बनाए रखना भी महिलाओं में फर्टिलिटी बढ़ाने का घरेलू तरीका माना जाता है।

इसका मुख्य कारण है कि शरीर में जमी फ़ालतू चर्बी मासिक धर्म के चक्र को प्रभावित करती है इसके विपरीत जिन महिलाओं का वज़न आदर्श मात्रा से कम होता है उनका मासिक चक्र भी आवश्यकता से अधिक हो सकता है।

इस प्रकार शारीरिक वजन को सही रखना ही प्रजनन क्षमता में वृद्धि करने का एक प्राकृतिक उपाय माना जा सकता है।

और पढ़ें:कोरियोनिक विली सैंपलिंग/सीवीएस टेस्ट की प्रक्रिया, लाभ व जोखिम

 

10.सपलीमेंट्स का सेवन करके प्रजनन क्षमता को सुधारें

Intake of supplements to improve fertility in hindi

Supplements ka sewan karke prajnan kshamta ko sudhare

वर्तमान समय में औद्योगिक प्रदूषण के कारण अधिकतम खाने की वस्तुएँ पर्याप्त मात्रा में पोषण नहीं दे पाती हैं।

जबकि गर्भधारण करने के लिए शरीर को तैयार करने के लिए कुछ विटामिन, खनिज जैसे फोलिक एसिड, विटामिन बी 12 , आयरन, कैल्शियम आदि की सामान्य से अधिक जरूरत होती है।

इसलिए इस कमी को पूरा करने के लिए डॉक्टर की सलाह से आप वैध और सुरक्षित सप्लिमेंट्स भी ले सकती हैं।

और पढ़ें:क्या अधिक वजन होने से गर्भधारण होने में परेशानी हो सकती है?

 

11.निष्कर्ष

Conclusionin hindi

Nishkarsh

पौष्टिक भोजन, तनाव रहित जीवन और सकारात्मक सोच के द्वारा कोई भी वह पति-पत्नी जो अपनी वंश बेल को आगे बढ़ाना चाहते हैं, सफल हो सकते हैं।

इसके उपरांत भी यदि दो वर्ष तक समागम करने के बाद पति-पत्नी अपने उद्देश्य में सफल नहीं होते हैं तब उन्हें निश्चय ही चिकित्सक से मिलना चाहिए।

आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: 11 Jul 2019

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