विटामिन-B कॉम्प्लेक्स के स्रोत, फायदे, नुकसान और कमी के लक्षण

Vitamin B Complex sources, Deficiency, Symptoms, Benefits and Side-Effects in hindi

Vitamins-B complex ke kami ke lakshan, fayde aur nuksaan in hindi


Quick Bites

  • विटामिन B कॉम्प्लेक्स विटामिन B1, B2, B3, B5, B6, B7, B9 और B12 से मिलकर बना है।
  • विटामिन B काम्प्लेक्स के हर विटामिन का कार्य अलग-अलग है।
  • विटामिन B की कमी की वजह से कई रोग हो सकते हैं
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Introduction

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विटामिन बी कॉम्प्लेक्स शरीर को जीवन शक्ति देने के लिए अति आवश्यक होता है। विटामिन ऐसे पदार्थ होते हैं, जो आपके शरीर के विकास के लिए बेहद आवश्यक है। आपके शरीर को 13 प्रकार के विटामिन की जरुरत होती है। उनमें से एक है विटामिन B कॉम्प्लेक्स। विटामिन बी कॉम्प्लेक्स आठ प्रकार के विटामिन बी से मिलकर बना है यह विटामिन का समूह होता है। जिस भी स्त्रोत में ये आठों विटामिन्स पाए जाते हैं वह विटामिन बी कॉम्प्लेक्स का स्त्रोत कहलाता है। कई प्रकार के खाद्य पदार्थों में ये विटामिन्स संयुक्त रूप से उपस्थित होते हैं। विटामिन B कॉम्प्लेक्स वाटर-सोलुबल (water-soluble) विटामिन है यानि यह विटामिन पानी मई आसानी से घुल जाता है।[1] बिटामिन बी प्राकृतिक रूप से कई तरह से उपलब्ध होता है इस कारण, कुछ विटामिन्स को नंबर के आधार पर जाना जाता है जैसे विटामिन B1, विटामिन B2 या विटामिन B3, जबकि कुछ विटामिन्स को उनके नाम के अनुसार जाना जाता है जैसे बायोटिन (biotin) या फोलेट (folate)। ये विटामिन्स हमारे शरीर में आसानी से अवशोषित (Absorbed) हो जाते है मगर पानी में घुलने के कारण यूरिन (urine) के द्वारा बाहर निकल जाते हैं। [2] इसका प्रमुख कार्य स्नायु या मांस पेशी को स्वस्थ रखना तथा भोजन के पाचन मे सक्रिय योगदान देना होता है। भूख को बढ़ाकर यह शरीर को जीवन शक्ति देता है। आइये विटामिन बी के बारे में इस लेख के माध्यम से विस्तारपूर्वक जानते हैं।

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In this article

  1. 1.विटामिन B काम्प्लेक्स के कौन-कौन से स्त्रोत हैं?
  2. 2.विटामिन-B कॉम्प्लेक्स के क्या प्रकार होते है
  3. 3.विटामिन-B कॉम्प्लेक्स की कमी के लक्षण
  4. 4.विटामिन B कॉम्प्लेक्स की कमी से होने वाले रोग
  5. 5.विटामिन B कॉम्प्लेक्स के फायदे
  6. 6.बी-कॉम्प्लेक्स सप्लीमेंट किस मात्रा में लेना चाहिए?
  7. 7.विटामिन B कॉम्प्लेक्स के क्या नुकसान हैं?
  8. 8.निष्कर्ष
 

विटामिन B काम्प्लेक्स के कौन-कौन से स्त्रोत हैं?

What are the sources of vitamin B complex ?in hindi

vitamin b complex ke liye kya khaye

विटामिन बी कॉम्प्लेक्स के निम्न स्त्रोत है :-

  • दूध
  • पनीर
  • दही
  • अंडा
  • मांस
  • मछली
  • हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ जैसे पालक
  • केला
  • तरबूज
  • अंगूर
  • ताजे मटर
  • सोया दूध
  • अनाज
  • भूसी दार गेहु का आटा
  • बिना पालिश किया चावल
  • फलियाँ
  • टमाटर
  • बादाम
  • अखरोट
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विटामिन-B कॉम्प्लेक्स के क्या प्रकार होते है

What are the types of vitamin-B complex in hindi

विटामिन-B कॉम्प्लेक्स 8 प्रकार के होते है और विटामिन बी के सप्लीमेंट्स या विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की गोली में ये सभी प्रकार शामिल किये जाते है और टेबलेट तैयार की जाती है।

आइये जानते है इनके प्रकार -

  1. विटामिन बी 1 या थायमिन - Vitamin B1 (thiamine)

थायमिन यह खाद्य पदार्थ को ऊर्जा में बदल कर चयापचय (Metabolism) में एक आवश्यक भूमिका निभाता है। इस विटामिन के खाद्य स्रोतों में पोर्क (pork) , सूरजमुखी के बीज और गेहूं शामिल हैं।

  1. विटामिन बी 2 (राइबोफ्लेविन) - Vitamin B2 (riboflavin)

राइबोफ्लेविन भोजन को विघटित कर ऊर्जा उत्पन्न करने में मदद करता है। यह एंटीऑक्सीडेंट के रूप में भी कार्य करता है। राइबोफ्लेविन के उच्च स्त्रोत में मांस और मशरूम शामिल हैं।

  1. विटामिन बी 3 (नियासिन) - Vitamin B3 (niacin)

यह विटामिन चयापचय से डीएनए (DNA) उत्पादन और उसकी मरम्मत करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नियासिन के स्रोतों के रूप में चिकन, टूना फिश (tuna) और दाल शामिल हैं।

  1. विटामिन बी 5 (पैंटोथैनिक एसिड) - Vitamin B5 (pantothenic acid)

अन्य विटामिन बी की तरह यह विटामिन भी शरीर को ऊर्जा प्रदान करने में मदद करता है। इसके साथ ही हार्मोन (hormone) और कोलेस्ट्रॉल (cholesterol) उत्पादन में भी अपना योगदान देता है। मछली, दही और एवोकैडो(Avocado) इ. में यह विटामिन काफी मात्रा में पाया जाता है।

  1. विटामिन बी 6 (पायरीडॉक्सीन) - Vitamin B6 (pyridoxine)

पायरीडॉक्सीन एमिनो एसिड चयापचय (metabolism), लाल रक्त कोशिका उत्पादन और न्यूरोट्रांसमीटर (neurotransmitters) के निर्माण में भाग लेता है। न्यूरोट्रांसमीटर को अक्सर शरीर के रासायनिक दूत (chemical messenger) के रूप में जाना जाता है। न्यूरोट्रांसमीटर एक सेल से दूसरे सेल में न्यूरोलॉजिक जानकारी का संदेशवाहक है। इस विटामिन के सबसे अच्छे स्त्रोत के रूप में चने, सैल्मन फिश(Salmon fish) और आलू शामिल हैं।

  1. विटामिन बी 7 (बायोटिन)-B7 (biotin)

कार्बोहाइड्रेट और वसा के चयापचय के लिए बायोटिन (विटामिन बी3) आवश्यक है, और इसके साथ-साथ जीन अभिव्यक्ति को भी नियंत्रित करता है। यीस्ट, अंडे, सैल्मन, पनीर बायोटिन के सर्वोत्तम खाद्य स्रोतों में शामिल हैं।

  1. विटामिन बी 9 (फोलेट)-B9 (folate)

कोशिका विकास, एमिनो एसिड चयापचय, लाल और सफेद रक्त कोशिकाओं का निर्माण और उचित कोशिका विभाजन के लिए फोलेट अति महत्वपूर्ण होता है। यह पत्तेदार हरी सब्ज़ियां और फल्ली जैसे खाद्य पदार्थों में बहुत मात्रा में पाया जाता है।

  1. विटामिन बी 12 (कोबामिनिन)- B12 (cobalamin)

सभी बी विटामिनों में सबसे महत्वपूर्ण विटामिन-बी 12 न्यूरोलॉजिकल फ़ंक्शन, डीएनए उत्पादन और लाल रक्त कोशिकाओं के विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। विटामिन b12 का रासायनिक नाम सायनोकोबालामिन (cyanocobalamin) हैं। विटामिन बी - 12 सामान्य रूप से मांस, अंडे, समुद्री भोजन (sea food) और डेयरी उत्पाद में पाया जाता है। [3]

इन सभी विटामिन के कार्य महत्वपूर्ण होते है, और इन कार्यों के लिए सभी विटामिन-बी की अलग-अलग मात्रा की आवश्यकता होती है।

 

विटामिन-B कॉम्प्लेक्स की कमी के लक्षण

Symptoms of Vitamin B complex deficiency in hindi

Vitamin B complex ki Kami ke lakshan, vitamin b ki kami ke lakshan

विटामिन B कॉम्प्लेक्स की कमी से निम्न लक्षण उत्पन्न हो सकते हैं :-

  • विटामिन बी-1 की कमी (Deficiency of Vitamin B1)

इस विटामिन की कमी से बेरी-बेरी (beri-Beri) नामक रोग हो सकता है। यह रोग हृदय एवं तंत्रिका-तंत्र (nervous system) पर असर डालता है। इस रोग के प्रमुख लक्षण भूख की कमी, उल्टी एवं लैक्टिक एसिडोसिस (lactic acidosis) होते हैं। लैक्टिक एसिडोसिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में लैक्टेट का निर्माण होता है और रक्त प्रवाह में पीएच स्तर कम हो जाता है। शरीर में एसिड का संचय होता है क्योंकि शरीर के ऑक्सीडेटिव चयापचय के साथ समस्या निर्माण होती है। इसके अलावा इस विटामिन की कमी से थकान, चिड़चिड़ापन, सुन्नता, दृष्टि-परिवर्तन एवं सांस लेने में तकलीफ़ हो सकती है।

  • विटामिन बी-2 की कमी (Deficiency of Vitamin B2)

यह विटामिन हमारे भोजन को ऊर्जा में परिवर्तित करता है। इसकी कमी की वजह से जीभ लाल हो जाती है और उसमें सूजन आ जाती है। इसके अलावा रोगी की आँखों में खुजली होती है और आँखों से पानी गिरता है।

  • विटामिन बी-3 की कमी (Deficiency of Vitamin B3)

इस विटामिन की कमी से पेट, तंत्रिका-तंत्र एवं त्वचा की बीमारियाँ हो सकती हैं। वजन का कम होना, एकाग्रता में कमी होना, थकान, सिरदर्द, एवं चिंता भी इस विटामिन की कमी के लक्षण हैं।

  • विटामिन बी-5 की कमी (Deficiency of Vitamin B5)

हालांकि इस विटामिन की कमी इतनी आसानी से होती नहीं है मगर अगर कमी हो जाए तो अन्य विटामिनों की कमी का भी परीक्षण करना चाहिए। इस विटामिन की कमी से सिरदर्द, थकान, पेट दर्द, उल्टी, चक्कर, एवं श्वसन संक्रमण की सम्भावना बढ़ सकती है।

  • विटामिन बी-6 की कमी (Deficiency of Vitamin B6)

इस विटामिन की कमी से पपड़ीदार होंठ, सूजी जीभ, एनीमिया (anemia) और रोग-प्रतिरोधक क्षमता में कमी हो सकती है। बच्चों में इस विटामिन की कमी से सुनने की क्षमता में कमी, दौरे एवं चिड़चिड़ापन हो सकता है।

  • विटामिन बी-7 की कमी (Deficiency of Vitamin B7)

यह विटामिन कार्बोहाइड्रेट्स (carbohydrates), फैट (fat) और प्रोटीन (protein) को ऊर्जा में परिवार्तित करता है। इस विटामिन की कमी से रोगी को थकान, मांसपेशियों में दर्द, व शारीरिक विकास में कमी हो सकती है।

  • विटामिन बी-9 की कमी (Deficiency of Vitamin B9)

गर्भावस्था के दौरान इस विटामिन की कमी से बच्चे में न्यूरल ट्यूब डीफेक्ट्स (neutral tube defects) हो सकते हैं। इसके अलावा इस विटामिन की कमी से तंत्रिका-तंत्र से संबंधित लक्षण हो सकते हैं। रोगी को विटामिन B9 की कमी से एनीमिया(Anaemia) भी हो सकता है।

  • विटामिन बी-12 की कमी (Deficiency of Vitamin B1)

यह विटामिन हमारे तंत्रिका तंत्र को सुचारू रूप से चलाने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। इसकी कमी से नसों में दर्द, याददाश्त में कमी, सुन्नता एवं नसों की बीमारियाँ हो सकती हैं। इसके अलावा विटामिन बी 12 की कमी से एनीमिया(Anemia) भी हो सकता है।

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विटामिन B कॉम्प्लेक्स की कमी से होने वाले रोग

Diseases caused by deficiency of Vitamin B complexin hindi

Vitamin B ki kami se kya rog ho sakte hain in hindi

विटामिन B कॉम्प्लेक्स की वजह से निम्न बीमारियाँ हो सकती है :-

  • बेरी-बेरी (Beri-Beri)

यह बीमारी विटामिन B1 की कमी से होती है। इस बीमारी के प्रमुख लक्षण वजन में कमी, थकान, पैरों में दर्द, एवं अनियमित हृदय गति होतें हैं। इस बीमारी मैं भूख नहीं लगती और पैरों में सुजन आ जाती है। अगर बीमारी का इलाज न किया जाए तो हृदय की गंभीर बीमारी की वजह से रोगी की मृत्यु भी हो सकती है। थायमिन की कमी के कारण बेरीबेरी के साथ रोगी में न्यूरोपैथी और हृदय रोग उपस्थित होते है। [4]

  • पेलाग्रा (Pellagra)

यह बीमारी विटामिन B3 की कमी से होती है। इसमें त्वचा पर सूजन, याददाश्त में कमी, मुंह में छाले एवं दस्त इस बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं। [5] पेलाग्रा (Pellagra) से धूप या घर्षण के संपर्क में आने से त्वचा के क्षेत्र पहले प्रभावित होते हैं।

  • न्यूरल ट्यूब डीफेक्ट्स (Neural tube defects)

गर्भावस्था में अगर विटामिन B9 का सेवन न किया जाएँ तो होने वाले बच्चे में न्यूरल ट्यूब डीफेक्ट्स(Neural tube defect) हो सकते हैं। न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट को तंत्रिका नली दोष भी कहा जाता है। यह एक प्रकार का जन्म दोष है, जो भ्रूण के मस्तिष्क या रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करता है।

  • एनीमिया (Anemia)

विटामिन -B कॉम्प्लेक्स के कई विटामिन जैसे विटामिन B9, और B12 की कमी से एनीमिया हो सकता है। एनीमिया का अर्थ है, शरीर में खून की कमी। [6] हमारे शरीर में हिमोग्लोबिन(Hemoglobin) एक ऐसा तत्व है जो शरीर में खून की मात्रा बताता है। अगर शरीर में हिमोग्लोबिन की कमी रहती है तो ये एनिमिआ को जन्म देती है

  • एंगुलर स्तोमेटाइटिस (Angular stomatitis)

यह बीमारी विटामिन B2 की कमी से होती है। इस बीमारी में होठों के दोनों कोने लाल हो जाते हैं और उनमे खुजली एवं दर्द होता है।

  • परेस्थीसिया (Paresthesia)

यह विटामिन B5 की कमी से होता है। इस रोग में त्वचा पर बिना किसी प्रत्यक्ष (direct) कारण के असामान्य अनुभूति होती है जैसे जलना, ठंडा लगना या सुन्न होना।

 

विटामिन B कॉम्प्लेक्स के फायदे

Benefits of Vitamin B complex in hindi

Vitamin B complex ke kya fayde hain in hindi</span>

विटामिन बी कॉम्प्लेक्स के निम्न फ़ायदे हैं :-

  • नर्वस सिस्टम को ठीक करना (Repairs nerves)

कई विटामिन बी हमारे नर्वस सिस्टम को सुचारु रूप से चलाने में अपना योगदान देते हैं। ये ख़राब हुए नर्व्स को ठीक भी करते हैं। बी विटामिन - बी -1, बी -6 और बी -12 सहित - विटामिन ई और नियासिन तंत्रिका स्वास्थ्य (Nerve Health) के लिए महत्वपूर्ण हैं। [7]

  • माइग्रेन के एपिसोड में उपयोगी (Useful in Migraine Episodes)

कुछ शोध बताते हैं कि विटामिन बी -6, विटामिन बी -9, विटामिन बी 12 माइग्रेन को रोकने में मदद कर सकते हैं। शोधकर्ता यह भी सुझाव देते हैं कि विटामिन बी -2 माइटोकॉन्ड्रियल डिसफंक्शन (Mitochondrial dysfunction) को प्रभावित करके माइग्रेन को रोकने में मदद कर सकता है, जो सेलुलर स्तर पर होता है।

  • रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना (Enhances immunity)

विटामिन बी कॉम्प्लेक्स लेने से हमारे शरीर में विटामिन की आपूर्ति होती है और कई बिमारियों के होने का ख़तरा भी कम हो जाता है। विटामिन B कॉम्प्लेक्स रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर बिमारियों को शरीर से दूर भी रखता है।

  • ऊर्जा को बनाना (Produces energy)

विटामिन बी कॉम्प्लेक्स भोजन को ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं और शरीर में मेटाबोलिज्म (metabolism) को नियंत्रित करते हैं।

  • कोलेस्ट्रॉल को कम करना (Lowers cholesterol)

कुछ विटामिन B शरीर में कोलेस्ट्रॉल को कम करके हृदय की बिमारियों से बचाव करते हैं। जैसे की हृदय धमनी विकार स्ट्रोक शामिल है।

  • चोट को जल्दी ठीक करना (Early wound healing)

कुछ विटामिन B त्वचा के सेल्स (cells) को जल्दी बनाकर चोट के ठीक होने की प्रक्रिया को तेज करते हैं। विटामिन बी -12 नासूर घावों के इलाज में सहायक हो सकता है, जिसे मुँह का अल्सर (oral ulcers) भी कहा जाता है

  • एनीमिया से बचाव (Preventing anemia)

विटामिन B कॉम्प्लेक्स शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं (red blood cells) को बनाने में मदद करते हैं जिसकी वजह से एनीमिया होने की सम्भावना कम हो जाती है।

  • आँखों का स्वास्थ (Eye health)

विटामिन बी कॉम्प्लेक्स आँखों के लिए भी ज़रूरी है। इसकी वजह से आँखें स्वस्थ रहती हैं।

  • अवसाद और चिंता से छुटकारा (Relieve depression and anxiety)

बी -9 और बी -12 कमियाँ अवसाद और चिंता की बीमारीयो में गलत प्रभाव डालती हैं। [8] बी विटामिन अवसाद कुछ मामलों में मदद कर सकता है। शोधकर्ताओं ने कहा कि बी विटामिनों को नियमित रूप से कई हफ्तों से लेकर सालों तक लेने से अवसाद के खतरे को कम किया जा सकता है।

  • प्रेगनेंसी और स्तनपान (Pregnancy and breastfeeding)

बी विटामिन विशेष रूप से गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं। ये विटामिन भ्रूण के मस्तिष्क के विकास में सहायता करते हैं और साथ ही जन्म दोषों के जोखिम को कम करते हैं। [9] और गर्भवती माताओं के लिए, बी विटामिन ऊर्जा के स्तर को बढ़ा सकते हैं, मतली (nausea) को कम कर सकते हैं और प्रीक्लेम्पसिया (Preeclampsia) विकसित करने का जोखिम कम कर सकते हैं। प्रीक्लेम्पसिया गर्भावस्था में महिला को होनेवाला कॉम्प्लिकेशन है इसमें उच्च रक्तचाप होकर शरीर के किसी अन्य अंग जैसे यकृत और गुर्दे को हानि पहुँचा सकता है।

  • पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाता देता है

बी विटामिन पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाता है, जो स्वाभाविक रूप से उम्र के साथ कम हो जाता है। वे पुरुषों को मांसपेशियों के निर्माण और ताकत बढ़ाने में भी मदद कर सकते हैं।

 

बी-कॉम्प्लेक्स सप्लीमेंट किस मात्रा में लेना चाहिए?

Vitamin B Complex kis matra mai lena chahiyein hindi

कई बी-कॉम्प्लेक्स सप्लीमेंट में आठ बी विटामिन में से प्रत्येक का अनुशंसित आहार भत्ता (आरडीए) (RDA-Recommended Dietary Allowance) लगभग 100 प्रतिशत होता है। हालांकि, कुछ सप्लीमेंट्स या टेबलेट्स में बी विटामिन के बहुत उच्च स्तर होते हैं। उच्च खुराक के लेने से पहले, अपने चिकित्सक से बात करें।

बच्चो में मुंह से ली जाने वाली विटामिन बी सप्लीमेंट्स की मात्रा निम्न प्रमाण में होनी चाहिए -

सामान्यतः बच्चो में विटामिन बी 12 की कमी रहती है, बच्चो में दी जाने वाली विटामिन बी 12 की मात्रा निम्नलिखित है -

  • शिशु 0-6 महीने - 0.4 माइक्रोग्राम (mcg)
  • शिशु 7-12 महीने - 0.5 माइक्रोग्राम (mcg)
  • बच्चे 1-3 वर्ष - 0.9 माइक्रोग्राम (mcg)
  • बच्चे 4-8 साल - 1.2 माइक्रोग्राम (mcg)
  • बच्चे 9-13 साल और उससे बड़े बच्चों में -1.8 माइक्रोग्राम (mcg)

पुरुष और महिलाओं मे उनके जीवन की विविध अवस्था में विटामिन-बी कॉम्प्लेक्स की मात्रा निम्न रूप से लेने की सलाह दी जाती है-

विटामिन बी

पुरुष

महिला

प्रेगनेंसी


स्तनपान

विटामिन बी -1

1.2 मिलीग्राम

1.2 मिलीग्राम

1.4 मिलीग्राम

1.4 मिलीग्राम

विटामिन बी -2

1.3 मिलीग्राम


1.1 मिलीग्राम


1.4 मिलीग्राम

1.6 मिलीग्राम

विटामिन बी -3

16 मिलीग्राम

14 मिलीग्राम

18 मिलीग्राम

17 मिलीग्राम

विटामिन बी -5

5 मिलीग्राम

5 मिलीग्राम

6 मिलीग्राम

7 मिलीग्राम

विटामिन बी -6

1.3 मिलीग्राम

1.5 मिलीग्राम

1.9 मिलीग्राम

2.0 मिलीग्राम


विटामिन बी -7

30 माइक्रोग्राम

30 माइक्रोग्राम

30 माइक्रोग्राम

35 माइक्रोग्राम

विटामिन बी -9

400 माइक्रोग्राम

400 माइक्रोग्राम

600 माइक्रोग्राम

500 माइक्रोग्राम

विटामिन बी -12

2.4 माइक्रोग्राम

2.4 माइक्रोग्राम

2.6 माइक्रोग्राम

2.8 माइक्रोग्राम

 

विटामिन B कॉम्प्लेक्स के क्या नुकसान हैं?

What are the side-effects of Vitamin B complex in hindi

Vitamin B complex ke kya nuksan Hai, विटामिन बी अधिक मात्रा में लेने के क्या नुकसान होते है

बी विटामिन पानी में घुलनशील (water soluble) विटामिन हैं। इसका मतलब यह है कि, ज्यादातर समय, शरीर से मूत्र के रूप अतिरिक्त बी विटामिन निकालता है। सामान्य मात्रा शरीर के लिए लाभदायक होती है लेकिन बी विटामिन की अत्यधिक उच्च खुराक शरीर के लिए खतरनाक हो सकती है। बी-कॉम्प्लेक्स सप्लीमेंट्स की बहुत अधिक खुराक लेने से पहले एक चिकित्सक से बात करें।

विटामिन बी कॉम्प्लेक्स के निम्न नुकसान है :-:

  • उच्च रक्त शर्करा (High blood sugar)

विटामिन बी -3 के सिंथेटिक रूप निकोटिनिक एसिड की उच्च खुराक, रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा सकती है। यह मधुमेह की दवाओं के साथ हस्तक्षेप कर सकता है। मधुमेह या उच्च रक्त शर्करा वाले लोगों को निकोटिनिक एसिड (1,000 मिलीग्राम या अधिक मापने) की उच्च खुराक नहीं लेनी चाहिए।

  • अतिरिक्त निकोटिनिक एसिड (Excess nicotinic acid)

बहुत अधिक निकोटिनिक एसिड भी निम्न रक्तचाप, थकान, सिरदर्द, चकत्ते और यकृत को नुकसान पहुंचा सकता है।

  • निकोटिनमाइड की अधिकता (Excess nicotinamide)

निकोटीनमाइड की उच्च खुराक, विटामिन बी -3 का एक और रूप, दस्त और रक्तस्राव का कारण हो सकता है। यह प्रति दिन 500 मिलीग्राम की खुराक में हो सकता है। 3,000 मिलीग्राम से अधिक की खुराक उल्टी और यकृत को नुकसान पहुंचा सकती है।

  • फोलिक एसिड की अधिकता (Excess folic acid)

फोलिक एसिड के एक दिन में 1,000 से अधिक एमसीजी लेने से विटामिन बी -12 की कमी से होने वाले एनीमिया का एक प्रकार का सामना कर सकता है।

  • उच्च खुराक वाले बी-कॉम्प्लेक्स सप्लीमेंट लेने से भी पेशाब चमकीला पीला हो सकता है।

यह प्रभाव अस्थायी और हानिरहित है। एक बार गुर्दे को अतिरिक्त विटामिन से छुटकारा मिल जाए, तो रंग सामान्य हो जाएगा। इसके साथ कुछ अन्य लक्षण भी दिखाई देते सकते है, जैसे की -

अगर विटामिन बी कॉम्प्लेक्स लेने के बाद उपरोक्त कोई भी लक्षण या कोई और लक्षण नज़र आये तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

 

निष्कर्ष

Conclusionin hindi

Nishkarsh

विटामिन बी कॉम्प्लेक्स आठ प्रकार के B विटामिन्स से मिलकर बना है। आठों विटामिन शरीर में अलग-अलग काम करते है। ज्यादातर खाद्य पदार्थों में कई B विटामिन्स साथ में पाएं जातें है। ये विटामिन्स भोजन को ऊर्जा में परिवर्तित करने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इसकी कमी से कई बीमारियाँ हो सकती है। विटामिन बी कॉम्प्लेक्स को हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही लेना चाहिए।

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references

List of ReferencesHide

1 .

Said HM, Nexo E. “Gastrointestinal Handling of Water-Soluble Vitamins”. Compr Physiol. 2018;8(4):1291-1311. Published 2018 Sep 14, PMID: 30215865.

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Last updated on: : 06 Jul 2020

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