Zealthy व फर्टिलिटी उपचार से जुड़े सवाल-जबाव

Zealthyसे जुड़े सवाल

Zealthy क्या है, हम Zealthy को क्यों चुनें ?

Zealthy भारत की पहली महिला स्वास्थ्य सलाहकार वेबसाइट है।

हम आपको आपकी भाषा में महिला स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी, महिला विशेषज्ञ से मुफ़्त सलाह, बेहतर उपचार और अस्पताल तलाशने में सहायता करते हैं।

हमारे मेडिकल एक्सपर्ट ना सिर्फ़ आपकी परेशानी को सुनते और समझते हैं बल्कि आपके बेहतर इलाज के लिए आपको हर संभव मेडिकल सुविधाएँ मुहैया कराते हैं।

हम सुनिश्चित करते हैं कि आपको तकनीकी रूप से आधुनिक उपचार और सुपर स्पेशियलिटी डॉक्टरों के माध्यम से उचित स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें।

हम आपके बजट और सहूलियत के अनुसार उचित दर पर आपको बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान कराने में मदद करते हैं। 100 वर्ष से अधिक सामूहिक अनुभव के साथ हमारे मेडिकल एक्सपर्ट, वेलनेस कोच और पर्सनल कॉर्डडिनेटर आपको पारदर्शी व स्वतंत्र सलाह देने के लिए 24*7 समर्पित हैं।

Zealthy सिर्फ़ महिलाओं के लिए क्यों है ?

स्वस्थ महिला सेहतमंद परिवार की नींव है। काम, परिवार व कई तरह के सामाजिक बंधन के कारण महिलाओं के लिए अपनी स्वास्थ्य समस्याओं पर ध्यान देना, उनसे जुड़ी जानकरी प्राप्त करना और उपचार के लिए उचित विकल्प तलाशना आसान नहीं होता है। हमारा उद्देश्य है महिलाओं की स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान उनकी सुविधा के अनुसार करना, ताकि वे ख़ुद को और अपने परिवार को स्वस्थ रख सकें।

Zealthy किस तरह की स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करता है ?

हम अब्स्टेट्रिक्स् (Obstetrics), गाइनकॉलोजी (Gynaecology) और इंफर्टिलिटी (Infertility) स्पेशियलिटीज़ में स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करते हैं।

इसके अंतर्गत आप एंटीनैटल-केयर, नॉर्मल डिलीवरी, सी-सेक्शन, आईवीएफ़, आईयूआई और गाइनकॉलोजी संबंधित उपचार जैसे हिस्टेरोस्कोपी, लैप्रोस्कोपी आदि के लिए हमसे संपर्क कर सकते हैं।

इन उपचारों के लिए हम आपके आपके बजट और सुविधा के अनुसार अनुभवी डॉक्टर व बेहतर अस्पताल द्वारा लेटेस्ट ट्रीटमेंट दिलवाने में आपकी सहायता करते हैं। इसके अलावा सामान्य स्वास्थ समस्याओं के लिए Zealthy आपको अनुभवी महिला विशेषज्ञ से सलाह की सुविधा भी मुहैया कराता है।

क्या Zealthy को मैं मुफ्त में इस्तेमाल कर सकती हूँ ?

जी हाँ, Zealthy की सेवाएँ हमारे यूजर्स के लिए पूरी तरह से मुफ़्त है। हम अपनी किसी भी सेवा के लिए आपसे कोई शुल्क नहीं लेते हैं।

किस परिस्थिति में मुझे Zealthy से मदद लेनी चाहिए ?

अगर आपको अब्स्टेट्रिक्स् (Obstetrics), गाइनकॉलोजी (Gynaecology) और इंफर्टिलिटी (Infertility) से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए किसी भी तरह की मदद की जरूरत है तो आप बेझिझक 24*7 हमसे संपर्क कर सकती हैं।

आपके डॉक्टर और अस्पताल कौन हैं ?

हमारे सभी पार्टनर डॉक्टर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षित व औसतन दस वर्षों से अधिक अनुभवी हैं। इसके अलावा हमारे सभी अस्पताल व क्लीनिक सेंटर्स आधुनिक तकनीक व उपकरणों से लैस हैं।

मुझे डॉक्टर से अपॉइंटमेंट मिलने में कितना समय लग सकता है ?

हमारे मेडिकल एक्सपर्ट से संपर्क करने और अपॉइंटमेंट की मांग करने के बाद, हम 12-24 घंटे में आपको डॉक्टर से तत्काल (priority) अपॉइंटमेंट दिलाते हैं।

अगर मैंने मेडिकल इनशोयरेंस ले रखा है, तो उपचार के वक़्त मुझे इसका फ़ायदा मिलेगा ?

जी हाँ, हम हर तरह के इनशोयरेंस को स्वीकृत करते हैं और उपचार के दौरान इसका पूरा फ़ायदा आपको दिलवाने की कोशिश करते हैं।

Zealthy Community क्या है और मैं इसका हिस्सा कैसे बन सकती हूँ ?

Zealthy कम्यूनिटी पूरी तरह से महिलाओं के लिए है। यहाँ आप कम्यूनिटी की अन्य महिलाओं से अपने अनुभव व परेशानियाँ साझा कर सकती हैं। Zealthy कम्यूनिटी से जुड़ना बेहद आसान है, दिये गए लिंक पर क्लिक करें और जुड़ें हमारी कम्यूनिटी से।

हम अपने उपचार के लिए आपके मेडिकल एक्सपर्ट कैसे संपर्क कर सकते हैं ?

आप हमसे व्हाट्सैप और फोन कॉल के जरिये संपर्क कर सकते हैं। 636-636-3030 पर अभी कॉल करें

क्या आप हमें इलाज के लिए आर्थिक मदद भी करेंगे ?

जी हाँ, हम आपको 0% इंटरेस्ट पर इंसटैंट मेडिकल लोन दिलाने में मदद करेंगे।

प्रसवपूर्व देखभालसे जुड़े सवाल

ऐंटेनेटल केयर क्या है ?

ऐंटेनेटल केयर प्रसव पूर्व देखभाल होती है जिसके तहत गर्भावस्था के दौरान माँ व बच्चे की सुरक्षा के लिए नियमित जांच व देखभाल की जाती है।

मुझे प्रसव पूर्व देखभाल की आवश्यकता क्यों है?

प्रसव पूर्व देखभाल आपको और आपके बच्चे को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती है। आमतौर पर जिन महिलाओं की प्रसव पूर्व देखभाल नहीं होती उनकी तुलना में देखभाल की जाने वाली महिलाओं व उनके बच्चे का स्वास्थ्य बेहतर होता है। खासतौर पर प्रसव पूर्व देखभाल माँ व होने वाले बच्चे में वक़्त रहते किसी बीमारी का पता लगाने व उसका उपचार करने में सहायक है।

प्रसव पूर्व देखभाल के लिए पहली बार डॉक्टर के पास कब जाएँ ?

जिस वक़्त आपके पीरियड्स मिस हुए हों और आप अपनी गर्भावस्था को लेकर सुनिश्चित हो, उसी समय आपको जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलना चाहिए।

प्रसव पूर्व देखभाल के लिए किस डॉक्टर के पास जाएँ ?

प्रसव पूर्व देखभाल के लिए आपको ओब्सटेट्रीशियन (obstetrician) स्पेशियलिटि डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

गर्भावस्था के दौरान मुझे कितनी बार अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए?

गर्भावस्था के दौरान आपके डॉक्टर आपको मीटिंग का शेड्यूल देंगे, जिसके अनुसार आप उनसे नियमित चेकअप के लिए मिल सकती हैं। आप डॉक्टर से इस प्रकार मिल सकती हैं : -

  • पहली विजिट चौथे से 13वें हफ्ते के बीच में
  • 14वें हफ्ते से लेकर 28वें हफ्ते तक, हर महीने में एक बार
  • 29वें हफ्ते से लेकर 35वें हफ्ते तक हर महीने में दो बार
  • 36वें हफ्ते से हर हफ्ते में एक बार
  • यदि आप 35 वर्ष से अधिक उम्र की हैं या आपकी गर्भावस्था में किसी प्रकार का जोखिम है, तो आप आपको कई बार डॉक्टर से मिलना पड़ सकता है

प्रसव से पहले देखभाल के सिलसिले में पहली बार डॉक्टर से मिलने पर क्या होता है ?

ऐंटेनेटल केयर के दौरान पहली बार डॉक्टर से मिलने पर :

  • वे आपसे आपके मेडिकल इतिहास के बारे में पूछ सकते हैं जैसे कोई बीमारी, ऑपरेशन या पूर्व प्रेगनेंसी
  • आपके परिवार के मेडिकल इतिहास के बारे में पूछा जा सकता है
  • आपकी पूरी जांच कर सकते हैं जिसमें पेलविक और पैप टेस्ट भी शामिल है
  • लैब टेस्ट के लिए आपके ब्लड व यूरिन का सैंपल ले सकते हैं
  • आपके ब्लड प्रेशर, लंबाई और वज़न को नोट कर सकते हैं
  • आपके ड्यू डेट का आकलन कर सकते हैं
  • आपके सवालों के जबाव देंगे

ध्यान रखें कि पहली अपॉइंटमेंट में आप अपने मन के सभी सवाल बेझिझक डॉक्टर से पूछ सकती हैं।

ऐंटेनेटल केयर रूटीन चेकअप में डॉक्टर क्या जांच करते हैं ?

आमतौर पर पहली मुलाक़ात की अवधि से आपकी अन्य मुलाक़ात कम समय की होती है। इस दौरान डॉक्टर से मुलाक़ात में शामिल है :

  • ब्लड प्रेशर की जांच
  • वज़न की जांच
  • बेबी बम्प नज़र आने के बाद, आपके ऐबडोमेन की जांच
  • बच्चे की हार्ट रेट की जांच

इसके अलावा किसी खास तरह समस्या या परिस्थिति में डॉक्टर अन्य जांच की भी सिफ़ारिश कर सकते हैं।

प्रेगनेंसी की तिमाही कैसे निर्धारित कैसे कर सकते हैं ?

प्रेगनेंसी की तिमाही को तीन भागों में बांटा गया है : -

पहली तिमाही - 1 से 13वें हफ्ते - 1 से 91 दिन

दूसरी तिमाही - 14वें से 27वें हफ्ते - 92 से 189 दिन

तीसरी तिमाही - 28वें से 40वें हफ्ते - 190 से 280 दिन

मैं कैसे जान सकती हूँ कि मैं कितने वीक प्रेग्नेंट हूँ ?

आप प्रेगनेंसी कैलकुलेटर की मदद से जान सकती हैं कि गर्भावस्था के कौन से हफ्ते में हैं। अपनी प्रेगनेंसी डेट कैलकुलेट करने के लिए अभी क्लिक करें -

प्रिनैटल टेस्टिंग क्या है और यह क्यों ज़रूरी है ?

प्रसवपूर्व परीक्षण यानि प्रिनैटल टेस्टिंग विभिन्न प्रक्रियाएं हैं जो सुनिश्चित करती हैं कि आप और भ्रूण स्वस्थ हैं। प्रिनैटल टेस्टिंग बच्चे में जन्म दोष का पता लगाने, माँ व बच्चे के स्वास्थ्य की जांच करने और अन्य जोखिमों का पता लगाने के लिए ज़रूरी है।

प्रिनैटल टेस्टिंग में कौन-कौन से टेस्ट शामिल हैं ?

प्रिनैटल टेस्टिंग में निम्न टेस्ट (पहली तिमाही से लेकर तीसरी तिमाही तक) शामिल हैं :

  • सीबीसी
  • ब्लड टाइपिंग
  • यूरिन रूटीन
  • यूरिन कल्चर
  • फस्टिंग ब्लड शुगर (एफ़बीएस)
  • रैंडम बल्ड शुगर/ पीपी ब्लड शुगर
  • ओजीटीटी (75g.,2घंटे)
  • पैप स्मियर
  • एचआईवी 1&2
  • एचबीएसएजी (हेप बी)
  • वीडीआरएल/आरपीआर
  • रूबेला, आईजीसी एयूआर आईजीएम
  • टीएसएच
  • एफ़टी3 और एफ़टी4 (फ्री थाईरॉक्साइन)
  • हेपैटाईटीस सी (एचसीवी)
  • डबल मार्कर/ट्रिपल मार्कर/ क्वाड्रैपल मार्कर
  • अल्ट्रासाउंड इंवेस्टिगेशन
  • सीटीजी मौनिट्रिंग
  • टेटनस इंजेक्शन
  • डॉक्टर आपकी व आपके बच्चे की स्थिति को देखते हुए इनमें से किसी भी टेस्ट की सलाह दे सकते हैं।

गर्भावस्था से पहले देखभाल में अल्ट्रासाउंड कब होता है और यह क्यों ज़रूरी है ?

गर्भावस्था के दौरान भ्रूण की स्थिति का जायज़ा लेने के लिए अल्ट्रासाउंड कराना बेहद ज़रूरी है। प्रेगनेंसी के दौरान इस प्रकार डॉक्टर अल्ट्रासाउंड की सिफ़ारिश कर सकते हैं : -

सातवें हफ्ते में - गर्भावस्था को सुनिश्चित करने, गर्भावस्था के मोलर या एक्टोपिक होने के साइन का पता लगाने और प्रेगनेंसी की तिथि निर्धारित करने के लिए

तीसरे से चौदहवें हफ्ते में - डाउन सिंड्रोम की संभावना को जाँचने के लिए

अठारहवें से बीसवें हफ्ते में - शिशु के अंगों में समस्याओं के साइन को पहचाने और शिशु के शारीरिक विकास की निगरानी करने के लिए

चौतीसवें हफ्ते में - भ्रूण की पोजीशन, आकर और प्लेसेंटा की पोजीशन जानने के लिए

क्या Zealthy पर मुझे ऐंटेनेटल केयर का लाभ मिल सकता है और आप हमें इसमें कैसे मदद कर सकते हैं ?

जी बिलकुल! हमारे यहाँ ऐंटेनेटल केयर पैकेज भी उपलब्ध है। ऐंटेनेटल केयर के लिए Zealthy ना सिर्फ़ सही अस्पताल और अनुभवी डॉक्टर के चुनाव में आपकी सहायता करता है बल्कि उपचार की सही और पारदर्शी लागत जानने में भी आपकी मदद करता है। इसके साथ ही उपचार के दौरान किसी भी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के लिए हमारे सहायक आपके साथ 24*7 बनें रहते हैं।

नॉर्मल डिलीवरीसे जुड़े सवाल

प्रेग्नेंसी डिलीवरी क्या है और डिलीवरी की विभिन्न तकनीकें क्या हैं ?

माँ के गर्भ में पल रहे शिशु के जन्म की प्रक्रिया को प्रेग्नेंसी डिलीवरी कहते हैं। डिलीवरी की विभिन्न तकनीकों में वेजाइनल या नॉर्मल डिलीवरी (normal or vaginal delivery), सिजेरियन डिलीवरी (caesarean delivery), वैक्युम एक्सट्रैकशन (vaccum extraction) और फोरसेप्स डिलीवरी (forceps delivery) शामिल हैं। चिकित्सक, माँ और बच्चे की सेहत और स्थिति को ध्यान में रखते हुए डिलीवरी की तकनीक चुनते हैं।

किन परिस्थितियों में नॉर्मल डिलीवरी की जाती है ?

  • जब बच्चे का वज़न 2 किलो से कम हो।
  • जब माँ डायबिटीज़ जैसी किसी स्वास्थ्य समस्या से ग्रस्त ना हो।
  • जब डॉक्टर बच्चे के प्राकृतिक जन्म के लिए सकारात्मक जवाब दें।
  • जब माँ डिलीवरी में किसी मेडिकल प्रक्रिया का हस्तक्षेप नहीं चाहती हो।

किन परिस्थितियों में माँ के लिए सी-सेक्शन द्वारा प्रसव अधिक बेहतर होता है ?

  • प्लेसेंटा प्रॉब्लेम्स के साथ गर्भवती माँ को प्रसव पीड़ा होने लगे।
  • जब बच्चे की गर्भाशय में पोजीशन नॉर्मल ना हो।
  • यदि माँ वेजाइनल डिलीवरी नहीं चाहती हो।
  • यदि माँ जुड़वाँ या तीन बच्चों से गर्भवती हो।
  • मां उच्च रक्तचाप या मधुमेह जैसी बीमारियों से पीड़ित हो।
  • यदि एमनियोटिक द्रव (amniotic fluid) कम हो।
  • यदि मां 12 घंटे से अधिक समय से प्रसव पीड़ा में है और बच्चे की धड़कन कम हो रही हो तो इमरजेंसी सी-सेक्शन डिलीवरी की जा सकती है।

नॉर्मल डिलीवरी में कितना समय लगता है, क्या यह पूरे दिन के लिए भी रह सकता है ?

सामान्य प्रसव या नॉर्मल डिलीवरी का वक़्त तय नहीं कहा जा सकता क्योंकि यह कई कारणों पर निर्भर करता है। होने वाले बच्चे का आकार, स्थिति, महिला के सर्वाइकल फैलाव जैसे कई कारणों पर सामान्य प्रसव का समय निर्भर करता है।जो महिलाएं पहली बार माँ बनने जा रहीं हैं उनके प्रसव का समय दोबारा माँ बन रही महिलाओं की तुलना में अधिक हो सकता है। आमतौर पर नॉर्मल जन्म में 12 से 18 घंटे का समय लगता है। हालांकि यह वक़्त बढ़ भी सकता है।

अगर मेरे जुड़वां बच्चे हों तो क्या सामान्य प्रसव संभव है ?

जी बिल्कुल, बशर्ते होने वाले बच्चे सही स्थिति (position) में हों।

क्या पहली सीजर डिलीवरी के बाद नॉर्मल डिलीवरी हो सकती है ?

यह कई कारकों पर निर्भर करता है जैसे अगर आप और आपका बच्चा सेहतमंद हों, बच्चा ब्रीच पोजीशन में ना हो तब आपके डॉक्टर तय करते हैं कि नॉर्मल डिलीवरी संभव है कि नहीं। आप उनसे इसके बारे में विस्तार में बात कर सकती हैं।

सामान्य प्रसव के दर्द से बचने के क्या उपाय हैं ?

नॉर्मल डिलीवरी के दर्द से बचने के लिए आज के समय में दवाइयों से लेकर मसाज जैसे कई विकल्प हैं। आप इसके बारे में विस्तारपूर्वक अपने डॉक्टर से बात कर सकती हैं।

मुझे कैसे पता चलेगा मुझे कब पुश करना है और कितनी देर तक करना है ?

आपके सर्विक्स (cervix) के पूरी तरह से फैलने (लगभग 10 cm) के बाद डॉक्टर आपको पुश करने के लिए प्रेरित करेंगे। बच्चे को पुश करने में कुछ मिनट से लेकर कई घंटो तक का समय भी लग सकता है। यह कई कारकों पर निर्भर करता है जैसे डिलीवरी वेजाइनल है या नहीं , माँ के पेलविस की साइज और आकार, शिशु का आकार, बच्चे की सिर की पोजीशन और लेबर फोर्स।

एपीसियोटॉमी (episiotomy) क्या होती है और क्या मुझे डिलीवरी के दौरान इसकी जरूरत पड़ेगी ?

एपीसियोटॉमी प्रसव के दौरान योनि की ओपनिंग पर किया गया एक सर्जिकल कट है जिससे कठिन प्रसव में सहायता मिलती है। अगर पुश करने के बावजूद बच्चे का जन्म नहीं हो पा रहा तो डॉक्टर एपीसियोटॉमी कर सकते हैं। यह माँ और बच्चे के लिए बेहद ज़रूरी है। इसके बाद डॉक्टर आपके जख्मों पर टाकें लगा देते हैं। टाकों के दर्द को कम करने के लिए कई तरह की दवाएं चिकित्सा जगत में उपलब्ध हैं।

सामान्य प्रसव के बाद डॉक्टर क्या करते हैं ?

बच्चे के जन्म के बाद, डॉक्टर बच्चे के स्वास्थ्य की जांच करते हैं। इसके बाद वे बच्चे को आपके सीने पर सुला देते हैं। जब आप बच्चे को देख और छू रही होती हैं, उस वक़्त डॉक्टर प्रसव के दौरान हुए ज़ख्म पर टाकें लगा देते हैं।

क्या मैं जन्म के बाद अपने बच्चे को ब्रेस्ट फीड करा सकती हूँ ?

हाँ, आप जन्म के बाद अपने बच्चे को ब्रेस्ट फीड करा सकती हैं और यह बच्चे के लिए बेहद ज़रूरी भी होता है।

नॉर्मल डिलीवरी के बाद मुझे कितने दिनों तक अस्पताल में रहना पड़ेगा ?

नॉर्मल डिलीवरी के बाद, आपको 2-3 दिनों के लिए अस्पताल में रहने की आवश्यकता हो सकती है। आपके डॉक्टर यह सुनिश्चित करेंगे कि आप हल्के-फुल्के काम ख़ुद कर सकें, जैसे कि बिना किसी असुविधा के खाना-पीना और बिना किसी कैथेटर की सहायता के स्वाभाविक रूप से बाथरूम जाना।

नॉर्मल डिलीवरी के संदर्भ में Zealthy कैसे हमारी मदद कर सकता है, क्या आप दोनों तरह की डिलीवरी की सुविधा प्रदान करते हैं ?

जी हाँ, हमारे यहाँ नॉर्मल डिलीवरी के साथ-साथ सी-सेक्शन की भी सुविधा उपलब्ध है। नॉर्मल डिलीवरी के लिए Zealthy ना सिर्फ़ सही अस्पताल और अनुभवी डॉक्टर के चुनाव में आपकी सहायता करता है बल्कि उपचार की सही और पारदर्शी लागत जानने में भी आपकी मदद करता है। इसके साथ ही उपचार के दौरान किसी भी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के लिए हमारे सहायक आपके साथ 24*7 बनें रहते हैं।

क्या Zealthy पर मुझे ऐंटेनेटल केयर का लाभ मिल सकता है ?

जी बिलकुल! हमारे यहाँ ऐंटेनेटल केयर पैकेज भी उपलब्ध है।

क्या आपके यहाँ नियोनेटल केयर की सुविधा उपलब्ध है ?

जी हाँ, हमारे पार्टनर डॉक्टर और अस्पताल नियोनेटल केयर की सुविधा भी प्रदान करने में भी सक्षम हैं।

क्या आपके यहाँ प्रेग्नेंसी डिलीवरी पैकेज, इनश्योरेंस के तहत कवर की जाती है ?

इसे मैटरनिटी इनश्योरेंस भी कहा जाता है। प्रेग्नेंसी डिलीवरी पैकेज का इनश्योरेंस के तहत कवर होना इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी इनश्योरेंस पॉलिसी मैटरनिटी इनश्योरेंस को कवर करती है या नहीं। इस बारे में आप अपने इनश्योरेंस प्रोवाइडर से या हमसे बात कर सकती हैं। ज्यादा जानकारी के लिए संपर्क करें

सिजेरियन सेक्शनसे जुड़े सवाल

सी-सेक्शन क्या है?

सीजेरियन डिलीवरी (Caesarean delivery), सी-सेक्शन के नाम से भी जानी जाती है। यह एक डिलीवरी की तकनीक है जिसके तहत सर्जरी व मेडिकल प्रक्रिया के द्वारा शिशु का जन्म होता है।

सी-सेक्शन कब किया जाता है?

सिजेरियन डिलीवरी कई कारणों से की जाती है :

  • यदि महिला की पहली डिलीवरी सी-सेक्शन द्वारा की गयी हो
  • यदि बच्चा ब्रीच की स्थिति में हो
  • अगर बच्चा बहुत बड़ा हो
  • अगर माँ प्रसव में किसी मेडिकल प्रक्रिया का हस्तक्षेप नहीं चाहती हो
  • अगर माँ को को हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप या किडनी की बीमारी हो
  • यदि एमनियोटिक द्रव (amniotic fluid) कम हो
  • यदि मां 12 घंटे से अधिक समय से प्रसव पीड़ा में है और बच्चे की धड़कन कम हो रही हो
  • यदि माँ जुड़वाँ या तीन बच्चों से गर्भवती हो
  • यदि प्लेसेंटा प्रॉब्लेम्स के साथ गर्भवती माँ को प्रसव पीड़ा होने लगे

इन सभी स्थितियों में नॉर्मल डिलीवरी, माँ और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक हो सकती है।

मैं सिजेरियन डिलीवरी की तैयारी कैसे करूँ?

सी-सेक्शन की तैयारी बहुत हद तक नॉर्मल डिलीवरी की तैयारी जैसी ही होती है। आपको अस्पताल के लिए एक बैग पैक करना होगा और बच्चे के जन्म के बाद के लिए एक योजना तैयार करनी होगी। आपके डॉक्टर समय से पहले आपके साथ दर्द प्रबंधन विकल्पों पर भी चर्चा करेंगे। अगर यह एक शेड्यूल सी-सेक्शन है, तो आपको एक रात पहले कुछ खाने से मनाही होगी। उपचार से पहले डॉक्टर आमतौर पर आपसे सहमति फॉर्म पर हस्ताक्षर करने के लिए कहेंगे।

क्या मैं सर्जरी से पहले कुछ खा सकती हूँ ?

नहीं, डॉक्टर सर्जरी के निर्धारित वक़्त से ठीक आठ घंटे पहले आपको कुछ भी खाने-पीने के लिए सख्त मना करते हैं।

सीजर डिलीवरी के दौरान क्या होगा ?

सर्जरी के दौरान सबसे पहले आपको मेडिकल रूप से तैयार किया जाएगा, आईवी द्रव (IV fluid) से हाइड्रेट किया जाएगा व एंटीसेप्टिक सोल्यूशन से साफ किया जाएगा। ख़ास परिस्थितियों में एपिड्यूरल या स्पाइनल एनेस्थेटिक दिया जा सकता है वही सामान्य अवस्था में आपको सामान्य ऐनेस्थेसिया ही दिया जाएगा। प्रक्रिया के दौरान डॉक्टर यूटेरस और अब्डॉमिन के बीच एक हॉरिजॉन्टल कट लगाते हैं और बच्चे को बाहर निकालकर यूमब्लीकल कॉर्ड को काट देते हैं। इसके बाद आपके बच्चे के स्वास्थ्य की जांच की जाती है, प्लेसेन्टा को निकाला जाता है और यूटेरस और अब्डॉमिनल इंसीजन को स्टिच कर दिया जाता है।

क्या मैं सी-सेक्शन के दौरान होश में रहूँगी ?

यदि यह एक प्लांड सिजेरियन डिलीवरी है, तो आपको एपिड्यूरल या स्पाइनल एनेस्थीसिया दिया जाएगा, इस स्थिति में आप होश में रहेंगी। मगर इमरजेंसी सी-सेक्शन के दौरान माँ को सामान्य एनेस्थीसिया दिया जा सकता है, जिसके स्थिति में आप होश में नहीं रहेंगी। ऐसा सुरक्षित व फास्ट सी-सेक्शन के मकसद से किया जाता है।

सिजेरियन सर्जरी में कितना समय लगता है?

हर महिला की स्थिति अलग होती, सिजेरियन के माध्यम से एक बच्चे की डिलीवरी में 15 से 20 मिनट तक का समय लग सकता है, इसके अलावा 45 मिनट सर्जरी की प्रक्रिया होती है।

क्या सी-सेक्शन प्रक्रिया के बाद मेरा बच्चा मेरे पास होगा ?

यह काफ़ी हद तक अस्पताल की नीतियों पर निर्भर करता है। हालांकि, आमतौर पर जन्म के बाद आप अपने बच्चे को देख सकती हैं, मगर इस दौरान अस्पताल के कर्मचारी आपके बच्चे की हृदय गति, रंग और तापमान की जांच कर कर सकते हैं। इसके बाद आपको रिकवरी रूम में कई घंटों तक निगरानी पर रखा जा सकता है। मगर रिकवरी रूम में होने के बावजूद आप अपने बच्चे को पकड़ सकती हैं, स्तनपान कराने की कोशिश कर सकती हैं और त्वचा से त्वचा के संपर्क का आनंद ले सकती हैं।

क्या मैं सीजर डिलीवरी के बाद स्तनपान करा सकती हूँ ?

सीजर डिलीवरी के बाद स्तनपान कराना बिलकुल वैसा ही है जैसे नॉर्मल डिलीवरी के बाद स्तनपान कराना, बशर्ते आप और आपका बच्चा सेहतमंद हों।

सीजेरियन सेक्शन के बाद रिकवरी कब तक होगी?

यह आपके सेहत और स्थिति पर निर्भर करता है, लेकिन आमतौर पर नॉर्मल डिलीवरी के मुकाबले सिजेरियन से रिकवर होने में अधिक समय लगता है। औसतन इसमें चार से छह हफ्तों का समय लग सकता है।

क्या सी-सेक्शन का कोई जोखिम है ?

सिजेरियन डिलीवरी बड़ी सर्जरी है, इसमें जटिलताएँ मौजूद हैं। आपके डॉक्टर इससे जुड़े जोखिमों और उपायों के बारे में विस्तारपूर्वक बताएँगे।

सिजेरियन डिलीवरी के संदर्भ में Zealthy कैसे हमारी मदद कर सकता है, क्या आप दोनों तरह की डिलीवरी की सुविधा प्रदान करते हैं ?

जी हाँ, हमारे यहाँ सी-सेक्शन के साथ-साथ सभी डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध है। सिजेरियन डिलीवरी के लिए Zealthy ना सिर्फ़ आधुनिक तकनीकों व उपकरणों से लैस अस्पताल और अनुभवी डॉक्टर के चुनाव में आपकी सहायता करता है बल्कि उपचार की सही और पारदर्शी लागत जानने में भी आपकी मदद करता है। इसके साथ ही उपचार के दौरान किसी भी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के लिए हमारे सहायक आपके साथ 24*7 बनें रहते हैं।

आईवीएफसे जुड़े सवाल

आईवीएफ़ क्या है और इसकी प्रक्रिया कैसे होती है ?

आईवीएफ़ गर्भधारण के लिए की जाने एक मेडिकल और सर्जिकल प्रकिया है जिसके तहत कृत्रिम तरीके से एग, स्पर्म के साथ फर्टिलाइज होते हैं। इसके बाद फर्टिलाइज्ड एग यानि एम्ब्र्यो को महिला के गर्भाशय में डाल दिया जाता है ताकि वह विकास कर सके और शिशु का रूप ले सके।

क्या IVF में गर्भावस्था की संभावना उम्र पर निर्भर करती है ?

आईवीएफ़ साइकल में उम्र सबसे महत्वपूर्ण कारक है। आईवीएफ़ प्रक्रिया से गर्भधारण की संभावना 35 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं में अधिक होती है। वहीं 35 वर्ष से अधिक उम्र के बाद गर्भधारण की संभावना बेहद कम होती चली जाती है।

क्या सिंगल एम्ब्र्यो ट्रांसफर से प्रेगनेंसी की संभावना अधिक होती है ?

जहां सिंगल-एम्ब्र्यो ट्रांसफर में गर्भधारण की संभावना 28% होती है वहीं डबल-एम्ब्र्यो ट्रांसफर में गर्भधारण की संभावना 48% होती है।

क्या फ्रीज़ किए हुए एम्ब्र्यो से गर्भधारण हो सकता है ?

जी हाँ, फ़्रोजेन एम्ब्र्यो से भी सामान्य एम्ब्र्यो की तरह ही गर्भधारण संभव है।

क्या आईवीएफ़ प्रक्रिया से पहले किसी तरह के डाइट प्लान को फॉलो करना फ़ायदेमंद होगा ?

यूं तो इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि डाइट प्लान फॉलो करने से आईवीएफ़ गर्भधारण पर किसी तरह का कोई प्रभाव पड़ता है या नहीं, मगर कई आईवीएफ़ उपचारों के दौरान यह देखा गया है कि जिन लोगों ने डाइट प्लान फॉलो किया उनमें आईवीएफ़ उपचार की सफलता दर अधिक रही।

क्या उपचार से पहले अपना वज़न कम करना आईवीएफ़ गर्भधारण के लिए फ़ायदेमंद है ?

यह बात अभी तक साबित नहीं हो पाई है कि वज़न कम करने से आईवीएफ़ गर्भधारण की संभावना बढ़ती है। मगर यह ज़रूर पाया गया है कि अधिक वज़न वाली महिलाओं में आईवीएफ़ की प्रक्रिया पूरी होने में ज्यादा समय ज़रूर लगा है और उनमें गर्भपात की आशंका अधिक रही है।

मेरे आईवीएफ़ चक्र का पहला दिन किसे माना जाएगा ?

मासिक धर्म का पहला दिन, जब ब्लीडिंग तेज़ हो, उसे आईवीएफ़ के चक्र का पहला दिन माना जाएगा। अगर पीरियड्स 12 बजे के बाद हुए हों तो अगले दिन को पहला दिन माना जाएगा।

आईवीएफ़ उपचार के दौरान मुझे कितनी बार मॉनिटरिंग विजिट के लिए जाना पड़ सकता है ?

आपका शरीर मेडिकेशन पर किस तरह प्रतिक्रिया दे रहा है, आपकी मॉनिटरिंग विजिट इस बात पर निर्भर करती है। आमतौर पर आईवीएफ़ के दौरान 6 से 9 विजिट होती हैं जिसमें एग रिट्रीवल की एक विजिट भी शामिल है।

क्या एग रिट्रीवल की प्रक्रिया दर्दनाक है ?

आमतौर पर नहीं, एग रिट्रीवल की प्रक्रिया में 20 से 30 मिनट का समय लगता है। इस दौरान आपको आईवी सेडेशन (IV sedation) दिया जाता है, जिसके कारण आप प्रक्रिया के दौरान बेहोश रहेंगी। कुछ महिलाओं को प्रक्रिया के बाद हल्की क्रैंपिंग हो सकती है, जिसके लिए डॉक्टर आपको पेन मेडिकेशन की सलाह देंगे।

आईवीएफ़ ट्रीटमेंट के द्वारा दिये जाने वाले मेडिकेशन क्या साइड-इफ़ेक्ट्स हैं ?

आईवीएफ़ के दौरान मेडिकेशन का प्रभाव हर किसी पर अलग तरह से पड़ता है। हालांकि, मेडिकेशन के साइड-इफ़ेक्ट्स के तौर पर स्किन इरिटेशन (इंजेक्शन के कारण), अब्डौमीनल ब्लोटिंग, सिर दर्द, स्तनों में तनाव और मितली हो सकती है।

आईवीएफ़ के दौरान ओवुलेशन इंडक्शन के लिए कितने इंजेक्शन लेने पड़ते हैं ?

आमतौर पर आईवीएफ़ के दौरान ओवुलेशन इंडक्शन के लिए 8 से 10 इंजेक्शन लेने पड़ते हैं, कुछ मामलों इनकी संख्या बढ़ भी सकती है।

क्या मैं आईवीएफ़ प्रक्रिया के दौरान व्यायम कर सकती हूँ ?

आईवीएफ़ प्रक्रिया की शुरुआत में आप हल्के व्यायाम कर सकती हैं मगर जैसे-जैसे आईवीएफ़ की प्रक्रिया आगे बढ़ती है, फर्टिलिटी मेडिकेशन के कारण ओवरी का आकार बढ़ने लगता है। ओवरी के बढ़ने के दौरान, व्यायाम करना आपको ओवरी टोरशन का शिकार बना सकता है, यह एक ऐसी अवस्था होती है जब ओवरी अपने आप मुड़ सकता है। यह स्थिति आईवीएफ़ की प्रक्रिया को विफल बना सकती है। इसलिए इस वक़्त डॉक्टर व्यायाम न करने की सलाह देते हैं।

क्या आईवीएफ़ प्रक्रिया के दौरान मैं अपने बालों को कलर कर सकती हूँ ?

आईवीएफ़ प्रक्रिया के हर चक्र के शुरुआती दो हफ्ते में हेयर कलरिंग की अनुमति होती है। लेकिन मिड-साइकल के लेकर, आपके गर्भवती हो जाने तक यानि 12 हफ्तों तक आपको अपने बालों पर किसी केमिकल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

क्या मैं आईवीएफ़ उपचार के दौरान मैनिक्योर करवा सकती हूँ ?

आईवीएफ़ के दौरान आप मैनिक्योर करवा सकती हैं, मात्र इस बात का ख्याल रखें कि आप वेल-वेंटिनेटेड-एरिया में मैनिक्योर करवाएँ।

क्या मैं आईवीएफ़ उपचार के दौरान ट्रैवल कर सकती हूँ ?

नहीं, आपके उपचार के मॉनिटरिंग फेज के दौरान फॉलिकल्स के विकास के लिए आपको कई बार अस्पताल जाना पड़ सकता है। इस दौरान सफर करना बेहतर नहीं है।

आईवीएफ़ उपचार के कितने दिनों बाद मैं गर्भवती हो सकती हूँ ?

एम्ब्र्यो ट्रांसफर के 14 दिन के बाद प्रेगनेंसी टेस्ट से आप गर्भधारण सुनिश्चित कर सकती हैं।

क्या आईवीएफ़ ट्रीटमेंट के बाद हुए गर्भधारण में ब्लीडिंग होना सामान्य है ?

इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि गर्भधारण किस प्रकार की है, ब्लीडिंग होना असामान्य है। अगर ऐसा हो रहा हो तो अपने डॉक्टर से बिना देर किए संपर्क करें। हालांकि किसी अन्य गर्भावस्था की तुलना में आईवीएफ़ में हल्की स्पॉटिंग सामान्य होती है, जिससे गर्भपात का ख़तरा नहीं होता।

क्या एम्ब्र्यो ट्रांसफर के बाद कपल सेक्स कर सकते हैं ?

एम्ब्र्यो ट्रांसफर के बाद प्रेगेनेंसी टेस्ट तक (दो हफ्ते) सेक्स न करना सुरक्षित है। अगर आप सकारात्मक प्रेगेंसी टेस्ट के दो हफ्ते बाद किसी तरह की ब्लीडिंग या स्पॉटिंग महसूस नहीं कर रहीं हैं और आपके बेबी की धड़कन सामान्य है तो आप सेक्स कर सकती हैं।

क्या आईवीएफ़ ट्रीटमेंट में गर्भपात की संभावना अधिक होती है ?

आईवीएफ़ ट्रीटमेंट से गर्भधारण के बाद गर्भपात की आशंका अधिक रहती है। गर्भपात का जोखिम उपचार पर नहीं बल्कि पेशेंट के गर्भधारण की क्षमता पर निर्भर करता है।

कपल कितनी बार आईवीएफ़ ट्रीटमेंट का प्रयास कर सकते हैं ?

इसकी कोई निर्धारित सीमा नहीं है, यह आपकी स्थिति पर निर्भर करता है। कुछ मामलों में 8 से 10 प्रयासों के बाद सफलता मिलती है।

क्या आईवीएफ़ से बच्चे का लिंग पता किया जा सकता है ?

भारतीय कानून में धारा पीसीपीएनडीटी (प्री-कांसेप्शन एंड प्री-नैटल डायगनोस्टिक टेकनिक्स),1994 के तहत जन्म से पहले लिंग परीक्षण क़ानूनन अपराध है। हम ऐसी किसी भी तकनीक का समर्थन नहीं करते।

आईवीएफ़ ट्रीटमेंट में Zealthy मेरी मदद किस तरह कर सकता है ?

हम आईवीएफ़ उपचार के लिए ना सिर्फ़ आधुनिक तकनीकों व उपकरणों से लैस अस्पताल और अनुभवी डॉक्टर के चुनाव में आपकी सहायता मदद करते हैं बल्कि उपचार की सही और पारदर्शी लागत जानने में भी आपकी मदद करते हैं। इसके साथ ही उपचार के दौरान किसी भी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के लिए हमारे सहायक आपके साथ 24*7 बनें रहते हैं।

आईयूआईसे जुड़े सवाल

आईयूआई क्या है और इसकी प्रक्रिया कैसे की जाती है ?

आईयूआई - इंट्रायूटेरियन इन्सेमिनेशन, गर्भधारण के लिए की जाने वाली एक प्रक्रिया है जिसमें एक पतली और फ़्लेक्सिबल कैथेटर ट्यूब की मदद से स्पर्म को गर्भाशय के अंदर फर्टिलाइज़ेशन के लिए डाला जाता है। इस प्रक्रिया में एक से दो मिनट का समय लगता है।

आईयूआई से कितनी देर पहले और कहाँ स्पर्म को इक्कठा किया जाता है ?

इजैक्यूलेशन के द्वारा स्पर्म को एक स्टेराइल कलेक्शन कप में इक्कठा किया जाता है। अगर आप स्पर्म को घर पर इक्कठा कर रहें हैं तो प्रक्रिया से एक घंटे पहले आपको सैंपल क्लीनिक में जमा कराने होंगे। घर के अलावा आप क्लीनिक के कलेक्शन रूम का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। सीमेन सैंपल इक्कठा करने और स्पर्म को गर्भाशय में डालने की प्रक्रिया के बीच स्पर्म वॉश की प्रक्रिया होती है। स्पर्म वॉश की प्रक्रिया में 30 मिनट से लेकर आधे घंटे तक का समय लगता है। आमतौर पर स्पर्म वॉश की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आईयूआई की प्रक्रिया शुरु की जाती है।

क्या आईयूआई उपचार से गर्भधारण संभव है ?

जी हाँ, आईयूआई तकनीक बांझपन का उपचार है और इससे गर्भधारण संभव है।

क्या आईयूआई और आईवीएफ अलग होते हैं ?

जी हाँ, आईयूआई और आईवीएफ दोनों इंफर्टिलिटी के उपचार की अलग-अलग तकनीक हैं।

आईयूआई की सफलता दर कितनी है ?

आईयूआई की सफलता दर हर व्यक्ति के स्थिति पर निर्भर करती है। आमतौर पर, बिना मेडिकेशन के नैचुरल आईयूआई की सफलता दर 6-10% है वहीं फर्टिलिटी मेडिकेशन के साथ आईयूआई की सफलता दर 20-30% है।

क्या आईयूआई एक दर्दनाक प्रक्रिया है ?

आमतौर पर महिलाएं आईयूआई की प्रक्रिया के दौरान किसी तरह का दर्द महसूस नहीं करतीं। प्रक्रिया के बाद हल्के क्रैंप्स हो सकते हैं, हालांकि ये क्रैप्म्स आईयूआई के कारण नहीं बल्कि ओवुलेशन के कारण होते हैं।

क्या आईयूआई प्रक्रिया के दौरान जुड़वां बच्चे हो सकते हैं ?

जी हाँ, आईयूआई ट्रीटमेंट के दौरान जुड़वां बच्चे होने की संभावना 10 से 15 प्रतिशत तक होती है।

आईयूआई प्रक्रिया से कितनी देर पहले से सेक्स नहीं करना चाहिए ?

यह आपकी व्यक्तिगत स्थिति पर निर्भर करता है। मगर प्रक्रिया से ठीक 72 घंटे पहले से सेक्स नहीं करना बेहतर होता है। अगर प्रक्रिया का कारण लो स्पर्म काउंट है तो इजैक्यूलेशन और प्रक्रिया के लिए स्पर्म इक्कठा करने के दौरान 48 घंटे तक सेक्स नहीं करना चाहिए।

आईयूआई की प्रक्रिया के लिए सबसे सही वक़्त क्या है ?

ओवुलेशन होने के 6 घंटों के अंदर आईयूआई की प्रक्रिया का किया जाना उचित है। अगर प्रक्रिया का समय एचसीजी इंजेक्शन पर आधारित है तो इसमें 24 से 48 घंटे का समय लग सकता है। वहीं अगर दो आईयूआई शैडयूल्ड है तो इनमें 24 घंटे का फ़र्क हो सकता है।

स्पर्म वॉश की प्रक्रिया क्या है ?

स्पर्म वॉश को स्पर्म प्रीपरेशन या स्पीनिंग भी कहते हैं। यह एक लेबोरेट्री तकनीक है जिसके द्वारा आईयूआई व आईवीएफ की तकनीक के लिए स्पर्म सेल्स को अन्य सपोर्टिंग सेल्स और फ्लुइड से और मोटाइल स्पर्म को नन-मोटाइल स्पर्म से अलग किया जाता है।

प्रक्रिया के बाद मुझे कितनी देर लेटे रहना पड़ेगा ?

आमतौर पर डॉक्टर प्रक्रिया के बाद 15 से 20 मिनट तक लेटे रहने की सलाह देते हैं।

क्या आईयूआई के बाद मैं आराम से रह सकती हूँ ?

जी हाँ, आईयूआई के बाद आप पूरी तरह से निश्चिंत रह सकती हैं। हालांकि कुछ महिलाएं गर्भधारण के मौके को बढ़ाने के लिए आईयूआई प्रक्रिया के बाद किसी तरह की एरोबिक एक्टिविटी या भारी वज़न उठाने से परहेज करती हैं।

आईयूआई प्रक्रिया के बाद इंप्लांटेशन कितने दिनों बाद होता है ?

आमतौर पर ओवुलेशन के 6-12 दिन के बाद के बाद इंप्लांटेशन होता है - यानि आईयूआई प्रक्रिया के ठीक 6 से 12 दिनों के बाद।

आईयूआई की प्रक्रिया के कितने दिनों बाद मैं प्रेग्नेंसी टेस्ट कर सकती हूँ ?

आप आईयूआई प्रक्रिया के दो हफ्ते बाद प्रेग्नेंसी टेस्ट कर सकती हैं।

क्या ट्यूबल लिंगेशन (ब्लॉकड फैलोपियन ट्यूब) की स्थिति में आईयूआई की प्रक्रिया मदद कर सकती है ?

जी नहीं, ट्यूब्स ब्लॉकड होने के कारण एग यूटेरस तक नहीं पहुँच पाता, जिससे स्पर्म और एग फर्टिलाइज नहीं हो पाते हैं। इस स्थिति में आप सर्जरी या आईवीएफ की मदद ले सकती हैं।

क्या आईयूआई की पहली साइकल में गर्भधारण संभव है ?

गर्भधारण से पहले आपको आईयूआई के कुछ साइकल्स करवाने पड़ सकते हैं। अत्यधिक फर्टिलिटी डॉक्टर, गर्भधारण के मौके को बढ़ाने के लिए, लगातार 2 इन्सेमिनेशन की सलाह देते हैं।

क्या आईयूआई के साथ कोई रिस्क जुड़ें हैं ?

अगर फर्टिलिटी मेडिकेशन के बिना आईयूआई प्रक्रिया की गयी हो तो आमतौर पर इससे कोई रिस्क नहीं जुड़े होते हैं। हालांकि, प्रक्रिया के बाद हल्की क्रैंपिंग व ब्लीडिंग हो सकती हैं, मगर ज़्यादातर ये आईयूआई की प्रक्रिया के कारण नहीं बल्कि ओवुलेशन के कारण होती है।

क्या आईयूआई से बच्चे का लिंग पता किया जा सकता है ?

भारतीय कानून में धारा पीसीपीएनडीटी (प्री-कांसेप्शन एंड प्री-नैटल डायगनोस्टिक टेकनिक्स),1994 के तहत जन्म से पहले लिंग परीक्षण क़ानूनन अपराध है। हम ऐसी किसी भी तकनीक का समर्थन नहीं करते।

आईयूआई के उपचार में Zealthy किस तरह से सहायता कर सकता है ?

आईयूआई उपचार की कई जटिलताएँ हैं। आईयूआई ट्रीटमेंट के लिए उच्च सफलता दर के अस्पताल व अनुभवी डॉक्टर तलाशना जितना ज़रूरी है और उतना कठिन भी है। Zealthy आपके बजट, आपकी सुविधा और सहूलियत के अनुसार बेहतर अस्पताल व वेरिफाइड डॉक्टर का चुनाव करने में आपकी मदद करता है।

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